Sunday, June 14, 2009

फिजा के आँगन में फ़िर खिला चांद

कहा- फिजा मेरी बेगम, माफी मांगी
फिजा ने कहा, मेरे आरोप सही निकले, ऐसे कैसे माफी दे दूं

मोहाली : लंबे समय तक चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद की जुदाई का गम सह चुकी अनुराधा बाली उर्फ फिजा मोहम्मद की सूनी हुई जिंदगी में आज उस समय पुन: खुशी व सुकून की एक किरण नजर आई जब उनके शौहर चांद मोहम्मद अतीत में फिजा के साथ की गई ज्यादतियों के लिए क्षमा याचना करने और उन्हें अपनी बेगम स्वीकार करने उनके घर पहुंच गए। हालांकि यह बात स्पष्ट होने में कुछ समय लगेगा कि फिजा उन्हें माफ करती हैं या नहीं?

फिजा के निमंत्रण पर उनके घर पहुंचा इलेक्ट्रानिक्स तथा प्रिंट मीडिया उस समय हतप्रभ रहा गया जब उन्होंने फिजा तथा चांद मुहम्मद को इक्कठे अपने सामने पाया। फिजा ने कहा कि आज तक वह जितने भी आरोप लगाती रही हैं, वे सभी सत्य सिद्ध हुए हैं और इससे पहले वह कुछ और कहें चांद मोहम्मद कुछ कहेंगे। इस पर पंचकूला के विधायक तथा हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद मुहम्मद ने स्पष्टï रूप से कहा, 'फिजा को अपने साथ ले जाने आया हूं। अब भी इनके साथ रहना चाहता हूं और इनसे पहले से भी ज्यादा प्यार करता हूं। पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि वह अब भी चांद मोहम्मद हैं। उन्होंने कहा कि वह फिजा के घर से अपनी इच्छा से नहीं गए थे बल्कि उन्हें देवीलाल व राणा नामक व्यक्ति ले गए थे, लेकिन उन्होंने फिजा जी से विनती की है कि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए।एक प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने स्पष्टï कहा कि वह फिजा के पास नगदी के रूप में कुछ भी छोड़ कर नहीं गए थे। पंचकूला में दिए गए बयानों के बारे में पूछे जाने पर चांद मुहम्मद ने कहा कि वे बयान दबाव में दिए गए थे और यहां जो वह कह रहे हैं बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से कह रहे हैं।

अब वह इनका (फिजा का) दिल दुखाने के लिए उनसे माफी मांगने आए हैं और यदि ये इजाजत देंगी तो यहीं रहूंगा

जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि इन्होंने माफ नहीं किया तो क्या वह पुन: पंचकूला सीमा बिश्नोई के पास चले जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि किसी धर्मशाला में चला जाऊंगा। मोबाइल पर तलाक देने संबंधी पूछे गए प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने कहा कि वह वैलिड ही नहीं था क्योंकि उन्होंने सिर्फ दो बार तलाक बोला था। आज भी इन्हें अपनी पत्नी मानता हूं और बिना बताए घर से चले जाने तथा इनका दिल दुखाने के लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे।

फिजा मुहम्मद भले ही अंतर मन से खुश हों कि उनका चांद वापिस उनके पास लौट आया है और जुदाई के दौरान जो-जो आरोप उन्होंने चांद तथा उसके परिवार वालों पर लगाए थे, उन पर चांद मोहम्मद ने सही मोहर लगा दी, इसके बावजूद प्रत्यक्ष रूप से वह काफी कठोर नजर आ रही थीं। फिजा ने चांद की मौजूदगी में कहा कि

'पिछले कई दिनों से चांद के आदमी उनसे मिल कर चांद से बात करने को कह रहे थे। यहीं नहीं चांद खुद भी उन्हें गत रात फोन करते रहे लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। चांद मुहम्मद रविवार को प्रात: सात बजे ही उनके घर आ कर बैठ गए और उनकी माता से दोपहर एक बजे तक उनसे (फिजा) बात कराने की विनती करते रहे तब जा कर उन्होंने 1.30 बजे चांद से मामूली बात की और इससे पहले कि चांद कुछ स्पष्टीकरण देते उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी स्पष्टीकरण देना है, वह मीडिया के सामने दें और उसके बाद ही वह उनसे बात करेंगी।'

एक प्रश्न के उत्तर में फिजा ने कहा कि उन्होंने अभी चांद को माफ करने का निर्णय नहीं किया। यदि उन्हें चांद पर विश्वास हुआ तभी वह उन्हें माफ करेंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने बहुत तकलीफ सहन की है। अत: इस तकलीफ के लिए जिम्मेवार शख्स यदि अचानक सामने आकर माफी मांगने लगे तो उसे एक दम से माफ नहीं किया जा सकता। यह पूछे जाने पर कि आज चांद मोहम्मद क्या उनके (फिजा के) आवास पर उनके शौहर के रूप में रुकेंगे तो फिजा ने कहा कि वह मात्र एक अतिथि के तौर पर यहां रुक सकते हैं, वह भी माता जी से इजाजत मिलने के बाद। फिजा ने कहा कि उन्होंने तो कभी भी चांद मुहम्मद को अपना शौहर मानने से इनकार नहीं किया।फिजा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि पहले वह चांद मुहम्मद की इच्छा से राजनीति में आने की बात कहती थीं लेकिन अब तो उन्होंने राजनीति में आने का निर्णय कर लिया है।

आसानी से नहीं मानीं फिजा
मोहाली : अनुराधा बाली उर्फ फिजा को मनाने के लिए चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद को क्या-क्या नहीं करना पड़ा। ज्यादतियों एवं गुस्ताखियों के लिए फिजा के घर जाकर क्षमा याचना के बावजूद वह टस से मस नहीं हुई। लेकिन चांद ने प्यार से आलिंगनबद्ध किया तो वह रोक नहीं पाई और सब कुछ भूल गई। इन सबके बावजूद फिजा बार बार कह रही थीं कि उन्होंने चांद को माफ नहीं किया है। इस प्रेम कहानी में रविवार को आए नाटकीय मोड़ से वे लोग ठगे रह गए जो सहानुभूतिवश फिजा के साथ खड़े थे। रविवार शाम को ही शिव सेना हिंदोस्तान के युकाई के कार्यकर्ता चेयरमैन निशांत शर्मा के नेतृत्व में वहां पहुंच गए। निशांत ने कहा कि फिजा तथा चांद अपने नाम के साथ क्रमश: अनुराधा बाली तथा चंद्र मोहन लगान बंद कर दें। क्योंकि वे ऐसा कर हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। निशांत ने कहा कि धर्म बदल कर निकाह, तलाक और फिर मिल जाना, सस्ती लोकप्रियता के लिए साजिश थी। बताते है, इसी दौरान चांद ने कथित रूप से अभद्र भाषा में शिव सैनिकों को भाग जाने के लिए कह दिया। फिर क्या था, शिव सैनिक भड़क उठे और चांद के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उधर, चांद ने भी फोन कर अपने समर्थकों को बुला लिया। टकराव की आशंका से पुलिस स्टेशन फेज 11 से एएसआई सोहन लाल दल-बल के साथ वहां पहुंच गए और शिव सैनिकों को समझा बुझा कर वहां से भेज दिया। बाद में पहुंचे चांद के समर्थकों को भी पुलिस ने खदेड़ दिया। देर रात तक फिजा के आवास पर पुलिस जमी थी और स्थिति सामान्य थी।

