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Wednesday, November 23, 2011

सरकार की शिक्षा को उच्च प्राथमिकता : भुक्कल

गुड़गांव : हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने बुधवार को सेक्टर-44 स्थित एपी सेंटर में स्कूल शिक्षा बोर्ड परिषद (कोबसे) के 40वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा में सतत और समग्र मूल्याकन पद्धति लागू करने का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास करके उन्हे अच्छे इसान और अच्छे नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता देती है और इसमें खर्च होने वाली राशि को खर्च न मान कर निवेश मानती है।

सम्मेलन का आयोजन स्कूल शिक्षा बोर्ड परिषद और हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने संयुक्त रूप से किया है। तीन दिन के इस सम्मेलन में सतत और समग्र मूल्याकन पद्धति के व्यवहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन में जाने माने शिक्षाविद्, विभिन्न राज्यों के शिक्षा बोर्डो के अधिकारी और ब्रिटेन, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, सिंगापुर और मारीशस जैसे देशों के शिक्षा बोर्डो के 68 प्रतिनिधि भाग ले रहे है। भुक्कल ने कहा कि सम्मेलन में मुख्यमंत्री अन्य अनिवार्य व्यस्तताओं के कारण स्वयं नहीं आ सके है, लेकिन उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों के लिए शुभकामनाएं भेजी है और सम्मेलन की सफलता की कामना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के मामले में क्षेत्रीय असंतुलनों को दूर करने, लड़कों की तरह लड़कियों को बराबर की शिक्षा देने और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की पूरी कोशिश कर रही है। भिवानी में लेबोरेटरी स्कूल खोला गया है, जिसके पीछे यह धारणा है कि बच्चे वास्तविक जीवन जैसी परिस्थितियों में अच्छी तरह सीख सकते है। लिहाजा इस स्कूल में ऐसी शिक्षा परियोजनाएं शुरू की गई है, जिनमें बच्चे मिल कर सीखते है और सामाजिक जिम्मेदारी को महसूस करते हुए फैसले लेते है। उनकी शिक्षा का मूल्याकन परियोजनाओं में उनकी भागीदारी, समझ और दूसरों के प्रति व्यवहार के आधार पर किया जाता है।
सम्मेलन में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष तथा विद्यालय शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन भी वहां मौजूद रहीं।

Sunday, June 28, 2009

डीएड की परीक्षा 17 अगस्त को

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड डीएड प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षा 17 अगस्त को कराएगा। इस परीक्षा में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी 500 रुपये परीक्षा शुल्क के साथ अपना आवेदन पत्र 17 जुलाई तक तथा 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ 27 जुलाई तक भेज सकते है। उन्होंने बताया कि स्वंयपाठी परीक्षार्थियों के परीक्षा फार्म उनके पूर्व के संस्थानों के माध्यम से भरे जाएंगे।

Thursday, June 25, 2009

दबाव में झुका शिक्षा बोर्ड

छठे विषय के अंक भी जुडेंगे
शिक्षा बोर्ड ने संस्कृत भाषा पर उठे बवाल के बाद अब दसवीं कक्षा के कुल अंकों में ऐच्छिक विषय के अंकों को जोडऩे का फैसला किया है।बोर्ड सचिव विकास गुप्ता ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2009-10 से सेकेंडरी कक्षा में सर्वोत्तम पांच विषयों के अंकों को प्रमाण पत्र में जोडऩे का प्रावधान किया गया है। अत: यदि किसी छात्र द्वारा छठे विषय संस्कृत, उर्दू, पंजाबी, कृषि, ड्राइंग, म्यूजिक, डांस, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा तथा कम्प्यूटर साइंस व अन्य विषयों अर्थात हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, सामजिक विज्ञान, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी की तुलना में अधिक अंक अर्जित किए जाते हैं तो उस अवस्था में सबसे कम अंक अर्जित किए जाने वाले विषय के स्थान पर छठे विषय में प्राप्तांकों को कुल अंकों में जोड़ा जाएगा। इससे सेकेंडरी के छठे विषय के अंतर्गत आने वाले उपरोक्त विषयों को बढ़ावा मिलेगा।
संस्कृत के समर्थकों ने इस मसले पर प्रदेश भर में आन्दोलन चलाया हुआ था और बुधवार को रोहतक में जोरदार प्रदर्शन भी किया था। उसके बाद से सरकार पर दबाव बढ़ गया था।
संस्कृत विषय को अनिवार्य करने की मांग को लेकर आंदोलनरत संस्कृत प्रेमियों ने बुधवार को सीएम सिटी में जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर आधे घंटे, फिर दिल्ली चौक पर दिल्ली-रोहतक तथा रोहतक-झज्जर मुख्य मार्गो को करीब ढाई घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी भी दी। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे प्रदेशभर से संस्कृत प्रेमी डीसी कार्यालय पर एकत्र हुए और सीएम हाउस तक जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ये लोग सीएम आवास के निकट पहुंचकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास के और नजदीक जाने का प्रयास किया, मगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई।




