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Monday, November 9, 2009

हजकां में टूट, चार विधायक कांग्रेस में

दलीय स्थिति
कुल सीटें 90
मौजूद सदस्य 89
कांग्रेस 44
इनेलो 30
भाजपा 4
हजकां 2
बसपा 1
शिअद 1
निर्दलीय 7
कुलदीप बिश्नोई के मोलभाव से तंग कांग्रेस ने उन्हें उनकी रणनीति में मात दे दी। सोमवार को हरियाणा जनहित कांग्रेस के छह में से चार विधायकों ने सोमवार को पार्टी को अलविदा कह दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस से जुडऩे वालों में नारनौल के विधायक राव नरेंद्र सिंह, दादरी के विधायक सतपाल सांगवान, हांसी के विधायक विनोद भ्याणा और असंध के विधायक जिले राम शर्मा शामिल हैं।
अब हजकां के विधायकों की संख्या सदन में दो ही रह गई है और कांग्रेस उनके समर्थन के बिना ही सरकार बचाए रखने में सक्षम हो गई है।हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह चट्ठा ने सोमवार को हजकां (बीएल) के चार विधायकों के गुट के कांग्रेस में विलय को मंजूरी दे दी और चारों विधायकों के कांग्रेस पार्टी से जुड़ जाने के बाद वर्तमान में कुल 89 विधायकों में कांग्रेस विधायकों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है। विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 90 है, लेकिन इनेलो अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला के ऐलनाबाद सीट से इस्तीफा देने के कारण अभी सदस्य संख्या 89 है। चौटाला दो सीटों उचाना कलां व ऐलनाबाद से चुनाव जीते थे।
हजकां के बागी विधायक सोमवार दोपहर दिल्ली से विमान से चंडीगढ़ आए और बाद में विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करके वापस विमान से ही दिल्ली चले गए। चट्ठा ने कहा कि हजकां (बीएल) के इन चारों विधायकों ने जनहित पार्टी से किनारा करके एक अलग ग्रुप बनाकर कांग्रेस पार्टी में विलय के लिए उन्हें लिखित आवेदन किया था। इन विधायकों के कांग्र्रेस में शामिल होने को संवैधानिक बताते हुए चट्ठा ने कहा कि भारतीय संविधान में दलबदल विरोधी कानून के अंतर्गत धारा 10 ए में यह प्रावधान है कि यदि किसी दल के दो तिहाई सदस्य स्वेच्छा से किसी दल की सदस्यता ग्रहण करते है तो उन्हें विलय के लिए अगल पार्टी के गठन की आवश्यकता नहीं होती।

Monday, August 24, 2009

अक्टूबर में महाभारत

लोक सभा चुनाव की हवा भुनाना चाहती है कांग्रेस
विधानसभा भंग, विपक्ष अपनी लडाई में जुटा
लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित हुड्डा सरकार ने विधानसभा भंग करने का फैसला किया है। कैबिनेट की सिफारिश को राज्यपाल जगन्नाथ पहाडि़या ने मंजूर कर लिया और विधानसभा को भंग कर दिया। अब राज्यपाल इसकी सूचना चुनाव आयोग को भेजेंगे। हरियाणा विधानसभा का अभी छह महीने का कार्यकाल बचा हुआ था। विपक्षी दलों इनेलो, हजकां, भाजपा और बसपा ने शीघ्र चुनाव कराने का स्वागत किया है। अब चुनाव आयोग के पाले मे गेंद है कि वह हरियाणा विधानसभा के चुनाव कब कराए। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग शीघ्र ही महाराष्ट्र व दूसरे राज्यों में होने वाले चुनाव के साथ ही हरियाणा विधानसभा के चुनाव कराने की घोषणा कर देगा। अनुमान है किaa दशहरे व दीपावली के बीच 12 या 14 अक्टूबर को मतदान होगा।

वहीं विपक्ष लोकसभा चुनाव से हार से सबक लेने की बजाय अभी भी बिल्लियों की लडाई में जुटा है। हालत यह है कि अब भाजपा ने इनेलो से अलग रह पर चलने का एलान कर दिया है। वहीं हजकां और बसपा में भी सिर फुटटोवल जारी है।