Saturday, June 13, 2009

नलकूपों को मिलेगी एक घंटा ज्यादा बिजली

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने नलकूपों को दी जाने वाली बिजली आपूर्ति में एक घंटे की वृद्धि की है। अन्य उपभोक्ताओं की दी जाने वाली बिजली आपूर्ति के समय में बदलाव किया है। समय तय करते समय गंावों में दोपहर के समय भी तीन घंटे लोगों की सुविधा के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है।निगम के प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि जिन ग्रामीण घरेलू क्षेत्रों में घरेलू और कृषि लोड अलग-अलग हो चुका है। वहां ग्रुप एक को आपरेशन सर्कल नारनौल और भिवानी में रात 10.00 बजे से सुबह 4.00 बजे तक व सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक और हिसार व सिरसा सर्कल में रात 10.30 बजे से सुबह 4.30 बजे तक तथा सायं 6.30 बजे से 7.30 बजे तक बिजली आपूर्ति दी जाएगी।नलकूपों को ग्रुप दो में फरीदाबाद, भिवानी और सिरसा सर्कल में सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे तक व दोपहर 11.30 बजे से सायं 5.30 बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। ग्रुप दो को गुडग़ंव, नारनौल और हिसार सर्कलों में सुबह 5.30 बजे से 11.30 बजे तक व सायं 6.30 बजे से 7.30 बजे तक बिजली दी जाएगी।हिसार व सिरसा सर्कल को बिजली आपूर्ति के लिए तीन ग्रुपों में बांटा गया है। हिसार में ग्रुप तीन को 5.30 बजे से 11.30 बजे तक व सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। सिरसा सर्कल में ग्रुप तीन को सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे तक तथा दोपहर 11.30 बजे से सायं 5.30 बजे तक बिजली दी जाएगी।जहां घरेलू और कृषि लोड अलग-अलग नहीं किया गया है वहां नारनौल व भिवनी सर्कलों में ग्रुप एक को रात 10.00 बजे से सुबह 4.00 बजे तक सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक तीन फेज तथा सायं 7.00 बजे से रात 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग की बिजली दी जाएगी। हिसार सर्कल में ग्रुप एक को रात 10.30 बजे से सुबह 4.30 तथा सायं 6.30 बजे से 7.30 बजे तक तीन फे ज की तथा सायं 7.30 बजे से रात 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग की बिजली दी जाएगी। सिरसा सर्कल में ग्रुप एक को रात 10.30 बजे से सुबह 4.30 बजे तथा सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक तीन फे ज की तथा रात 7.00 बजे से 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग के लिए बिजली दी जाएगी। फरीदाबाद, भिवानी व हिसार सर्कलों में ग्रुप दो तथा सिरसा सर्कल में ग्रुप तीन को सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे व दिन में 11.30 बजे से बाद दोपहर 5.30 बजे तक तीन फेज की और सायं 7.00 बजे से 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग की बिजली दी जाएगी। गुडग़ंाव, नारनौल व सिरसा सर्कलों के ग्रुप दो हिसार सर्कल के ग्रुप तीन को सुबह 5.30 से दोपहर 11.30 बजे तक व सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक तीन फे ज की तथा सायं 7.30 बजे से 11.00 बजे तक दो फे ज की बिजली की आपूर्ति दी जाएगी। गंावों में घरेलू फीडरों को ग्रुप एक में नारनौल, फ रीदाबाद और हिसार सर्कल में सुबह 4.00 बजे से 6.00 बजे दिन में 10.00 बजे से 1.00 बजे रात को 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली आपूर्ति दी जाएगी। आपरेशन सर्कल भिवानी, गुडग़ांव, सिरसा में ग्रुप एक को सुबह 5.00 बजे से 7.00 बजे दोपहर 10.00 बजे से 1.00 बजे और रात 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली दी जाएगी। नारनौल, फ रीदाबाद व हिसार सर्कल के ग्रुप दो को सुबह 6.00 बजे से 8.00 बजे दोपहर 1.00 बजे से 4.00 बजे और रात को 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली दी जाएगी, जबकि भिवानी गुडग़ंाव और सिरसा सर्कलों के ग्रुप दो को सुबह 7.00 बजे से 9.00 बजे तक दोपहर 1.00 बजे से 4.00 बजे तक रात 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। घरेलू फ डरों को इस पूरे समय के लिए तीन फे ज की बिजली दी जाएगी। उद्योगों को सायं 7.00 बजे से रात 12.00 तक बंद रखा जाएगा। भिवानी सर्कल, नारनौल, ए-2 पलवल और सिरसा क्षेत्रों में सुबह 7.00 बजे से 8.00 बजे, 10.00 बजे से 11.00 बजे दोपहर 1.00 बजे से 2.00 बजे सांय 8.00 बजे से 9.00 बजे तक एक-एक घंटे की कटौती के चार समय निर्धारित किए गए हैं। हिसार और गुडग़ांव जोन-2 क्षेत्रों में सुबह 8.00 बजे से 9.00 बजे दोपहर 11.00 बजे से 12.00 बजे व 2.00 बजे से 3.00 बजे तथा रात 9.00 बजे से 10.00 बजे तक एक-एक घंटे के चार समय निर्धारित किए गए हैं।

छह एसपी समेत 29 अफसर बदले

नवदीप विर्क--हिसार
अनिल राव --रोहतक
श्रीकांत जाधव--पानीपत


सरकार ने पुलिस प्रशासन में व्यापक उलटफेर करते छह एसपी समेत राज्य के 29 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तुरंत प्रभाव से स्थानांतरण प्रभाव से किया गया है। हिसार, रोहतक, पानीपत, करनाल, फरीदाबाद व सोनीपत के एसपी का तबादला किया गया है। वीबी सिंह को राज्य के डीजी एसवीबी के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद रिक्त था। पदोन्नति के लिए प्रतिक्षारत विजेंद्र राय को डीजी ओएसडी कानून के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद भी रिक्त था। स्वर्णजीत सिंह एडीजीपी को पदोन्नत करके डीजी प्रशासन के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद नया सृजित किया गया है। राकेश मलिक एडीजीपी को पदोन्नत करके डीजी मानव अधिकार और विधायी के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद भी नया सृजित किया गया है। वीएन राय एडीजीपी को डीजी कानून और व्यवस्था के साथ अतिरिक्त प्रभार एचपीए का दिया गया है। यह पद भी नव सृजित है। पीवी राठी को डीजी सीआईडी के पद पर पदस्थापित किया गया है। अनिल डावरा एडीजीपी को सीआईडी के एडीजीपी के पद पद नियुक्त किया गया है। परविंदर राय एडीजीपी को एडीजीपी एसवीबी के पद पर नियुक्त किया गया है। वाईपी सिंघल एडीजीपी को एडीजीपी सीआईडी के पद पर नियुक्त किया गया है। महिंदर लाल एडीजीपी क्राइम के पद पर पदस्थापित किया गया है। श्रीनिवास वशिष्ठ एडीजीपी को एडीजीपी शस्त्र पुलिस के पद पर नियुक्त किया गया है। डा. आरसी मिश्रा आईजीपी को आईजी जेल लगाया गया है। आरसी गोएल को आईजी सतर्कता, मंजीत सिंह अहलावत आईजीपी को आईजी सतर्कता गुडग़ांव, शिव शक्ति राव आईजी को आईजी सीएम फ्लाइंग स्क्वाड, डा. केपी सिंह आईजीपी को प्रशिक्षण और ओएसडी कानून, के. सेल्वराज आईजी पर्सनल को टेलीकाम का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। डा. राजवंत सिंह आईजी प्रशिक्षण को आईजी कानून व्यवस्था, पीके अग्रवाल आईजीपी सतर्कता को आईजी फरीदाबाद रेंज बनाया गया है। आलोक मित्तल को पदोन्नत कर संयुक्त पुलिस आयुक्त गुडग़ांव, एएस चावला को डीआईजी सीआईडी, राजपाल सिंह को डीआईजी कानून व्यवस्था, पीएस रंगा को पदोन्नत कर डीआईजी आईआरवी भोंडसी बनाया गया है। नवदीप सिंह विर्क एसपी सोनीपत को एसपी हिसार, श्रीकांत जाधव को एसपी पानीपत, अनिल कुमार राव एसपी हिसार को एसपी रोहतक, मोहिंदर सिंह श्योराण एसपी पानीपत को एसपी सोनीपत और केके राव एसपी फरीदाबाद को एसपी करनाल बनाया गया है।