बीएड दाखिले में नहीं चलेगी निजी कालेजों की मनमर्जी

प्रदेश भर में लगभग 55 हजार से अधिक बीएड की सीटों पर दाखिले के लिए इस बार निजी कालेज संचालकों की मनमर्जी नहीं चल सकेगी। दाखिले के लिए छात्रों से सीधे संपर्क करने का भी संचालकों को लाभ नहीं मिल सकेगा, क्योंकि मेरिट लिस्ट तैयार करने का जिम्मा रोहतक स्थित एमडीयू के पास है। इससे प्रोविजनल दाखिला लेने वाले कालेज संचालकों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले वर्ष बीएड दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के बावजूद हजारों की संख्या में सीटें खाली रह गई थीं। इसे देखते हुए निजी कालेज संचालकों ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी। कोर्ट ने निजी कालेज संचालकों को एक निश्चित समय सीमा के अंदर मेरिट के आधार दाखिला लेने की छूट प्रदान कर दी थी। इस वर्ष बीएड दाखिला लेने का जिम्मा एमडीयू को सौंपा है।

नए सत्र से डीएड की फीस 18400 तय

चार किस्तों में लेनी होगी फीस
प्रदेश के शिक्षा विभाग ने नए सत्र के लिए डीएड की फीस 18400 रुपये तय कर दी है। इससे निजी संस्थानों द्वारा मनमानी वसूली रोक लग जाएगी। शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त राजन गुप्ता की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा है कि निजी शिक्षण संस्थानों को डीएड कोर्स के लिए एक साल की फीस 18400 रुपये लेनी होगी। यह फीस भी चार किस्तों में दी जाएगी। संस्थान एक साथ यह फीस नहीं ले सकेंगे।पत्र में बताया गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन द्वारा डीएड निजी शिक्षण संस्थानों में डीएड की फीस निर्धारित करने के लिए भेजे गए निर्देशों के आधार पर एक कमेटी का गठन किया था। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी, कुरुक्षेत्र युनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्राध्यापकों सहित शिक्षा से जुड़े अन्य लोगों को शामिल किया गया। कमेटी द्वारा गत 18 जून 2009 को अपनी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में डीएड की फीस निर्धारित करने के लिए राय दी गई थी। कमेटी की सिफारिश पर प्रदेश में सेल्फ फाइनेंस कालेजों में डीएड के लिए फीस निर्धारित कर दी गई है। फीस निर्धारण 2009-10 व 2011-12 के लिए लागू हो जाएगा। इस कोर्स के लिए सभी निजी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों से 18400 रुपए फीस के तौर पर वसूले जाएंगे। इसमें 14400 रुपये ट्ïयूशन फीस और चार हजार रुपये वार्षिक चार्ज के रूप में लिए जाएंगे।संस्थान दाखिले के समय एक बार फीस लेने के बाद तीन किश्तों में यह फीस विद्यार्थियों से ले सकेंगे। इसमें बताया गया है कि डीएड के दाखिले यदि अगस्त में शुरू होते हैं तो ट्यूशन फीस के रूप में निजी शिक्षण संस्थान उनसे 3600 रुपये लेंगे। इसके बाद नवंबर, जनवरी व फिर मार्च में 3600-3600 रुपये की किश्तें ली जाएंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा फीस व प्रवेश फार्म के लिए अलग से निर्धारित राशि देनी होगी। इस बारे में जेबीटी स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दलीप बिश्नोई का कहना है कि यह विद्यार्थियों के संघर्ष की जीत है। उनसे ज्यादा फीस ली जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर 26 जून को जींद में सम्मेलन होगा। इसमें इस सफलता के बारे में छात्राओं को बताया जाएगा तथा आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

Tuesday, June 23, 2009

17 कालेजों में मिलेंगे बीएड प्रास्पेक्टस

प्रदेशभर के बीएड करने के इच्छुक स्टूडेंट्स को प्रास्पेक्टस के लिए इधर-उधर या एमडी यूनिवर्सिटी की ओर नहीं भागना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट्स को अपने आसपास ही प्रोस्पेक्टस मुहैया कराने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रदेशभर के करीब 17 कालेजों में बीएड प्रास्पेक्टस की बिक्री की जाएगी। प्रास्पेक्टस एमडी यूनिवर्सिटी के सेल काउंटर पर 23 तथा अन्य बनाए गए 17 केंद्रों पर 25 जून से मिलने शुरू होंगे।प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के राजकीय, राजकीय अनुदान प्राप्त तथा सेल्फ फाइनेंसिंग एजुकेशन कालेजों में बीएड नियमित पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया संचालन की जिम्मेवारी एमडी यूनिवर्सिटी को सौंपी गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसके लिए पुख्ता योजना बनाई है। बीएड में आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई सांय पांच बजे होगी। प्रोस्पेक्टस सामान्य वर्ग के लिए पांच सौ रुपये, अनुसूचित जाति/ जनजाति/दृष्टिïहीन अभ्यार्थियों के लिए 125 रुपये निर्धारित की गई है।इन 17 कालेजों में मिलेंगे बीएड प्रास्पेक्टसएमडी यूनिवर्सिटी प्रशासन की विद्यार्थियों को उनके आसपास ही बीएड प्रास्पेक्टस देने की योजना के तहत गवर्नमेंट कालेज पंचकुला, यूनिवर्सिटी कालेज आफ एजुकेशन कुरुक्षेत्र, सोहन लाल डीएवी कालेज आफ एजुकेशन अंबाला सिटी, आर्या कालेज पानीपत, चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा, सीआर कालेज आफ एजुकेशन हिसार, गवर्नमेंट कालेज जींद, गवर्नमेंट कालेज महम, गवर्नमेंट कालेज भिवानी, जेवीएमजीआरआर कालेज चरखी दादरी, गवर्नमेंट कालेज नारनौल, गवर्नमेंट कालेज महेंद्रगढ़, पीजीआरसी रेवाड़ी, गवर्नमेंट कालेज फरीदाबाद, डीएसडी गवर्नमेंट कालेज गुडग़ांव, हिंदू कालेज सोनीपत, गवर्नमेंट कालेज गोहाना में यूनिवर्सिटी की ओर से निर्धारित दामों पर बीएड के प्रास्पेक्टस मिलेंगे। प्रास्पेक्टस यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से भी डाउनलोड किए जा सकते है।

