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Saturday, July 4, 2009

Sandeep बनाये DSP

भारतीय हाकी टीम के कप्तान संदीप सिंह को खेल कोटे से सीधा डीएसपी बनाया गया है। हरियाणा निवास पर खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने संदीप की नियुक्ति का खुलासा किया। हुड्डा ने शनिवार को यहां विशेष समारोह में दुनियाभर में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 13 खिलाडिय़ों को सम्मानित किया। भारतीय हाकी टीम के कप्तान संदीप शाहाबाद के रहने वाले हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने भारतीय हाकी टीम के ही सदस्य सरदारा सिंह की भी खेल कोटे से बतौर डीएसपी भर्ती की थी।

Hockey Boxing Stars
सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। ख़ास बात यह है , इनमें से अधिकतर खिलाड़ी हॉकी और बोक्सिंग के थे। हॉकी की महिला टीम ने रूस में आयोजित चैंपियनशिप में शानदार खेल दिखाया। इस टीम में सात खिलाड़ी हरियाणा की थी। जीत के बाद भारत में फीके स्वागत के लिए हॉकी संघ को कोसने वाली रोहतक की ममता ख़राब यहाँ आकर्षण का केन्द्र थी।

Friday, December 26, 2008

अखिल करेगा हसीनाओं संग डांस

हमारा अखिल बोक्सिंग में दुनिया भर में जौहर दिखाने के बाद अब मॉडलिंग में जलवा दिखायेगा। वह आशा भोसले के नए म्यूजिक एल्बम (Precious Platinum) में नज़र आयेंगे। हाल ही में बोक्सिंग वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीतकर लौटे अखिल को इस एल्बम में उनके ही पुराने साथी विजेंदर की जगह लिया गया है। मुंबई के एक समाचार पत्र के अनुसार विजेंदर के दादा का निधन हो गया है और इसके लिए वह इस एल्बम को छोड़कर जा रहे हैं।
हालाँकि भिवानी से विजेंदर के परिवार और ख़ुद विजेंदर ने भी इससे इंकार किया है। विजेंदर ने कहा कि वह भी इस समाचार को पढ़कर स्तब्ध हैं। उसके दादाजी बीमार हैं और अस्पताल में भरती हैं। वह स्वयं उन्हें मिलने के लिए रवाना हो रहे हैं।
आशा जी का एल्बम छोड़ने के बारे में विजेंदर ने साफ किया कि एल्बम ज्यादा बढ़िया नहीं था और मैंने इसे मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो लड़की थी वह भी बढ़िया नहीं थी मुझे अच्छा नहीं लग रहा था, इसलिए मैंने मना कर दिया।
वहीं यह भी सही है कि विजेंदर के स्थान पर अखिल को लिया गया है। स्वयं अखिल ने इस बात पर मुहर लगाई है। अखिल ने कहा कि वह इस एल्बम में काम कर रहा है। उसे शूट के लिए मुंबई बुलाया गया था। वह बुधवार को वहां पंहुचा। मैं इसे करने को तैयार हो गया क्योंकि यह खेलों से सम्बंधित है।

Tuesday, December 23, 2008

मुक्केबाज दिनेश बने चिनार के ब्रांड अम्बेसडर

मोस्को वर्ल्ड कप 2008 में देश के लिए कांसा जीतने वाले मुक्केबाज दिनेश को चिनार सूटिंग्स ने ब्रांड अम्बेसडर बनाया है। कंपनी के अधिकारियों ने रविवार को भिवानी में आयोजित एनुअल मीट में यह घोषणा की। दिनेश ने वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था और देश के लिए पदक जीता था। दिनेश बीजिंग ओलंपिक में भी अपने मुक्के की धमक दिखा चुके हैं। हालाँकि तब वह कोई पदक नहीं जीत पाये थे।

Thursday, December 18, 2008

दिग्गजों का सम्मान

खेल की दुनिया में अपना नाम रोशन करने के बावजूद अखिल को अपना और अपने जैसे मुक्केबाजों का भविष्य सुरक्षित नज़र नहीं आ रहा। अखिल वर्ल्ड कप में भले ही चैंपियंस के छक्के छुडाकर आए हों लेकिन राजनीती के खिलाफ जंग में हताश प्रतीत हो रहे हैं। वर्ल्ड कप में जाने से पहले जिस तरह वह सरकार की वादाखिलाफी से दुखी दिख रहे थे, मैडल जीतने के बाद भी उनकी हताशा कम होती नहीं दिखाई दी। अखिल ने एक बार फ़िर सरकार को खिलाड़ियों और खेलों के भविष्य की दुहाई देते हुए कहा, "सरकार को खिलाड़ियों भविष्य को सुरक्षित बनने के लिए कुछ करना होगा, ताकि वह खेलों पर जी जान से जुट सके।"
यहाँ याद दिलाना होगा की अखिल के बीजिंग में शानदार खेल के बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें हरियाणा पुलिस में dsp बनाने की घोषणा की थी। उस पर आज तक कुछ भी नहीं हुआ है और वर्ल्ड कप में जाने से पहले अखिल ने इस पर निराशा भी जताई थी। सरकार की इस बेरुखी ने निश्चित ही इस महान मुक्केबाज को निराश किया होगा। बोक्सिंग एसोसिएशन की भी चुप्पी सवाल उठाती है।
mdu में अपने अभिनन्दन समारोह में अखिल युवाओं को प्रेरित तो करते रहे और आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की बात भले ही करते रहे लेकिन कहीं न कहीं सरकार की बेरुखी शूल बनकर उनके दिल में चुभ रही है और जो शब्द बनकर यदा-कदा फूट पड़ती है।