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही चर्चाएं शुरू हो गई थी कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव भी शीघ्र कराएगी, क्योंकि उसे हरियाणा में 10 में से नौ सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद लगातार शीघ्र चुनाव की चर्चा रही पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मुद्दे पर अपना मुंह नहीं खोला। 18 अगस्त को चंडीगढ़ में पार्टी की बैठक भी हुई, जिसमें हुड्डा व दूसरे नेताओं ने पार्टीजनों को चुनाव के लिए तैयार रहने का आहवान किया था। मुख्यमंत्री के संकेत के कारण नौकरशाही भी काम निपटाने में लगी थी ताकि आचार संहिता लगने से कोई काम बीच में न रह जाए। इस बीच 22August को कैबिनेट ने बैठक में प्रस्ताव पास कर विधानसभा भंग करने का एलान कर दिया। साथ ही Governor ने भी प्रस्ताव मंजूर कर लिया ।
चुनाव की घोषणा के बाद सरगर्मी तेज़ करने की बजाए भाजपा ने इनेलो से अलग रह पर चलने का एलान कर दिया है। इनेलो नेता ओमप्रकाश चौटाला और भाजपा नेता सुषमा स्वराज की दिल्ली में रविवार को विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर हुई बैठक में सहमति नहीं बन पाई. लोकसभा चुनाव में भी सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों में खींचतान हो गई थी। भाजपा अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद, गुड़गांव व रोहतक सीटों पर दावा कर रही थी, पर इनेलो इसके लिए राजी नहीं था। भाजपा ने अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, फरीदाबाद व गुड़गांव सीटों के लिए एकतरफा अपने प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया था। इसका इनेलो ने काफी विरोध किया था। बाद में सोनीपत और रोहतक सीट पर काफी खींचतान हुई। आखिरकार सोनीपत सीट भाजपा और रोहतक सीट इनेलो को मिली। चुनाव के दौरान दोनों दलों के बीच कोई खास अच्छा तालमेल नहीं रहा। इसका ही परिणाम था कि गठबंधन एक भी सीट नहीं जीत सका ।

अब हजकां और बसपा की खींचतान क्या रंग लेगी कहा नहीं जा सकता लेकिन ऐसा जरूर है की डोमों दलों के कार्यकर्त्ता अभी भी एक-दूसरे से नहीं मिल पाये हैं। बवानी खेडा और बरवाला पर टकराव बढ़ चुका है।

Tuesday, April 28, 2009

Sonia की रैली के लिए एसपीजी का ट्रायल शुरू

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आतंकी हमले की धमकी के मद्देनजर अब विशेष सुरक्षा दस्ता यानी एसपीजी के अधिकारी उनकी रैलियों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बनाने में जुट गए है। इसी क्रम में आगामी 30 अप्रैल को Ambala और Hansi में सोनिया गांधी की प्रस्तावित रैली को लेकर विशेष सुरक्षा चक्र तैयार किया जा रहा है।
इसी रणनीति पर काम करने के लिए सोमवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के अधिकारियों की पुलिस अधीक्षक वाई पूर्ण कुमार के साथ यहां मीटिंग हुई, जिसमें रैली में सुरक्षा के विषय पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अब रैली स्थल पूरी तरह से एसपीजी के अधीन हो गया है।
बृहस्पतिवार को छावनी के गांधी ग्राउंड में होने वाली सोनिया की रैली में सुरक्षा के लिहाज से वीआईपी नेताओं के अलावा पहली पंक्ति में बैठने वाले तकरीबन पांच हजार लोगों को पास मुहैया कराए जाएंगे, जिसमें उनका पूरा पता व नाम शामिल होगा। सूत्रों की माने तो एसपीजी अधिकारियों की यह कवायद आतंकी धमकी के मद्देनजर की जा रही है। उनका मानना है कि पास मुहैया होने से एक तो संबंधित व्यक्ति के बारे में पुलिस के पास जानकारी होगी, दूसरा ऐसा पास सिर्फ पार्टी के खास कार्यकर्ता को ही दिए जाएंगे। वहीं सोनिया गांधी के स्टेज से लेकर पहली पंक्ति के बीच खासी दूरी भी होगी और उस बीच की गैलरी में सिविल ड्रेस में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की निगाहे सामने बैठे लोगों पर ही रहेंगी। वहीं एसपीजी अधिकारियों की ओर से सोनिया गांधी के साथ स्टेज पर बैठने वाले नेताओं की सूची भी पार्टी की ओर से मुहैया करवाई जा रही है। साथ ही सोनिया गांधी पहली पंक्ति में बैठे लोगों से हाथ मिलाकर उनका हाल-चाल पूछेगी, जिसके लिए तकरीबन सौ लोगों की अलग से सूची तैयार की जाएगी।

