Showing posts with label panchayat. Show all posts
Showing posts with label panchayat. Show all posts

Monday, August 10, 2009

सर्वखाप पंचायत ने निपटाया मामला

ढराणा गोत्र विवाद में बेरी में रविवार को आयोजित सर्व खाप महापंचायत ने रविंद्र को अपनी पत्नी शिल्पा के साथ आजीवन और उसके पिता रोहताश गहलोत को तीन माह के लिए ढराणा गांव से बाहर रहने का फैसला सुना दिया। साथ ही रोहताश के भाइयों नसीब व वेदप्रकाश और कादियान बाहुल्य गांव में अपनी बेटी का रिश्ता करने वाले शिल्पा के पिता वेदप्रकाश निवासी सिवाह (पानीपत) के परिवार पर भी महापंचायत ने एक-एक कौड़ी का जुर्माना लगाने तथा किसी भी पक्ष द्वारा फैसला न माने जाने पर जातीय बहिष्कार का निर्णय भी किया। उधर महापंचायत के फैसले को मानते हुए देर शाम रोहतास ने अपने परिवार के साथ गांव छोड़ दिया। वे तीन माह बाद गांव लौटेंगे। इसके साथ ही गहलोत परिवार द्वारा अपने सभी मुकदमों को वापस लेने का फैसला भी दिया गया है।
कादियान खाप के बुलावे पर बेरी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रविवार को सर्वखाप महापंचायत हुई। दहिया खाप के प्रधान सुभाष दहिया ने महापंचायत की अध्यक्षता की। वहीं सर्वखाप महापंचायत में कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी हुई और एक छायाकार के कैमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। गांव ढराणा निवासी रोहतास गहलोत के पुत्र रविंद्र द्वारा कादियान गोत्र की लड़की शिल्पा के साथ शादी करने से भड़की कादियान खाप ने रविवार को सर्व खाप पंचायत बुलाई थी। महापंचायत में 50 से अधिक खापों व जाट समाज के संगठनों के सैकड़ों प्रतिनिधियों के अलावा कादियान खाप से जुड़े लगभग तीन हजार लोगों ने भाग लिया।

सर्वखाप महापंचायत में दिन भर चली जिरह के दौरान कई बार नौबत टकराव तक आ गई, जिसके चलते कादियान खाप से जुड़े लोगों ने अन्य खापों के कई प्रतिनिधियों के साथ मारपीट भी की। हालांकि बुजुर्गो व मौजिज लोगों के बीच-बचाव के बाद पंचायत की कार्रवाई सुचारु हो पाई। महापंचायत की कार्रवाई आरंभ होते ही सभी खापों से एक-एक प्रतिनिधियों की कमेटी बनाई गई और कमेटी के निर्णय को मानने पर सहमति भी हुई। कमेटी के प्रतिनिधियों द्वारा फैसला सुनाते ही कादियान खाप से जुड़े सैकड़ों व्यक्ति भड़क गए और फैसले को न मानते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। महापंचायत के मद्देनजर जिला प्रशासन ने गहलोत परिवार की सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी कर दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने भी गांव ढराणा का दौरा किया। महापंचायत में दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों के अलावा अहलावत 27 खाप के जय सिंह, कथूरा बारह से भले राम, गुलिया खाप से सतबीर, दहिया खाप के सचिव रणजीत सिंह, गहलावत के जगदीश मितराऊ आदि प्रतिनिधि भी मौजूद थे। कादियान बारहा खाप की अगुवाई कर रहे राज सिंह कादियान ने सर्वखाप महापंचायत के फैसले को माने जाने की बात कहते हुए सोमवार को एक बार फिर फैसले की समीक्षा के लिए धरनास्थल पर पंचायत करने की बात कही। फैसले के बावजूद धरनास्थल पर खाप से जुड़े लगभग चार दर्जन व्यक्ति मौजूद रहे। महापंचायत में वक्ताओं द्वारा जब-जब भी दोनों पक्षों की बात सुनकर फैसला दिए जाने की बात कही गई तो कादियान खाप से जुड़े व्यक्ति भड़कते नजर आए। इतना ही नहीं फैसले के विरोध में कादियान खाप के लोगों द्वारा किए गए हमले में अहलावत खाप के जगदीप अहलावत, गहलावत खाप के वीरेंद्र एडवोकेट, गांव सिवाना के दिनेश आदि को भी चोट पहुंची। अहलावत खाप के जगदीप अहलावत को जब एक गाड़ी में वहां से निकालने की कोशिश की जा रही थी तो उसे मारने पर उतारू भीड़ से उसे बचाने के दौरान पुलिस विभाग के एसआई पोहप सिंह व सिपाही राजबीर के साथ भी लोगों ने मारपीट की।

