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Friday, June 22, 2012

नन्हीं माही को बचाने में जुटी सेना

गुड़गाव। जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर मानेसर के समीप स्थित गाव कासन की ढाणी में चार वर्षीय बच्ची माही की जिंदगी 70 फुट गहरे बोरवेल के गढ्डे में अटकी हुई है। घटना बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे की है। माही अपने जन्मदिन पर केक काटने के बाद घर के बाहर खेल रही थी। अंधेरे के कारण वह बोरवेल के खुले गड्ढे में जा गिरी। उसे बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन की टीम रात से ही जुटी हुई है। गुरुवार को सुबह करीब नौ बजे आर्मी की तीसरी इंजिनियर्स रेजिमेंट टीम ने बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभाली। माही को बचाने के लिए एनएसजी भी तैयार है।

बोरवेल के गड्ढ़े के समीप ही रेपिड मेट्रो की ड्रिल मशीन से खुदाई का काम जारी है। गड्ढे में लगातार ऑक्सीजन छोड़ी जा रही है और डाक्टरों की टीम कैमरे से नजर रखे हुए है। मानेसर पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उपायुक्त पीसी मीणा ने मजिस्ट्रेट जाच के आदेश दिए हैं। खबर लिखे जाने तक मकान मालिक पुलिस की पकड़ से बाहर था।
मानेसर क्षेत्र के गाव कासन की ढाणी में द्वारका में रहने वाले रोहताश तायल ने किराये पर कमरे देने के लिए मकान बनाया हुआ है। उसमें यूपी, अलीगढ़ निवासी नीरज किराये पर रहता है। नीरज आईएमटी सेक्टर-चार स्थित एक कंपनी में सुरक्षा सुपरवाइजर है। नीरज चार वर्षीय लड़की माही, एक छोटी लड़की एवं पत्‍‌नी सोनिया के साथ रहता है।
बुधवार को माही का जन्मदिन था और घर के बाहर डीजे बज रहा था। मकान की छत पर नीरज दोस्तों व परिजनों को खाना खिला रहा था। करीब साढ़े 10 बजे डीजे बंद होने पर माही के रोने की आवाज सुनाई दी। उसकी तलाश शुरू हुई तो पता चला माही की आवाज बोरवेल के गड्ढे से आ रही है। इसकी सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गई। मानेसर पुलिस, गुड़गाव से फायर आफिसर आइए कश्यप, बीरबल शर्मा, उपायुक्त पीसी मीणा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बचाव कार्य फायर ब्रिगेड की मदद से शुरू किया। डाक्टरों की टीम गढ्डे में ऑक्सीजन छोड़ने के साथ ही कैमरे उतार उस पर नजर रखे हुए हैं। बहुमंजिला इमारतों के कारण खुदाई में दिक्कत आने पर बुधवार रात को उपायुक्त पीसी मीणा ने आर्मी की मदद के लिए फैक्स किया। रात करीब तीन बजे आर्मी की तीसरी इंजिनियर्स रेजिमेंट ने बचाव व राहत कार्य के लिए हामी भरी।
उनकी टीम दिल्ली कैंट से लेफ्टिनेंट कर्नल अश्रि्वनी त्यागी की अगुवाई में मानेसर के लिए रवाना हुई। त्यागी ने प्लानिंग बनाई और करीब नौ बजे बचाव व राहत कार्य शुरू किया। जेसीबी व पोपलेंड मशीन से धीमी गति से खुदाई होने पर बोरवेल के समीप करीब नौ-दस फीट दूरी पर ड्रिल मशीन से गढ्डा करना शुरू किया। दूसरी ओर डाक्टरों की टीम कैमरे से माही पर नजर रखे हुए थी। उपायुक्त पीसी मीणा के अनुसार माही को बचाने का प्रयास जारी हैं। आर्मी की टीम जुटी हुई है। साथ ही प्रशासन अपना काम कर रहा है। एनएसजी के अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। मीणा ने बताया रात में आपरेशन चलने के चलते बिजली निगम को बेहतर लाइट व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