Tuesday, June 2, 2009

पांच साल से पहले नहीं बदले जाएंगे शिक्षक

हरियाणा सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए वर्ष 2009-10 के लिए तबादले संबंधी एक नीति जारी की है। इस नीति के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2009-10 के दौरान अध्यापकों का कोई भी सामान्य तबादला नहीं किया जाएगा। सभी तबादले जारी की गई नीति के दिशानिर्देशों के अनुसार किए जाएंगे। इस नीति की एक-एक प्रति पहले ही प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि कर्मचारी को तबादले के लिए अपने पसंदीदा स्थान के बास्ते संस्थान के मुखिया, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को इस वर्ष 15 जून तक लिखित निवेदन करना होगा जो 30 जून तक निदेशालय को ऐसे निवेदनों की सिफारिशें भेजेंगे और स्थानांतरण प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी कर्मचारी का कार्यकाल किसी भी नियुक्ति स्थान पर पांच वर्ष होना चाहिए। जिस भी कर्मचारी के परिणाम पिछले तीन वर्ष से शतप्रतिशत है यदि वह कर्मचारी तबादले का निवेदन नहीं करता है तोउसे पांच वर्ष के बाद भी बदला नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण प्रशासकीय आधार पर प्रदेश सरकार किसी भी समय कर सकती है। प्रवक्ता ने बताया कि निवेदन निर्धारित फार्मेट में तीन विकल्पों सहित करना होगा और पारस्परिक स्थानांतरण के लिए भी निवेदन उसी निर्धारित फोर्मेट में करना होगा और यदि दोनों कर्मचारी 10 कि लोमीटर के दायरे में नियुक्त हैं तो उनके निवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष की आयु के महिला और पुरुष अध्यापकों को कन्या विद्यालयों में प्राथमिक तौर पर नियुक्त किया जाएगा। शतप्रतिशत नेत्रहीन और 70 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांग अध्यापकों को उनके ब्लॉक या 10 किलोमीटर की परिधि में नियुक्त करने के प्रयास किए जाएंगे।

Thursday, May 21, 2009

शिक्षकों को मिला तोहफा

प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों एवं सरकारी सहायता प्राप्त कालेजों के अध्यापकों या समकक्ष काडर वाले कर्मियों को संशोधित वेतनमानों के अनुरूप अंतरिम राहत का 40 प्रतिशत बकाया तदर्थ आधार पर देने का निर्णय किया है। शिक्षा मंत्री मांगेराम गुप्ता ने बताया कि वेतनमानों के पात्र अध्यापकों एवं अन्य समकक्ष कर्मचारी, जो 8000-13500 रुपये तथा 10000-15200 रुपये का पूर्व संशोधित वेतनमान में वेतन ले रहे थे, वे 36 माह के लिए क्रमश: 1,30,000 रुपये तथा 1,60,000 रुपये का तदर्थ बकाया के पात्र होंगे तथा जो 12,000-18300 रुपये तथा 16400-22400 रुपये के वेतनमान में थे, उन्हें क्रमश: 1,90,000 तथा 2,50,000 रुपये का तदर्थ बकाया मिलेगा। विश्वविद्यालयों के कुलपति पांच -पांच लाख रुपये के तदर्थ बकाया के पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि तदर्थ बकाया राशि का आहरण महाविद्यालय प्राध्यापक/प्राचार्य इत्यादि के वर्तमान में कार्यरत महाविद्यालयसे होगा। सभी प्राध्यापकों का तदर्थ बकाया भुगतान की स्वीकृति महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा जारी की जाएगी और उसकी एक प्रति उस महाविद्यालय में प्रेषित की जाएगी, जहां वे पूर्व में कार्यरत रहे हैं। 8000-13500 रुपये, 10,000-15200 रुपये तथा 12,000-18300 रुपये के वेतनमान के उन प्राध्यापकों इत्यादि के मामले में, जो पहली जनवरी, 2006 के बाद सेवा में आए हैं, के बकाया की गणना क्रमश: 3600 रुपये प्रतिमाह, 4400 रुपये तथा 5200 रुपये प्रतिमाह की दर से की जाएगी। आहरण एवं वितरण अधिकारी या प्राचार्य द्वारा कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में बकाया वितरण की आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज की जाएंगी। सभी पात्र प्राध्यापक एवं अन्य समकक्ष कर्मचारियों को लिखित में देना होगा कि अंतरिम राशि की अदायगी उनके बकाया राशि से समायोजित की जाएगी।

