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Wednesday, December 2, 2009

विकलांगों को तोहफा

विश्व विकलांग दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 'जवाहर सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन' योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत विकलांगों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के विकास एवं उत्थान पर विशेष बल दिया जाएगा। जिलास्तर पर विशेष स्कूल या संस्थान खोले जाएंगे। इसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।विश्व विकलांग दिवस पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी तरह की इस पहली योजना के तहत नेत्रहीनों, मूक एवं बधिरों, शारीरिक रूप से विकलांग लोगों, मानसिक विक्षिप्तों, वरिष्ठ नागरिकों तथा बच्चों के लिए जिला स्तर पर विशेष स्कूल या संस्थान स्थापित किए जाएंगे। योजना के तहत नेत्रहीनों के लिए 10 विद्यालय, मूक एवं बधिरों के लिए आठ विद्यालय, मानसिक विक्षिप्तों के लिए छह विद्यालय, तीन राज्यस्तरीय संस्थान, मानसिक विक्षिप्तों के लिए दो गृह, वरिष्ठ नागरिकों के लिए चार गृह, छह बाल गृह तथा 21 व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा प्रस्तावित भवनों के नक्शे पहले ही तैयार किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसिक विक्षिप्तों के लाभार्थ 'घरौंदा' नामक अन्य योजना लागू की गई है, ताकि उन्हें आश्रय उपलब्ध कराया जा सके। यह योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे मानसिक विक्षिप्तों के लिए राष्ट्रीय न्यास तथा राज्य सरकार द्वारा बराबर हिस्सेदारी के आधार पर चलाई जा रही है। गरीबी रेखा से ऊपर वाले मानसिक विक्षिप्त आठ लाख रुपये की राशि अदा करके इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एक करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।

Saturday, November 14, 2009

गरीबों के लिए मुफ्त एंबुलेंस सेवा

बाल दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रदेश में दो नई योजनाएं 'नेहरू बाल दृष्टि योजना' और 'हरियाणा स्वास्थ्य वाहन सेवा नंबर 102 शुरू की गईं। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के रोगियों, गर्भवती महिलाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों और भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंचकूला में एंबुलेंस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया। नेहरू बाल दृष्टि योजना का श्रीगणेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत राज्य में चार नेत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। साथ ही नेत्रदान करने वालों की सुविधा के लिए भी जिलों में नेत्रदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 102 डायल कर नेत्रदान के संबंध में सूचना प्राप्त कर सकता है। यह नंबर सभी एंबुलेंस वाहनों में भौगोलिक स्थिति प्रणाली के साथ सुसज्जित होगा।
हुड्डा ने कहा कि यह एंबुलेंस सेवा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों के रोगियों, अधिसूचित जाति व मलिन बस्तियों के वासियों,सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों, गर्भवती महिलाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों तथा भूतपूर्व सैनिकों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध होंगी। अन्य श्रेणी के रोगियों को एंबुलेंस सेवा के लिए सात रुपये प्रति किलोमीटर की दर से अदायगी करनी होगी।

Wednesday, October 28, 2009

हुड्डा ने पास की अग्निपरीक्षा

सात निर्दलीय विधायकों व एक बसपा विधायक के सहारे बुधवार को कांग्रेस ने सदन में अपना बहुमत साबित कर दिया। 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा रखे गए विश्वास प्रस्ताव को 47 विधायकों ने पहले तो ध्वनिमत से फिर मांग आने पर खड़े होकर अपना समर्थन दिया। इस तरह हुड्डा ने अपनी पहली अग्नि परीक्षा पास कर ली है।