Friday, August 7, 2009

प्रेमी जोड़े की बलि

एक बार फ़िर सम्मान के नाम पर जाट लैंड में प्रेमियों का खून बहाया गया। मुख्यमंत्री के गृह जिले में फ़िर कानून को ताक पर रखकर निर्दोषों के खून की होली खेली गई। एक बार फ़िर तालिबानी सोच का झंडा बुलंद हुआ।
Rohtak के गांव बहलबा में प्रेम प्रसंग के चलते युवक-युवती की सनसनीखेज ढंग से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद युवक का शव सुबह सड़क के किनारे फेंक दिया गया, जबकि युवती का रात के अंधेरे में गुपचुप दाह-संस्कार कर दिया। युवक को ट्रैक्टर से कुचला गया और युवती कि गला घोंटकर हत्या कर दी।
युवक के पिता की शिकायत पर युवती के माता-पिता, दो चाचा और दो भाइयों समेत सात को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया।
गांव बहलबा में प्रेम प्रसंग के चलते बुधवार मध्य रात्रि अनिल कुमार पुत्र राजवीर सिंह नामक युवक की हत्या कर शव को गांव से गुजरने वाले महम-बेरी मार्ग पर रोड किनारे फेंक दिया गया। बाद में बात उठी कि वह लड़की भी गायब है, जिससे युवक का प्रेम प्रसंग चल रहा था। गांव में सुबह से ही चर्चा थी कि युवक के साथ ही युवती की भी हत्या कर दी गई और उसका तड़के ही दाह संस्कार कर दिया गया।
शुरुआत में सिर्फ युवक की हत्या के आरोप में लड़की के भाई व चाचा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस को दी शिकायत में अनिल के पिता राजवीर ने बताया कि गांव के तीन युवक जस्सा, सोमवीर व मोनू घर से अनिल कुमार को बुलाकर अपने साथ ले गए और रात को उसकी हत्या कर शव को महम-बेरी रोड किनारे फेंक दिया गया। देर शाम पुलिस ने तफ्तीश को आगे बढ़ाया तो यह लोमहर्षक मामला उघड़ता चला गया। आखिरकार पुलिस ने लड़की के माता-पिता व एक चाचा को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। खुद पुलिस कप्तान अनिल राव महम पहंुचे और मामले की पड़ताल की। एसपी अनिल राव ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि युवक के पिता की शिकायत पर पहले तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा कायम किया था। पुलिस की तफतीश आगे बढ़ी तो चार नाम और जुड़ गए। इनमें लड़की के माता-पिता व चाचा और एक अन्य शामिल है। उन्होंने बताया कि ये सात लोग दोहरे मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए हैं। राव के अनुसार, प्रेम प्रसंग के चलते युवक और युवती की हत्या की गई है। इससे पहले हत्याकांड की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची महम पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीजीआईएमएस रोहतक से पोस्टमार्टम करा बृहस्सपतिवार शाम को परिजनों के हवाले कर दिया।
रामकुमार की बेटी रानी बीते साल सातवीं में फेल हो गई थी। इस साल फिर से उसका दाखिला कराया था। अनिल के 12वीं पास करने के बाद परिजन पॉलिटेक्निक में उसके दाखिले की तैयारी कर रहे थे।रानी के परिजनों ने दोनों को बुधवार रात को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दोनों की हत्या रानी के घर में की गई। इससे पहले रानी की जमकर पिटाई की गई और बाद में कपड़े से उसका गला घोंट दिया गया। अनिल का शव अर्धनग्न हालत में मिला था। उसके शरीर पर भी चोट के निशान थे। अनिल को रानी के घर से मोटरसाइकिल पर सड़क तक ले जाया गया। वहां उसे ट्रैक्टर से भी कुचला गया था।

पुलिस एक बार फ़िर जांच कर रही है और लड़की के परिवार वालों पर मामला दर्ज हो चुका है। लेकिन उन लोगों का क्या होगा जिन के भड़काने पर लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं।
कुछ सवाल है जो वाकई ऐसे मामलों को सुलझाने में सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हैं।
---कभी जात और कभी गोत्र के नाम पर कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी पंचायती को आज तक सजा क्यों नही हुई ?
--गोत्र विवाद में अधिकारीयों की मौजूदगी में फतवे सुनाने वाले पंचायतियों के नाम से मामला दर्ज क्यों नही होता? सिर्फ़ अज्ञात लोगों के नाम ही मामला दर्ज होता है।