Monday, April 13, 2009

नवीन जिंदल पर फेंका जूता




प्रसिद्ध उद्योगपति एवं लोकसभा चुनावों के लिए कुरुक्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी नवीन जिंदल पर शुक्रवार को कार्यकर्ता मीटिंग के दौरान एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल ने जूता फेंक दिया। इस अप्रत्याशित घटना से सभी अवाक रह गए। कार्यकर्ताओं ने उसे दबोच लिया और धुनाई शुरू कर दी। बड़ी मुश्किल से उसे भीड़ से बचाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में आरोपी के शराब पिए होने की पुष्टि हुई है। सांसद नवीन जिंदल ने शुक्रवार को सेक्टर-13 स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में थानेसर ब्लाक के पार्टी कार्यकर्ताओं की मीटिंग बुलाई थी। इसमें थानेसर से विधायक रमेश गुप्ता व जिला कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान साहब सिंह सैनी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। अचानक सामने दरी पर बैठा एक व्यक्ति उठा और जोर से चिल्लाते हुए एक पैर से जूता निकालकर सांसद की ओर फेंक दिया। माइक की आवाज के बीच उसकी आवाज स्पष्ट रूप से नहीं सुनी जा सकी। घटना से सांसद सहित सभी व्यक्ति हक्के-बक्के रह गए। घटना से सकपकाए विधायक रमेश गुप्ता ने जूता उठाया और फेंकने वाले की ओर फेंक दिया। इतने में पास बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोपी को काबू कर लिया और उसे पीटते हुए पंडाल से बाहर ले गए। बड़ी मुश्किल से उसे कार्यकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। आरोपी की पहचान पहचान सेवानिवृत्त प्रिंसिपल राजबल सिंह सहारण के रूप में हुई है जो सेक्टर-13 का ही निवासी है। वह मूल रूप से खरक पांडु (कलायत) गांव का रहने वाला है। राजबल ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि चौटाला शासन के दौरान नौकरी पर लगाए गए लोगों को कांग्रेस के शासन में निकाल दिया गया। उनका बेटा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में क्लर्क के तौर पर कार्यरत था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उसे हटा दिया। पुलिस अधीक्षक केवी रमणा ने संपर्क करने पर बताया कि जिला युवा कांग्रेस प्रधान (ग्रामीण) अशोक खरकाली की शिकायत पर जूता फेंकने के आरोपी राजबल के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ शराब पीकर हुड़दंग करने, बिना अनुमति प्रवेश करने, अपमान करने और कार्यकर्ताओं को धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। एसपी ने बताया कि आरोपी का मेडिकल करवा लिया गया है, जिसमें शराब के सेवन की पुष्टि हो गई है। घटना के पीछे विपक्ष का.. न तो वह पार्टी का सदस्य है और न ही उसे आमंत्रित किया गया था। युवा सांसद ने कहा कि घटना के बाद जूता फेंकने वाला एक विपक्षी नेता का नाम ले रहा था। इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना के बावजूद उनके मन में आरोपी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है और वे उसे क्षमा करते हैं।