इधर हजकां के छह विधायक शपथ लेने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बीच सदन से चले गए और लौट कर नहीं आए। यानि विश्वास मत के दौरान वे सदन में नहीं थे। हजकां विधायक दल के नेता कुलदीप बिश्नोई ने फोन पर बताया कि अभी हमारे सभी विकल्प खुले है। हम सरकार को भी समर्थन कर सकते है, इनेलो को भी और विपक्ष में भी बैठ सकते है। उन्होंने कहा कि समर्थन देने की हमारी कोई शर्त नहीं है हम केवल चाहते है कि जो वायदे चुनाव में हमने जनता से किए हैं वे पूरे हों।
विधानसभा चुनाव में कांग्र्रेस को 40, इनेलो-अकाली दल को 32, हजकां को छह, भाजपा को चार, निर्दलीय सात और बसपा को एक सीट मिली थी। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में बहुमत के लिए 46 विधायकों का साथ चाहिए, क्योंकि चौटाला दो सीटों से जीते थे इसलिए सदन 89 सदस्यों का रह जाता है। इसलिए बहुमत के लिए 45 विधायक चाहिए थे, पर कांग्रेस ने 47 विधायकों के साथ बहुमत पेश कर दिया। राज्यपाल ने बड़ा दल होने के नाते कांग्रेस को बहुमत साबित करने के लिए सप्ताह का वक्त दिया था।
वैसे जरूरत पड़ती तो विधानसभा अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह चïट्ठा भी कांग्रेस के पक्ष में वोट कर सकते थे। इस प्रकार कांग्रेस के पास इस समय 48 का आंकड़ा है। विश्वास मत पर इनेलो विधायक दल और सत्ता पक्ष के बीच करीब एक घंटा बहस चलती रही। बीच-बीच में भाजपा के अनिल विज व कृष्णपाल गुज्जर भी बोलते रहे। शोर शराबे में विश्वास मत पर बहस नहीं हो पाई। आखिर में वोटिंग हो गई। चौटाला और भाजपा सदन को और दो-तीन दिन चलाने की मांग कर रहे थे। अंत में चौटाला ने वाटिंग की मांग की और उसे स्वीकार कर लिया गया।
कौन-कौन हैं साथ
कांग्रेस के 40 विधायकों के अलावा निर्दलीय विधायक प्रह्लïाद सिंह गिल्ला खेड़ा, गोपाल कांडा, सुखबीर कटारिया, जलेब खान, ओम प्रकाश जैन, सुलतान जडौला, शिवचरण शर्मा और बसपा विधायक अकरम खान ने सरकार के पक्ष में मतदान किया।


Sunday, October 25, 2009

हरियाणा के मुख्यमंत्री और उनके कार्यकाल

पं. भगवत दयाल शर्मा



01.11.1966 से 23.03.1967
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राव बीरेंद्र सिंह


24.03.1967 से 20.11.1967
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बंसी लाल
1. 22.05.1968 से 30.11.1975
2. 05.07.1985 से 19.06.1987
3. 11-05.1996 से 23.07.1999
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बनारसी दास गुप्ता


1. 01.12.1975 से 30.04.1977
2. 22.05.1990 से 12.07.1990
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चौधरी देवीलाल

1. 21.06.1977 से 28.06.1979
2. 17.07.1987 से 02.12.1989
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चौधरी भजनलाल

1. 29.06.1979 से 05.07.1985
2. 23.07.1991 से 09.05.1996
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ओमप्रकाश चौटाला

1. 02.12.1989 से 22.05.1990
2. 12.07.1990 से 17.07.1990
3. 24.07.1999 से 04.03.2005
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हुकम सिंह


1. 17.07.1990 से 21.03.1991
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा


1. 05.03.2005 से 25.10.2009
2. 25.10.2009 से शुरू

Hooda ने बनाया नया रिकॉर्ड

सीएम की कुर्सी या कांटों का ताज
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सिर पर दूसरी बार मुख्यमंत्री का ताज रखा गया। राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा ने रविवार शाम उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्हें बहुमत साबित करने के लिए सात दिन का वक्त दिया गया है। पर इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी किसी कांटों के ताज से कम नहीं है। निर्दलियों के समर्थन से चलने वाली अल्पमत सरकार को घेरने का विपक्ष कोई मौका नहीं चूकेगा। वहीं सहयोगी दलों से तालमेल बनाए रखना भी हुड्डा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र 28 व 29 अक्टूबर को होगा, जिसमें हुड्डा बहुमत साबित करेंगे। इसी बीच हजकां ने भी सरकार को समर्थन देने का फैसला कर लिया है। समर्थन की शर्तें क्या होंगी यह अभी तय नहीं हैं।
रविवार को राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा ने हरियाणा राजभवन में आयोजित समारोह में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। हुड्डा ने कांग्रेस पार्टी के तीन केंद्रीय पर्यवेक्षकों, हरियाणा मामलों के प्रभारी एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, कांग्रेस के महासचिव बीके हरि प्रसाद और मोहसिना किदवई की उपस्थिति में हिंदी में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
सात निर्दलियों व बसपा के एक विधायक के बाद हजकां के समर्थन से सरकार को कुछ स्थायीत्व मिल गया है। शपथ ग्रहण समारोह में हुड्डा ने अकेले शपथ ग्रहण की। कहा जा रहा है कि आलाकमान से विचार-विमर्श के बाद वह जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस के सभी गुटों को खुश करने और हजकां और निर्दलियों को भी संतुष्ट करना भी चुनौती से कम नहीं है। प्रदेश में कुल 14 मंत्री बन सकते हैं और सभी निर्दलीय मंत्री पद पाने की जोड़-तोड़ में हैं। इनेलो के संपर्क में पूर्व से रहे तीन निर्दलियों को तो पहले विस्तार में मंत्री पद हर हाल में देना ही होगा। इसके अलावा रोहतक, झज्जर व सोनीपत से बाहर अपने प्रभाव का विस्तार करना भी हुड्डा के लिए चुनौती से कम नहीं है। इन चुनावों में एक बार फिर हुड्डा और कांग्रेस इन्हीं जिलों में सिमटते नजर आए।