Friday, December 12, 2008

मुक्केबाजी में हम सिकंदर

वर्ल्ड boxing में हरियाणा के छोरों ने भारत को सिकंदर बना दिया है। हरियाणवी मुक्के के दम पर भारत अब क्यूबा और रूस जैसे धुरंधर देशों के किले को ध्वस्त कर चुका है। वर्ल्ड boxing चैंपियनशिप में हरियाणा के तीन मुक्केबाजों समेत भारत के चार मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुँच चुके हैं। चारों ही सेमीफाइनल में आज अपने- अपने मुक्के के जौहर दिखायेंगे। वर्ल्ड चैम्पियन बनने के लिए अभी उन्हें क्यूबा की चुनौती से पर पाना होगा। ५४ किलो भर वर्ग में अखिल का मुकाबला ओलंपिक के सिल्वर मेडल विजेता यांकिल लियोन अलर्कोन से होगा। इस मुकाबले पर सबकी नज़र है। इसके अलावा जितेंदर , दिनेश और लाकड़ा भी ख़ुद को साबित करने को बेताब हैं। जितेंदर को क्यूबा के हर्नान्देज़ लाफिता से और लाकड़ा को इदेल तोरिएंत से भिड़ना है। दिनेश का मुकाबला रूस के आर्तुर बेटर बीव से है।
हरियाणा भर में इनके लिए दुआओं के हाथ उठ रहे हैं। हर किसी की तमन्ना है की हमारे खिलाड़ी गोल्ड लेकर लौटें। यह चारों मुक्केबाज औसत में क्यूबाई मुक्केबाजों से औसत में किसी भी तरह कम नहीं है।

हम इन मुकाबलों के बारे में सोच कर अपने पर दबाव नहीं बनाना चाहते। हमारे कोच जी एस संधू और जयदेव बिष्ट ने कड़ी मेहनत की है। अब देखना है की क्या होता है।
मीडिया से बात करते हुए अखिल

Thursday, December 11, 2008

वर्ल्ड boxing में हरियाणा का जलवा

वर्ल्ड boxing चैंपियनशिप में हरियाणा के मुक्केबाज जलवा बिखेर रहे हैं। चैंपियनशिप में भारत के चार मुक्केबाज जौहर दिखा रहे हैं और इसमें तीन अखिल, जितेंदर और दिनेश भिवानी के साईं केन्द्र से जुडें रहे हैं। तीनों ही वर्ल्ड boxing चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में पहुँच चुके हैं। इस तरह उनका कांस्य पदक पक्का हो चुका है। पहले दौर में अखिल (54KG) जर्मनी के मुक्केबाज को आसानी से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। उसके बाद दिनेश, जितेंदर और ऐ एल लाकड़ा भी पीछे नहीं रहे। तीनों ने अपने-अपने प्रतिद्वंदियों को आसानी से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस तरह भारत ने चार पदक पक्के कर लिए। जितेंदर ने जो गेज को एकतरफा मुकाबले में १८-६ से मात दी। सेमीफाइनल में उसका मुकाबला पैन अमेरिकी खेलों के गोल्ड मेडल विजेता क्यूबा के हर्नान्देज़ लाफिता से होगा। दिनेश ने अल्जीरिया के अब्दुल हाफिद को कड़े मुकाबले में मात देकर भारत के लिए पदक पक्का किया। हाफिद को १७-११ से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाने वाले दिनेश सेमीफाइनल में १३ दिसम्बर को रूस के ब्लादिमीर चेल्स से भिड़ेगा।
वर्ल्ड boxing चैंपियनशिप के विजेता को १० हजार डॉलर का अवार्ड मिलेगा। कांसा जीतने वाले को २५ सौ डॉलर की इनामी राशिः मिलेगी।

वर्ल्ड boxing चैंपियनशिप में भारत
इस टूर्नामेंट में भारत को १९९४ में वी देवराजन ने कांस्य पदक दिलाया था। उससे पहले भारत ने १९९० में पदक मिला था।