Thursday, April 9, 2009

पंजाबी नेता AC Chaudhary ने की बगावत

Congress में टिकेट पर तेज़ हुआ घमासान
सीएम और वित्त मंत्री आमने- सामने
कांग्रेस में टिकेट के लिए घमासान तेज़ होता जा रहा है। सोनीपत सीट के लिए सीएम और उनके वित्त मंत्री में शक्ति प्रदर्शन थमने के बजाय तेज़ ही होता जा रहा है। अहम् की लडाई इस कदर बढ़ चुकी है कि दोनों टिकेट पर लिए अपनी दाव पर लगा लगा लगा चुके हैं। वहीं Faridabad में टिकेट न मिलने पर सरकार के मंत्री ऐ सी Chaudhary ने सरकार से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोनिया को इस्तीफा भेजा है। ख़बर है कि वह बीएसपी के संपर्क में हैं।
चौधरी के इस इस्तीफे ने पूरी कांग्रेस को हिलाकर रख दिया है। इससे पहले एक टीवी चैनेल ने ख़बर दी कि सोनीपत से टिकेट न मिलने पर सी एम ओर वित्त मंत्री ने इस्तीफे कि पेशकश कर दी है। बिरेंदर सिंह सोनीपत से चुनाव लड़ना चाहते हैं और सी एम वहां से अपनी पत्नी को लड़ना चाहते हैं। इस तरह दोनों दिग्गजों कि लडाई एक बार फ़िर खुलकर सामने आ गई है। हालांकि हुड्डा के मीडिया सलाहाकार ने इस बात का खंडन किया है कि सीएम ने इस्तीफे की धमकी दी थी।
वहीं दो जाट नेताओं कि लडाई में प्रदेश के पञ्जाबीनेता ऐ सी चौधरी ने अपना अलग बिगुल बजा दिया है। चौधरी ने पञ्जाबी समाज कि अनदेखी का मुद्दा उठा कांग्रेस को जाटों की पार्टी साबित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पहली बार किसी भी पंजाबी को पार्टी कि टिकेट नहीं मिली है।
चौधरी फरीदाबाद से सोनीपत कि टिकेट मांग रहे थे लेकिन पार्टी ने गुज्जर नेता अवतार सिंह भडाना को उनकी ऊंची पहुँच के चलते टिकेट थमा दी।

Wednesday, April 8, 2009

नवीन जिंदल के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नवीन जिंदल के खिलाफ चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने शाहाबाद के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-1 के किनारे चुनाव आयोग की अनुमति के बिना अपने प्रचार-प्रसार का बड़ा होर्डिग लगाया हुआ था। इस पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सोनिया गांधी और नवीन जिंदल के चित्र लगे हुए थे। कुरुक्षेत्र के उपायुक्त पंकज अग्रवाल ने बताया कि संबंधित शिकायत निर्वाचन आयोग को प्रेषित कर दी गई है। यह होर्डिग शाहाबाद-पिपली जीटी रोड पर मीरी पीरी मेडिकल कालेज के पास लगा हुआ था। चुनाव आयोग की अनुमति के बिना किसी भी सरकारी व गैर सरकारी भूमि पर होर्डिग नहीं लगाया जा सकता। नवीन जिंदल ने शाहाबाद के निकट निजी भूमि पर चुनाव आयोग की अनुमति के बिना होर्डिंग लगाया हुआ था जो कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। उपायुक्त ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद होर्डिग चुनाव अधिकारी द्वारा निर्धारित स्थान पर ही लगाए जा सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने कुछ दिन पहले स्थान निर्धारित कर दिए थे, जिसकी सूचना समाचार पत्रों के माध्यम से भी आम लोगों तक पहुंचाई गई थी। इसके बावजूद सांसद ने होर्डिग नहीं हटवाए।

Saturday, April 4, 2009

Congress के पांच प्रत्याशी घोषित




कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव कमेटी ने शुक्रवार की रात हरियाणा की दस में से पांच लोकसभा सीटों के उम्मीदवार घोषित कर दिए।


अंबाला (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा
रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा
कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र से नवीन जिंदल चुनाव लड़ेंगे