Wednesday, November 23, 2011

सरकार की शिक्षा को उच्च प्राथमिकता : भुक्कल

गुड़गांव : हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने बुधवार को सेक्टर-44 स्थित एपी सेंटर में स्कूल शिक्षा बोर्ड परिषद (कोबसे) के 40वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा में सतत और समग्र मूल्याकन पद्धति लागू करने का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास करके उन्हे अच्छे इसान और अच्छे नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता देती है और इसमें खर्च होने वाली राशि को खर्च न मान कर निवेश मानती है।

सम्मेलन का आयोजन स्कूल शिक्षा बोर्ड परिषद और हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने संयुक्त रूप से किया है। तीन दिन के इस सम्मेलन में सतत और समग्र मूल्याकन पद्धति के व्यवहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन में जाने माने शिक्षाविद्, विभिन्न राज्यों के शिक्षा बोर्डो के अधिकारी और ब्रिटेन, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, सिंगापुर और मारीशस जैसे देशों के शिक्षा बोर्डो के 68 प्रतिनिधि भाग ले रहे है। भुक्कल ने कहा कि सम्मेलन में मुख्यमंत्री अन्य अनिवार्य व्यस्तताओं के कारण स्वयं नहीं आ सके है, लेकिन उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों के लिए शुभकामनाएं भेजी है और सम्मेलन की सफलता की कामना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के मामले में क्षेत्रीय असंतुलनों को दूर करने, लड़कों की तरह लड़कियों को बराबर की शिक्षा देने और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की पूरी कोशिश कर रही है। भिवानी में लेबोरेटरी स्कूल खोला गया है, जिसके पीछे यह धारणा है कि बच्चे वास्तविक जीवन जैसी परिस्थितियों में अच्छी तरह सीख सकते है। लिहाजा इस स्कूल में ऐसी शिक्षा परियोजनाएं शुरू की गई है, जिनमें बच्चे मिल कर सीखते है और सामाजिक जिम्मेदारी को महसूस करते हुए फैसले लेते है। उनकी शिक्षा का मूल्याकन परियोजनाओं में उनकी भागीदारी, समझ और दूसरों के प्रति व्यवहार के आधार पर किया जाता है।
सम्मेलन में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष तथा विद्यालय शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन भी वहां मौजूद रहीं।

Monday, March 16, 2009

रैगिंग के नाम पर फिर दरिंदगी, छात्र को अधमरा किया

रैगिंग का शिकार हुए मेडिकल छात्र अमनसत्य काचरू की मौत को लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि गुडगाँव के एक इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट संस्थान में छात्र के साथ रैगिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एमबीए कर रहे वरिष्ठ छात्र ने पांच छात्रों के साथ मिलकर पीडि़त छात्र को मारपीट कर अधमरा कर दिया। छात्र के संवेदनशील अंग पर गंभीर चोट आई है। थाना बिलासपुर में दी गई शिकायत में सेक्टर 10 के मकान नंबर 628 में रहने वाले पूर्व सेनाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उसका बेटा निशांत अनुपमा इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में इंजीनियरिंग के चौथे वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। 9 मार्च को निशांत को कालेज में उसके सीनियर ने कपड़े उतारने को कहा। आरोपी के साथ पांच अन्य छात्र थे। मना करने पर सभी ने निशांत को जमकर मारापीटा। लात घूंसों से की गई पिटाई की वजह से निशांत के सिर व संवेदनशील अंग पर गंभीर चोटें आई हैं। जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सुरेंद्र का कहना है कि कालेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से इसलिए नहीं लिया कि घटना का मुख्य जिम्मेदार मैनेजमेंट से जुड़े लोगों का खास है और वह प्रशासनिक व्यवस्था भी देखता है। हालांकि कालेज प्रशासन ने इसे छात्रों की आपसी लड़ाई बताया है। डीसीपी साउथ इंद्र सिंह सैनी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी मुकुल, प्रीतम, ललित, अश्रि्वनी, पुनीत व नितिन के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 523, 323 के तहत बिलासपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट मिलने पर गंभीर धाराएं लगाई जा सकती हैं। नपुंसक हो सकता था निशांत : सेठी अस्पताल में निशांत का इलाज कर रहे सर्जन डा. प्रमोद का कहना है कि निशांत के सिर व सीने में चोट के साथ-साथ गुप्तांग के बाएं हिस्से में गंभीर चोट आई है जिससे वहां ब्लड जम गया है। यदि दूसरे हिस्से में भी ब्लड जम जाता तो निशांत नपुंसक हो सकता था।

