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Monday, July 20, 2009

यह भी पंचायत है

शादी के बाद रिश्ता तोडऩा सही नहीं : श्योराण खाप

एक और परम्परा के नाम पर जहाँ रिश्तों को तोड़ने के आदेश दिए जा रहे हैं और कानून को ताक पर रख सरेआम आतंक का माहौल पैदा किया जा रहा है। साथ ही पूरे हरियाणा को बंद करने की धमकी दी जा रही है लेकिन ऐसे समय में श्योराण खाप ने ऐतिहासिक निर्णय में शादी के बाद रिश्ता न तोड़ने की नसीहत दी है।
हिसार जिले के गांव कंवारी के गोत्र विवाद पर श्योराण खाप चौरासी ने रिश्ता तोडऩे का फरमान देने से इंकार कर दिया है। लोहारू में शहीद महावीर किसान भवन में श्योराण चौरासी की बैठक प्रधान चौ रामस्वरूप की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया कि एक बार विवाह होने के बाद उसे तोडऩा अव्यवहारिक और अनुचित है तथा इसे बरकरार रखना चाहिए। समस्या के समाधान के लिए गांव की सामाजिक पंचायत को चाहिए कि वह विवाहित जोड़ा गांव से कही दूर बसाए। खाप ने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले को शांतिपूर्वक सुलझाया जाए।
उल्लेखनीय है कि झज्जर जिले की ही तरह कंवारी गांव के ख्यालिया गोत्र के युवक की शादी श्योराण गोत्र की युवती से हुई थी। श्योराण गोत्र ने इस रिश्ते पर सवाल उठाए थे और रविवार का यह मामला श्योराण चौरासी की पंचायत में भी उठा और कुछ लोगों ने रिश्ता तोड़ने का फरमान सुनाने की अपील की। लेकिन पंचायत ने रिश्ता तोड़ने से इनकार कर दिया। खाप ने ग्रामीणों को भी मामले को शान्ति से निपटाने को कहा।

Sunday, July 19, 2009

परम्परा के नाम पर सड़कों पर उत्पात

खाप का ढराणा पर हमला, 18घायल
लाठियों व पत्थरों से लेस भीड़ पहुंच गई थी पीडि़त परिवार के घर के पास

लाठियों, डंडों और पत्थरों से लेस हजारों कि भीड़ परम्परा के नाम पर सड़कों और गांव कि गलियों में उत्पात मचाती रही...हर और दहशत....गहलोत परिवार और पूरा गांव घर में दुबका रहा लेकिन पुलिस और प्रशासन हालातन बिगड़ने देने कि दुहाई के नाम पर हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। यह सब वहां हो रहा था, जहाँ से स्वयं सीएम का बेटा सांसद हैं और हुड्डा स्वयं चार बार सांसद के रूप में उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। मीडिया कर्मियों को पुलिस के सामने पकड़ कर पीटा गया। कैमरे तोड़ दिए गए, फ़ोन और पर्स छीन लिए गए। खुन्नस बस इतनी थी की मीडिया पंचायत के तुगलकी फरमान के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई थी। हमलावर मीडियाकर्मियों को पकड़कर पीटते रहे और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही।

लेकिन जब ग्रामीणों के हाथ पुलिस के गिरेबान पर जा पहुँचे और पुलिस दल पर भी हमला बोल दिया गया। तब पुलिस ने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। उसके बाद आंसू गैस छोड़ी गई और हवाई फायरिंग की गई। तब तक नायब तहसीलदार समेत डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो चुके थे।