Monday, May 11, 2009

कालेजों में भी सेमेस्टर प्रणाली

--अब कालेज ही देंगे मार्कशीट --कालेज खुद कराएंगे एड-आन कोर्सेज की परीक्षा
कालेजों में एड-आन कोर्सेज की परीक्षाएं संबद्ध कालेजों द्वारा स्वयं कराई जाएंगी तथा स्वयं ही प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। यह निर्णय महर्षि दयानंद विवि की कार्यकारि समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में विवि के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति देने, स्नातक कक्षाओं (बी.काम, बी.एससी) में सेमेस्टर लागू करने आदि अनेक अहम निर्णय लिए गए। एमडी यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव कमेटी (ईसी) की शनिवार को हुई 204वीं बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में यूनिवर्सिटी से संबद्ध कालेजों तथा विश्र्वविद्यालयों तथा शैक्षणिक विभागों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्यापन एवं परीक्षा प्रणाली में सेमेस्टर स्कीम लागू करने का निर्णय लिया गया। मदवि से संबंधित महाविद्यालयों में स्नातकीय स्तर पर विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में आगामी सत्र से सेमेस्टर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया। यूनिवर्सिटी से संबंध कालेजों की स्नातकीय स्तर पर कंप्यूटर शिक्षा लागू करने का अहम निर्णय लिया गया। बैठक में संबद्ध कालेजों से एड-आन कोर्स के लिए परीक्षा संचालित करने का काम संबंधित कालेज को सौंपने का निर्णय लिया। संबंधित महाविद्यालय विश्र्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के तहत एड-ऑन कोर्स का प्रमाण पत्र भी जारी कर सकेंगे। इस संयुक्त प्रमाण पत्र पर संबंधित महाविद्यालय तथा एमडीयू विश्र्वविद्यालय दोनों का नाम उल्लेखित होगा। कार्यकारी परिषद ने एम.ए, एम.काम तथा एम.एससी (सेमेस्टर स्कीम) परीक्षाओं के नए अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी। कार्यकारी परिषद (ईसी) में दो जून 2008 से प्रदेश के सभी मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, फार्मेसी, नर्सिग तथा फिजियोथैरेपी कालेजों की संबद्धता पं.बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी आफ हैल्थ साइसेंज, रोहतक से करने के निर्णय का संज्ञान किया। विश्र्वविद्यालय से संबंध एपीजे कालेज आफ इंजीनियरिंग, सोहना तथा बीआरसीएम कालेज आफ इंजीनियरिंग, बहल को बीटेक पाठ्यक्रम के लिए स्थायी संबद्धता देने का निर्णय शैक्षणिक परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत सेवानिवृत्त होने वाले गैर शैक्षणिक कर्मियों की संविदा आधार पर पुनर्नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रस्ताव के तहत सेवानिवृत्त कर्मियों की पुनर्नियुक्ति के नियम तय किए गए हैं। बैठक में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी के निदेशक पद का दर्जा प्रोफेसर पद के समतुल्य करने का भी निर्णय लिया। बैठक में इमसार के रीडर डा. एच.जे घोष को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोफसर पद पर पदोन्नत करने की चयन समिति की अनुशंसा को स्वीकृत कर लिया। इसके अतिरिक्त बैठक में कई प्राध्यापकों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों/संगोष्ठियों में भाग लेने के आवेदन संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर उच्चतर शिक्षा आयुक्त ज्योति अरोड़ा ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता वाइस चांसलर डा. आरपी हुड्डा ने की। रजिस्ट्रार डा. एसपी वत्स ने बतौर सचिव बैठक में भाग लिया। बैठक में ई.सी शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेंद्र कुमार, सदस्य डा.एसपी दहिया, डा. एसपी खटकड़, डा. नत्थी सिंह, डा. एसएन मिश्रा, डा. एलके बंसल, डा. एसके हुड्डा, डा. जेपी यादव, डा. राजकुमार, अनीता सिंह, प्रो. फिरोज अहमद, प्रो. जावेद हुसैन मौजूद रहे।

