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Saturday, May 9, 2009

हल किए चार सवाल, अंक पांच के दिए

HCS Exams : हाईकोर्ट ने जांची उत्तरपुस्तिकाएं
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को जांची गई एचसीएस की उत्तरपुस्तिकाओं में गड़बड़ी मिली। एक उत्तरपुस्तिका में चार प्रश्नों को हल किया गया था, जबकि अंक पांच प्रश्नों के दिए गए थे। यह उत्तरपुस्तिका पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के राजनीतिक सलाहकार रहे शेरसिंह बड़शामी के पुत्र कुलधीर की थी। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने 2002 के दौरान हुई 65 एचसीएस अफसरों की नियुक्ति में हुई धांधली के मामले में बीते रोज उत्तरपुस्तिकाओं को कोर्ट में पेश करने को कहा था। खंडपीठ ने यह भी पाया कि कुलधीर सिंह की उत्तर पुस्तिका में इतिहास के पेपर में मैप व एक अन्य सवाल जिसका जवाब देना जरूरी था, का जवाब नहीं दिया गया था, फिर भी उसे पूरे अंक दिए गए हैं। खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आज जग निवास, जगदीप, सुरेंद्र कुमार, रंजीत कौर व वीना हुडडा की उत्तर पुस्तिका की भी जांच की। इस मामले की बहस के दौरान हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील मोहन जैन ने कोर्ट को बताया कि जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में 536 से ज्यादा अंक लिए थे उन्हे साक्षात्कार में कम अंक दिए गए। ऐसे ही एक मामले में करनाल के अतिरिक्त जिला जज राम सिंह की पत्नी रंजीत कौर, जो हरियाणा के एक आईएएस अधिकारी हरबख्स सिंह की बहन थी उसने लिखित परीक्षा में 493 अंक लिए थे। एचपीएससी के पैनल ने उसे साक्षात्कार में 96 अंक दिए ताकि उसकी सलेक्शन एचसीएस में हो जाए क्योंकि एचसीएस में सलेक्शन के लिए 583 अंक लेना जरूरी था।

कुछ परीक्षार्थी बाद में आईएएस बन गए :
जैन ने कोर्ट को यह भी बताया कि ऐसे कई उम्मीदवार हैं जिनका चयन एचपीएससी ने किया गया लेकिन बाद में वे आईएएस व आईपीएस में सलेक्ट हो गए।

और किन तथ्यों की जांच होनी चाहिए :
मामले की सुनवाई के दौरान इस मामले से जुड़े अधिकतर पक्षों ने इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग की जिसके बाद चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने इस मामले जुड़े पक्षों को यह जानकारी देने के लिए भी कहा कि वे कोर्ट को यह बताएं कि इस मामले में किन तथ्यों पर जांच हो सकती है। चीफ जस्टिस खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील को कोर्ट में पेश होने के भी आदेश दिए। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 12 मई के लिए टाल दी। चयन में बाई-भतीजावाद के आरोप: वर्ष 2002 में हुई भर्ती धांधली को लेकर विधायक करण सिंह दलाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर पहले 12 और उसके बाद 53 एचसीएस अधिकारियों के भर्ती रिकार्ड हाईकोर्ट के ज्वाइंट रजिस्ट्रार के रूम में जांचे गए थे। इस मामले में याचिकाकर्ता के वकीलों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद किया गया है।

जांच में सामने आई थी धांधली :
हाईकोर्ट के निर्देश पर ही याचिकाकर्ता के वकील ने एचपीएसएसी अधिकारियों की मौजूदगी में हाईकोर्ट के ज्वाइंट रजिस्ट्रार के रूम में रिकार्ड जांचा था जिसके बाद जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की गई थी जिसमें धांधलियों की बात कही गई थी।