Showing posts with label Ranbeer Hooda. Show all posts
Showing posts with label Ranbeer Hooda. Show all posts

Thursday, February 12, 2009

Trbutes to Ranbir Hooda

स्वतंत्रता सेनानी व संविधान सभा के सदस्य रणबीर सिंह हुड्डा की शोक सभा में श्रद्धांजलि देने के लिए जनसमुदाय उमड़ पड़ा। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी शोक संदेश भेजा। सीआर बहुतकनीकी संस्थान के ग्राउंड में आयोजित शोक सभा में सुबह से ही गीत-भजन व मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धांजलि का दौर चलता रहा। दोपहर एक बजे शुरू हुई शोक सभा दिवंगत नेता के जीवन पर बनाई गई डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इसमें स्वतंत्रता संग्राम में रणबीर हुड्डा के योगदान, राजनीतिक सफर व उनके मंत्रित्वकाल में तैयार हुई योजना खासकर भाखड़ा बांध परियोजना के बारे में दिखाया गया। राष्ट्रपति की ओर से मोतीलाल वोरा और सोनिया गांधी की ओर से जनार्दन द्विवेदी ने श्रद्धांजलि दी।

Thursday, February 5, 2009

Ranbir Hooda की अस्थियां प्रवाहित

महान स्वतंत्रता सेनानी एवं संविधान निर्मात्री समिति के सदस्य चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा की अस्थियां उनके पैतृक गांव सांघी के खेतों के अलावा भाखड़ा नांगल बांध और हथिनी कुंड बैराज में प्रवाहित की गई। बुधवार सुबह दिवंगत रणबीर सिंह हुड्डा के तीनों बेटे इंद्रजीत सिंह हुड्डा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा,धर्मेद्र सिंह हुड्डा व उनके पौत्र दीपेंद्र हुड्डा, सुखवेंद्र हुड्डा , हरेंद्र, सुनेंद्र व परिवार के अन्य सदस्य प्रात: संविधान स्थल पहुंचे और सभी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच अस्थियां चुनी। अस्थियां चुनने के बाद समाधि स्थल पर पवित्र जल का छिड़काव किया गया व पुष्प अर्पित किए।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके भतीजे सुखेंद्र हुड्डा मोनू अस्थियां लेकर भाखड़ा बांध नांगल के लिए रवाना हुए, जबकि हथनी कुंड बैराज, यमुनानगर में दिवंगत रणबीर सिंह की अस्थियां विसर्जन करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बडे़ भाई इंद्रसिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र हुड्डा गए।
भाखड़ा बांध, नांगल के प्रति गहरे लगाव को ध्यान में रखते हुए उनकी अस्थियां भाखड़ा बांध व हथनी कुंड बैराज (यमुनानगर) में प्रवाहित की गई है।
इस बीच, मुख्यमंत्री के छोटे भाई धमेंद्र सिंह हुड्डा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अस्थि कलश लेकर गांव सांघी के खेतों व फार्म हाउस पर पहुंचे और विसर्जन किया।
दिवंगत रणबीर सिंह हुड्डा के संयुक्त पंजाब में बिजली एवं सिंचाई मंत्री के पद पर रहते हुए भाखड़ा बांध का निर्माण कार्य पूरा हुआ था।

Tuesday, February 3, 2009

ताउम्र खलेगी पिता की कमी : हुड्डा

शोक में डूबे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सिर से पिता का साया उठ जाने से वह असहाय महसूस कर रहे हैं। पिता जी की कमी जीवन पर्यत खलती रहेगी, क्योंकि पिता जी ने उन्हें विशेष स्नेह, अथाह प्रेम, आशीर्वाद और दुलार दिया। जिसने हमेशा प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री बोले, आज वह इन सब चीजों से वंचित हो गए हैं। हुड्डा ने कहा कि जो व्यक्ति मां-बाप की सेवा करता है उसके समान भाग्यशाली कोई भी नहीं होता। भगवान की ऐसी अनुकम्पा भाग्यवान लोगों पर ही होती है। हुड्डा ने देश के इस सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित करने आए विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनसमूह इसका परिचायक है कि रणबीर सिंह ईमानदारी, सच्चाई और नेक-नीयत के धनी थे।
हृदय पटल में बसे रहेंगे दादाजी : दीपेंद्र हुड्डा : युवा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि रणबीर सिंह के निधन से संविधान सभा के सदस्य के रूप में आखिरी कड़ी समाप्त हो गई और इसके साथ ही अंत हो गया एक युग का। उन्होंने कहा कि वह अपने दादा चौ. रणबीर सिंह की गोद में खेले, पढ़े-लिखे और बडे़ हुए। उनके आशीर्वाद से ही जनसेवा के लिए राजनीति में आए। उनकी स्मृति हृदय पटल पर हमेशा बसी रहकर सदैव मार्गदर्शन करती रहेगी। दीपेंद्र ने कहा कि दादा जी के आदर्शो और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए वे जन सेवा के कार्य और अधिक निष्ठा, लगन और मेहनत से करेंगे।
11 फरवरी को होगी रस्म पगड़ी : स्वतंत्रता सेनानी रणबीर सिंह हुड्डा की रस्म पगड़ी 11 फरवरी को दोपहर एक से दो बजे के बीच स्थानीय जाट कालेज के प्रांगण में होगी। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