Thursday, February 5, 2009

किसानों को देंगे एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ : चौटाला

पूर्व मुख्यमंत्री तथा इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्राकश चौटाला ने कहा कि भूमि अधिग्रहित करने पर किसानों को एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाएगा। किसानों की ओने पोने दामों में भूमि अधिग्रहित कर ने एसईजेड में उद्योगपतियों को घुसने नहीं दिया जाएगा।
गुडगाँव के भोड़ाकलां में एक जनसभा को संबोधित करते हुए श्री चौटाला ने कहा कि मुंबई पर हमले के बाद भारत सरकार को भी पाक के आतंकवादी अड्डों पर हवाई हमला कर देना चाहिए था। परंतु यूपीए के नेता स्वाभिमान दिखाने की बजाए अमेरिका से गुहार लगाते रहे कि वह मुंबई हमले के दोषियों को हमारे हवाले करवाए।
उन्होंने कांग्रेस को गरीबों तथा किसानों की विरोधी बताते हुए पूंजीपतियों की सरकार बताया तथा कहा कि आजादी के बाद 61 वर्ष में से 54 वर्ष कांग्रेस सत्ता में रही परंतु देश की 115 करोड़ में से 75 करोड जनता को आज भी दो वक्त की रोटी नहीं मिल रही। कांग्रेस एक तरफ किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं देती दूसरी तरफ जनता को गेहूं काफी महंगा बेचती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गेहू का समर्थन मूल्य 1080 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है जबकि एक अनुमान के अनुसार किसान की लागत ही 1250 रुपये प्रति क्विंटल बैठती है। चुनावी पिटारा खोलते हुए श्री चौटाला ने घोषणा की कि राज्यों में उनकी सरकार आने पर गेहूं का समर्थन मूल्य 1400 रुपये क्विंटल किया जाएगा परंतु प्रदेश की गरीब जनता को खाने के लिए सरकार 700 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं उपलब्ध करवाएगी। वृद्धावस्था पेंश 700 रुपये प्रति माह दी जाएगी। बेरोजगारों को 1000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। अनुसूचित एवं पिछड़े वर्ग को रोजगार जुटाने के लिए बिना ब्याज के ऋण दिया जाएगा। बिजली, बीज खाद प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवाए जाएंगे।

Tuesday, February 3, 2009

पाक पर हमला ही समाधान : गिरिराज किशोर

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आचार्य गिरिराज किशोर का मानना है कि आतंकवाद रूपी समस्या का एकमात्र समाधान पाकिस्तान पर हमला है। केंद्र सरकार को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए, जितनी देरी होगी उतनी ही स्थिति गंभीर होगी क्योंकि बिना हमला के पाकिस्तान से ये आतंकवादी गतिविधियां बंद नहीं होंगी।
यह बात आचार्य गिरिराज किशोर ने Gurgaon में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मामले में केंद्र सरकार के प्रयास प्रभावहीन हैं। ऐसे प्रयासों से आतंकवाद खत्म नहीं होगा। आज देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी हमले हो रहे हैं। यह हमले देश की एकता व अखंडता ही नहीं बल्कि आर्थिक ढांचे को भी कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं। विहिप नेता ने देश में आतंकवाद के बढ़ते प्रभाव के लिए वोट की राजनीति को विशेष दोषी माना। जब तक वोट की राजनीति होती रहेगी तब तक आतंकवाद को बढ़ावा मिलता रहेगा। कल तो जो लोग मुस्लिम आतंकवादी पकड़े जाने पर यह कहते थे कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता वही लोग आज हिन्दू आतंकवाद की बात करते हैं। हिन्दू आतंकवादी नहीं हो सकता। मालेगांव मामले में प्रज्ञा भारती व कर्नल को फंसाया गया है ताकि जो आरोप आज तक मुस्लिम पर लगते रहते हैं वही आरोप हिन्दू पर भी लगे। यह देश को तोड़ने की साजिश है। सेना को बदनाम करने की साजिश है। यह सब वोट की राजनीति के लिए हो रहा है।
कर्नाटक में श्रीराम सेना द्वारा पब में किए गए उत्पात पर विहिप नेता आचार्य गिरिराज किशोर ने कहा कि वे पब कल्चर के विरोधी हैं। यह सभ्यता व संस्कृति के विरुद्ध है। हां इसके खिलाफ श्रीराम सेना ने जो हरकत की है वह निंदनीय है। श्रीराम सेना से आरएसएस का संबंध होने की बात को दरकिनार करते हुए उन्होंने कहा कि दस साल पहले इस सेना के मुखिया का संबंध बजरंग दल से था। बाद में उसने अलग होकर अपना संगठन बना लिया। अब इस व्यक्ति से बजरंग दल या आरएसएस से जुड़े किसी संगठन से संबंध नहीं है।