मेरी बेटी बदचलन नहीं थी
रानी की मां बिमला के मुताबिक, मेरी बेटी बदचलन नहीं थी। रात को लगभग 12 बजे मुझे तो दूसरे घर में भेज दिया गया था। साढ़े चार बजे बुलाया गया। तब रानी घर में नहीं थी। उसको किसने मारा मैं नहीं बता सकती। रानी के परिजनों ने रानी की चचेरी बहन नीलम की भी पिटाई की है। नीलम पर रानी का साथ देने का आरोप है। नीलम की मां संतरा व रानी की मां सगी बहनें हैं। संतरा राखी के दिन मायके गई थी इसलिए रानी, नीलम के पास सोने गई थी

Sunday, July 26, 2009

मुकदमे वापस लो तभी राहत

रविंद्र हाईकोर्ट से सभी मामले वापस ले, तभी दादा व अन्य को मिलेगी राहत
रविंद्र, शिल्पा का आजीवन गांव में प्रवेश निषेध
रविंद्र के पिता को भी जाना होगा, एक माह बाद दोबारा करें राहत की अपील
कादियान खाप अपनी चौधर को साबित करने के लिए ढराणा से बेदखल गहलोत परिवारों को खून के आंसू रुलवा रही है। खाप की नई-नई बेतुकी शर्तों के कारण विवाद लंबा खिंचता जा रहा है और पीडि़तों को गांव छोडऩे की सलाह देने वाला प्रशासन भी कुछ करने का साहस नहीं जुटा पा रहा है।यही वजह है कि खाप के हौसले बुलंद हैं और हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद गहलोत परिवारों की सुरक्षा की चिंता किसी को नहीं है। इतना ही नहीं पुलिस व पत्रकारों पर हमला करने वाले एक भी 'पंचायती की गिरफ्तारी का साहस पुलिस नहीं जुटा पाई है।रविवार को कादियान खाप की बैठक में पंचायत दादागिरी पर अड़ी है। अब उसने हाईकोर्ट में लंबित मामले भी वापस लेने की नई शर्त जोड़ दी है। रविवार को स्थानीय सर छोटूराम धर्मशाला में हुई पंचायत में अन्य खापों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, लेकिन कादियान खाप के प्रतिनिधियों की जिद के कारण कोई फैसला नहीं हो पाया। ऐसे में भय के साए में जी रहे पीडि़त परिवार ने आखिरकार प्रशासन से गांव में बसाने की गुहार करने का निर्णय किया है। यदि प्रशासन परिवार को दोबारा गांव में बसाने में सहयोग नहीं करता है तो पीडि़त हाईकोर्ट की शरण ले सकते हैं।पहले यह बैठक बेरी में होनी थी लेकिन कादियान खाप ने इसे झज्जर की सर छोटूराम धर्मशाला में स्थानांतरित कर दिया गया। कादियान बारहा खाप के प्रधान छतर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अहलावत सताईस खाप के प्रधान जय सिंह, पालम 360 खाप के प्रधान रत्न सिंह, आनंद सिंह अहलावत के अलावा अन्य कई खापों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सूत्रों के अनुसार बैठक में कादियान खाप ने रविंद्र द्वारा हाईकोर्ट में दायर किए गए सभी मामलों को वापस लेने के बाद ही रविंद्र के दादा रिसाल सिंह व उसके चाचा नसीब व वेदप्रकाश को गांव में प्रवेश करने की इजाजत देने की शर्त अड़ा दी। इतना ही नहीं कादियान खाप द्वारा सभी मामलों को वापस लेने के बाद भी रविंद्र के पिता रोहतास को गांव से बाहर रहने तथा दोबारा खाप के सामने अपील करने के बाद उसके गांव में रहने पर विचार-विमर्श की बात कही गई। कादियान खाप के लोगों ने सभी मुकदमे वापिस लेने के माहभर बाद पीडि़त रोहतास की ओर से गांव में बसने के लिए अपील करने की बात कही। कादियान खाप की ओर से रविंद्र व उसकी पत्नी शिल्पा को आजीवन गांव में प्रवेश न करने की शर्त भी रखी गई है।रविंद्र व शिल्पा के गांव में प्रवेश न करने को लेकर पीडि़त परिवार की ओर से सहमति जता दी गई थी लेकिन कादियान खाप की अन्य कड़ी शर्तों को देखते हुए लगभग पांच घंटे चली इस पंचायत में कोई भी निर्णय नहीं हो पाया। बैठक में रोहतास को गांव में गुजर-बसर करने के लिए स्पष्टï आश्वासन भी नहीं दिया गया। इसके कारण पांच घंटे से ज्यादा समय चली पंचायत बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई। इस संबंध में इतना ही कहा जा सकता है कि मामले को लेकर कम हुआ तनाव फिर से पैदा हो सकता है, क्योंकि पीडि़त परिवार ने एक बार फिर गांव में बसने के लिए प्रशासन से गुहार लगाने का निर्णय किया है। ऐसे में यदि प्रशासन पीडि़त परिवार को गांव ढराणा में वापस पहुंचाता है तो उसे कादियान खाप के कोपभाजन का शिकार होना पड़ेगा, जो शायद न तो सरकार चाहती है और न ही प्रशासन।

