इंडियन नेशनल लोकदल अब विधानसभा चुनाव में जाट आरक्षण का कार्ड खेलेगा। साथ ही, भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने का भी निर्णय किया है। हिसार में सोमवार को इनेलो की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लोकसभा चुनावों के नतीजों की समीक्षा की गई। इस दौरान जाट आरक्षण का मुद्दा उठा। चर्चा के बाद इनेलो प्रधान ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संपत सिंह को जाट आरक्षण की सिफारिश करने वाली गुरनाम सिंह आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा दिया। संपत को 8-10 दिन में ही यह रिपोर्ट सौंपनी है, जो कार्यकारिणी की अगली बैठक में रखी जाएगी। बैठक में फैसला हुआ है कि केवल जाट आरक्षण ही नहीं वरन उन सभी जातियों के लिए आरक्षण की बात करनी है जिनकी सिफारिश गुरनाम सिंह आयोग ने की है। बैठक में जाट वोट बैंक पर चिंता प्रकट की गई लेकिन इस पर संतोष रहा पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। यानी अगर जाटों का कुछ हिस्सा पार्टी से टूटा है तो दूसरी जातियां जुड़ी भी हैं। नई रणनीति के तहत बड़ी रैलियां नहीं होंगी। साल में केवल एक बार ताऊ देवीलाल के जन्म दिवस पर 25 सितंबर को बड़ी रैली की जाएगी। पार्टी को गांव व बूथ के स्तर पर मजबूत करने का काम करेंगे। इस 25 सितंबर को पार्टी भाजपा के साथ मिलकर सभी 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर देगी। चर्चा के दौरान हार का बड़ा कारण प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की स्वच्छ छवि और पीएम के रूप में लालकृष्ण आडवाणी की अस्वीकार्यता उभर कर आया। चौटाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इनेलो व भाजपा का गठबंधन जारी रहेगा। क्योंकि यह दो दलों का नहीं दिलों का गठबंधन है। चौटाला ने बताया कि लोस चुनाव में खिलाफ काम करने अथवा निष्कि्रय रहने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा को अधिकृत किया गया है। संगठन को प्रभावी बनाने व उसमें फेरबदल के लिए भी अरोड़ा अधिकृत हैं। चौटाला 4 जून से जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेंगे। बैठक में पूर्व राज्यपाल सुलतान सिंह, राज्यसभा सांसद अजय सिंह चौटाला, प्रो. संपत सिंह, अभय सिंह चौटाला, तारासिंह, शेरसिंह बड़शामी, राव अजीत सिंह, सुभाष गोयल, डा. सुशील इंदौरा, डा. सीताराम, विधायक ज्ञानचंद, विधायक ईश्वर पलाका, डा. केसी बांगड़, विधायक साहिदा खान, पूर्व मंत्री डा. एमएल रंगा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू सहित संगठन के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
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Monday, June 1, 2009
INLD जाट कार्ड खेलेगा
इंडियन नेशनल लोकदल अब विधानसभा चुनाव में जाट आरक्षण का कार्ड खेलेगा। साथ ही, भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने का भी निर्णय किया है। हिसार में सोमवार को इनेलो की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लोकसभा चुनावों के नतीजों की समीक्षा की गई। इस दौरान जाट आरक्षण का मुद्दा उठा। चर्चा के बाद इनेलो प्रधान ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संपत सिंह को जाट आरक्षण की सिफारिश करने वाली गुरनाम सिंह आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा दिया। संपत को 8-10 दिन में ही यह रिपोर्ट सौंपनी है, जो कार्यकारिणी की अगली बैठक में रखी जाएगी। बैठक में फैसला हुआ है कि केवल जाट आरक्षण ही नहीं वरन उन सभी जातियों के लिए आरक्षण की बात करनी है जिनकी सिफारिश गुरनाम सिंह आयोग ने की है। बैठक में जाट वोट बैंक पर चिंता प्रकट की गई लेकिन इस पर संतोष रहा पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। यानी अगर जाटों का कुछ हिस्सा पार्टी से टूटा है तो दूसरी जातियां जुड़ी भी हैं। नई रणनीति के तहत बड़ी रैलियां नहीं होंगी। साल में केवल एक बार ताऊ देवीलाल के जन्म दिवस पर 25 सितंबर को बड़ी रैली की जाएगी। पार्टी को गांव व बूथ के स्तर पर मजबूत करने का काम करेंगे। इस 25 सितंबर को पार्टी भाजपा के साथ मिलकर सभी 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर देगी। चर्चा के दौरान हार का बड़ा कारण प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की स्वच्छ छवि और पीएम के रूप में लालकृष्ण आडवाणी की अस्वीकार्यता उभर कर आया। चौटाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इनेलो व भाजपा का गठबंधन जारी रहेगा। क्योंकि यह दो दलों का नहीं दिलों का गठबंधन है। चौटाला ने बताया कि लोस चुनाव में खिलाफ काम करने अथवा निष्कि्रय रहने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा को अधिकृत किया गया है। संगठन को प्रभावी बनाने व उसमें फेरबदल के लिए भी अरोड़ा अधिकृत हैं। चौटाला 4 जून से जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेंगे। बैठक में पूर्व राज्यपाल सुलतान सिंह, राज्यसभा सांसद अजय सिंह चौटाला, प्रो. संपत सिंह, अभय सिंह चौटाला, तारासिंह, शेरसिंह बड़शामी, राव अजीत सिंह, सुभाष गोयल, डा. सुशील इंदौरा, डा. सीताराम, विधायक ज्ञानचंद, विधायक ईश्वर पलाका, डा. केसी बांगड़, विधायक साहिदा खान, पूर्व मंत्री डा. एमएल रंगा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू सहित संगठन के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
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