Friday, January 30, 2009

BJP-INLD में Sonipat के लिए जंग

हरियाणा में भाजपा-इनेलो गठबंधन में सीटों का बंटवारा अभी भी लटका हुआ है। सोनीपत सीट का कांता अभी भी दोनों दलों के गले में कांटा बनकर अटका है। दोनों ही इस पर दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। अब इनेलो ने गुडगाँव पर भी दावा ठोंक तनाव और बढ़ा दिया है। भाजपा हाईकमान ने इनेलो की दावेदारियों को गंभीरता से लेते हुए सीटों के बंटवारे का फैसला राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक होने तक टाल दिया है। इससे प्रदेश भाजपा के नेता न केवल मायूस हैं बल्कि खुद को इनेलो नेताओं के दबाव में महसूस करने लगे हैं। गठबंधन की घोषणा के बाद से ही प्रदेश के भाजपा नेता इस गठबंधन के प्रति ज्यादा उत्साहित नहीं दिखाई दे रहे थे। सोनीपत सीट भाजपा की परम्परागत सीट रही और किशन सिंह सांगवान वहां से लगातार तीन बार सांसद चुने जा चुके हैं।

भाजपा संसदीय बोर्ड की नई दिल्ली में हुई बैठक से पहले हरियाणा के मसलों पर औपचारिक चर्चा हुई। इनेलो व भाजपा गठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा हालांकि इसी बैठक में तय हो जाना था, लेकिन हाईकमान को जब इनेलो की दावेदारी और आपत्तियों के बारे में पता चला तो बंटवारे का फैसला अधर में लटक गया है। इनेलो ने भाजपा हाईकमान के समक्ष गुड़गांव लोकसभा सीट अपने खाते में डालने की इच्छा जाहिर की। इस लोकसभा में मुस्लिम व यादव बाहुल्य नुहूं, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका विधानसभा सीटें आती हैं। यह हलके पहले फरीदाबाद लोकसभा में पड़ते थे। भाजपा हाईकमान को समझाने का प्रयास किया गया कि इन हलकों से भाजपा की बजाय इनेलो को अधिक जनसमर्थन हासिल हो सकता है। इस स्थिति में गुड़गांव लोकसभा सीट भाजपा के बजाय इनेलो को दी जानी चाहिए। गुड़गांव सीट पर इनेलो की मजबूत दावेदारी से जहां भाजपा सकते में है, वहीं जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट देने का नारा बुलंद करते हुए इनेलो ने सोनीपत में भी ताल ठोंक दी है। सोनीपत से किशन सिंह सांगवान भाजपा सांसद हैं। इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला से उनका छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। गोहाना उपचुनाव में भाजपा की हार का हवाला देते हुए इनेलो ने न केवल सोनीपत सीट मांगी है, बल्कि यह दलील भी दी कि गठबंधन की संयुक्त रैली में भाजपा ने कोई खास मेहनत नहीं की है। इनेलो का दावा है, नए परिसीमन के बाद जींद जिले का बड़ा हिस्सा सोनीपत में शामिल हुआ है और इस क्षेत्र में भाजपा और सांगवान का कोई आधार नहीं है। इनेलो की आपत्ति से अलग भाजपा ने भी गुड़गांव व सोनीपत सीट बचाने के लिए हाईकमान के समक्ष कई ठोस दलीलें पेश की हैं। हालाँकि सीटों का बंटवारा अभी लंबित है लेकिन इसने भाजपा को बैकफ़ुट पर ला दिया है। प्रदेश के कुछ नेता कह रहे हैं, अब प्रदेश भाजपा ठगी सी महसूस कर रही है।