Sunday, May 10, 2009

IAS परीक्षा में छाये haryanvi

सिविल सेवा परीक्षा 2008 की सफलता सूची में हमहरयाणवी का बोलबाला रहा। अंबाला के वीरेंद्र शर्मा ने चौथा, सोनीपत के यश गर्ग ने छठा, झज्जर के रामवीर ने 15वां, अंबाला के सवीन बंसल ने 31वां, अंबाला के आयुक्त महेंद्र कुमारी पुत्री ईशा ने 275वां और भिवानी की रचना ने 265वां रैंक हासिल किया। इसके आलावा भी कई होनहारों ने हरियाणा का परचम फहराया। अंबाला शहर के महावीर नगर निवासी जीतराम शर्मा के पुत्र वीरेंद्र शर्मा के लिए तो सोमवार का दिन विशेष खुशी लाया। वीरेंद्रके माता-पिता अध्यापक हैं। समाज शास्त्र व पंजाबी साहित्य विषय पर गहरी पकड़ रखने वाले वीरेंद्र डिस्टि्रक्ट फूड एंड सप्लाई अफसर के रूप में तैनात हैं। सवीन बंसल के पिता शशि बंसल, न्यू इंडिया इंश्योरेंस में विकास अधिकारी हैं। छठा स्थान प्राप्त करने लेने वाले सोनीपत के डा. यश गर्ग ने कहा कि साक्षात्कार के बाद सफलता की आशा तो थी, लेकिन इतना अच्छा रैंक आएगा यह नहीं सोचा था। डा. यश ने बताया कि चिकित्सक होने के बावजूद उनके सिविल सर्विस में आने का कारण यह था कि वह आम लोगों को सिस्टम से जोड़ना चाहते हैं। साधारण परिवार में जन्मी भिवानी की रचना तंवर ने 265वां रैंक प्राप्त किया है। बचपन से ही प्रतिभावान रही रचना का यह दूसरा प्रयास था। उन्होंने उत्तमीबाई स्कूल से 77 प्रतिशत अंक लेकर मैट्रिक पास की। छह बहन-भाइयों में पांचवें नंबर की रचना के पिता यशपाल सिंह व माता सरोज का कहना है कि लाडली ने आज उनका ही नहीं बल्कि पूरे भिवानी का गौरव बढ़ाया है। दूसरा रैंक हासिल करने वाली बठिंडा के किसान की बेटी शरणदीप बराड़ पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही हैं।
पंचकूला के डा. असीम वोहरा की 185वीं रैंकिंग है। डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा पाने वाले पंजाब इंजीनियरिंग कालेज के दो होनहार रूबी जसप्रीत, प्रियंका आहूजा भी बाजी ले जाने में सफल रही हैं। रूबी जसप्रीत,पेक से बीई इंजीनियरिंग कर चुकी हैं।

Faridabad : खांबी गांव निवासी कविता शर्मा का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए हुआ है। उसका रैंक 480 है। उसने मनोविज्ञान व कामर्स विषय लिया हुआ था। कविता पलवल निवासी बैंककर्मी विनोद शर्मा की पुत्री है। कविता के सपने को पूरा करने में उनके पति खांबी गांव निवासी भरतलाल शर्मा का पूरा योगदान रहा है। उसके पति भी आईएएस अधिकारी हैं। कविता की प्रारंभिक शिक्षा पलवल व फरीदाबाद में केंद्रीय विद्यालयों में हुई। उसके बाद उसने दिल्ली के कमला नेहरू कालेज से बीकॉम, कंपनी सचिव, एलएलबी व एमबीए किया। विनोद शर्मा ने बताया कि कविता जिले में पहली महिला है, जिसने यह परीक्षा पास की है।
सिविल सेवा परीक्षा
इस साल सिविल सेवा परीक्षा में कुल 791 उम्मीदवार सफल हुए। इनमें जनरल के 364, ओबीसी के 236 और एससी वर्ग के 61 छात्र शामिल हैं। टाप 25 में दस लड़कियां हैं। इस बार कुल 3,18,843 उम्मीदवारों ने फार्म भरा जिनमें 1,67,035 प्रारंभिक परीक्षा में बैठे। इनमें 11,849 ने प्रारंभिक परीक्षा पास की और मुख्य परीक्षा में शामिल हुए।

