बदसलूकी के लिए मशहूर पीजीआई डॉक्टरों ने अब मरीजों से मारपीट भी शुरू कर दी है। मंगलवार को ओपीडी के दौरान एक रोगी की कुछ चिकित्सकों ने मिलकर जमकर धुनाई कर डाली। हफ्ते के भीतर मरीज से मारपीट करने की यह तीसरी घटना है। हालाँकि अधिकारी सब जानते हुए भी कार्रवाई के लिखित शिकायत का इंतजार कर रहे हैं।
पीठ के दर्द से पीड़ित गांव सुंदरपुर निवासी प्रदीप मंगलवार को पीजीआई के आर्थो विभाग में अपना उपचार करवाने आया था। वहां किसी बात पर हुई कहासुनी से बात इतनी बढ़ गई कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। पीठ दर्द से पीड़ित प्रदीप को डॉक्टर पकड़कर एक अन्य कमरे में ले गए, जहां उसकी जमकर पिटाई की गई। इस दौरान वहां एक सिक्योरिटी गार्ड पहुंच गया, जिसने उसे डॉक्टर से बचाया। बाद में प्रदीप को पीजीआई के डीएमएस के पास ले जाया गया। जहां उससे लिखित में शिकायत मांगी गई। पिटाई के बाद प्रदीप वहां से बगैर उपचार के ही चला गया।
डाक्टरों को गुस्सा
15-16 जनवरी की रात भी एक रोगी के सहायक की जमकर पिटाई की गई। इस दौरान उसके सिर में भी चोट आई। जिसे बाद में उपचार देकर वहां से चलता कर दिया गया।
पीजीआई चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चांद सिंह ढुल ने कहा कि इस बारे में उनके पास जानकारी आई है। पीड़ित से लिखित शिकायत मांगी गई है। यदि वह शिकायत करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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Wednesday, January 21, 2009
Friday, January 9, 2009
पीजीआई डाक्टरों ने टाली हड़ताल
छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में रोहतक पीजीआई के चिकित्सकों की हड़ताल फिलहाल टल गई है। डॉक्टरों ने शुक्रवार को 9 जनवरी को सांकेतिक हड़ताल का एलान किया था। हड़ताल टालने का फैसला बृहस्पतिवार देर शाम हेल्थ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से बातचीत के बाद किया गया है। कुलपति ने सरकार से बातचीत के लिए 20 जनवरी तक का समय मांगा है। इससे पहले डाक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला। बृहस्पतिवार को पीजीआई आरडीए (रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन) सदस्य अपनी मांगों को लेकर विजय पार्क में एकत्र हुए। जहां उन्होंने सरकार द्वारा छठे वेतन आयोग में उनके वेतनमान व भत्तों की अनदेखी करने पर नाराजगी जताई। इसके बाद चिकित्सक पीजीआई कुलपति डॉ एसएस सांगवान से मिलने गए। जहां करीब दो घंटे तक उनके बीच बातचीत चली। बातचीत में डा. सांगवान ने चिकित्सकों से इस बारे में सरकार से विचार-विमर्श करने के लिए समय मांगा। जिस पर चिकित्सकों ने 20 जनवरी तक का समय दे दिया। डीआरए अध्यक्ष डा. गुंजन चौधरी ने बताया कि हेल्थ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. एसएस सांगवान से हुई बातचीत के बाद डाक्टरों ने हड़ताल 20 जनवरी तक स्थगित कर दी। डा। सांगवान ने सरकार से बात करने के लिए समय मांगा है।
इससे पहले हड़ताल की ख़बर से बृहस्पतिवार को दिनभर हड़कंप मचा रहा। कई मरीजों को छुट्टी दे दी गई।
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