ढराणा गोत्र विवाद के मामले में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही व अदूरदर्शिता के चलते रविवार को स्थिति विस्फोटक बन गई। गांव दूबलधन में कादियान खाप से जुड़े लोगों ने बैठक कर लाठियों व पत्थरों से लैस होकर गांव ढराणा की ओर कूच कर दिया और गांव में पीडि़त परिवार पर हमला बोल दिया। पीडि़त परिवार के मकान के पास खाप से जुड़े लोगों व पुलिसकर्मियों में जमकर पत्थरबाजी व लाठियां चलीं। इस टकराव में पीडि़त परिवार के मोहल्ले के लोग भी परिवार के पक्ष में उतर आए। स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े व हवाई फायर के साथ लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में बेरी के नायब तहसीलदार सहित 18 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। देर शाम तक गांव ढराणा व दूबलधन में तनाव बरकरार था और दोनों जगह पर पंचायत जारी थी। गोत्र विवाद में पंचायत अब भी अपने रुख पर कायम है और कादियान खाप के प्रधान कैप्टन राजसिंह कादियान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढराणा के सरकारी स्कूल में डेरा डाल दिया है। उनका कहना है कि गहलोत परिवारों के गांव छोडऩे के बाद ही वे वहां से हटेंगे। इसके लिए बाकायदा उन्होंने स्कूल के प्रांगण में ही खाना बनाना शुरू कर दिया है।

पिछले सप्ताह भर से एक तरह से नजरबंदी में जी रहे पीडि़त परिवार के लोगों ने सायं के समय भय के चलते गांव छोडऩे का निर्णय कर लिया था लेकिन गांव के अनेक लोगों व खाप से जुड़े कुछ बुद्धिजीवी लोगों के आग्रह पर उन्होंने पलायन के लिए बांधा गया सामान वापस रख दिया। इससे पूर्व शनिवार को बेरी की पंचायत में किए गए निर्णय के अनुसार कादियान खाप ने रविवार सुबह बेरी के राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में खाप की महापंचायत का आयोजन किया। इसके लिए बाकायदा खाप से जुड़े सभी गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से खाप की इज्जत के नाम पर महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया गया। लगभग एक घंटे चली महापंचायत में गांव ढराणा में पहुंचकर पीडि़त परिवारों पर हमला बोलकर जबरदस्ती उन्हें गांव से खदेडऩे का निर्णय किया गया। महापंचायत के बाद खाप से जुड़े लोग ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों में लाठियों व पत्थरों आदि से लैस होकर गांव ढराणा की ओर चल पड़े। रास्ते में मीडियाकर्मियों को निशाना बनाकर पुलिस के हर अवरोध को आसानी से पार करते हुए भीड़ गांव ढऱाणा में पहुंच गई। गांव में गहलोत परिवार के मकान के पास जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने पत्थरों व लाठियों से हमला बोल दिया। इसके बाद पीडि़त परिवार के मोहल्ले के अनेक परिवारों के सदस्य भी अपने मकानों की छत पर चढ़ गए और उन्होंने भी खाप के लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे हुई पत्थरबाजी, हवाई फायर कर, आंसू गैस के गोले छोड़ कर व लाठीचार्ज करने के बाद पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने में कामयाब हो गई। प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। इतना ही नहीं रिजर्व पुलिस बल को भी बुला लिया गया था। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भादसं की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। नायब तहसीलदार समेत सात पीजीआई में भर्ती : रोहतक से जागरण संवाददाता के अनुसार नायब तहसीलदार प्रमोद चहल, महिला पुलिसकर्मी सरला, पुलिसकर्मी उरमेज सिंह, राजेश कुमार, नरेंद्र, कर्मवीर व ओमप्रकाश को पीजीआई में दाखिल कराया गया है। घायलों के सिर, मुंह व शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर चोटें होने के कारण उन्हें विभिन्न विभागों में उपचार के लिए भेजा गया।

