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Saturday, March 21, 2009

Paliwal परिवार से आई दावेदारी

Panipat की समाजसेविका विजय लक्ष्मी पालीवाल ने भी चुनाव के लिए कमर कस ली है। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस के टिकट की चाह की। उन्होंने कहा कि सत्ता में रह कर महिलाओं की सेवा और भी ठीक प्रकार से की जा सकती है।
जीटी रोड स्थित एक होटल में विजय लक्ष्मी पालीवाल ने पत्रकारों को संबोधित किया और कांग्रेस के टिकट की दावेदारी जताई। उन्होंने कहा कि उनके पास पिछले आम चुनाव में प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन उस समय वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती थीं और इसी कारण उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इस शहर की महिलाओं के कहने पर वह चुनाव लड़ना चाहती हैं। कभी सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में न सहन करने की बात करने वाली विजय ने आज चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के टिकट की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले वह भाजपा में जरूर थीं, लेकिन अब वह अपने दूसरे परिजनों की तरह ही कांग्रेस में हैं। उन्होंने कहा कि पीएम की कुर्सी का त्याग करने से सोनिया का कद बढ़ा है। एक ही परिवार से दो लोगों के कांग्रेस के टिकट की दावेदारी पर उन्होंने कहा कि अविनाश तो पिछले 25 वर्ष से कांग्रेस के टिकट की दावेदारी जता रहे हैं पर मैं तो पहली बार मैदान में आई हूं। टिकट की दावेदारी के लिए की गई कांफ्रेंस में कांग्रेस से जुड़े जिले के किसी भी नेता की गैर मौजूदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि गुट बाजी के कारण अभी काफी लोग सामने नहीं आ रहे हैं पर अंदर से सभी का उन्हें सहयोग प्राप्त है। जब घर की गुटबाजी पर उनसे सवाल किया गया और पूछा गया कि अगर घर में ही उन्होंने अपने जेठ के साथ मीटिंग कर दावेदारी के संबंध में फैसला किया होता तो एक घर से टिकट का दावेदार एक होता। उन्होंने कहा कि घर में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। अगर टिकट अविनाश को मिलता है तो वह उनका भी समर्थन करेंगी।
मुख्य चुनावी मुद्दों के सवाल पर उन्होंने कहा कि महिलाओं बहुत से मुद्दे ऐसे हैं जो सांसद बन कर पूरे किए जा सकते हैं। जब उनसे समाजसेवा के अतिरिक्त आम लोगों की किसी समस्या को हल करवाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शहर से जुड़े गई मुद्दों को उन्होंने हल करवाने का प्रयास किया है।

Monday, March 9, 2009

दामाद को दिया जहर

पत्‍‌नी को लेने गए युवक को सुसराल वालों ने जहर दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पत्‍‌नी, सास, ससुर और सालों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
थानाभवन, मुजफ्फरनगर निवासी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उसके पुत्र संदीप की शादी 11 दिसंबर 2005 को पानीपत की सुदेश के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद उसको सुदेश और उसके परिवार वाले छोटी-छोटी बातों के लिए तंग करने लगे। इसी वजह से संदीप दिल्ली में रहने लगा। रविवार को सुदेश का फोन आया कि संदीप बीमार हो गया है और तुरंत सिविल अस्पताल चले आओ। वह और उसका दामाद राजकिशोर कौशिक सिविल अस्पताल पहुंचे और संदीप से मिले। उसने बताया कि पत्‍‌नी सुदेश, सास, ससुर और सालों ने सलाह मशिवरा करके कुछ खिला दिया है। कुछ देर बाद संदीप ने उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि सुदेश, सास, ससुर सुरेद्र कुमार, साला संदीप, बाबी पुत्र सुरेद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।