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Thursday, November 27, 2008

बनेगा पहला महा मृत्युंजय यंत्र


महामृत्युंजय के जाप से सवा लाख जाप के बराबर लाभ मिलता है। इसी तर्ज़ पर हिसार की धरती से जुड़े स्वामी सहजानंद नाथ एक ऐसे यंत्र का निर्माण करने में जुटे हैं जिसकी परिक्रमा करने से सवा लाख महामृत्युंजय के जाप का फल प्राप्त होगा। हिसार के गांव mayyar के स्वामी सहजानंद नाथ मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के इटारसी में नर्मदा नदी के तट पर ५४ फ़ुट वर्गाकार भूखंड पर ५४ फ़ुट ऊंचा विशाल महामृत्युंजय यंत्र का निर्माण करने जा रहे हैं। करोड़ों की लागत से बनने वाले इस यंत्र के निर्माण के लिए वर्ष २०१२ का लक्ष्य रखा गया है। इस यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा पर ५४ करोड़ महामृत्युंजय मंत्र का जाप होगा और इसके लिए सवा लाख पंडितों को आमंत्रित किया जाएगा। विश्व में पहली बार इस तरह की रचना का निर्माण हो रहा है। योगी सहजानंद नाथ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि १९ सालों कि तपस्या के बाद इस यंत्र को निर्माण करने में सिद्धता हासिल कर ली है। उन्होंने बताया कि महामृत्युंजय में ५२ शब्द होते हैं और शक्तिपीठ भी ५२ हैं। इसी प्रकार रीढ़ में ५२बिन्दु होते हैं। यंत्र कि स्थापना इटारसी में किए जाने पर रोशनी डालते हुए योगी ने बताया कि मानचित्र में भारत का नक्शा मानव के शरीर कि तरह दिखता है। देश के केंद्र में ही मध्यप्रदेश है और नर्मदा के किनारे वन में स्थापित इटारसी दिल कि भांति शरीर के केन्द्र में दिखता है।