Thursday, July 16, 2009

पंचायत का तुगलकी फरमान

शादी न तोड़ने पर गांव छोड़ने का फरमान
पंचायत ने जारी किया फतवा
सरकार और पुलिस मौन
झज्जर के गांव में दम्पति ने तलाक लेने से मना किया तो पंचायत ने लड़के के परिवार के सभी घरों को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। उनका कसूर सिर्फ़ इतना था कि उन्होंने अपने बेटे कि शादी उस जाति में करने कि गुस्ताखी की जिस जाति का उस गांव में दबदबा है और यह उस पंचायत को सहन नही हुआ। पंचायती परम्पराओं के नाम पर दम्पति की खुशियों में तो ग्रहण लग ही गया है, उनके रिश्तेदारों के समक्ष भी उजड़ने की नौबत आ गई है। ख़ास बात है कि जिला प्रशासन और पुलिस के साथ पूरी प्रदेश सरकार इस मसले पर सिर्फ़ दूर बैठ कर तमाशा देख रहे हैं।
ढराणा गांव के Rohtas Gahlot ने अपने बेटे रविन्द्र कि शादी पानीपत जिले के गांव शिवाह में कादियान परिवार में की थी। ढराणा गांव कादियान बहुल है। और इसी जाति कि गांव में बहु आना कादियान खाप को नागवार गुजरा और रोहतास को अपने बेटे और बहू का तलाक करवाने का आदेश सुना दिया। (12 July) को बेरी में खाप की पंचायत हुई और गहलोत परिवारों को तीन दिन का समय दिया गया। साथ ही तलाक न होने पर जमीन जायदाद बेचकर गांव छोड़ने का आदेश दिया गया।
बुधवार (15 July) तक गहलोत परिवार एक बार टूटता दिखाई पड़ा और अपनी सम्पति और जायदाद बचाने के लिए तलाक देने पर राजी को गए, लेकिन लड़की शिल्पा और उसके परिवार द्वारा यह फरमान ठुकरा देने के बाद गुरूवार को फ़िर पंचायत बैठी और गहलोत परिवारों को रविवार सुबह तक गांव छोड़ने का फतवा जारी कर दिया।
खाप ने इस संबंध में किसी भी प्रकार का पुनर्विचार न करने का निर्णय लेते हुए तीनों परिवारों को रविवार सुबह तक का अल्टीमेटम दिया है। ख़ास बात यह है कि जिला प्रशासन, पुलिस व कोई भी जनप्रतिनिधि पीडि़त परिवारों की मदद के लिए नहीं पहुंचा है। मानव अधिकार संगठन पूरे मामले पर चुप्पी साधे हैं।फैसले से गहलोत परिवार पूरी तरह सहमा हुआ है और प्रशासन व मुखयमंत्री से मदद की गुहार लगा रहा है।
उल्लेखनीय है कि गांव ढराणा में गोत्र विवाद को लेकर कादियान बारहा खाप ने रोहतास, उसके भाई नसीब व वेदप्रकाश तथा उनके पिता रिसाल सिंह को रोहतास के पुत्र रविंद्र का उसकी पत्नी शिल्पा से तलाक करवाने या फिर जमीन-जायदाद बेचकर गांव छोडऩे का फरमान सुनाया था। इसके बाद 15 जुलाई को गांव दूबलधन में खाप के प्रधान छत्र सिंह के घर पर हुई दोनों पक्षों की बैठक में गहलोत परिवार ने रविंद्र के तलाक पर सहमति जता दी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को रोहतास सहित गहलोत पक्ष व कादियान खाप से जुड़े लगभग पांच दर्जन व्यक्ति रविंद्र की ससुराल पानीपत जिले के गांव सिवाह पहुंचे और तलाक के फैसले से उसके ससुराल जनों को अवगत करवाया। रविंद्र के ससुराल जनों द्वारा तलाक से जब पूरी तरह इनकार कर दिया गया तो दोनों ही पक्ष सिवाह से सायं के समय सीधे बेरी की गोशाला में पहुंचे और वहां पर कादियान खाप से जुड़े लोगों ने अपना आखिरी फरमान सुनाते हुए इस संबंध में गहलोत परिवारों को जल्द से जल्द गांव छोडऩे का फरमान सुना दिया। जब पीडि़त परिवारों की ओर से यह दुहाई दी गई कि वे खुद अपनी ओर से तलाक के लिए तैयार हैं तो उसके बाद गोशाला में जमा चंद लोगों ने फैसला सुनाया कि तलाक का मामला खत्म हो चुका है और इस संबंध में सामाजिक बहिष्कार के साथ ही गांव छोडऩे के फैसले से कम पर कोई भी बात नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं बहिष्कृत परिवारों के किसी भी सदस्य के साथ यदि खाप के गांवों से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बातचीत करता हुआ पाया गया तो उसके सामाजिक बहिष्कार के अलावा 21 हजार रुपये का जुर्माना भी किया जाएगा।
फैसले से सहमे रोहतास व नसीब ने बताया कि पखवाड़े भर से चल रहे इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से भले ही उन्हें सुरक्षा मुहैया करवा दी गई हो लेकिन जिला प्रशासन का कोई अधिकारी व कोई भी जन प्रतिनिधि इस मामले में उनकी मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है। उन्होंने इस मामले में उन्हें उजाडऩे के आरोप भी लगाए। उन्होंने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ऐसी स्थिति में वे क्या करें। इससे पहले पानीपत के गांव सिवाह में गोत्र विवाद को लेकर हुई पंचायत बेनतीजा रही।
दंपति का तलाक लेने से इनकार
दूसरी ओर दंपति ने तलाक लेने से इनकार कर दिया। सिवाह में तीन घंटे चली पंचायत में दोनों ओर से अपने-अपने पक्ष रखे गए, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। दंपति का कहना है कि वे तलाक नहीं लेंगे। रोहतास के पुत्र रविंद्र ने बताया कि वह और उसकी पत्नी शिल्पा दिल्ली के सुल्तानपुरी में अपनी बुआ के पास ठहरे हुए हैं। उसका गांव से कोई लेना-देना नहीं है। वह पत्नी शिल्पा को तलाक नहीं देंगे। पंचायत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर रविंद्र ने कहा कि अगर तलाक के लिए दबाव पड़ा तो पुलिस की सहायता लूंगा। शिल्पा का कहना है कि वह पति रविंद्र के साथ रहेगी तथा पति से तलाक नहीं लेगी।

