


चार साल की जद्दोजहद के बाद आखिर भारतीय ओलंपिक संघ ने आईपीएस अधिकारी पीवी राठी के नेतृत्व वाले हरियाणा ओलंपिक संघ को मान्यता प्रदान कर दी है। अब हरियाणा ओलंपिक संघ द्वारा चयनित खिलाड़ी ही रांची में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेंगे। उधर अभय गुट ने राठी गुट को मान्यता मिलने के दावे पर सवाल खड़े किए हैं। हरियाणा ओलंपिक संघ (अभय गुट) के महासचिव व पूर्व पुलिस महानिदेशक एमएस मलिक ने कहा है कि राठी गुट को कोई मान्यता नहीं मिली है। पंचकूला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव रणधीर सिंह ने पीवी राठी को परिपत्र भेजकर हरियाणा ओलंपिक संघ को मान्यता प्रदान करने संबंधी जानकारी दी है। यहां हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राठी ने दावा किया कि रांची में होने वाले 34वें राष्ट्रीय खेलों के लिए तमाम चयन प्रक्रिया उनके नेतृत्व वाले हरियाणा ओलंपिक संघ के बैनर तले आयोजित की जाएगी। राठी के अनुसार भारतीय ओलंपिक संघ ने एचओए को मान्यता देने संबंधी फैसला पंचकूला की सिविल जज (सीनियर डिविजन) अंशु शुक्ला के आदेश के आधार पर लिया है। 24 दिसंबर 2008 को जारी आदेशों में न्यायाधीश अंशु शुक्ला ने कहा है कि पीवी राठी के नेतृत्व वाले एचओए को प्रांतीय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजित करने तथा उनमें भागीदारी करने का पूर्ण अधिकार है। इस संबंध में राज्य सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। पीवी राठी के अनुसार आईओए के महासचिव रणधीर का परिपत्र उन्हें 30 जनवरी 2009 को हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ी लंबे अरसे से इस दुविधा में थे कि वह किस गुट में जाएं। ओलंपिक संघ ने अपना कोई फैसला नहीं सुनाया था, तब तक संघ के सभी खाते फ्रिज थे। अब इन खातों के संचालन के लिए बैंक से अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा ओलंपिक संघ के पास खेल बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन बैंक खातों में बंद पड़े करीब 40 से 50 लाख रुपये को भी खेल गतिविधियां बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा। उधर हरियाणा ओलंपिक संघ (अभय गुट) के महासचिव एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक एमएस मलिक ने पीवी राठी गुट को मान्यता मिलने संबंधी दावे पर सवाल खड़े किए हैं। मलिक ने कहा कि पंचकूला की अदालत ने पीवी राठी गुट के हक में जो फैसला दिया है, भारतीय ओलंपिक संघ ने सिर्फ उसे फारवर्ड किया है। राठी गुट के पदाधिकारी खेल प्रेमियों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्हें कोई मान्यता हासिल नहीं हुई है। पंचकूला अदालत के फैसले को अभय चौटाला गुट हाईकोर्ट में चुनौती देगा। इसके लिए पूरे केस की स्टडी की जा रही है। मलिक के अनुसार अभय चौटाला के नेतृत्व वाली हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन ने भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष व महासचिव को परिपत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पीवी राठी गुट नकली और फर्जी है। उन्होंने पंचकूला की अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने संबंधी एसोसिएशन के फैसले की भारतीय ओलंपिक संघ को भी जानकारी दी है।

त्री समिति के सदस्य चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा
की अस्थियां उनके पैतृक गांव सांघी के खेतों के अलावा भाखड़ा नांगल बांध और हथिनी कुंड बैराज में प्रवाहित की गई। बुधवार सुबह दिवंगत रणबीर सिंह हुड्डा के तीनों बेटे