Thursday, April 23, 2009

नौ राज्यों में चल रहे 22 फर्जी विवि

देश के नौ राज्यों में 22 फर्जी विश्वविद्यालय चलने का खुलासा हुआ है। इनमें से नौ विवि उत्तर प्रदेश में चल रहे हैं। नोएडा में भी एक विवि है। इनमें से अधिकांश अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मान्यता के नाम पर अब तक लाखों विद्यार्थियों को ठग चुके हैं। अब इन विवि पर विश्र्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रतिबंध लगाते हुए सभी राज्यों को आगाह किया है। ये नौ राज्य हैं उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल। सूत्रों के मुताबिक पिछले माह यूजीसी ने फर्जी विश्वविद्यालयों (जनवरी 09 तक) की सूची जारी की। इसमें कई विवि ऐसे हैं, जिन पर 2005 और 2007 में भी प्रतिबंध लग चुका है। लेकिन वे अब भी चल रहे हैं। यूजीसी को पता चला है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल ऐसे विवि की डिग्रियां अभी भी स्वीकार कर रहे हैं। नए शिक्षा सत्र में यूजीसी ने आगाह किया है कि संबंधित राज्य सुनिश्चित करें कि इनमें से किसी भी विवि से कालेज या छात्र न जुड़ें। अमेरिकी मान्यता का दावा : ये विवि अमेरिका के हवाई राज्य से मान्यता प्राप्त होने का दावा कर भारतीय महाविद्यालयों व छात्रों को ठगते हैं। वर्ष 2005 में भारत सहित 18 देशों में इस तरह के विवि संचालित होने की जानकारी सामने आई थी। भारत ने हवाई राज्य से इस संबंध में जानकारी मांगी थी। लेकिन वहां से जानकारी देने से इन्कार करते हुए संबंद्धता नकार दी गई थी।
फर्जी विश्वविद्यालय
उत्तर प्रदेश : 1. इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, इंटीट्यूशनल एरिया, खोड़ा मकनपुर, नोएडा फेस-दो।
2. महिला ग्राम विद्यापीठ/विश्वविद्यालय, (वूमेन यूनीवर्सिटी) प्रयाग, इलाहबाद।
3. इंडियन एजूकेशन काउंसिल आफ यूपी, लखनऊ।
4. गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहबाद।
5. नेशनल यूनीवर्सिटी आफ इलेक्ट्रो कांप्लेक्स होम्योपैथी, कानुपर।
6. नेताजी सुभाष चंद बोस यूनीवर्सिटी (ओपन यूनीवर्सिटी), अछलताल, अलीगढ़।
7. उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, कोसीकला, मथुरा।
8. महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्र्वविद्यालय, प्रतापगढ़।
9. गुरुकुल विश्र्वविद्यालय, वृंदावन।
दिल्ली : 10. वारानसेया संस्कृत विश्र्वविद्यालय, वाराणसी (यूपी), जगतपुरी, दिल्ली।
11. कमर्शियल यूनीवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज, दिल्ली।
12. यूनाइटेड नेशन यूनीवर्सिटी, दिल्ली।
13. वोकेशनल यूनीवर्सिटी, दिल्ली।
14. एडीआर-सेंट्रल ज्यूरिडीकल यूनीवर्सिटी, एडीआर हाउस, 8जे, गोपाला टावर, 25 राजेंद्र प्लेस, नई दिल्ली। 15. इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली बिहार
16. मैथिली विश्र्वविद्यालय, दरभंगा कर्नाटक
17. बादागनवी सरकार व‌र्ल्ड ओपन यूनीवर्सिटी एजूकेशन सोसाइटी, गोकेक, बेलगाम केरल
18. सेंट जोंस यूनीवर्सिटी, किसनाट्टम मध्यप्रदेश
19. केशरवानी विद्यापीठ, जबलपुर महाराष्ट्र
20. राजा अरेबिक यूनीवर्सिटी, नागपुर। तमिलनाडू
21. डीडीबी संस्कृत यूनीवर्सिटी, पुतूर, तिरिची। पश्चिम बंगाल
22. इंडियन इंस्टीट्यूट आफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता।

Saturday, March 21, 2009

चारों विश्वविद्यालयों का एकेडमिक कैलेंडर एक

प्रदेश के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय व खानपुर महिला विश्वविद्यालय का एकेडमिक कैलेंडर अगले सत्र से एक होगा। इस कैलेंडर का विमोचन जल्द किया जाएगा। कुरुक्षेत्र विवि में पिछले दिनों हुई चारों यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश की प्रमुख विश्वविद्यालयों में एक जैसी शिक्षा, परीक्षा का समय, शैक्षणिक दिवस और दाखिले का समय एक करने की तैयारियां की जा रही हैं। एकेडमिक कैलेंडर एक होने से विद्यार्थियों को दाखिला लेने व माइग्रेशन कराने संबंधी मामलों में काफी फायदा होगा। पहले एडमिशन के समय अलग-अलग होने के कारण विद्यार्थी एक समय में एक ही विश्वविद्यालय में आवेदन कर पाते थे। अब किसी का ट्रांसफर हो जाने, अच्छी फैकल्टी या अन्य कारणों से विश्वविद्यालय बदलना भी काफी आसान हो जाएगा। आगामी सत्र से लागू हो रहे सेमेस्टर सिस्टम में पाठ्यक्रम को पहले ही एक किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही मदवि में कंप्यूटर एजुकेशन लागू किया जा रहा है। इस संदर्भ में कुरुक्षेत्र में हुई बैठक में मदवि की ओर से डीन एकेडमिक अफेयर डा. सुरेंद्र कुमार, एकेडमिक ब्रांच के इंचार्ज सुखबीर सिंह ने भाग लिया।