Saturday, July 4, 2009

प्रदेश के छह नए राष्ट्रीय राजमार्ग

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने प्रदेश से गुजरने वाले लगभग 300 किलोमीटर लंबाई के छह मार्गो को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जाने की मंजूरी दे दी है। बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच बैठक में उक्त फैसला लिया गया। ये मार्ग सोनीपत-गोहाना-जींद (एनएच-1 और एनएच-71 के बीच में), अंबाला-साहा (एनएच-1 और एनएच-73 के बीच में), साहा-शाहाबाद (एनएच-73 और एनएच-1 के बीच में), गुड़गांव-झज्जर-बेरी-कलानौर-महम (एनएच-8 और एनएच-10 के बीच में), रोहतक-भिवानी-लोहारू-पिलानी-राजगढ़ ( एनएच-10 और एन.), उकलाना (सूरेवाला चौक एनएच 65 पर)-टोहाना-पातड़ां (पंजाब में एनएच 71 पर) हैं। कमलनाथ ने राज्य की कई सड़कों के सुधार के लिए केंद्रीय सड़क कोष से 300 करोड़ रुपये की राशि दिए जाने के लिए भी स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा राष्ठ्रीय राजमार्गो के सुधार के लिए भी 200 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। कमलनाथ ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजनाओं को जल्दी पूरा करने के भी निर्देश दिए। ये परियोजनाएं हैं - चार/छह लेन का रोहतक-बहादुरगढ़ मार्ग, चार लेन का रोहतक-पानीपत मार्ग, चार लेन का अंबाला-कैथल मार्ग, चार लेन का पंचकूला-साहा मार्ग, छह लेन का पानीपत-अंबाला मार्ग, छह लेन का गुड़गांव - राजस्थान बार्डर मार्ग तथा छह लेन का फरीदाबाद-पलवल-आगरा मार्ग। इनके अ‌र्न्तगत क ई स्थानों पर ग्रेड-सेपरेटर बनाने की भी मंजूरी दे दी गई है।
श्रेय लेने की होड़
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से छह मार्गो को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जाने की मंजूरी मिलते ही प्रदेश के नेताओं में इस प्रोजेक्ट का श्रेय लेने की होड़ सी ही शुरू हो गई। एक और सरकारी तंत्र इसके लिए सीएम और उनके सांसद बेटे की शान में कसीने पढने लगा , वहीं भिवानी की सांसद Shruti और उनकी माँ और प्रदेश की वन मंत्री किरण चौधरी इसका श्रेय लेने की होड़ में जुट गई।
जब सत्ताधारी दल में इस कदर मारामारी हो, तब विपक्ष कैसे चुप बैठ सकता था। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने इन्हें अपने शासन में हुए निर्णय बताकर इनेलो और राजग की दावेदारी से नहीं चुके।

Sunday, February 15, 2009

Hooda ने बांटी रेवडियाँ

बुढापा पेंशन 500 रूपये, विधवा पेंशन 550

बेरोजगारी भत्ता भी बढाया

लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज़ करते हुए सीएम हुड्डा ने प्रदेश के बजट से पहले ही सभी वर्गों के लिए चुनावी तोहफों का एलान कर दिया। खास बात यह रही कि बजट में यह घोषणाएं शामिल नहीं हैं। बुढापा पेंशन को बढाकर पांच सौ रुपये कि घोषणा कर दी और इसी के साथ बेरोजगारी भत्ता और विधवा पेंशन में भी इजाफा करने कि घोषणा सीएम ने सदन में की। मुख्यमंत्री ने इस तरह अपनी ही सरकार के बजट को बौना साबित कर सरकार पर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी। कुछ दिन पूर्व ही वित्त मंत्री बिरेंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पड़ की लडाई जारी रखने का एलान किया था। इस तरह सीएम ने उन्हें बौना साबित कर उसका जवाब दे दिया है। इस तरह कांग्रेस की लडाई ने एक नया रंग ले लिया है।