इंद्रजीत सिंह हुड्डा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा,धर्मेद्र सिंह हुड्डा व उनके पौत्र दीपेंद्र हुड्डा, सुखवेंद्र हुड्डा , हरेंद्र, सुनेंद्र व परिवार के अन्य सदस्य प्रात: संविधान स्थल पहुंचे और सभी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच अस्थियां चुनी। अस्थियां चुनने के बाद समाधि स्थल पर पवित्र जल का छिड़काव किया गया व पुष्प अर्पित किए।
जबकि हथनी कुंड बैराज, यमुनानगर में दिवंगत रणबीर सिंह की अस्थियां विसर्जन करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बडे़ भाई इंद्रसिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र हुड्डा गए।

राष्ट्रीय कुंडू खाप के प्रधान चौधरी नाहर सिंह की मंगलवार शाम को गोलियों से भून डाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
शोक में डूबे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सिर से पिता का साया उठ जाने से वह असहाय महसूस कर रहे हैं। पिता जी की कमी जीवन पर्यत खलती रहेगी, क्योंकि पिता जी ने उन्हें विशेष स्नेह, अथाह प्रेम, आशीर्वाद और दुलार दिया। जिसने हमेशा प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री बोले, आज वह इन सब चीजों से वंचित हो गए हैं। हुड्डा ने कहा कि जो व्यक्ति मां-बाप की सेवा करता है उसके समान भाग्यशाली कोई भी नहीं होता। भगवान की ऐसी अनुकम्पा भाग्यवान लोगों पर ही होती है। हुड्डा ने देश के इस सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित करने आए विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनसमू
ह इसका परिचायक है कि रणबीर सिंह ईमानदारी, सच्चाई और नेक-नीयत के धनी थे।
विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आचार्य गिरिराज किशोर का मानना है कि आतंकवाद रूपी समस्या का एकमात्र समाधान पाकिस्तान पर हमला है। केंद्र सरकार को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए, जितनी देरी होगी उतनी ही स्थिति गंभीर होगी क्योंकि बिना हमला के पाकिस्तान से ये आतंकवादी गतिविधियां बंद नहीं होंगी।
राजकीय सम्मान के साथ Ranbir Hooda की अंत्येष्टि
चांद-फिजा के रिश्ते अब पूरी तरह झुलस गए हैं। अनुराधा बाली उर्फ फिजा ने सोमवार को तो चेतावनी तक दे डाली। कहा कि हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद ने अभी तक उनका प्यार वाला रूप देखा है। अब वह दूसरा रूप देखेंगे।
संविधान निर्मात्री सभा के अंतिम जीवित सदस्य एवं मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता सेनानी पिता Ranbir Singh Hooda का रविवार को निधन हो गया। वे 95 वर्ष के थे और अपने पीछे पत्नी हरदेई देवी एवं पुत्र-पौत्रों का भरापूरा परिवार छोड़ गये है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर 3 बजे दिल्ली रोड स्थित आईएमटी के ग्रीन बेल्ट इलाके में किया जाएगा। उनके निधन से प्रदेश भर में शोक की लहर दौड़
गई है। उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने कहा कि सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला भारतीय कला और सांस्कृतिक धरोहर की जीती जागती तस्वीर है। कला और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने वाले सैकड़ों कलाकारों को यहां साझा मंच मिलता है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रतीक बन चुके इस मेले में शिल्पी एक जगह जुटते हैं और एक-दूसरे से रूबरू होते है, यही इसकी विशेषता है। 