Wednesday, June 10, 2009

चार महीने में जन्मी दूसरी Clone कटड़ी

कल्पना के शहर ने साइंस के क्षेत्र में नई उड़ान भरी है। अब गरिमा ने करनाल के NDRI (राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान) की गरिमा बढ़ा दी है। चार माह के भीतर ही यहां के वैज्ञानिकों ने विश्व की दूसरी क्लोन कटड़ी पैदा कराने में सफलता हासिल कर ली। मुर्राह नस्ल की यह कटड़ी पूरी तरह स्वस्थ है। इससे पशुओं में दूध की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। एनडीआरआई के वैज्ञानिकों ने पहले भी एक क्लोन कटड़ी पैदा कराई थी। लेकिन, 6 फरवरी को जन्मे दुनिया की पहली क्लोन कटड़ी की हफ्ते भर के अंदर ही न्यूमोनिया के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद संस्थान ने दो और क्लोन कटड़ी क्रमश: मई और जून में पैदा करने की घोषणा की थी, लेकिन मई में पैदा होने वाली क्लोन कटड़ी गर्भ में ही मर गई थी। दो बार विफल रहे वैज्ञानिकों ने इस बार भू्रण में सोमेटिक कोशिकाओं का प्रयोग करके क्लोन को विकसित किया। शनिवार दोपहर 11 बजे सीजेरियन आपरेशन शुरू हुआ। लगभग पौने घंटे बाद कटड़ी को सकुशल गर्भ से निकाला गया। जन्म के समय उसका वजन 43 किलो था। हालांकि कटड़ी के पैदा होने की तारीख 10 जून थी, लेकिन गर्भ में वजन ज्यादा होने की वजह से उसे चार दिन पहले आपरेशन करके स्वस्थ पैदा किया गया।
कटड़ी के भ्रूण से बनाया क्लोन : एनडीआरआई के निदेशक डा। एके श्रीवास्तव ने जागरण से कहा, भैंस के क्लोन शिशु गरिमा का जन्म करा लेने के बाद अब हम एक साथ लाखों क्लोन शिशु यानी एक ही नस्ल के पशु तैयार कर सकते हैं। नस्ल एक होगी तो दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी तय है। डा. श्रीवास्तव ने बताया कि यह क्लोन कटड़ी 6 फरवरी को पैदा हुई कटड़ी से भिन्न है। पहले क्लोन की जन्मदाता कोशिका एक नवजात मुरार्ह नस्ल की कटड़ी के कान से ली गई थी। यह क्लोन भैंस के गर्भ में कटड़ी भ्रूण से तैयार हुआ है। यह परंपरागत क्लोनिंग तकनीकी का संशोधित रूप है। इस तकनीक में पशु के अंडाशयों से डिंबाणु को निकालकर उसे परखनली में परिपक्व किया गया। बाद में उसे एक एंजाइम के साथ उपचारित किया गया। इसके बाद एक हैंड हेल्ड फाइन ब्लेड से नाभिक को निकाला गया। इसके बाद प्रदाता पशु के सोमेटिक कोशिकाओं को प्रजनित किया गया और नाभित रहित डिंबाणु कोशिकाओं व प्रदाता नाभिक को एलेक्ट्रोफ्यूज्ड करके प्रयोगशाला में विकसित किया गया। उसके बाद इस भ्रूण को कटड़ी के जन्म के लिए प्रत्यारोपण किया गया। इस क्लोन कटड़ी को आईसीयू में रखा गया है। चिकित्सक दल 24 घंटे इसके स्वास्थ्य पर नजर रखेगा। उन्होंने कहा कि हैंड गाइडिड क्लोनिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए तो भारत में श्रेष्ठ दुधारू पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। क्लोन कटड़ी के जनक वैज्ञानिक एसके सिंगला, डा. आरएस माणिक, डा. एमएस चौहान, डा. पी पल्टा, डा. शिवप्रसाद, डा. आरएस शाह व डा. ए जार्ज व संस्थान के निदेशक डा. एके श्रीवास्तव व अन्य वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. मंगला राय व परिषद के पशु विज्ञान के उप महानिदेशक डा. केएम बजरबरूआ ने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी है। बजरबरूआ ने कहा कि इस समय सर्वश्रेष्ठ सांडों की काफी कमी है। इस तकनीक से इस कमी को कम किया जा सकता है। प्रयोग में हिसार कृषि विश्वविद्यालय के डा. आरएस बिसला, डा. एससी आर्य, संस्थान के चिकित्सक डा. केपीएस तोमर, डा. सुभाष चंद्र व डा. प्रवीण कुमार ने भी योगदान दिया।
दूध की बहेंगीं नदियां! : वैसे तो भारत में इस समय करीब साढ़े अठारह करोड़ पशु हैं लेकिन इनमें दुधारू केवल साढ़े पांच करोड़ हैं। इन दुधारू पशुओं में वे भी शामिल हैं जो दिन भर में महज आधा लीटर दूध देते हैं। गरिमा इस सूरत में बदलाव ला सकती है। असल में क्लोन होने के कारण अब एक ही नस्ल की भैंस पैदा करना संभव हो सकेगा। इससे नस्लों की भिन्नता के कारण पशुओं में कम दूध संबंधी शिकायतों से बचा सकेगा।

Tuesday, June 9, 2009

अनोखा संयोग

इस बार सात अगस्त को तारीख और समय का ऐसा संयोग होगा जो बरसों फ़िर नही दोहराया जाएगा।
इस दिन जब घड़ी की सुई चार बजकर पांच मिनट और छः सेकेण्ड का समय बताएगी तब यह ( 04 : 05 : 06--07 : 08 : 09 ) का संयोग बनेगा। या यूँ कहें सुबह चार बजकर पांच मिनट और छः सेकेण्ड पर एक पल के लिए सात तारीख होगी, आठवां माह और नौ का साल।
हालाँकि कुछ-कुछ इसका उल्टा भी कुछ समय बाद हो सकता है, या यूँ (09 : 08 : 07 --06 : 05 :04) कहें की
नौवें साल के आठवें माह की सात तारीख को शाम छः बजकर पांच मिनट और चार सेकेण्ड पर यही गिनती उलटी हो जायेगी।