हिसार से जयप्रकाश



फरीदाबाद से अवतार सिंह भड़ाना को कांग्रेस का टिकट दिया गया है।



पार्टी की केंद्रीय चुनाव कमेटी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पुत्र दीपेंद्र हुड्डा को रोहतक लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। जबकि कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से उद्योगपति नवीन जिंदल को चुनाव मैदान में उतारा गया है। अंबाला (सु.) लोकसभा क्षेत्र से केंद्रीय राज्यमंत्री कुमारी सैलजा को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। प्रदेश से अभी सोनीपत, गुड़गांव, भिवानी, सिरसा और करनाल लोकसभा क्षेत्रों से कांग्रेस उम्मीदवारों के नाम घोषित करना बाकी है। इन सीटों के लिए कई नामों के कयास लगाए जा रहे हैं। प्रदेश से राजग ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है। इसमें भाजपा व इनेलो ने पांच-पांच प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।

Wednesday, April 1, 2009

Congress की सूची अब किस्तों में!

कांग्रेस आलाकमान की योजना के विपरीत प्रदेश की 10 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा शायद एक साथ नहीं हो। इन पर आम सहमति नहीं बनने की सूरत में (जिसकी संभावना अधिक है) हाईकमान ऐसी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है जिन पर आम सहमति हो। ऐसी सीटों की संख्या 5 से 6 हो सकती है।
केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रदेश के नेताओं को अभी तक संभावित बैठक के कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई है। टिकट बंटवारे की उल्टी प्रक्रिया शुरू होने की खबर के बीच दावेदार जी-जान से टिकट की नाकेबंदी में जुटे हैं। हरियाणा मामलों के प्रभारी पृथ्वीराज चव्हाण जम्मू-कश्मीर चले गए, जबकि कई दिनों तक दिल्ली में डेरा डाले प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना मानसा देवी के दर्शन को। बैठक हुई तो इसमें तैयार सूची अनुमोदन के लिए सोनिया गांधी को भेजी जाएगी। उनकी मंजूरी के बाद प्रत्याशियों की घोषणा होगी।
कुछ सीटों पर तो प्रत्याशियों के नाम लगभग तय है बस उन सीटों पर औपचरिकता ही बाकि है। ये हैं
---रोहतक से दीपेन्द्र हुड्डा
---कुरुक्षेत्र से नवीन जिंदल
---अम्बाला से शैलजा
---हिसार से जयप्रकाश
---सिरसा से अशोक तंवर

असली महाभारत भिवानी - महेंद्रगढ़, सोनीपत, फरीदाबाद, गुडगाँव और करनाल सीट पर है।

भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट
भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट बंसीलाल परिवार की विरासत की लडाई से जुड़ी है। बंसीलाल परिवार के दोनों धडे टिकेट के संग्राम के बहाने एक बार फ़िर आमने-सामने हैं। हालाँकि धर्मवीर सिंह और राव दानवीर भी दौड़ में हैं लेकिन लडाई में कही टिकते नज़र नहीं आ रहे।

सोनीपत सीट
सोनीपत सीट पर महाभारत कांग्रेस और दस जनपथ के पुराने वफादारों के बीच है । वित्त मंत्री बिरेंदर सिंह और बिजली मंत्री रणदीप सुरजेवाला वाया सोनीपत चंडीगढ़ का रास्ता ढूंढ रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री के नजदीकी विधायक जितेन्द्र मलिक, परिवहन मंत्री मांगेराम गुप्ता भी दौड़ में हैं।

Tuesday, March 31, 2009

Sailja को रास आया अंबाला!