हुड्डा ओर से की गई घोषणाओं में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकरता, बेसहारा बच्चे, विधवाएं, वरिष्ठ नागरिक तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल है। इनके लिए लगभग 700 करोड़ रुपये की अनेक योजनाओं की घोषणा की हैं और ये सभी योजनाएं 1 अप्रैल से लागू होंगी। बुढ़ापा पेंशन 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये, विधवा पेंशन 350 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये, 70 प्रतिशत विकलांग व्यक्तियों का भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये, शत प्रतिशत विकलांग भत्ता 600 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये, बेसहारा बच्चों का मासिक भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये किया गया है। विज्ञान नहीं पढ़े 12वीं पास लोगों का बेरोजगारी भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये, विज्ञान पढ़े स्नातक युवकों का बेरोजगारी भत्ता 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 750 रुपये, विज्ञान स्नातक बेरोजगार भत्ता 750 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये,12वीं पास सामान्य व विज्ञान शिक्षित युवतियों का बेरोजगारी भत्ता 450 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये, विज्ञान स्नातक तथा सामान्य स्नातक बेरोजगार महिलाओं का बेरोजगारी भत्ता 750 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह किया गया है। स्वतंत्रता सेनानी पेंशन में शामिल निर्धारित चिकित्सा भत्ते को 250 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। हुड्डा ने घोषणा की कि जिला परिषद के प्रधान का मानदेय 4000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 6000 रुपये, उप-प्रधान का मानदेय 3000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 4500 रुपये तथा सदस्य जिला परिषद का मानदेय 1000 से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है। जो पहली अप्रैल 2009 से लागू होगी। इसी प्रकार पंचायत समिति के प्रधान का मानदेय 3000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 4500 रुपये प्रतिमाह तथा सदस्य पंचायत समिति का मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इतना ही नहीं सरपंच का मानदेय 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह तथा पंच का मासिक भत्ता 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। नगर निगम के मेयर का मानदेय 3000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह, वरिष्ठ उप-मेयर का मानदेय 2000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 3000 रुपये, उप-मेयर का मानदेय 1500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह तथा पार्षद का मानदेय 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया नगर परिषद के प्रधान का मानदेय 2000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह, उप-प्रधान का मानदेय दोगुणा करते हुए 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है। इसके साथ ही नगर परिषद के पार्षद का मानदेय भी 1000रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह किया। उन्होंने घोषणा की कि नगरपालिका के प्रधान को 1500 रुपये प्रतिमाह की अपेक्षा 2500 रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जाएगा जबकि उप-प्रधान का मानदेय दोगुणा करके 1000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। नगरपालिका सदस्य को 500 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 1000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जाएगा। हुड्डा ने घोषणा की कि चौकीदार का मानदेय 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह तथा वार्षिक वर्दी भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह तथा सीटी, लाठी और बैटरी का वार्षिक भत्ता भी 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नंबरदारों का मानदेय भी 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा। हुड्डा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं का मानदेय 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है और आंगनबाड़ी हैल्पर्स का मानदेय 400 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में देश में प्रथम स्थान पर है और प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में सरकार द्वारा मिल्क सबसिडी प्रदान की जाएगी। इस उद्देश्य के लिए हरियाणा सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी अध्यापकों के लिए एक अलग से काडर बनाने का फैसला किया गया है और इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में 1000 अंग्रेजी अध्यापक नियुक्त किए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में मकानों की समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि शहरी क्षेत्रों में सरकार द्वारा जगाधरी, फरीदाबाद, पलवल, हिसार, सोनीपत तथा अम्बाला में 15000 मकान बनाए जाएंगे। उन्होंने क हा कि इसी प्रकार से शहरी क्षेत्रों के आसपास 15000 मकान प्राइवेट सेक्टरों में बनाए जा रहे हैं। इन्हीं मकानों की तरह बहादुरगढ, गुड़गांव, हिसार, जींद, कै थल , रोहतक तथा सिरसा में भी 16356 मकान बनाए गए हैं। इसी प्रकार प्राइवेट सैक्टरों में भी 15000 मकान बनाए जाएंगे।