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Friday, June 22, 2012

नन्हीं माही को बचाने में जुटी सेना

गुड़गाव। जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर मानेसर के समीप स्थित गाव कासन की ढाणी में चार वर्षीय बच्ची माही की जिंदगी 70 फुट गहरे बोरवेल के गढ्डे में अटकी हुई है। घटना बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे की है। माही अपने जन्मदिन पर केक काटने के बाद घर के बाहर खेल रही थी। अंधेरे के कारण वह बोरवेल के खुले गड्ढे में जा गिरी। उसे बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन की टीम रात से ही जुटी हुई है। गुरुवार को सुबह करीब नौ बजे आर्मी की तीसरी इंजिनियर्स रेजिमेंट टीम ने बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभाली। माही को बचाने के लिए एनएसजी भी तैयार है।

बोरवेल के गड्ढ़े के समीप ही रेपिड मेट्रो की ड्रिल मशीन से खुदाई का काम जारी है। गड्ढे में लगातार ऑक्सीजन छोड़ी जा रही है और डाक्टरों की टीम कैमरे से नजर रखे हुए है। मानेसर पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उपायुक्त पीसी मीणा ने मजिस्ट्रेट जाच के आदेश दिए हैं। खबर लिखे जाने तक मकान मालिक पुलिस की पकड़ से बाहर था।
मानेसर क्षेत्र के गाव कासन की ढाणी में द्वारका में रहने वाले रोहताश तायल ने किराये पर कमरे देने के लिए मकान बनाया हुआ है। उसमें यूपी, अलीगढ़ निवासी नीरज किराये पर रहता है। नीरज आईएमटी सेक्टर-चार स्थित एक कंपनी में सुरक्षा सुपरवाइजर है। नीरज चार वर्षीय लड़की माही, एक छोटी लड़की एवं पत्‍‌नी सोनिया के साथ रहता है।
बुधवार को माही का जन्मदिन था और घर के बाहर डीजे बज रहा था। मकान की छत पर नीरज दोस्तों व परिजनों को खाना खिला रहा था। करीब साढ़े 10 बजे डीजे बंद होने पर माही के रोने की आवाज सुनाई दी। उसकी तलाश शुरू हुई तो पता चला माही की आवाज बोरवेल के गड्ढे से आ रही है। इसकी सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गई। मानेसर पुलिस, गुड़गाव से फायर आफिसर आइए कश्यप, बीरबल शर्मा, उपायुक्त पीसी मीणा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बचाव कार्य फायर ब्रिगेड की मदद से शुरू किया। डाक्टरों की टीम गढ्डे में ऑक्सीजन छोड़ने के साथ ही कैमरे उतार उस पर नजर रखे हुए हैं। बहुमंजिला इमारतों के कारण खुदाई में दिक्कत आने पर बुधवार रात को उपायुक्त पीसी मीणा ने आर्मी की मदद के लिए फैक्स किया। रात करीब तीन बजे आर्मी की तीसरी इंजिनियर्स रेजिमेंट ने बचाव व राहत कार्य के लिए हामी भरी।
उनकी टीम दिल्ली कैंट से लेफ्टिनेंट कर्नल अश्रि्वनी त्यागी की अगुवाई में मानेसर के लिए रवाना हुई। त्यागी ने प्लानिंग बनाई और करीब नौ बजे बचाव व राहत कार्य शुरू किया। जेसीबी व पोपलेंड मशीन से धीमी गति से खुदाई होने पर बोरवेल के समीप करीब नौ-दस फीट दूरी पर ड्रिल मशीन से गढ्डा करना शुरू किया। दूसरी ओर डाक्टरों की टीम कैमरे से माही पर नजर रखे हुए थी। उपायुक्त पीसी मीणा के अनुसार माही को बचाने का प्रयास जारी हैं। आर्मी की टीम जुटी हुई है। साथ ही प्रशासन अपना काम कर रहा है। एनएसजी के अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। मीणा ने बताया रात में आपरेशन चलने के चलते बिजली निगम को बेहतर लाइट व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।