Tuesday, February 3, 2009

Kundu Khap के प्रधान को गोली से उड़ाया

राष्ट्रीय कुंडू खाप के प्रधान चौधरी नाहर सिंह की मंगलवार शाम को गोलियों से भून डाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
चौधरी नाहर सिंह कुंडू बाइक पर सवार हो अनाज मंडी स्थित आढ़त की दुकान पर अपने भाई देवव्रत के पास जा रहे थे। चारा मंडी गेट से कुछ कदम आगे अचानक उस पर दनादन फायर किये गये। नाहर सिंह को अपने बचाव कुछ भी करने का मौका तक नहीं मिला। हमलावरों की गोलियां उनके सीने, मुंह एवं हाथ पर लगीं और वह मोटरसाइकिल के साथ बीच सड़क निढाल हो गये। नाहर सिंह की जान लेने के बाद हत्यारे सुनारियां चौक की ओर फरार हो गये। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी थी और बाद में एक बाइक पर दो युवकों को सुनारियां चौक की ओर भागते भी देखा। पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी मिली तो एसएसपी आलोक मित्ताल समेत भारी पुलिस अमला घटनास्थल पर पहुंचा। इस बीच चौधरी नाहर के भाई देवव्रत एवं कई करीबी लोग वहां पहुंच चुके थे। एसएसपी आलोक मित्ताल ने हालात का बारीकी से जायजा लिया। पुलिस ने वहां से पिस्टल के तीन कारतूस एवं गोलियों के खोल भी बरामद किये। एसएसपी ने चौधरी नाहर सिंह के भाई देवव्रत एवं अन्य से विस्तार से बातचीत की। इसमें मालूम हुआ कि उन लोगों की नजदीकी गांव सुंदरपुर में कुछ लोगों से रंजिश चल रही है, जिसके चलते उसके दूसरे भाई योगेंद्र पर पिछली गर्मियों में गोलियां भी चलाई गई थीं। योगेंद्र पुलिस में है और फिलहाल करनाल में तैनात है। इस संदर्भ में समझौते के लिए भी हमलावरों की तरफ से नाहर सिंह पर लगातार दबाव डाला जा रहा था। वहीं एसएसपी आलोक मित्तल ने कहा कि हत्यारे चाहे जो भी हों, पुलिस उनको जल्द से जल्द काबू कर लेगी।