Friday, March 20, 2009

कालेजों में अनिवार्य हुई कंप्यूटर शिक्षा

मदवि के सभी कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होगी। यह फैसला महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश के सभी राजकीय व निजी कालेजों में नए सत्र से लागू होगा। सभी कालेजों के बी.काम/ बी.एससी में आगामी शैक्षणिक सत्र से सेमेस्टर सिस्टम शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी गवर्नमेंट व प्राइवेट कालेजों (एमडी यूनिवर्सिटी से संबद्ध) में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य विषय करने की भी योजना है। इसे आगामी अकेडमिक काउंसिल (एसी) की बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। कंप्यूटर एजूकेशन को भी सेमेस्टर सिस्टम की तरह सत्र वाइज लागू किया जाएगा। वर्तमान सत्र से ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किया गया है तथा एमडी यूनिवर्सिटी से संबंधित कालेजों में भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट कोर्स, द्वितीय वर्ष में डिप्लोमा कोर्स तथा तृतीय वर्ष में एडवांस डिप्लोमा कोर्स करने को मिलेगा। कंप्यूटर कोर्स में विद्यार्थियों को कंप्यूटर की पूरी बेसिक नालेज दी जाएगी। आगामी एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस बारे अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कंप्यूटर शिक्षा का निर्णय वर्तमान में लगातार बढ़ती कंप्यूटर नालेज की मांग को देखते हुए लिया गया है। कंप्यूटर एजूकेशन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही शुरू करने की योजना है ताकि विद्यार्थियों को एक से दूसरी यूनिवर्सिटी में माइग्रेशन कराने में किसी प्रकार की दिक्कतें न हो। डीन अकेडमिक अफेयर डा. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि एमडी यूनिवर्सिटी से संबद्ध सभी कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की योजना है जिसके बारे में एकेडमिक काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

Saturday, February 7, 2009

सीट 80, कतार में 3221 बच्चे

नौकरी पाने के लिए हजारों बेरोजगार युवाओं का लाइन में खड़ा होना तो लाजमी दिखता है, लेकिन जब बच्चे अच्छी शिक्षा पाने की चाह में भी लम्बी कतार में खड़े अपने भविष्य की तलाश करते दिखें तो सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा। देवराला स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में कुछ ऐसा ही माजरा देखने को मिल रहा है। 8 फरवरी को होने वाली इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से 80 सीटों का चयन किया जाना है, लेकिन जवाहर नवोदय में प्रवेश पाने के इच्छुक विद्यार्थियों की संख्या 32 सौ से भी अधिक का आंकड़ा पार कर गई है। सबसे अधिक भिवानी खण्ड के बच्चों ने जवाहर नवोदय में प्रवेश पाने का उत्साह दिखाया है। प्रवेश पाने के लिए निर्धारित सीटों से 40 गुणा अधिक विद्यार्थियों के आवेदन पहुंचने से खण्ड शिक्षा अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त रखने का जिम्मा सौंपा गया है।
हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा देवराला स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में छठी कक्षा के लिए वर्ष 2009 की प्रवेश परीक्षा का आयोजन 8 फरवरी से किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए विभाग द्वारा जिला के सभी दस खण्डों में एक-एक परीक्षा केंद्र भी स्थापित किया गया है। जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा छठी में प्रवेश पाने के लिए विभाग द्वारा जिला के पांचवीं पास विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। शिक्षा विभाग के पास जिले से 3221 बच्चों के आवेदन पहुंचे है, जबकि इनमें से मात्र 80 बच्चों का ही चयन इस सत्र के लिए होना है।
शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिस विद्यालय के परीक्षा केंद्र बनाया गया है, उसी विद्यालय के प्रधानाचार्य को केन्द्र अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी केन्द्र अधीक्षकों को परीक्षा सामग्री वितरित की जा चुकी है और सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
कहां-कहां होंगे परीक्षा केंद्र
भिवानी में- राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
बवानीखेड़ा में- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
चरखी दादरी में- परसराम हेतराम कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
बौंदकलां में- राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
बाढड़ा में- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
लोहारू में-राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
बहल में- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
देवराला में जवाहर नवोदय विद्यालय
तोशाम में- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
सिवानी में- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यायल

Sunday, February 1, 2009

25 हजार Teachers की होगी भर्ती

शिक्षा एवं परिवहन मंत्री मांगेराम गुप्ता का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में Teachers के रिक्त पद भरने के लिए शीघ्र ही 25 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। वह शनिवार को सिरसा में यहां पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि 25 हजार में से १५ हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और शेष १० हजार शिक्षकों की भर्ती भी शीघ्र की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पहले से कार्य कर रहे अतिथि शिक्षकों को वरीयता देने पर विचार किया जा रहा है।
सरकारी स्कूलों में विज्ञान व कंप्यूटर की शिक्षा भी अनिवार्य करने पर राज्य सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के विद्यार्थी तकनीकी एवं साइंस की शिक्षा पा सकेंगे। गौरतलब है कि हरियाणा में शिक्षकों की भारी कमी है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्थापित होंगे निजी विवि: शिक्षा मंत्री गुप्ता ने कहा कि हरियाणा में गुणवत्तापरक शिक्षा को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र के विवि स्थापित किए जाएंगे। अभी तक इस प्रकार के दो विवि स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। चार और निजी क्षेत्र के विवि स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मार्च 2009 तक हरियाणा राज्य परिवहन के बेड़े में 800 नई बसें शामिल की जाएंगी। जिन निर्धारित रूटों पर निजी बसें नहीं जाना चाहती हैं, उन रूटों पर राज्य परिवहन की बसों को चलाया जाएगा।