Monday, February 2, 2009

अलविदा Ranbir Hooda

राजकीय सम्मान के साथ Ranbir Hooda की अंत्येष्टि
संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रणबीर सिंह हुड्डा की सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में लोगों का हजूम उमड़ पड़ा। कई केंद्रीय मंत्री, थल सेना अध्यक्ष समेत अनेक नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानी को अंतिम विदाई दी।
रोहतक के डी-पार्क स्थित आवास पर सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर हुड्डा का पार्थिव शरीर आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। हजारों लोगों ने अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोपहर दो बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। उनका पार्थिव शरीर खुले वाहन में रखा गया। करीब साढ़े तीन बजे अंतिम यात्रा अंत्येष्टि स्थल पहुंची। अंतिम दर्शन के लिए रास्ते में लोग कतारबद्ध खड़े हुए थे।
दिवंगत नेता के पुत्र इंद्र सिंह हुड्डा ने मुखाग्नि दी। छुड़ानी धाम के महंत दयासागर ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ अंत्येष्टि करवाई। पुलिस टुकड़ी ने सलामी दी और जवानों ने हवाई फायर किए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, उनके भाई धर्मेंद्र हुड्डा, बेटे सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ दु:ख की घड़ी में प्रदेश भर से आए हजारों लोग उनके साथ थे।
अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा, थल सेना अध्यक्ष दीपक कपूर, राज्यपाल डा. एआर किदवई, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला, हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्रनेई समेत प्रदेश कई मंत्री मौजूद थे।


Sunday, February 1, 2009

Tributes to Ranbeer Hooda











Ranbir Hooda का निधन

संविधान निर्मात्री सभा के अंतिम जीवित सदस्य एवं मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता सेनानी पिता Ranbir Singh Hooda का रविवार को निधन हो गया। वे 95 वर्ष के थे और अपने पीछे पत्‍‌नी हरदेई देवी एवं पुत्र-पौत्रों का भरापूरा परिवार छोड़ गये है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर 3 बजे दिल्ली रोड स्थित आईएमटी के ग्रीन बेल्ट इलाके में किया जाएगा। उनके निधन से प्रदेश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
दोपहर बाद चार बजकर चालीस मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही हरियाणा की राजनीति का एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया, जिस पर आजीवन कोई उंगली नहीं उठा सका। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को दोपहर 3 बजे दिल्ली रोड स्थित आईएमटी परिसर में किया जाएगा। इससे पूर्व दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री आवास से उनकी अंतिम सांसारिक यात्रा शुरू होगी। सड़क के दोनों ओर खड़े होकर जनता अपने चहेते नेता के अंतिम दर्शन कर सकेगी। रणबीर सिंह हुड्डा करीब चार सप्ताह से बीमार चल रहे थे। पीजीआई एवं दिल्ली के डाक्टर उनका उपचार कर रहे थे। कुछ दिन पीजीआई में रखने के बाद उनको घर पर ही रहते हुए उपचार दिया जा रहा था। हाल में उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई थी। इसी के चलते मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी चंडीगढ़ की बजाय अपने पिता के पास रहने को ही तवज्जो दी। वह करीब तीन सप्ताह से रोहतक में ही अपने पिता के पास थे। रणबीर हुड्डा के स्वास्थ्य में कई बार उतार-चढ़ाव आए। शनिवार को दोपहर अचानक उनकी तबीयत और भी नाजुक हो गई और मुख्यमंत्री एवं उनके सांसद पुत्र ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर घर पर ही रहना तय किया। इसी बीच अनेक समर्थकों ने हुड्डा के स्वास्थ्य लाभ की कामना की। रविवार की सुबह उनके स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ और परिजनों एवं बाकी लोगों को भी कुछ राहत नसीब हुई लेकिन, यह राहत अधिक वक्त के लिए नहीं थी। थोड़े वक्त बाद ही रणबीर के स्वास्थ्य में फिर गिरावट हुई और दिल्ली एवं पीजीआई के डाक्टरों की टीम ने जीवन रक्षक उपकरण की भी मदद ली मगर, दुर्भाग्य कि उनके जीवन को बचाया नहीं जा सका। मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खुद बाहर आकर यह दु:खद समाचार लोगों को दिया तो वहां शोक की लहर दौड़ गई।