Tuesday, June 2, 2009

हिसार की बूंदों से बुझ सकती है हरियाणा की प्यास

हिसार के कुल तीन हजार, 983 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में प्रतिवर्ष औसतन 352.4 मिलीमीटर बारिश का संरक्षण हो तो इससे 2 करोड़, 5 लाख, 64 हजार, 196 लोगों की एक वर्ष तक प्यास बुझाई जा सकती है
हरियाणा हो या अन्य प्रदेश, पेयजल संकट की बात करें तो यह समस्या देश में हर स्थान पर मौजूद है, लेकिन सिर्फ हिसार की एक वर्ष की बारिश के पानी को संरक्षित कर लिया जाए तो उससे एक वर्ष तक हरियाणा के लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है और वह भी मानक जल खपत के हिसाब से। यह तथ्य हिसार शहर की नगर योजना पर हो रहे एक शोध से सामने आया है। इस शोध के तथ्य को आधार बनाकर यदि हिसार के कुल तीन हजार 983 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में प्रतिवर्ष होने वाली प्रतिवर्ष औसतन 352।4 मिलीमीटर बारिश के संरक्षण की बात करें तो इससे दो करोड़, पांच लाख, 64 हजार, 196 लोगों की एक वर्ष तक प्यास बुझाई जा सकती है। डिस्टल वाटर से भी शुद्ध जमा होने वाले बरसात के इस पानी से इतने लोगों की सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाई जा सकती, बल्कि उनके दैनिक उपयोग के लिए निर्धारित किए गए 187 लीटर पानी प्रतिदिन की आपूर्ति एक वर्ष तक की जा सकती है। दूसरी तरफ प्रदेश की जनसंख्या दो करोड़, 11 लाख, 44 हजार, 564 ही है। यदि पूरे प्रदेश में बारिश के पानी के संरक्षण की बात करें तो मात्र 9 प्रतिशत क्षेत्र में ऐसा होने से ही प्रदेशवासियों की इस समय एक वर्ष तक प्यास बुझाई जा सकती है। यह है फार्मूला एक वर्ग मीटर में यदि एक हजार मिलीमीटर (एक मीटर) बारिश हो तो एक लाख लीटर (एक घन मीटर) पानी जमा हो जाता है। हकृवि मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हिसार में औसतन प्रतिवर्ष 352.4 मिलीमीटर बारिश होती है और हिसार का क्षेत्रफल तीन हजार, 983 वर्ग किलोमीटर (3 अरब, 98 करोड, 30 लाख वर्ग मीटर) है। इस हिसाब से हिसार में प्रतिवर्ष 1 अरब, 40 करोड़, 36 लाख, 9 हजार, 200 घन लीटर बारिश का पानी गिरता है। प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 187 लीटर मानक खपत के हिसाब से इस पानी से 7 अरब, 50 करोड़, 59 लाख, 13 हजार, 600 लोगों की जरूरत पूरी की जा सकती है। दूसरी तरफ एक वर्ष तक इसी मानक पानी की मात्रा की आपूर्ति करें तो यह दो करोड़, 5 लाख, 64 हजार, 196 लोगों के लिए पर्याप्त है। यह कर सकती है जनता इस तरह के अभियान को सिर्फ सरकार पर छोड़ देने से कुछ नहीं होगा, बल्कि जनता को इसमें सक्रिय भागीदारी करनी होगी। सबसे पहले जनता को जागरूक होना पड़ेगा। यदि दस प्रतिशत जनता ही जागरूक हो जाती है तो जनप्रतिनिधि को शत प्रतिशत जागरूक होना पड़ता है। जनप्रतिनिधि जागरूक हो जाए तो रैन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम की काफी योजनाएं आ सकती है। यही नहीं जो लोग इसे वहन कर सकते हैं, वे इसे स्वयं भी अपनाकर इसमें अपना योगदान दे सकता है। अभी तक यह है वाटर हारवेस्टिंग देश के कुछ राज्यों व महानगरों में वर्षा जल संवर्धन (रेन वाटर हारवेस्टिंग) अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत छतों व फर्श से पानी पाइपों द्वारा इकट्ठा करके या तो उपयोग में लाया जाता है या फिर भूमिगत जल में छोड़ दिया जाता है, जिससे भूजल स्तर सुधरता है, इसे ग्राउंड वाटर रिचार्ज भी कहते हैं। हिसार में प्रतिवर्ष होने वाली मानसून की बारिश वर्ष बारिश मिलीमीटर में 2000 122.2 2001 538.0 2002 91.7 2003 431.5 2004 186.3 2005 457.7 2006 243.7 2007 162.5 2008 376.2 औसतन 352.4 नोट : यह आंकड़ें जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में होने वाली मानसून की बारिश पर आधारित है। यह कहते हैं शोधार्थी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से हिसार शहर की नगर योजना पर शोध करने वाले हिसार के भूगोलवेता अनुराग का कहना है कि बारिश का पानी डिस्टिल वाटर जैसा शुद्ध होता है। रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम को लागू करने के लिए सरकार को एक विशेष चैनल बिछानी होगी। जनता को छतों पर बारिश के पानी की निकासी वाले विशेष पाइपों को विशेष चैनल से जोड़ना पड़ेगा। इसके बाद जहां भी पानी एकत्रित किया जाए, वहां पर पानी को मामूली ट्रीट करने का प्लांट लगाकर उसे सप्लाई किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए वाटर स्टोरेज का विशेष प्रबंध करना होगा। जोहड़ की सहायता से भूमिगत जल को रिचार्ज किया सकता है। हिसार में बारिश के रिकार्ड ठ्ठ21 जुलाई, 1993 को दोपहर डेढ़ से ढाई बजे तक एक घंटे में सबसे ज्यादा 41.5 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठ5 अगस्त, 1985 को एक दिन में सबसे ज्यादा 182.4 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठवर्ष 1988 के 39वें सप्ताह में एक सप्ताह की सबसे ज्यादा 234.1 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठअगस्त, 1976 में एक माह की सबसे ज्यादा 365.8 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठवर्ष 1976 में मानसून की अब तक की सबसे ज्यादा 607.4 मिलीमीटर बारिश हुई. वर्ष 1997 में एक वर्ष में सबसे ज्यादा 770.3 मिलीमीटर बारिश हुई।
कहां है वाटर हारवेस्टिंग
देश के कुछ राज्यों व महानगरों में वर्षा जल संवर्धन (रेन वाटर हारवेस्टिंग) अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत छतों व फर्श से पानी पाइपों द्वारा इकट्ठा करके या तो उपयोग में लाया जाता है या फिर भूमिगत जल में छोड़ दिया जाता है, जिससे भूजल स्तर सुधरता है, इसे ग्राउंड वाटर रिचार्ज भी कहते हैं।
क्या कर सकती है जनता

इस तरह के अभियान को सिर्फ सरकार पर छोड़ देने से कुछ नहीं होगा बल्कि जनता को इसमें सक्रिय भागीदारी करनी होगी। सबसे पहले जनता को जागरूक होना पड़ेगा। यदि दस प्रतिशत जनता ही जागरूक हो जाती है तो जनप्रतिनिधि को शत प्रतिशत जागरूक होना पड़ता है। जनप्रतिनिधि जागरूक हो जाए तो रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम की काफी योजनाएं आ सकती है। यही नहीं जो लोग इसे वहन कर सकते हैं, वे इसे स्वयं भी अपनाकर इसमें अपना योगदान दे सकता है।
क्या कहते हैं शोधार्थी

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से हिसार शहर की नगर योजना पर शोध करने वाले हिसार के भूगोलवेता अनुराग का कहना है कि बारिश का पानी डिस्टिल वाटर जैसा शुद्ध होता है। रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम को लागू करने के लिए सरकार को एक विशेष चैनल बिछानी होगी। जनता को छतों पर बारिश के पानी की निकासी वाले विशेष पाइपों को विशेष चैनल से जोडऩा पड़ेगा। इसके बाद जहां भी पानी एकत्रित किया जाए, वहां पर पानी को मामूली ट्रीट करने का प्लांट लगाकर उसे सप्लाई किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए वाटर स्टोरेज का विशेष प्रबंध करना होगा। या फिर जोहड़ की सहायता से भूमिगत जल को रिचार्ज किया सकता है।
हिसार में प्रतिवर्ष होने वाली मानसून की बारिश

वर्ष बारिश मिलीमीटर में
2000 122.2
2001 538.0
2002 91.7
2003 431.5
2004 186.3
2005 457.7
2006 243.7
2007 162.5
2008 376.2
औसतन 352.4
नोट : यह आंकड़ें जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में होने वाली मानसून की बारिश पर आधारित हैं।
हिसार में बारिश के रिकार्ड

-21 जुलाई, 1993 को दोपहर डेढ़ से ढाई बजे तक एक घंटे में सबसे ज्यादा 41.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
-5 अगस्त, 1985 को एक दिन में सबसे ज्यादा 182.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1988 के 39वें सप्ताह में एक सप्ताह की सबसे ज्यादा 234.1 मिलीमीटर बारिश हुई।
-अगस्त, 1976 में एक माह की सबसे ज्यादा 365.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1976 में मानसून की अब तक की सबसे ज्यादा 607.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1997 में एक वर्ष में सबसे ज्यादा 770.3 मिलीमीटर बारिश हुई।