वेदपाल जान से गया, मुकर गई सोनिया


सोनिया ने कहा, नशे में रखता था वेदपाल
जिला प्रशासन ने भी पैंतरा बदला, पुलिस के साथ नहीं गया वेदपाल : डीसी

सिंघवाल में हुए वेदपाल हत्याकांड में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब वेदपाल की पत्नी सोनिया ने कोर्ट में वेदपाल के खिलाफ बयान दे दिया। उसने कहा कि वेदपाल उसे नशे की गोलियां खिलाता था और वह हमेशा ही नशे में रहती थी। उसे उसकी शादी के बारे में भी कुछ जानकारी नहीं है। सोनिया ने अपने मामा के घर रहने की इच्छा जताई। उधर जिला प्रशासन ने भी वेदपाल से पल्ला झाड़ लिया है। उपायुक्त ने कहा कि वेदपाल पुलिस के साथ नहीं गया था। वह अपनी जीप में वहां अलग से पहुंचा था, जबकि वेदपाल के साथ गए उसके चचेरे भाई रविंद्र का कहना है कि वे पुलिस दल के साथ ही वहां गए थे। दूसरी ओर वेदपाल के परिजनों ने पूरे मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। सच्चाखेड़ा में पत्रकार वार्ता में उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने कहा कि वेदपाल तो पुलिस के साथ गया ही नहीं, बल्कि वह अपनी जीप में सिंघवाल गांव गया था। पुलिस वाले वेदपाल को शक्ल से भी नहीं जानते हैं।

दूसरी ओर, शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने सदर थाना प्रभारी बलवंत सिंह को वेदपाल को सुरक्षा देने में नाकाम रहने पर निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। उनकी जगह पर सफीदों के थाना प्रभारी उमेद सिंह चहल को प्रभारी बनाया गया है। वहीं गांव में थाना प्रभारी के साथ गए अन्य पुलिसकर्मियों के मामले में भी जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर उन्हें भी निलंबित किया जा सकता है। वहीं शुक्रवार को सोनिया के बयान नरवाना कोर्ट में कलमबद्ध किए गए। सोनिया को नरवाना की हुकम सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां उसने अपने मामा के घर रहने की इच्छा प्रकट की है। कोर्ट में दिए बयान में सोनिया ने वेदपाल पर ही आरोप जड़ दिए। बताया जाता है कि उसने अपने बयान में कहा कि वेदपाल उसे नशे की गोली खिलाकर अपने साथ ले गया था। वेदपाल उसे नशे की हालात में ही रखता था। उसे नहीं मालूम कि उसकी शादी वेदपाल के साथ शादी हुई थी या नहीं? बाद में सोनिया को उसके मामा के साथ भेज दिया गया।

जांच में जुटी है पुलिस : बालन : पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी गांव में मौजूद हैं और फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

हाई कोर्ट जायेंगे परिजन

उधर कलायत (कैथल) के गांव मटौर में वेदपाल के परिवार के लोगों ने अब पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। वेदपाल के भाई सुरेंद्र के मुताबिक वारंट आफिसर और पुलिस उसके भाई को अपने साथ लेकर 22 जुलाई को सोनिया के घर पहुंची थी। जिस तरह उसके भाई को अकेला छोड़कर पुलिस टीम वहां से फुर्र हुई उससे जाहिर है कि सब कुछ तय साजिश के मुताबिक हुआ था। हालांकि वेदपाल ने टीम के साथ गांव में जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन नरवाना के एसएचओ ने आश्वस्त किया कि वहां जाने में कोई दिक्कत नहीं है। इस आश्वासन पर उसका भाई उनके साथ चल पड़ा था।

