Thursday, April 23, 2009

नौ राज्यों में चल रहे 22 फर्जी विवि

देश के नौ राज्यों में 22 फर्जी विश्वविद्यालय चलने का खुलासा हुआ है। इनमें से नौ विवि उत्तर प्रदेश में चल रहे हैं। नोएडा में भी एक विवि है। इनमें से अधिकांश अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मान्यता के नाम पर अब तक लाखों विद्यार्थियों को ठग चुके हैं। अब इन विवि पर विश्र्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रतिबंध लगाते हुए सभी राज्यों को आगाह किया है। ये नौ राज्य हैं उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल। सूत्रों के मुताबिक पिछले माह यूजीसी ने फर्जी विश्वविद्यालयों (जनवरी 09 तक) की सूची जारी की। इसमें कई विवि ऐसे हैं, जिन पर 2005 और 2007 में भी प्रतिबंध लग चुका है। लेकिन वे अब भी चल रहे हैं। यूजीसी को पता चला है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल ऐसे विवि की डिग्रियां अभी भी स्वीकार कर रहे हैं। नए शिक्षा सत्र में यूजीसी ने आगाह किया है कि संबंधित राज्य सुनिश्चित करें कि इनमें से किसी भी विवि से कालेज या छात्र न जुड़ें। अमेरिकी मान्यता का दावा : ये विवि अमेरिका के हवाई राज्य से मान्यता प्राप्त होने का दावा कर भारतीय महाविद्यालयों व छात्रों को ठगते हैं। वर्ष 2005 में भारत सहित 18 देशों में इस तरह के विवि संचालित होने की जानकारी सामने आई थी। भारत ने हवाई राज्य से इस संबंध में जानकारी मांगी थी। लेकिन वहां से जानकारी देने से इन्कार करते हुए संबंद्धता नकार दी गई थी।
फर्जी विश्वविद्यालय
उत्तर प्रदेश : 1. इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, इंटीट्यूशनल एरिया, खोड़ा मकनपुर, नोएडा फेस-दो।
2. महिला ग्राम विद्यापीठ/विश्वविद्यालय, (वूमेन यूनीवर्सिटी) प्रयाग, इलाहबाद।
3. इंडियन एजूकेशन काउंसिल आफ यूपी, लखनऊ।
4. गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहबाद।
5. नेशनल यूनीवर्सिटी आफ इलेक्ट्रो कांप्लेक्स होम्योपैथी, कानुपर।
6. नेताजी सुभाष चंद बोस यूनीवर्सिटी (ओपन यूनीवर्सिटी), अछलताल, अलीगढ़।
7. उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, कोसीकला, मथुरा।
8. महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्र्वविद्यालय, प्रतापगढ़।
9. गुरुकुल विश्र्वविद्यालय, वृंदावन।
दिल्ली : 10. वारानसेया संस्कृत विश्र्वविद्यालय, वाराणसी (यूपी), जगतपुरी, दिल्ली।
11. कमर्शियल यूनीवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज, दिल्ली।
12. यूनाइटेड नेशन यूनीवर्सिटी, दिल्ली।
13. वोकेशनल यूनीवर्सिटी, दिल्ली।
14. एडीआर-सेंट्रल ज्यूरिडीकल यूनीवर्सिटी, एडीआर हाउस, 8जे, गोपाला टावर, 25 राजेंद्र प्लेस, नई दिल्ली। 15. इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली बिहार
16. मैथिली विश्र्वविद्यालय, दरभंगा कर्नाटक
17. बादागनवी सरकार व‌र्ल्ड ओपन यूनीवर्सिटी एजूकेशन सोसाइटी, गोकेक, बेलगाम केरल
18. सेंट जोंस यूनीवर्सिटी, किसनाट्टम मध्यप्रदेश
19. केशरवानी विद्यापीठ, जबलपुर महाराष्ट्र
20. राजा अरेबिक यूनीवर्सिटी, नागपुर। तमिलनाडू
21. डीडीबी संस्कृत यूनीवर्सिटी, पुतूर, तिरिची। पश्चिम बंगाल
22. इंडियन इंस्टीट्यूट आफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता।

अस्पताल तोड़फोड़ में सुभाष चन्नी काबू

हिसार में ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत होने पर अस्पताल में तोड़फोड़ करने, आग लगाने और रोड जाम करने के मामले में जिला पुलिस ने सुभाष चन्नी को बुधवार रात चंडीगढ़ से काबू कर लिया। इस मामले में खबर प्रकाशित करने पर दैनिक जागरण के पत्रकार को भी दी सुभाष चन्नी ने जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार राव ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम भी गठित की थी। इसमें शहर थाना प्रभारी जगबीर सिंह भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि चन्नी को हिसार लाकर पूछताछ करके अन्य आपराधिक मामलों में भी पूछताछ की जाएगी और उसे बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। इस बारे में पुलिस ने अस्पताल के चिकत्सक डॉ। राजीव अग्रवाल की शिकायत पर रावलवास खुर्द गांव निवासी राजा, जवाहर नगर निवासी बंटी ठकराल, गोविंद नगर निवासी जीतेंद्र उर्फ जीतू, उसके भाई कर्मबीर तथा एक अन्य राममेहर व अन्य पर आपराधिक मामला दर्ज किया था। एक घायल की 14 अप्रैल को ऑपरेशन के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद इन लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इस दौरान एक मोटरसाइकिल को भी जलाया तथा कांस्टेबल प्रवीण को घायल भी किया। पुलिस ने दो नामजद उपद्रवियों जितेंद्र उर्फ जीतू, कर्मबीर, भूप सिंह तथा धोलू को गत 19 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था, जो इस समय जेल में हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुभाष चन्नी भी इस मामले में शामिल था और पुलिस अधीक्षक ने उसकी भी गिरफ्तारी के आदेश दे दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया था और बुधवार को चंडीगढ़ में उसे पुलिस ने धर दबोचा। इस बारे में खबर प्रकाशित करने पर सुभाष चन्नी ने गत 20 अप्रैल को दैनिक जागरण के संवाददाता कुमार मुकेश के मोबाइल पर फोन करके जान से मारने की धमकी दी। इसकी पुलिस को शिकायत दे दी गई थी। चन्नी ने धमकी में कहा था कि उसकी पत्नी के चुनाव लड़ने की खबरों को प्रकाशित नहीं किया जा रहा है और उसे बदनाम करने वाली खबरें प्रकाशित की जा रही है। धमकी के मामले में भी शहर थाना पुलिस ने सुभाष चन्नी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में भी जल्द उसकी गिरफ्तारी होगी।