पांच साल से पहले नहीं बदले जाएंगे शिक्षक

हरियाणा सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए वर्ष 2009-10 के लिए तबादले संबंधी एक नीति जारी की है। इस नीति के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2009-10 के दौरान अध्यापकों का कोई भी सामान्य तबादला नहीं किया जाएगा। सभी तबादले जारी की गई नीति के दिशानिर्देशों के अनुसार किए जाएंगे। इस नीति की एक-एक प्रति पहले ही प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि कर्मचारी को तबादले के लिए अपने पसंदीदा स्थान के बास्ते संस्थान के मुखिया, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को इस वर्ष 15 जून तक लिखित निवेदन करना होगा जो 30 जून तक निदेशालय को ऐसे निवेदनों की सिफारिशें भेजेंगे और स्थानांतरण प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी कर्मचारी का कार्यकाल किसी भी नियुक्ति स्थान पर पांच वर्ष होना चाहिए। जिस भी कर्मचारी के परिणाम पिछले तीन वर्ष से शतप्रतिशत है यदि वह कर्मचारी तबादले का निवेदन नहीं करता है तोउसे पांच वर्ष के बाद भी बदला नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण प्रशासकीय आधार पर प्रदेश सरकार किसी भी समय कर सकती है। प्रवक्ता ने बताया कि निवेदन निर्धारित फार्मेट में तीन विकल्पों सहित करना होगा और पारस्परिक स्थानांतरण के लिए भी निवेदन उसी निर्धारित फोर्मेट में करना होगा और यदि दोनों कर्मचारी 10 कि लोमीटर के दायरे में नियुक्त हैं तो उनके निवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष की आयु के महिला और पुरुष अध्यापकों को कन्या विद्यालयों में प्राथमिक तौर पर नियुक्त किया जाएगा। शतप्रतिशत नेत्रहीन और 70 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांग अध्यापकों को उनके ब्लॉक या 10 किलोमीटर की परिधि में नियुक्त करने के प्रयास किए जाएंगे।

Monday, June 1, 2009

INLD जाट कार्ड खेलेगा

इंडियन नेशनल लोकदल अब विधानसभा चुनाव में जाट आरक्षण का कार्ड खेलेगा। साथ ही, भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने का भी निर्णय किया है। हिसार में सोमवार को इनेलो की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लोकसभा चुनावों के नतीजों की समीक्षा की गई। इस दौरान जाट आरक्षण का मुद्दा उठा। चर्चा के बाद इनेलो प्रधान ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संपत सिंह को जाट आरक्षण की सिफारिश करने वाली गुरनाम सिंह आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा दिया। संपत को 8-10 दिन में ही यह रिपोर्ट सौंपनी है, जो कार्यकारिणी की अगली बैठक में रखी जाएगी। बैठक में फैसला हुआ है कि केवल जाट आरक्षण ही नहीं वरन उन सभी जातियों के लिए आरक्षण की बात करनी है जिनकी सिफारिश गुरनाम सिंह आयोग ने की है। बैठक में जाट वोट बैंक पर चिंता प्रकट की गई लेकिन इस पर संतोष रहा पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। यानी अगर जाटों का कुछ हिस्सा पार्टी से टूटा है तो दूसरी जातियां जुड़ी भी हैं। नई रणनीति के तहत बड़ी रैलियां नहीं होंगी। साल में केवल एक बार ताऊ देवीलाल के जन्म दिवस पर 25 सितंबर को बड़ी रैली की जाएगी। पार्टी को गांव व बूथ के स्तर पर मजबूत करने का काम करेंगे। इस 25 सितंबर को पार्टी भाजपा के साथ मिलकर सभी 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर देगी। चर्चा के दौरान हार का बड़ा कारण प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की स्वच्छ छवि और पीएम के रूप में लालकृष्ण आडवाणी की अस्वीकार्यता उभर कर आया। चौटाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इनेलो व भाजपा का गठबंधन जारी रहेगा। क्योंकि यह दो दलों का नहीं दिलों का गठबंधन है। चौटाला ने बताया कि लोस चुनाव में खिलाफ काम करने अथवा निष्कि्रय रहने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा को अधिकृत किया गया है। संगठन को प्रभावी बनाने व उसमें फेरबदल के लिए भी अरोड़ा अधिकृत हैं। चौटाला 4 जून से जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेंगे। बैठक में पूर्व राज्यपाल सुलतान सिंह, राज्यसभा सांसद अजय सिंह चौटाला, प्रो. संपत सिंह, अभय सिंह चौटाला, तारासिंह, शेरसिंह बड़शामी, राव अजीत सिंह, सुभाष गोयल, डा. सुशील इंदौरा, डा. सीताराम, विधायक ज्ञानचंद, विधायक ईश्वर पलाका, डा. केसी बांगड़, विधायक साहिदा खान, पूर्व मंत्री डा. एमएल रंगा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू सहित संगठन के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।

Thursday, May 28, 2009

Haryana से Sailja

अम्बाला से सांसद कुमारी शैलजा को मनमोहन के कैबिनेट में जगह मिली है। उन्हें प्रमोशन मिली है। मनमोहन की पहली पारी में वह राज्यमंत्री थी, इस बार उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
पिछली सरकार में रक्षा राज्यमंत्री रहे राव इन्द्रजीत को इस बार लाल बत्ती नहीं मिली।
इसके आलावा सीएम हुड्डा के बेटे दीपेन्द्र हुड्डा और नवीन जिंदल भी मंत्री पड़ की दौड़ में थे। उन्हें भी निराशा ही मिली।

Wednesday, May 27, 2009

11 वर्षो बाद मिला हिस्से का नहरी पानी



गांव सिंहपुरा के ग्रामीणों व युवाओं के संघर्ष से यहां की बंजर पड़ी भूमि को 11 वर्षो बाद नहरी पानी नसीब हुआ है। यह पानी पंजाब के किसानों ने माइनर में बाधाएं डालकर रोका हुआ था। अदालत के आदेश बाद गांव वालों को उनका हक मिला है। पंजाब राज्य की सीमा से सटे हरियाणा के गांव सिंहपुरा की लगभग दो हजार एकड़ भूमि को पंजाब की कोटला ब्रांच नहर के माइनर से पानी पिछले 100 वर्षो से मिल रहा था। फरवरी 1998 में पंजाब के तत्कालीन सिंचाई मंत्री की सिफारिश पर सिंचाई विभाग मानसा के कार्यकारी अभियंता ने पूरे माइनर में आठ स्थानों पर 60-60 फुट लंबे व डेढ़ फुट ऊंचे ब्रेकर बनाने के आदेश दे दिए। इस संबंध में पंजाब के सिंचाई विभाग ने हरियाणा से कोई बात नहीं की। इसके बाद पंजाब के किसानों ने माइनर में यह ब्रेकर बना दिए जिससे गांव सिंहपुरा को उसके हक का पानी मिलना बंद हो गया। गांव की टेल पर नाममात्र पानी ही पहुंच रहा था। पानी की कमी के कारण गांव की दो हजार एकड़ भूमि बंजर बन गई। वर्ष 2002 में गांव में गठित बाबा ज्ञानदास युवा क्लब से किसानों ने इस समस्या के समाधान कराने की गुहार लगाई। क्लब के सदस्यों मास्टर जगदीश सिंहपुरा, गुरदीप सिंह, गुरजंट सिंह ढिल्लो व बलजीत सिंह आदि ने ग्राम पंचायत के सहयोग से यह मामला अनेक बार सिंचाई विभाग मानसा के अधिकारियों के समक्ष उठाया लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। क्लब ने जनवरी 2006 में अदालत में एक याचिका दायर कर दी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने 15 सितंबर 2008 को एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया जिसमें सिंचाई विभाग, पटियाला के अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता मानसा व कार्यकारी अभियंता रोड़ी शामिल थे। इस कमेटी ने 15 दिसंबर 2008 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि माइनर के अंदर बनाए गए ब्रेकरों को हटाया जाना चाहिए। इसके बाद गांव के युवा क्लब के सदस्यों व किसानों ने सरपंच जसपाल की देखरेख में कोटला माइनर में बनाए गए ब्रेकरों को हटा दिया।