Chand-Fija की प्रेम कहानी आगे चलेगी या नहीं, इसका जवाब फिज़ा के पास भी नहीं हैं। फिज़ा कहती हैं, जब तक चांद से बातचीत नहीं हो जाती, यह कहना मुश्किल है कि उनके रिश्ते बरकरार रहेंगे या नहीं। फिज़ा ने कहा, उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि कल तक साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाला उनका चांद चौबीस घंटे अस्पताल में रहने पर भी उन्हें देखने नहीं आया। तीन दिन पहले एसएसपी मोहाली के मोबाइल पर उन्होंने चांद से बात की थी। उस वक्त चांद के साथ किसी और की आवाज भी आ रही थी जो शिकायत वापस लेने को कह रहा था।हरियाणा में भाजपा-इनेलो गठबंधन में सीटों का बंटवारा अभी भी लटका हुआ है। सोनीपत सीट का कांता अभी भी दोनों दलों के गले में कांटा बनकर अटका है। दोनों ही इस पर दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। अब इनेलो ने गुडगाँव पर भी दावा ठोंक तनाव और बढ़ा दिया है। भाजपा हाईकमान ने इनेलो की दावेदारियों को गंभीरता से लेते हुए सीटों के बंटवारे का फैसला राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक होने तक टाल दिया है। इससे प्रदेश भाजपा के नेता न केवल मायूस हैं बल्कि खुद को इनेलो नेताओं के दबाव में महसूस करने लगे हैं। गठबंधन की घोषणा के बाद से ही प्रदेश के भाजपा नेता इस गठबंधन के प्रति ज्यादा उत्साहित नहीं दिखाई दे रहे थे। सोनीपत सीट भाजपा की परम्परागत सीट रही और किशन सिंह सांगवान वहां से लगातार तीन बार सांसद चुने जा चुके हैं।
भाजपा संसदीय बोर्ड की नई दिल्ली में हुई बैठक से पहले हरियाणा के मसलों पर औपचारिक चर्चा हुई। इनेलो व भाजपा गठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा हालांकि इसी बैठक में तय हो जाना था, लेकिन हाईकमान को जब इनेलो की दावेदारी और आपत्तियों के बारे में पता चला तो बंटवारे का फैसला अधर में लटक गया है। इनेलो ने भाजपा हाईकमान के समक्ष गुड़गांव लोकसभा सीट अपने खाते में डालने की इच्छा जाहिर की। इस लोकसभा में मुस्लिम व यादव बाहुल्य नुहूं, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका विधानसभा सीटें आती हैं। यह हलके पहले फरीदाबाद लोकसभा में पड़ते थे। भाजपा हाईकमान को समझाने का प्रयास किया गया कि इन हलकों से भाजपा की बजाय इनेलो को अधिक जनसमर्थन हासिल हो सकता है। इस स्थिति में गुड़गांव लोकसभा सीट भाजपा के बजाय इनेलो को दी जानी चाहिए। गुड़गांव सीट पर इनेलो की मजबूत दावेदारी से जहां भाजपा सकते में है, वहीं जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट देने का नारा बुलंद करते हुए इनेलो ने सोनीपत में भी ताल ठोंक दी है। सोनीपत से किशन सिंह सांगवान भाजपा सांसद हैं। इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला से उनका छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। गोहाना उपचुनाव में भाजपा की हार का हवाला देते हुए इनेलो ने न केवल सोनीपत सीट मांगी है, बल्कि यह दलील भी दी कि गठबंधन की संयुक्त रैली में भाजपा ने कोई खास मेहनत नहीं की है। इनेलो का दावा है, नए परिसीमन के बाद जींद जिले का बड़ा हिस्सा सोनीपत में शामिल हुआ है और इस क्षेत्र में भाजपा और सांगवान का कोई आधार नहीं है। इनेलो की आपत्ति से अलग भाजपा ने भी गुड़गांव व सोनीपत सीट बचाने के लिए हाईकमान के समक्ष कई ठोस दलीलें पेश की हैं। हालाँकि सीटों का बंटवारा अभी लंबित है लेकिन इसने भाजपा को बैकफ़ुट पर ला दिया है। प्रदेश के कुछ नेता कह रहे हैं, अब प्रदेश भाजपा ठगी सी महसूस कर रही है।