Thursday, July 23, 2009

प्रेम की सजा मौत

पंचायत बेखौफ, सरकार लाचार
प्रेम विवाह रचाने वाले को पीट-पीट कर मार डाला
हाई कोर्ट के वारंट अधिकारी को भी धुना
हाईकोर्ट के वारंट अधिकारी के संरक्षण में अपनी पत्नी को लिवाने गए युवक की सिंघवाल गांव में लड़की के परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने पंचायती परंपरा के नाम पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। युवक की सुरक्षा में साथ आए पुलिसकर्मी दुम दबाकर उसे मरने के लिए छोड़कर भाग खड़े हुए। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने युवक के शव को गांव के चौक पर फेंक दिया और खुद ही पुलिस को सूचना दी। परंपरा के नाम पर उत्पात जारी है और वोटों के लालच में सभी राजनीतिक दल पूरे मसले पर मौन धारण किए बैठे हैं और कोई इस संवेदनशील मसले पर जुबान भी नहीं खोल रहे हैं। यहां तक सरकार के प्रतिनिधि व अधिकारी भी पंचायतों के आगे दुम हिलाते दिख रहे हैं।हालत यह है कि हमले में हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त वारंट आफिसर भी गंभीर रूप से घायल हैं । इस युगल ने हाल ही में घर से भागकर मंदिर में शादी कर ली थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को उनकी सुरक्षा के आदेश दिए थे। वारदात के बाद पुलिस युवती के पिता, मां व अन्य के खिलाफ मामले दर्ज कर कागजी कार्रवाई की खानापूर्ति में जुटी है।
घर से भागकर रचाई शादी
कैथल के मटौर गांव निवासी वेदपाल नरवाना के सिंघवाल में प्रेक्टिस करता था। उसका गांव की लड़की सोनिया के साथ प्रेम हो गया। बताते हैं कि सोनिया के परिजनों ने गत 17 मार्च को उसकी शादी लोन गांव में तय कर रखी थी। लेकिन इससे पूर्व 9 मार्च को ही दोनों अचानक गायब हो गए और एक मंदिर में शादी रचा ली। इसके बाद वे हाईकोर्ट में पेश हो गए थे। दूसरी तरफ, सोनिया के परिजनों ने वेदपाल के खिलाफ लड़की को भगाकर ले जाने का मामला भी दर्ज कराया था।
पंचायत के आश्वासन पर आए थे घर
27 मार्च को सर्व खाप की एक पंचायत छोटूराम पार्क में हुई थी। इसमें शादी पर कड़ा एतराज किया गया था। कुछ दिनों पूर्व संघवाल व मटौर के गणमान्य लोगों की एक पंचायत हुई थी, जिसमें सिंघवाल के लोगों ने सोनिया को वापस लौटाए जाने की मांग की थी। पंचायत में कहा गया था कि घर लौटने पर सोनिया को कुछ नहीं कहा जाएगा। इसके बाद सोनिया सिंघवाल में आ गई थी।
हाईकोर्ट ने नियुक्त किया था वारंट अफसर
वेदपाल ने दो दिन पहले हाईकोर्ट में अपनी पत्नी को उसे दिलाए जाने की गुहार लगा दी। इस पर हाईकोर्ट ने सूरजभान को वारंट आफिसर नियुक्त कर दिया। सूरजभान बुधवार सायं सदर थाना पुलिस व वेदपाल को साथ लेकर गांव में पहुंचा और सोनिया के परिजनों से उसे वेदपाल के सुपुर्द करने की बात कही। उन्हें बताया गया कि लड़की गांव में नहीं है। इस दौरान लड़की के परिजनों व दूसरे पक्ष में तू-तू मैं-मैं हो गई। लड़की के परिजनों व अन्य कुछ लोगों ने वारंट आफिसर व उसके साथ गए पुलिस कर्मियों व वेदपाल पर हमला बोल दिया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी भागने में कामयाब हो गए जबकि वारंट आफिसर सूरजभान, सदर थाना के एसएचओ बलवंत सिंह तथा कांस्टेबल शीशपाल, ओमप्रकाश व राजेंद्र कुमार को चोटें आईं है।ग्रामीणों का गुस्सा देखकर वारंट आफिसर व पुलिसकर्मी किसी तरह बचकर भाग गए, लेकिन वेदपाल उनके चंगुल में फंस गया और ग्रामीणों ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। गांव के कुछ लोगों ने देर रात पुलिस को फोन पर सूचना दी कि वेदपाल का शव गांव के चौक में पड़ा है। वेदपाल का बृहस्पतिवार को गांव मटौर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पूरे गांव में सन्नाटा पसरा था। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