बिजली निगम के एआरआर में 400 करोड़ की कटौती

हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएनएल) के वार्षिक राजस्व रिपोर्ट (एआरआर) को 409 करोड़ का कट लगाकर मंजूरी मिली है। एचवीपीएनएल ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग 1064.51 करोड़ रुपये का एआरआर भेजा था पर इसमें से आयोग ने केवल 659.70 करोड़ रुपए को ही मंजूरी दी है। इसी प्रकार स्टेल लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के 11.88 करोड़ के एआरआरी में से 7.80 करोड़ के बजट को मंजूरी मिली है। इसी प्रकार आयोग ने एचवीपीएनएल के बजट में 40 प्रतिशत की कटौती हो गई है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के इस फैसले के खिलाफ एचवीपीएनएल पुनर्विचार याचिका डालने पर विचार कर रहा है और वहां पर भी राहत ना मिली तो ट्रिब्यूनल में भी जा सकता है। आयोग ने इस वित्त वर्ष की रिटर्न आन इक्विटी पूरी तरह से नामंजूर कर दी है। एआरआर के 14 प्रतिशत के हिसाब से यह 108 करोड़ थी। आयोग का कहना है कि जब विद्युत वितरण कंपनियां नुकसान में जा रही हैं, ऐसे में इन्हें रिटर्न आन इक्विटी देने का कोई औचित्य नहीं है। आयोग ने आय व लाभ पर 56.59 करोड़ रुपये के टैक्स को भी नामंजूर कर दिया है। आयोग ने 106 करोड़ के अन्य खर्च भी नामंजूर कर दिए हैं। कर्मचारियों के वेतन की 326.97 करोड़ की प्रस्तावित राशि के स्थान पर 286.97, छठे वेतन आयोग की सिफारिश के कारण वेतन वृद्धि की प्रस्तावित राशि 130.10 करोड़ को घटाकर 53.80 करोड़, रखरखाव खर्च की प्रस्तावित राशि को 14.62 करोड़ से घटाकर 13.70 करोड़ कर दिया है। इसी प्रकार आयोग ने एसएलडीसी के पूंजी खर्च पर ब्याज व वित्त शुल्क को 5 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ कर दिया है। आयोग ने एचवीपीएनएल के साल 2008-09 के 740 करोड़ के प्रस्तावित एआरआर के मुकाबले केवल 540 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी थी, जिस पर एचवीपीएनएल ने पुनर्विचार याचिका डाली हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में एचवीपीएन के सामने कई संकट आएंगे। आयोग ने हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम के वर्ष 2009-10 के एआरआर में प्रति यूनिट 3 रुपये 89 पैसे प्रति यूनिट के दाम को घटाकर 3 रुपये 21 पैसे कर दिया है। पर उत्पादन निगम का घाटा उपभोक्ता पर सरका दिया जाता है, उस पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

Thursday, May 21, 2009

व्यवस्था से हारे आईएफएस ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

अरावली पहाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए वर्षो संघर्ष करने वाले वन संरक्षक आरपी बालवान आखिरकार लचर व्यवस्था के सामने हार गए और नौ वर्ष पूर्व ही सेवानिवृत्ति ले ली। वह कहते हैं आखिर इंसान व्यवस्था के बीच रहकर कब तक लड़ेगा, इसकी भी एक सीमा है। हालांकि उनका विश्वास है कि लोगों में जागृति आएगी तब अहसास होगा कि अरावली के साथ छेड़छाड़ कर कितनी बड़ी भूल की गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अरावली को बचाना होगा। 1984 बैच के आईएफएस अधिकारी आरपी बालवान वन विभाग ज्वाइन करने से पहले परमाणु उर्जा विभाग में बतौर वैज्ञानिक काम कर चुके हैं। उनकी योग्यता को देखते हुए उन्हें मौसम विभाग में डायरेक्टर की भी जिम्मेदारी दी गई थी। ग्रामीण विकास मंत्रालय में असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल के पद पर भी वे कार्य कर चुके हैं। वन विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने अरावली पहाड़ी क्षेत्र को बचाने समेत कई मुहिम चलाई। बालवान का मानना है कि अरावली पहाड़ी क्षेत्र का संरक्षण अति आवश्यक है इसलिए वे इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में आरपी बालवान ने स्वीकार किया कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार जड़ तक प्रवेश कर चुका है। इस कारण वे अधिक सफल नहीं हो सके।

शिक्षकों को मिला तोहफा

प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों एवं सरकारी सहायता प्राप्त कालेजों के अध्यापकों या समकक्ष काडर वाले कर्मियों को संशोधित वेतनमानों के अनुरूप अंतरिम राहत का 40 प्रतिशत बकाया तदर्थ आधार पर देने का निर्णय किया है। शिक्षा मंत्री मांगेराम गुप्ता ने बताया कि वेतनमानों के पात्र अध्यापकों एवं अन्य समकक्ष कर्मचारी, जो 8000-13500 रुपये तथा 10000-15200 रुपये का पूर्व संशोधित वेतनमान में वेतन ले रहे थे, वे 36 माह के लिए क्रमश: 1,30,000 रुपये तथा 1,60,000 रुपये का तदर्थ बकाया के पात्र होंगे तथा जो 12,000-18300 रुपये तथा 16400-22400 रुपये के वेतनमान में थे, उन्हें क्रमश: 1,90,000 तथा 2,50,000 रुपये का तदर्थ बकाया मिलेगा। विश्वविद्यालयों के कुलपति पांच -पांच लाख रुपये के तदर्थ बकाया के पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि तदर्थ बकाया राशि का आहरण महाविद्यालय प्राध्यापक/प्राचार्य इत्यादि के वर्तमान में कार्यरत महाविद्यालयसे होगा। सभी प्राध्यापकों का तदर्थ बकाया भुगतान की स्वीकृति महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा जारी की जाएगी और उसकी एक प्रति उस महाविद्यालय में प्रेषित की जाएगी, जहां वे पूर्व में कार्यरत रहे हैं। 8000-13500 रुपये, 10,000-15200 रुपये तथा 12,000-18300 रुपये के वेतनमान के उन प्राध्यापकों इत्यादि के मामले में, जो पहली जनवरी, 2006 के बाद सेवा में आए हैं, के बकाया की गणना क्रमश: 3600 रुपये प्रतिमाह, 4400 रुपये तथा 5200 रुपये प्रतिमाह की दर से की जाएगी। आहरण एवं वितरण अधिकारी या प्राचार्य द्वारा कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में बकाया वितरण की आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज की जाएंगी। सभी पात्र प्राध्यापक एवं अन्य समकक्ष कर्मचारियों को लिखित में देना होगा कि अंतरिम राशि की अदायगी उनके बकाया राशि से समायोजित की जाएगी।

Jobs in Delhi State AIDS Control Society May09

Delhi State AIDS Control SocietyDr. BSA Hospital, Dharmshala Block, Rohini Sec-6, Delhi-85Applications are invited for the following posts :
Joint Director (Blood Safety) : 01 post (on deputation), Qualification : MD in Transfusion Med/Pathology/Microbiology or PhD (Biological Sciences). 10 yrs exp. in blood bank or related services. , Pay Scale : Rs.12000-15600/-
District Manager HIV/AIDS Program : 04 posts (Deputation) , Qualification : Medical Officer/ Asstt. Director level officer from state or central cadre with sufficient administrative experience, Pay Sclae : Rs.8000-13500
Assistant Director (STD) : 01 post (on deputation), Qualification : PG Degree/Diploma Dermatology & STD with minimum 3 years experience in Hosp./ Medical Colleges, Pay Scale : Rs.8000-13500
Assistant Director (Doc. & Publicity) : 01 post (on contract basis), Qualification : Bachelor;s Degree & PG Diploma in Mass Communication/ Public relations with 5 years expereince., Pay : Rs.15000 to 20000 consolidated
Assistant Director (ICTC) : 01 post (on contract basis), Qualification : PG Degree in Psychology/ Social work/ Sociology/ Clinical Psychology or M.Sc. in Microbiology/ Medical Microbiology with 3 years experience in relevant field, Pay : Rs.15000-20000 consolidated pm.
Assistant Director (Procurement) : 01 post (on deputation/ contract ), Qualification : Graduate with PG with material management/ M.Com. or inter CA with 5 years experience in procurement matters. Stron computer knowledge, Pay Scale : Rs.6500-10500 (on contract Rs.15000-25000 pm)
Finance Assitant : 03 posts (on Deputation), Qualification : Graduate preferable finance & acocunt/ B.Com. and 3-5 years post qualification experience or experience in state accounts cadre/organised accounts Govt. of India, Pay : Rs.5500-9000 (on contract Rs.10000-15000 pm)
Procurement Assistant : 01 posts (on Contract), Qualification : B.Com. with 5 years experience and computer literary, Pay : Rs.10000-15000 pm on consolidated
Counselors for ICTC/STI clinic/ Blood Bank : 12 posts (on contract for one year), Qualification : Graduate in Psychology/ Social work/ Sociology/ Anthropology/ Human Development/ Dip. in nursing with 3-5 years epxp in HIV/ AIDS, Pay : Rs.6500-10000 on consolidated pm
How to Apply : Applicaitons containing detailed biodata supported by relevant certificates/testimonial with 2 colour photographs shoulod be sent by 10/06/2009 at above address.