चन्नी ने जे पी को लपेटा
कुख्यात सुभाष चन्नी ने इस पूरे मामले में सांसद जयप्रकाश जेपी को भी लपेट लिया है। हाईCourt में चन्नी ने याचिका दायर कर पुलिस पर कांग्रेस उम्मीदवार जेपी के इशारे पर उसे प्रताडित करने का आरोप लगाया है। चन्नी ने कहा क्योंकि उसकी पत्नी हिसार लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार है, इसीलिए पुलिस उसे प्रताडित कर रही है।
कोर्ट ने हिसार के डीसी को इस मामले में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

Gautam का विस से इस्तीफा

शुरू से ही भाजपा-इनेलो गठबंधन के खिलाफ आवाज उठा रहे नारनौंद क्षेत्र से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष डा. रघुबीर सिंह कादियान को सौंप दिया। झज्जर के सिंचाई विभाग विश्राम गृह में कादियान को इस्तीफा सौंपने के बाद गौतम ने कहा कि यह इस्तीफा वह अपनी स्वेच्छा से बिना किसी दबाव के दे रहे हैं। कुछ देर बाद डा. कादियान ने पत्रकारों से कहा कि रामकुमार गौतम का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व रामकुमार गौतम की नजदीकियां जगजाहिर हैं। हालांकि इस्तीफे से पूर्व गौतम ने कहा कि वह वर्तमान में भाजपा में हैं। भाजपा में रहते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा भी है कि वह शीघ्र ही कांगे्रस में शामिल हो जाएंगे। इनेलो के साथ गठबंधन के समय ही गौतम का भाजपा से मोह भंग हो गया था। उस समय उन्होंने न केवल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पर आरोप लगाए थे बल्कि हरियाणा के प्रभारी हरजीत सिंह ग्रेवाल पर भी गठबंधन के विरुद्ध आरोप जड़े थे। इसके बाद पार्टी हाईकमान ने विधानसभा में विधायक दल के नेता पद से गौतम की छुट्टी कर दी थी और उनकी जगह पर नरेश मलिक को विधायक दल का नेता बना दिया था। गत विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ा था और 90 सीटों में से मात्र दो सीटें ही भाजपा की झोली में आई थीं। अब भाजपा के पास एक सीट ही रह गई है। उस सीट को भी राजनीति गलियारों में संदेह की दृष्टि से अब देखा जा रहा है, क्योंकि गत दिवस रोहतक लोकसभा से कांगे्रस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा ने हसनगढ़ के विधायक नरेश मलिक के भाई रमेश मलिक के घर पर न केवल जलपान किया, बल्कि आधे घंटे तक गुफ्तगू भी की।

Sunday, April 19, 2009

MP's record-Jaiprakash

JAIPRAKASH---------HISSAR (Congress Candidate for Hisaar Parliamentry Seat)
Constituency : Hissar(Haryana )
Party Name : Indian National Congress(INC)
Father's Name Shri Harikesh
Date of Birth 02.12.1954
Place of Birth Village Dubbal, District Kaithal (Haryana)
Marital Status Married
Date of Marriage 16 Jun 1986
Spouse's Name Smt. Savitri Devi Saharan
No. of Sons 1
No.of Daughters 1
Educational Qualifications Graduate
Educated at Dayal Singh College, Karnal (Haryana)
profession Agriculturist
Sportsperson
Political & Social Worker
Permanent Address
Village Dubbal,
Teh. & District Kaithal - 132 077 (Haryana)
(01681) 225133
Present Address
9, Dr. B.D. Marg,
New Delhi 110 001
Tels. (011) 23359091, 23359525, 9868180169 (M)
Position Held
1984-87 President, Lok Dal, District Jind, Haryana
1987-90 President, Yuva Lok Dal, Haryana
1989 Elected to 9th Lok Sabha
1990-91 Member, Subject Committee on Forests and Environment
Member, Consultative Committee, Ministry of Petroleum and Chemicals
Nov. 1990-June 1991 Union Deputy Minister, Ministry of Petroleum, Chemical and Communications
Secretary, Samajwadi Janata Party
President, Yuva Janata Dal
Junior Vice-President, Haryana Vikas Party
1996 Re-elected to 11th Lok Sabha (2nd term)
2000-2004 Member, Haryana Legislative Assembly
Chief Whip, Congress Legislature Party, Haryana
2004 Re-elected to 14th Lok Sabha (3rd term)
Member, Committee on Papers Laid on the Table
5 Aug. 2007 onwards Member, Committee on Chemicals and Fertilizers
Member, Committee on Petroleum & Natural Gas
Social And Cultural Activities
Struggling for providing justice to the people, and safeguarding farmers rights
Special Interests
Removing the evils of society
Favourite Pastime and Recreation
Public dealings, political and social service
Sports and Clubs
Kabaddi; encouraging sportsmanship
Other Information
Fought for public cause in Haryana