सिरसा. चार चुनाव में पिता और दो चुनाव में खुद की जीत, लेकिन फिर भी क्षेत्र से मोहभंग। सिरसा संसदीय क्षेत्र से छह चुनावी विजय परिवार की झोली में आने के बावजूद कुमारी शैलजा को यह लोकसभा क्षेत्र रास नहीं आ रहा। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने सिरसा से किनारा कर अंबाला से किस्मत आजमाई और जीत गईं।
अब मौजूदा चुनाव में वह फिर अंबाला से टिकट हासिल करने की जुगत में हैं। अंबाला संसदीय क्षेत्र में उनकी बढ़ी गतिविधियां भी कुछ ऐसा ही संकेत दे रही हैं। संयुक्त पंजाब से अलग होकर हरियाणा के गठन के बाद से शैलजा परिवार के लिए सिरसा संसदीय क्षेत्र सबसे सुरक्षित रहा।
स्वतंत्र प्रदेश में 1967 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में शैलजा के पिता दलबीर सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर पहली जीत हासिल की। यही नहीं, 1971, 1980 और 1984 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने जीत हासिल कर संसदीय क्षेत्र में अपने जनाधार का लोहा मनवाया। 1988 में दलबीर सिंह का निधन हो गया।
इस कारण हुए उप चुनाव में पार्टी ने उनकी बेटी कुमारी शैलजा को मैदान में उतारा। बदकिस्मती से शैलजा यह चुनाव हार गईं। देवीलाल की पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े हेतराम ने उन्हें हरा दिया।
बड़े नेता दिखाने लगे बेरुखी : शैलजा के सिरसा में सक्रिय रहते कुछ ऐसी घटनाएं हुईं जिनके चलते धीरे-धीरे जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं लक्ष्मण दास अरोड़ा, जगदीश नेहरा व रणजीत सिंह और उनके समर्थकों ने तो शैलजा से बोलचाल तक ही बंद कर दी। यहां तक कि भजनलाल और शैलजा में भी दूरियां हो गईं।
बस इसके बाद शैलजा का सिरसा सीट से मोहभंग हो गया और उन्होंने अंबाला को सुरक्षित ठिकाना मान लिया। अब यह देखना है कि शैलजा फिर से पुराने संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ती हैं या नए ठौर को ही अपना मानकर वहां से किस्मत आजमाती हैं। वैसे, राजनीतिक पंडितों को उनके सिरसा से लड़ने की संभावना कम ही नजर आ रही है।

Saturday, March 21, 2009

Paliwal परिवार से आई दावेदारी

Panipat की समाजसेविका विजय लक्ष्मी पालीवाल ने भी चुनाव के लिए कमर कस ली है। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस के टिकट की चाह की। उन्होंने कहा कि सत्ता में रह कर महिलाओं की सेवा और भी ठीक प्रकार से की जा सकती है।
जीटी रोड स्थित एक होटल में विजय लक्ष्मी पालीवाल ने पत्रकारों को संबोधित किया और कांग्रेस के टिकट की दावेदारी जताई। उन्होंने कहा कि उनके पास पिछले आम चुनाव में प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन उस समय वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती थीं और इसी कारण उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इस शहर की महिलाओं के कहने पर वह चुनाव लड़ना चाहती हैं। कभी सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में न सहन करने की बात करने वाली विजय ने आज चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के टिकट की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले वह भाजपा में जरूर थीं, लेकिन अब वह अपने दूसरे परिजनों की तरह ही कांग्रेस में हैं। उन्होंने कहा कि पीएम की कुर्सी का त्याग करने से सोनिया का कद बढ़ा है। एक ही परिवार से दो लोगों के कांग्रेस के टिकट की दावेदारी पर उन्होंने कहा कि अविनाश तो पिछले 25 वर्ष से कांग्रेस के टिकट की दावेदारी जता रहे हैं पर मैं तो पहली बार मैदान में आई हूं। टिकट की दावेदारी के लिए की गई कांफ्रेंस में कांग्रेस से जुड़े जिले के किसी भी नेता की गैर मौजूदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि गुट बाजी के कारण अभी काफी लोग सामने नहीं आ रहे हैं पर अंदर से सभी का उन्हें सहयोग प्राप्त है। जब घर की गुटबाजी पर उनसे सवाल किया गया और पूछा गया कि अगर घर में ही उन्होंने अपने जेठ के साथ मीटिंग कर दावेदारी के संबंध में फैसला किया होता तो एक घर से टिकट का दावेदार एक होता। उन्होंने कहा कि घर में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। अगर टिकट अविनाश को मिलता है तो वह उनका भी समर्थन करेंगी।
मुख्य चुनावी मुद्दों के सवाल पर उन्होंने कहा कि महिलाओं बहुत से मुद्दे ऐसे हैं जो सांसद बन कर पूरे किए जा सकते हैं। जब उनसे समाजसेवा के अतिरिक्त आम लोगों की किसी समस्या को हल करवाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शहर से जुड़े गई मुद्दों को उन्होंने हल करवाने का प्रयास किया है।