SSC Data Entry Operator Exam-2009

STAFF SELECTION COMMISSION (SSC)
Data Entry Operator Examination-2009
Staff Selection Commission will hold on 02/08/2009, an open competitive examination for recruitment to the post Data Entry Operator, a Group C Ministerial post in the Office of Comptroller and Auditor General :
Data Entry Operator : 400 posts (Approx.) , Pay Scale : PB-1 Rs.5200-20200/- Grade Pay Rs.2400/-, Qualification : 12th Pass or equivalent and (ii) Should have a speed of not less than 8000 key depressions per hour for data entry work. Age Limit: 18-25 years as on 01/06/2009. Usual age relaxation to SC/ST/OBC/PH/ExS etc. as per Govt. orders.
Fee: Rs. 100/-. No fee for SC/ST/PH and Ex-Serviceman. Fee will be paid only in the form of "Central Recruitment Fee Stamps (CRFS)" These stamps are available at the counter of all Departmental Post Offices of the country. Stamps must be cancelled.
Scheme of Exam : An Open competitive examination on 02/08/2009.
Closing Date: Last date for filling of the application is 01/06/2009 (5PM)
How to Apply : Application on prescribed proforma, in an envelope should be send to concerned Regional Director of SSC.
Centre of Examination and Address to which Applications should be sent : The applications should be addressed to the Regional Office of the SSC as listed here;
Delhi, Jaipur, Jodhpur, Kota, Udaipur, Almora, Dehradun : Regional Director (NR), SSC, 5th Floor, Block No.12, CGO Complex, Lodhi Raod, New Delhi-110504
Hyderabad, Vishakhapatnam, Chennai, Madurai, Tirupati, Kurnool, Rajamundry, Guntur, Coimbatore, Tiruchirapalli, Puducherry, Tirunelvelli : Regional Director (SR), SSC, E.V.K. Sampath College Raod, Chennai-600006
Kolkata, Port Blair, Gangtok, Jalpaiguri, Midnapur, Sambalpur, Koraput, Cuttack, Chinsurah, Bhuwaneshwar, Ranchi : Regional Director (ER), SSC, 5, Esplanade Row West, Old Assembly Building, Ground Floor, Kolkata-700001
Mumbai, Pune, Nagpur, Panji, Ahmedabad, Rajkot : Regional Director (WR), SSC, Army & Navy Building, 1st Floor, South Wing, Pratishtha Bhawan, Old CGO Complex, 101, M.K. Road, Mumbai-400020
Allahabad, Patna, Lucknow, Bhagalpur, Gorakhpur, Agra: Regional Director (CR), SSC, 8-AB, Beli Raod, Allahabad-211002
Guwahati (Dispur), Itanagare, Imphal, Shillong, Aizwal, Kohima, Agartala, Silchar, Dibrugarh : Regional Director (NER), SSC, Rukmini Nagar, P.O. Assam, Sachivalaya, Guwahati-781006
Bangalore, Darwad, Kozhikode, Mangalore, Gulbarga, Thrissur, Thiruvananthapuram, Kochi : Regional Director (KKR), SSC, 1st Floor, 2nd Block, 'E' Wing, Koramangala, Bangalore-560034
Raipur, Bhopal, Gwalior, Bilaspur, Indore, Jabalpur, Jagdalpur, Rewa : Dy. Director (MPR), SSC, 'Nishant Villa', F.Jalvihar Colony, Raipur-492001
Chandigarh, Shimla, Jammu, Srinagar, Jalandhar, Ambala, Hamirpur, Bathinda : Dy. Director (NWR), SSC, Block No.3, Ground Floor, Kendriya Sadan, Sector-9, Chandigarh-160017For further details and application form, visit SSC website http://ssc.nic.in

ESIC Specialist Gr.II vacancy for Gurgaon and NCR

Employees' State Insurance Corporation (ESIC)Panchadeep Bhawan, CIG Marg, New Delhi - 110002Recruitment of Spcialist Gr.II (Jr. Scale) Applications are invited in the prescribed format for the post of Staff Nurse :
Specialist Doctor Gr.II : 16 posts (UR-9 SC-2,,OBC-5) (Orthopedics-1, Pediatrics-1, Radiology-2, Medicine-2, Anestheisa-1, Sugery-2, Obs & Gynae-2, Skin/Dermatology-1, Pulmonary Medicine-1, Pathology-1, Opthalmology-1, ENT-1) , Pay Band : PB-3 Rs.15600-39100/- plus Grade Pay Rs.6600/-, Qualification : Medical qualification and Post graduate qualification in the required speciality, Age : 45 years. relaxation in age as per rules.
Application Fee : Demand Draft of Rs.200/- in favour of ESI SCorporation payable at SBI New Delhi. Rs.100/- only from SC/ST candidates.
How to Apply : Completed applications along with attested copies of certificates are to be sent in a cover super scribed “Application for the post of Specialist Grade-II”, Specialty AppliedFor __________” by Registered Post/ Speed Post so as to reach The Director(Recruitment), ESI Corporation, Panchdeep Bhawan, C.I.G. Marg, NewDelhi- 110002 on or before 08/06/2009.
Details and application format available at http://esic.nic.in/Recruitment/GURGAONADVT.pdf

Haryana PSC Engineers Examination-2009

Haryana Public Service Commission (H PSC)Bays No.1-10, Block-B, Sector-4, Panchkula
Advt. No.1/2009 (Exam 3/2008)
Haryana Service of Engineers, Gr.A (Junior Scale) Examination-2009
Haryana Public Service Commission invites Applications from eligible candidates for a competitive examination for recruitment to the post of Assistant Executive Engineer (Civil) in Hayana Service of Engineers Group-A (Junior Scale) in Public Health Engineering Department :
Assistant Executive Engineer (Civil) (Gr. A) : 15 posts (UR-9, SC-3, BC-2 PH-1) , Pay Band : PB-3 Rs.15600-39100 Grade Pay Rs.5400, Age : 20-40 years as on 01/01/09. Age relaxation as per rules., Qualification : (1) Degree in Civil or Public Health Engineering or has passed section A or B of the Associate membership Examination of the Institution of Engineers (India) as on 5/6/09 (ii) Hindi/ Sanskrit upto Matric Standard.
Application Form : For application form and detailed information write to Secretary, Haryana Public Service Commission, Bays No.1-10, Block-B, Sector-4, Panchkula by remitting Rs.1000/- (Rs.250/- for SC/ST of all states and BC/ESM/PH of Haryana only) at counter or Rs.1050/- (Rs.300) by post as the case above only through IPO/ Bank Draft payable to Secretary HPSC at Panchkula with self addressed (with pin code) envelope of size 24x11 cm size.
How to Apply : Filled in application form should be sent to the Commission's office at Bays No.1-10, Block-B, Sector-4, Panchkula by post or in person on or before 05/06/2009 (12/06/09 for the candidates of far-flung areas of the country)

Wednesday, May 20, 2009

पोलड़ को खाली कराने की फिर तैयारी, नोटिस


Kaithal : पुरातात्विक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण गांव Pollad को ग्रामीणों से खाली कराने के लिए पुरातत्व विभाग ने एक बार फिर कमर कस ली है। इसके लिए जारी नोटिस से लोग परेशान हैं और किसी कीमत पर गांव खाली नहीं करने पर अड़े हुए हैं। गांव के सरपंच व उप-सरपंच को विभाग की ओर से मिले नोटिस के अनुसार 25 मई को पुरातत्व विभाग से संबंधित भूमि की चारदीवारी का काम शुरू किया जाएगा। यह काम सब सर्कल इंचार्ज (हिसार) बीबी कौल की देखरेख में होगा। विभाग ने उपायुक्त से भी पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया है। नोटिस में चेताया गया है कि जमीन के चारों और चारदीवारी बनाने के कार्य में बाधा डालने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पोलड़ में पुरातत्व विभाग की 47 एकड़ 3 कनाल 1 मरला भूमि की निशानदेही 9 नवंबर 2005 को की गई थी। दूसरी तरफ, ग्रामीणों ने कहा है कि पुरातत्व विभाग के इस कदम का पुरजोर विरोध करेंगे और मरते दम तक पोलड़ को खाली नहीं करेंगे।