Wednesday, January 28, 2009

Kurukshetra University के दूरस्थ शिक्षा विभाग का फर्जीवाड़ा

दूरस्थ शिक्षा परिषद विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से संचालित दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के करीब डेढ़ दर्जन स्नातक एवं स्नातकोत्तार तकनीकी कोर्सो को कभी अनुमोदित नहीं किया है। इसमें शिक्षा से जुड़े कई दूसरे कोर्स भी इस ऐप्रूवल से बाहर है। शिक्षा से जुड़े इस बड़े सनसनीखेज मामले ने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित तकनीकी शिक्षण कार्यक्रम की पोल पूरी तरह से खोल कर रख दी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने कलायत के गाव मटौर निवासी नरेश कुमार की ओर से सूचना अधिकार कानून के तहत मागी गई जानकारी पर हलचल मचा दी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से दी गई सूचना के अनुसार केयूके में चलाए जा रहे डेढ़ दर्जन पाठयक्रम अभी अनुमोदित नहीं हैं।

यह पाठयक्रम हैं :मास्टर आफ कंप्यूटर एप्लीकेशन , एम।एस।सी, कंप्यूटर साइस (साफ्टवेयर), एम।एस।सी कंप्यूटर साइस (एस।डब्लयू),मास्टर आफ बिजनेस मैनेजमेंट (एम.बी.ए), मास्टर आफ लाइब्रेरी एंड इनफरमेशन साइस, बेचलर आफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (तीनवर्षीय), बी.एस.सी इन इटरनल साइस (तीनवर्षीय), बी.एस.सी इन कंप्यूटर हार्ड वेयर एंड न्यू वर्क इजीनियरिग (तीनवर्षीय), बेचलर आफ इनफरमेशन एंड मैनेजमेंट (तीनवर्षीय), बेचलर आफ लाइब्रेरी एंड इनफरमेशन साइस (तीनवर्षीय), पी.जी.डिप्लोमा इन टूरिजम एंड होटल मैनेजमेंट (एकवर्षीय), पी.जी.डिप्लोमा इन कंप्यूटर ऐप्लीकेशन (पी.जी.डी.सी.ए)

इसके साथ-साथ कुछ दूसरे रोज परख संचालित तकनीकी कार्यक्रमों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने जब अनुमोदित ही नहीं किया? उन हजारों विद्यार्थियों के भी होश उड़े है जिन्होंने पूर्व में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के तहत विभिन्न डिग्रिया और डिप्लोमा लिए है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के उप निदेशक एवं जन सूचना अधिकारी की मानें तो देश में अधिकाश राज्यों की सरकारी नौकरियों के लिए ये डिग्रिया मान्य नहीं है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का दूरस्थ विभाग उसके लिए एक बड़ा कमाऊ पूत है। विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों के जरिए हर वर्ष घर बैठकर शिक्षा प्राप्त करने वालो से बड़ी राशि फीस के नाम पर वसूली जाती है। केवल इतना ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय ने देश व राज्य के विभिन्न हिस्सों में तकनीकी शिक्षा कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए निजी हाथों में भी कमान दे रखी है। इन-फ्रेचाईज में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत है।

Saturday, January 17, 2009

कालेजों की नहीं बनी वेबसाइट

प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के सभी गवर्नमेंट कालेजों को अपनी वेबसाइट बनाने की डेड लाइन 15 जनवरी को पूरी हो गई। लेकिन, प्रदेश के अधिकतर कालेजों ने अपनी वेबसाइट नहीं बनाई है। दिसंबर माह में उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से नई योजनाओं, विभाग व स्टूडेट्स की सहूलियत को देखते हुए प्रदेश के सभी गवर्नमेंट कालेजों को अपनी वेबसाइट बनाने तथा कालेज में चल रहे कोर्सों, फैकल्टी, बिल्डिंग, लेक्चरर की संख्या, स्टूडेट्स की संख्या संबंधी डिटेल वेबसाइट पर डालकर 15 जनवरी तक उच्चतर शिक्षा विभाग कार्यालय में सूचित करने के लिए कहा गया था। रोहतक, भिवानी, हिसार के अधिकतर कालेजों में पता करने पर पाया कि अधिकतर कालेजों का रिकार्ड मेंटेन नहीं होने आदि समस्याओं के कारण वेबसाइट बनने में देरी हो रही है।

Friday, January 9, 2009

विक्रम ने कैट परीक्षा में लगाया सिक्स़र

कैट परीक्षा में हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के छात्र विक्रम यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिक्स़र लगाया है। विक्रम का एक साथ छः संस्थानों के लिए चयन हुआ है। हिसार के पी टी एजूकेशन केन्द्र के भी छात्र विक्रम का चयन आई आई एम अहमदाबाद, बेंगलूर, कोलकाता , लखनऊ, इंदौर और कोजीकोड के लिए हुआ है।
विक्रम गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग का छात्र है । उसने दिसम्बर में मैट परीक्षा में सौ फीसदी अंक प्राप्त किए थे।