
सदी के सबसे बड़े सूर्यग्रहण के अवसर पर बुधवार को धर्मनगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म्सरोवर व सन्निहित सरोवरों में देशभर से आए 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। प्रात: 5.35 बजे सूर्यग्रहण का स्पर्श होते ही दोनों सरोवर व आसपास के मंदिर शंख ध्वनि से गुंजायमान हो उठे और लाखों लोग स्नान के लिए सरोवरों में उतर गए। 7.25 बजे मोक्ष के बावजूद दिनभर स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। भीड़ का आलम यह था कि करीब पांच हजार पुलिस के जवान व अधिकारी भी लोगों को संभाल पाने में विफल रहे। ब्रह्म्सरोवर की 3।7 किलोमीटर लंबी परिक्रमा में पैर रखने की जगह तक नहीं थी। यमुनानगर के कपालमोचन तीर्थ में भी हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। सूर्यग्रहण का स्पर्श शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्म्सरोवर व सूर्यकुंड (सन्निहित सरोवर) में डुबकी लगाई और सूर्यदेव को जल अर्पित किया।




जीन्द के पांडू पिंडारा और रोहतक के गौकरण तीर्थ में भी हजारों लोगों ने पवित्र सरोवरों में स्नान किया।
राजनेता भी पहुंचे सरोवर में डुबकी लगाने
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के अवसर पर प्रदेश के सभी दिग्गज नेता भी आ जुटे। इसे चुनावी महाभारत की कसरत कहें या धर्म में आस्था लेकिन यह
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य है कि चुनाव नजदीक आते देख राजनेता जनता को अपने पक्ष में करने के लिए कोई हथियार बाकि नही रखना चाहते।सीएम हुड्डा तो यहां तैराकी भी करते दिखे, लेकिन राज्यसभा सांसद अजय चौटाला और सांसद नवीन जिंदल के अंदाज बिलकुल चुनावी थे।

सीएम हुड्डा के साथ-साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी थे तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना और कार्यकारी अध्यक्ष कुलदीप शर्मा अपने परिवार सहित उपस्थित थे।
चुनाव पास हैं और जनता के बीच राजनेताओं को जाना ही है, तो सूर्यग्रहण के बहाने एक पंथ दो काज हो गया।