पांच हजार वर्ष पूर्व विकसित हड़प्पाकालीन सभ्यता को समेटे 'दक्ष खेड़ा' में नए इतिहास की परतें खुल रही है। पुरात्ववेताओं ने नार्थ इंडिया का हड़प्पाकालीन सबसे बड़ा कब्रिस्तान खोजा है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री चांद मुहम्मद उर्फ चंद्रमोहन अपनी दूसरी बीवी फिजा ऊर्फ अनुराधा बाली को छोड़कर घर से गायब हैं। इसने फिजा की परेशानी बढ़ा दी है और गुरुवार को उसने नींद की गोलियां खाकर जान देने का प्रयास किया। लेकिन चाँद का सुराग नहीं लग पाया है। पूरे मामले ने चाँद और फिजा के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीमा बिश्नोई ने अपहरण कराया है। दूसरी तरफ, चांद मुहम्मद कहते हैं कि वह बच्चा नहीं कि उनका अपहरण हो जाए। चांद मुहम्मद ने फोन पर यहां तक बताया कि वह अपनी मर्जी से घूमने आए हैं। चंद्रमोहन का कहना है कि मैंने फिजा और उनकी मां को एसएमएस करके बताया भी है कि मैं घूमने जा रहा हूं।दूरस्थ शिक्षा परिषद विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से संचालित दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के करीब डेढ़ दर्जन स्नातक एवं स्नातकोत्तार तकनीकी कोर्सो को कभी अनुमोदित नहीं किया है। इसमें शिक्षा से जुड़े कई दूसरे कोर्स भी इस ऐप्रूवल से बाहर है। शिक्षा से जुड़े इस बड़े सनसनीखेज मामले ने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित तकनीकी शिक्षण कार्यक्रम की पोल पूरी तरह से खोल कर रख दी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने कलायत के गाव मटौर निवासी नरेश कुमार की ओर से सूचना अधिकार कानून के तहत मागी गई जानकारी पर हलचल मचा दी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से दी गई सूचना के अनुसार केयूके में चलाए जा रहे डेढ़ दर्जन पाठयक्रम अभी अनुमोदित नहीं हैं।
यह पाठयक्रम हैं :मास्टर आफ कंप्यूटर एप्लीकेशन , एम।एस।सी, कंप्यूटर साइस (साफ्टवेयर), एम।एस।सी कंप्यूटर साइस (एस।डब्लयू),मास्टर आफ बिजनेस मैनेजमेंट (एम.बी.ए), मास्टर आफ लाइब्रेरी एंड इनफरमेशन साइस, बेचलर आफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (तीनवर्षीय), बी.एस.सी इन इटरनल साइस (तीनवर्षीय), बी.एस.सी इन कंप्यूटर हार्ड वेयर एंड न्यू वर्क इजीनियरिग (तीनवर्षीय), बेचलर आफ इनफरमेशन एंड मैनेजमेंट (तीनवर्षीय), बेचलर आफ लाइब्रेरी एंड इनफरमेशन साइस (तीनवर्षीय), पी.जी.डिप्लोमा इन टूरिजम एंड होटल मैनेजमेंट (एकवर्षीय), पी.जी.डिप्लोमा इन कंप्यूटर ऐप्लीकेशन (पी.जी.डी.सी.ए)
इसके साथ-साथ कुछ दूसरे रोज परख संचालित तकनीकी कार्यक्रमों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने जब अनुमोदित ही नहीं किया? उन हजारों विद्यार्थियों के भी होश उड़े है जिन्होंने पूर्व में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के तहत विभिन्न डिग्रिया और डिप्लोमा लिए है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के उप निदेशक एवं जन सूचना अधिकारी की मानें तो देश में अधिकाश राज्यों की सरकारी नौकरियों के लिए ये डिग्रिया मान्य नहीं है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का दूरस्थ विभाग उसके लिए एक बड़ा कमाऊ पूत है। विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों के जरिए हर वर्ष घर बैठकर शिक्षा प्राप्त करने वालो से बड़ी राशि फीस के नाम पर वसूली जाती है। केवल इतना ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय ने देश व राज्य के विभिन्न हिस्सों में तकनीकी शिक्षा कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए निजी हाथों में भी कमान दे रखी है। इन-फ्रेचाईज में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत है।
Panchkula : देश के प्रसिद्ध पीसी ज्वेलर्स के पंचकूला स्थित शोरूम में लुटेरों ने दिनदहाड़े फायरिंग कर करीब एक करोड़ 75 लाख रुपये मूल्य के आभूषण लूट लिए।