Monday, July 20, 2009

यह भी पंचायत है

शादी के बाद रिश्ता तोडऩा सही नहीं : श्योराण खाप

एक और परम्परा के नाम पर जहाँ रिश्तों को तोड़ने के आदेश दिए जा रहे हैं और कानून को ताक पर रख सरेआम आतंक का माहौल पैदा किया जा रहा है। साथ ही पूरे हरियाणा को बंद करने की धमकी दी जा रही है लेकिन ऐसे समय में श्योराण खाप ने ऐतिहासिक निर्णय में शादी के बाद रिश्ता न तोड़ने की नसीहत दी है।
हिसार जिले के गांव कंवारी के गोत्र विवाद पर श्योराण खाप चौरासी ने रिश्ता तोडऩे का फरमान देने से इंकार कर दिया है। लोहारू में शहीद महावीर किसान भवन में श्योराण चौरासी की बैठक प्रधान चौ रामस्वरूप की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया कि एक बार विवाह होने के बाद उसे तोडऩा अव्यवहारिक और अनुचित है तथा इसे बरकरार रखना चाहिए। समस्या के समाधान के लिए गांव की सामाजिक पंचायत को चाहिए कि वह विवाहित जोड़ा गांव से कही दूर बसाए। खाप ने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले को शांतिपूर्वक सुलझाया जाए।
उल्लेखनीय है कि झज्जर जिले की ही तरह कंवारी गांव के ख्यालिया गोत्र के युवक की शादी श्योराण गोत्र की युवती से हुई थी। श्योराण गोत्र ने इस रिश्ते पर सवाल उठाए थे और रविवार का यह मामला श्योराण चौरासी की पंचायत में भी उठा और कुछ लोगों ने रिश्ता तोड़ने का फरमान सुनाने की अपील की। लेकिन पंचायत ने रिश्ता तोड़ने से इनकार कर दिया। खाप ने ग्रामीणों को भी मामले को शान्ति से निपटाने को कहा।

Sunday, July 19, 2009

परम्परा के नाम पर सड़कों पर उत्पात

खाप का ढराणा पर हमला, 18घायल
लाठियों व पत्थरों से लेस भीड़ पहुंच गई थी पीडि़त परिवार के घर के पास

लाठियों, डंडों और पत्थरों से लेस हजारों कि भीड़ परम्परा के नाम पर सड़कों और गांव कि गलियों में उत्पात मचाती रही...हर और दहशत....गहलोत परिवार और पूरा गांव घर में दुबका रहा लेकिन पुलिस और प्रशासन हालातन बिगड़ने देने कि दुहाई के नाम पर हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। यह सब वहां हो रहा था, जहाँ से स्वयं सीएम का बेटा सांसद हैं और हुड्डा स्वयं चार बार सांसद के रूप में उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। मीडिया कर्मियों को पुलिस के सामने पकड़ कर पीटा गया। कैमरे तोड़ दिए गए, फ़ोन और पर्स छीन लिए गए। खुन्नस बस इतनी थी की मीडिया पंचायत के तुगलकी फरमान के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई थी। हमलावर मीडियाकर्मियों को पकड़कर पीटते रहे और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही।

लेकिन जब ग्रामीणों के हाथ पुलिस के गिरेबान पर जा पहुँचे और पुलिस दल पर भी हमला बोल दिया गया। तब पुलिस ने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। उसके बाद आंसू गैस छोड़ी गई और हवाई फायरिंग की गई। तब तक नायब तहसीलदार समेत डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो चुके थे।

ढराणा गोत्र विवाद के मामले में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही व अदूरदर्शिता के चलते रविवार को स्थिति विस्फोटक बन गई। गांव दूबलधन में कादियान खाप से जुड़े लोगों ने बैठक कर लाठियों व पत्थरों से लैस होकर गांव ढराणा की ओर कूच कर दिया और गांव में पीडि़त परिवार पर हमला बोल दिया। पीडि़त परिवार के मकान के पास खाप से जुड़े लोगों व पुलिसकर्मियों में जमकर पत्थरबाजी व लाठियां चलीं। इस टकराव में पीडि़त परिवार के मोहल्ले के लोग भी परिवार के पक्ष में उतर आए। स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े व हवाई फायर के साथ लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में बेरी के नायब तहसीलदार सहित 18 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। देर शाम तक गांव ढराणा व दूबलधन में तनाव बरकरार था और दोनों जगह पर पंचायत जारी थी। गोत्र विवाद में पंचायत अब भी अपने रुख पर कायम है और कादियान खाप के प्रधान कैप्टन राजसिंह कादियान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढराणा के सरकारी स्कूल में डेरा डाल दिया है। उनका कहना है कि गहलोत परिवारों के गांव छोडऩे के बाद ही वे वहां से हटेंगे। इसके लिए बाकायदा उन्होंने स्कूल के प्रांगण में ही खाना बनाना शुरू कर दिया है।

