विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने परमाणु करार को राष्ट्रहित में बताते हुए कहा कि अगर भारत को तरक्की की राह पर यूँ ही आगे बढ़ना है तो परमाणु करार उसे मंजिल तक पहुँचायेगा। विकास के लिए सबसे बड़ी जरूरत बिजली की है और हमें ५० हजार मेगावाट बिजली कि जरुरत पड़ेगी और परमाणु उर्जा से हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।