Sunday, January 25, 2009

Congress में सिर फुटौव्वल

कांग्रेस और आपसी फूट कोई नई बात नहीं है, लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की सिर फुटौव्वल परदे से बाहर दिखाई देने लगी है। इस बार यह लडाई ख़ुद मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र से सामने आई है। रोहतक के सांसद और सीएम के पुत्र दीपेंदर हुड्डा के सामने ही क्षेत्र के दो दिग्गज नेताओं के समर्थक भिड गए। बात समर्थकों तक रहती तो ठीक था, पर मामला तब बिगड़ गया जब नेता ही धक्का-मुक्की में शामिल हो गए।
हुआ यों दीपेन्द्र की बेरी में जनसभा चल रही थी और उनके साथ थे बेरी हलके के विधायक और विधानसभा के स्पीकर Raghubir Singh Kadiyan. उसी समय बदली हलके से कांग्रेस प्रत्याशी रहे चतर सिंह पहलवान भी समर्थकों सहित वहां पहुँच गए।
देखते ही देखते दोनों और से समर्थकों में नारेबाजी होने लगी और मामला हाथापाई तक पहुँच गया। और सूत्र यहाँ तक कहते हैं दोनों नेताओं में भी धक्कामुक्की हुई। हालाँकि कोई भी कांग्रेसी इस पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
सूत्र बताते हैं, नए परिसीमन के बाद चतर सिंह का गांव बेरी हलके में शामिल हो गया। अब चतर सिंह ने बेरी क्षेत्र में जोरदार अभियान चला रखा था और स्वयं को हुड्डा परिवार के करीब बताकर टिकट पर दावा जता रहे थे।
जबकि मौजूदा विधायक ख़ुद इस सीट पर सबसे बड़े दावेदार हैं। इसी वजह से दोनों नेताओं के समर्थक टकरा गए।

Tuesday, January 20, 2009

Ambala से शैलजा ही होंगी उम्मीदवार

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के मुद्दे पर ही लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है। प्रदेश की सभी 10 लोकसभा सीटों के साथ ही चंडीगढ़ की 11वीं सीट भी जीतकर सोनिया गांधी की झोली में डाल देंगे। उन्होंने अंबाला से केंद्रीय राज्यमंत्री कुमारी सैलजा के ही चुनाव लड़ने पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री सोमवार को कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोकसभा चुनावों का शंखनाद करते हुए कुमारी सैलजा को अंबाला से चुनाव लड़ाने व भारी मतों से जिताने का एलान कर दिया। खास बात यह कि अम्बाला से ही ताल ठोंकने वाले मुलाना भी स्टेज पर मौजूद थे और उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सीएम ने कहा, इनेलो-भाजपा गठबंधन सांप-नेवले की दोस्ती है जो लंबी चलने वाली नहीं है। साथ ही चुनावी बिगुल का शंखनाद किया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और पूर्व राज्यपाल मोतीलाल वोरा ने अंबाला संसदीय क्षेत्र से कुमारी सैलजा के चुनाव लड़ने की वकालत करते हुए उन्हें कद्दावर नेता बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र पर पूरा अमल किया है। केंद्रीय राज्यमंत्री कुमारी सैलजा ने इस दौरान एनओसी की समस्या खत्म करने, फ्री-होल्ड कराने, कालका, मोरनी, जगाधरी की समस्याएं रखीं। उन्होंने छोटे कर्जदारों के कर्जे माफ करने की अपील भी की। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने विकास के काम गिनवाए और हुड्डा की प्रशंसा करते हुए सभी से सोनिया गांधी के हाथ मजबूत करने की अपील की। उन्होंने भजनलाल और इनेलो-भाजपा की आलोचना भी की। मुलाना ने अंबाला सीट पर अपने दावे की कोई चर्चा नहीं की।