पिछले सप्ताह भर से एक तरह से नजरबंदी में जी रहे पीडि़त परिवार के लोगों ने सायं के समय भय के चलते गांव छोडऩे का निर्णय कर लिया था लेकिन गांव के अनेक लोगों व खाप से जुड़े कुछ बुद्धिजीवी लोगों के आग्रह पर उन्होंने पलायन के लिए बांधा गया सामान वापस रख दिया। इससे पूर्व शनिवार को बेरी की पंचायत में किए गए निर्णय के अनुसार कादियान खाप ने रविवार सुबह बेरी के राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में खाप की महापंचायत का आयोजन किया। इसके लिए बाकायदा खाप से जुड़े सभी गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से खाप की इज्जत के नाम पर महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया गया। लगभग एक घंटे चली महापंचायत में गांव ढराणा में पहुंचकर पीडि़त परिवारों पर हमला बोलकर जबरदस्ती उन्हें गांव से खदेडऩे का निर्णय किया गया। महापंचायत के बाद खाप से जुड़े लोग ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों में लाठियों व पत्थरों आदि से लैस होकर गांव ढराणा की ओर चल पड़े। रास्ते में मीडियाकर्मियों को निशाना बनाकर पुलिस के हर अवरोध को आसानी से पार करते हुए भीड़ गांव ढऱाणा में पहुंच गई। गांव में गहलोत परिवार के मकान के पास जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने पत्थरों व लाठियों से हमला बोल दिया। इसके बाद पीडि़त परिवार के मोहल्ले के अनेक परिवारों के सदस्य भी अपने मकानों की छत पर चढ़ गए और उन्होंने भी खाप के लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे हुई पत्थरबाजी, हवाई फायर कर, आंसू गैस के गोले छोड़ कर व लाठीचार्ज करने के बाद पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने में कामयाब हो गई। प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। इतना ही नहीं रिजर्व पुलिस बल को भी बुला लिया गया था। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भादसं की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। नायब तहसीलदार समेत सात पीजीआई में भर्ती : रोहतक से जागरण संवाददाता के अनुसार नायब तहसीलदार प्रमोद चहल, महिला पुलिसकर्मी सरला, पुलिसकर्मी उरमेज सिंह, राजेश कुमार, नरेंद्र, कर्मवीर व ओमप्रकाश को पीजीआई में दाखिल कराया गया है। घायलों के सिर, मुंह व शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर चोटें होने के कारण उन्हें विभिन्न विभागों में उपचार के लिए भेजा गया।