इससे अच्छा हमें पाकिस्तान भेज दो

सीवन (कैथल) : पाकिस्तान से उजड़ने के बाद पोलड़ गांव ने हमें आसरा दिया था। अब हमें यहां से भी उजाड़ा जा रहा है। आखिर हम जाएं तो कहां जाएं। अगर सरकार गांव को उजाड़ना ही चाहती है तो फिर हमें वापस पाकिस्तान भेज दें। यह कहना है पोलड़ गांव के लोगों का, जिन्हें गांव खाली करने का नोटिस मिल चुका है। पुरातत्व विभाग ने गांव खाली करने के लिए 25 मई की तारीख तय की है।
गांव खाली करने की तारीख तय होने के बाद यहां के बाशिंदे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे क्या करें। इस आदेश के बाद से ही गांव में खामोशी छाई है। गांव के नरेंद्र कौर, विमल, सुरेंद्र, बचन, करतार, किशन, बलदेव, गुरनाम और पाला सिंह अपने भविष्य के बारे में सोच कर चिंतित हैं।
उनका कहना है कि उन्होंने अपने खून-पसीने की कमाई से यहां अपना आशियाना बनाया और अब उसी को ढहाने की तैयारी चल रही है। अगर सरकार उनके बारे में कुछ नहीं सोच सकती तो फिर उनकी एक ही मांग है कि उन्हें फिर से वापस पाकिस्तान भेज दिया जाए।
गौरतलब है कि पुरातत्व विभाग की 47 एकड़ 3 कनाल एक मरला जमीन पर हुए कब्जों को छुड़वाने के लिए पंजाब के मुंशी राम ने लगभग 5 वर्ष पूर्व हाईकोर्ट में अपील की थी। उस पर अमल करते हुए कोर्ट ने गांव के 580 लोगों को गांव खाली करने का नोटिस भेजा था। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही पुरातत्व विभाग ने इन्हें मकानों का निर्माण करने से रोका।
तीन बार हो चुकी है खुदाई : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने महाभारत व वैदिक कालीन अवशेषों को खोजने के लिए गांव में तीन बार (1888, 1933 और 1938) खुदाई करवाई लेकिन विभाग को उस दौरान पोलड़ गांव में कुछ नही मिला था।
तमाम सरकारी सुविधाएं हैं गांव में : पाकिस्तान से उजड़कर आए लोगों ने जब पोलड़ गांव बसाया तो सरकार ने यहां स्कूल, जलापूर्ति, ओढ़-राजपूत चौपाल, श्मशान भूमि, सरस्वती मंदिर, पीर की मजार, गुरुद्वारा, तालाब, बस शेल्टर बनाने तथा गलियों और नालियों को पक्का कराने के लिए करोड़ों रुपए की ग्रांट दी थी।

Monday, May 18, 2009

गर्मी के तेवर और तीखे







Hisar ---18 May 2009---46.7 Degree
हिसार में रविवार को तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया। प्रदेश में अन्य जगहों पर भी तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही है। हिसार में रविवार को अधिकतम और न्यूनतम पारा 1.5 से 2.3 डिग्री सेल्सियस तक उछल गया और इस वर्ष का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज हुआ है। साथ ही मई माह का 11 साल का रिकार्ड भी टूट गया है। लू के थपेड़ों ने लोगों का बुरा हाल कर दिया। करनाल स्थित केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. गुरबचन सिंह बताते हैं कि एक-दो दिन में बरसात और तेज आंधी आने की संभावना है। रविवार को करनाल में अधिकतम तापमान 39.6, कुरुक्षेत्र में 40, सोनीपत में 43, पानीपत में 44, अंबाला में 41 और यमुनानगर में डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हिसार में रविवार को अधिकतम तापमान शनिवार के 44.4 डिग्री सेल्सियस से उछलकर 46.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया वहीं न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस से उछलकर 29.3 सेल्सियस पर आ गया। रविवार का अधिकतम तापमान इस वर्ष का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया है। इससे पूर्व शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.7, बृहस्पतिवार को 44.4, बुधवार को 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस वर्ष अप्रैल माह में भी गर्मी का नौ साल पुराना रिकार्ड टूट गया था। अब रविवार मई माह में 11 साल का सबसे गर्म दिन साबित हुआ है। इससे पूर्व 26 और 28 मई 1998 को 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।

Sunday, May 17, 2009

प्रदेश की राजनीति अब युवाओं के हाथ

रोहतक - दीपेन्द्र हुड्डा


करनाल - अरविन्द शर्मा

भिवानी - श्रुति चौधरी

अम्बाला - शैलजा गुडगाँव- राव इन्द्रजीत

कुरुक्षेत्र - नवीन जिंदल

सोनीपत - जितेन्द्र मलिक

फरीदाबाद - अवतार भडाना

सिरसा - अशोक तंवर

हरियाणा की राजनीति अब युवाओं के हाथ में है। प्रदेश के नवनिर्वाचित सांसदों में से पांच 40 वर्ष से कम उम्र के हैं और दो सांसदों की उम्र भी 50 वर्ष से कम है। यही नहीं, प्रदेश के युवाओं की यह जमात पढ़ी-लिखी और केंद्रीय राजनीति में राहुल गांधी की यंग ब्रिगेड में सबसे मजबूत पकड़ भी रखती है।
15वीं लोकसभा के लिए घोषित हुए नतीजों में रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा 31 वर्ष के हैं। चार वर्ष पहले विदेश से नौकरी छोड़कर परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने वाले दीपेंद्र इस बार एक मंजे हुए राजनेता के तौर पर उभरे हैं। सिरसा से सांसद चुने गए अशोक तंवर की उम्र 33 वर्ष है।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष तंवर राहुल गांधी की पसंद के उम्मीदवार थे। एक महीने के अंदर सिरसा से विजयश्री हासिल करने से उनका कद और ज्यादा बढ़ा है। भिवानी से पहली बार सांसद बनी श्रुति चौधरी भी 33 वर्ष की ही हैं। बंसी लाल परिवार की विरासत संभालने वाली श्रुति हालांकि पिता सुरेंद्र के साथ राजनीति का ककहरा सीखी, लेकिन फिलहाल उनकी मां किरण चौधरी की उसे सांसद बनाने में सबसे ज्यादा भूमिका रही।
सोनीपत से संसद पहुंचे जितेंद्र मलिक 40 वर्ष के हैं। उनके पिता भी कैलाना (सोनीपत) से विधायक रहे हैं और खुद जितेंद्र भी वहीं से विधायक हैं। कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल की उम्र 39 वर्ष है। जिंदल इंडस्ट्रीज के मालिक नवीन के पिता ओपी जिंदल हरियाणा सरकार में मंत्री रहे हैं। खुद नवीन भी दूसरी बार सांसद बने हुए हैं और केंद्रीय राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं।


हिसार -भजनलाल


सबसे उम्रदराज भजनलाल

करनाल के सांसद डा. अरविंद शर्मा 46 वर्ष के हैं। व अंबाला से सांसद बनी शैलजा 47 वर्ष की हैं। फरीदाबाद से सांसद अवतार सिंह भड़ाना 53 वर्ष के हैं। वह मेरठ जैसी सीट से भी सांसद रह चुके हैं। गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत सिंह 59 साल के हैं। नवनिर्वाचित सांसदों में सबसे उम्रदराज सांसद पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल हैं, जिनकी उम्र 77 वर्ष है। प्रदेश के लाल युग के वह एकमात्र जीवित दिग्गज हैं और प्रदेश में एकमात्र गैर कांग्रेस सांसद चुनकर 15वीं लोकसभा में प्रवेश कर रहे हैं।