Thursday, July 16, 2009

पंचायत का तुगलकी फरमान

शादी न तोड़ने पर गांव छोड़ने का फरमान
पंचायत ने जारी किया फतवा
सरकार और पुलिस मौन
झज्जर के गांव में दम्पति ने तलाक लेने से मना किया तो पंचायत ने लड़के के परिवार के सभी घरों को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। उनका कसूर सिर्फ़ इतना था कि उन्होंने अपने बेटे कि शादी उस जाति में करने कि गुस्ताखी की जिस जाति का उस गांव में दबदबा है और यह उस पंचायत को सहन नही हुआ। पंचायती परम्पराओं के नाम पर दम्पति की खुशियों में तो ग्रहण लग ही गया है, उनके रिश्तेदारों के समक्ष भी उजड़ने की नौबत आ गई है। ख़ास बात है कि जिला प्रशासन और पुलिस के साथ पूरी प्रदेश सरकार इस मसले पर सिर्फ़ दूर बैठ कर तमाशा देख रहे हैं।
ढराणा गांव के Rohtas Gahlot ने अपने बेटे रविन्द्र कि शादी पानीपत जिले के गांव शिवाह में कादियान परिवार में की थी। ढराणा गांव कादियान बहुल है। और इसी जाति कि गांव में बहु आना कादियान खाप को नागवार गुजरा और रोहतास को अपने बेटे और बहू का तलाक करवाने का आदेश सुना दिया। (12 July) को बेरी में खाप की पंचायत हुई और गहलोत परिवारों को तीन दिन का समय दिया गया। साथ ही तलाक न होने पर जमीन जायदाद बेचकर गांव छोड़ने का आदेश दिया गया।
बुधवार (15 July) तक गहलोत परिवार एक बार टूटता दिखाई पड़ा और अपनी सम्पति और जायदाद बचाने के लिए तलाक देने पर राजी को गए, लेकिन लड़की शिल्पा और उसके परिवार द्वारा यह फरमान ठुकरा देने के बाद गुरूवार को फ़िर पंचायत बैठी और गहलोत परिवारों को रविवार सुबह तक गांव छोड़ने का फतवा जारी कर दिया।
खाप ने इस संबंध में किसी भी प्रकार का पुनर्विचार न करने का निर्णय लेते हुए तीनों परिवारों को रविवार सुबह तक का अल्टीमेटम दिया है। ख़ास बात यह है कि जिला प्रशासन, पुलिस व कोई भी जनप्रतिनिधि पीडि़त परिवारों की मदद के लिए नहीं पहुंचा है। मानव अधिकार संगठन पूरे मामले पर चुप्पी साधे हैं।फैसले से गहलोत परिवार पूरी तरह सहमा हुआ है और प्रशासन व मुखयमंत्री से मदद की गुहार लगा रहा है।
उल्लेखनीय है कि गांव ढराणा में गोत्र विवाद को लेकर कादियान बारहा खाप ने रोहतास, उसके भाई नसीब व वेदप्रकाश तथा उनके पिता रिसाल सिंह को रोहतास के पुत्र रविंद्र का उसकी पत्नी शिल्पा से तलाक करवाने या फिर जमीन-जायदाद बेचकर गांव छोडऩे का फरमान सुनाया था। इसके बाद 15 जुलाई को गांव दूबलधन में खाप के प्रधान छत्र सिंह के घर पर हुई दोनों पक्षों की बैठक में गहलोत परिवार ने रविंद्र के तलाक पर सहमति जता दी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को रोहतास सहित गहलोत पक्ष व कादियान खाप से जुड़े लगभग पांच दर्जन व्यक्ति रविंद्र की ससुराल पानीपत जिले के गांव सिवाह पहुंचे और तलाक के फैसले से उसके ससुराल जनों को अवगत करवाया। रविंद्र के ससुराल जनों द्वारा तलाक से जब पूरी तरह इनकार कर दिया गया तो दोनों ही पक्ष सिवाह से सायं के समय सीधे बेरी की गोशाला में पहुंचे और वहां पर कादियान खाप से जुड़े लोगों ने अपना आखिरी फरमान सुनाते हुए इस संबंध में गहलोत परिवारों को जल्द से जल्द गांव छोडऩे का फरमान सुना दिया। जब पीडि़त परिवारों की ओर से यह दुहाई दी गई कि वे खुद अपनी ओर से तलाक के लिए तैयार हैं तो उसके बाद गोशाला में जमा चंद लोगों ने फैसला सुनाया कि तलाक का मामला खत्म हो चुका है और इस संबंध में सामाजिक बहिष्कार के साथ ही गांव छोडऩे के फैसले से कम पर कोई भी बात नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं बहिष्कृत परिवारों के किसी भी सदस्य के साथ यदि खाप के गांवों से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बातचीत करता हुआ पाया गया तो उसके सामाजिक बहिष्कार के अलावा 21 हजार रुपये का जुर्माना भी किया जाएगा।
फैसले से सहमे रोहतास व नसीब ने बताया कि पखवाड़े भर से चल रहे इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से भले ही उन्हें सुरक्षा मुहैया करवा दी गई हो लेकिन जिला प्रशासन का कोई अधिकारी व कोई भी जन प्रतिनिधि इस मामले में उनकी मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है। उन्होंने इस मामले में उन्हें उजाडऩे के आरोप भी लगाए। उन्होंने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ऐसी स्थिति में वे क्या करें। इससे पहले पानीपत के गांव सिवाह में गोत्र विवाद को लेकर हुई पंचायत बेनतीजा रही।
दंपति का तलाक लेने से इनकार
दूसरी ओर दंपति ने तलाक लेने से इनकार कर दिया। सिवाह में तीन घंटे चली पंचायत में दोनों ओर से अपने-अपने पक्ष रखे गए, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। दंपति का कहना है कि वे तलाक नहीं लेंगे। रोहतास के पुत्र रविंद्र ने बताया कि वह और उसकी पत्नी शिल्पा दिल्ली के सुल्तानपुरी में अपनी बुआ के पास ठहरे हुए हैं। उसका गांव से कोई लेना-देना नहीं है। वह पत्नी शिल्पा को तलाक नहीं देंगे। पंचायत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर रविंद्र ने कहा कि अगर तलाक के लिए दबाव पड़ा तो पुलिस की सहायता लूंगा। शिल्पा का कहना है कि वह पति रविंद्र के साथ रहेगी तथा पति से तलाक नहीं लेगी।

Thursday, June 25, 2009

चांद-फिजा का बहिष्कार करेगी सर्व हुड्डा खाप

सर्व हुड्डा खाप ने पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद और अनुराधा बाली उर्फ फिजा के सामाजिक बहिष्कार का फैसला किया है। साथ ही, कांग्रेस से भी चंद्रमोहन को पार्टी से निकालने की अपील की है। बुधवार को गांव पोलंगी में 50 गांवों की 36 बिरादरी की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी खाप के प्रधान कृष्ण हुड्डा ने दी। उन्होंने बताया कि बिरादरी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि चांद को तुरंत प्रभाव से कांग्रेस पार्टी से निकाल देना चाहिए। उन्होंने 36 बिरादरी से अपील की है वह पंचायत के इस फैसले में उनका सहयोग करे। पंचायत ने आरोप लगाया कि चांद और फिजा ने समाज को शर्मसार किया है।
चुनाव के नजदीक आते ही अब रोहतक में पंचायतों के ऐसे फरमान आने शुरू हो गए हैं। इससे पूर्व महम चौबीसी ने ऐसा ही फारमान सुनाया था।