Tuesday, January 27, 2009

आत्म विश्लेषण की जरूरत : हुड्डा

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि देश व प्रदेश में जन कल्याण व सामाजिक विकास के कार्य ठीक उसी तरह चल रहे हैं जैसे हमारे संविधान निर्माताओं ने तानाबाना बुना था। गणतंत्र दिवस पर हमें देश प्रदेश व समाज के प्रति अपने फर्ज को लेकर गंभीरता से मंथन करने की जरूरत है। खुशियां मनाने के साथ साथ आत्म विश्लेषण करें ताकि देश में आतंकी संगठन जड़ न जमा पाए व दहेज हत्या, कन्या भ्रूण हत्या, निरक्षरता, नशाखोरी जैसी सामाजिक कुरीतियां जड़ से मिट जाएं। मुख्यमंत्री सोमवार को गुड़गांव के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह में संबोधित कर रहे थे।
राष्ट्रीय ध्वज फहराने व भव्य परेड की सलामी लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी से लेकर नेहरू, बोस, पटेल व अंबेडकर जैसे महापुरुषों ने देश के लिए जो बलिदान दिया है वह अनुकरणीय है। सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों व आश्रितों की पेंशन को बढ़ाने के साथ साथ किसानों के ऋण माफ किए गए। बिजली के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 2012 तक हरियाणा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में होगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जोन हाल स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Sunday, January 25, 2009

दो बच्चों को मरणोपरांत बहादुरी पुरस्कार

हरियाणा के राज्यपाल डा. एआर किदवई 26 जनवरी को रेवाड़ी में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में गुड़गांव के मास्टर अभिषेक तथा मास्टर सूरज को मरणोपरांत राज्य स्तरीय बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करेंगें। राज्यपाल से यह सम्मान अभिषेक व सूरज के पिता मोहन सूरी व उनकी पत्नी श्रीमती किरण प्राप्त करेंगी।
गुड़गांव के सेक्टर 39 निवासी मोहन सूरी जिला रेडक्रास सोसायटी बतौर फार्मासिस्ट कार्यरत है। उनके दो बच्चों मास्टर अभिषेक, 9 वर्ष तथा मास्टर सूरज 7 वर्ष वर्ष 2007 में स्कूल की छुट्टियों में जिला हिसार में हांसी के निकट अपने गांव हाजमपुर गए हुए थे। उस दौरान 23 मार्च के दिन जब ये बच्चे प्रात: शौच के लिए खेतों में गए तो उन्होंने एक बच्चे को जलघर के टैक में डुबते हुए देखा। वह डूबता बच्चा अपने आपको बचाने की गुहार कर रहा था। उसे देखकर अभिषेक व सूरज से रहा नहीं गया और दोनों उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए। डूबते हुए बच्चे को तो वे बचाने में कामयाब हो गए, लेकिन इस घटना में वे दोनों शहादत को प्राप्त हो गए।
पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस पर इन दोनों बच्चों को मरणोपरांत राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से नवाजा गया था और इनके पिता मोहन सूरी ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से प्राप्त किया था। मोहन सूरी तथा उनके पत्नी किरण को उनके बच्चों की बहादुरी के लिए अब राज्य स्तरीय बहादुरी पुरस्कार राज्यपाल रेवाड़ी में देंगें, जिसके लिए उपायुक्त दीप्ति उमाशंकर ने जिला बाल कल्याण अधिकारी सज्जन सिंह को बहादुर बच्चों के अभिभावकों के आवागमन की व्यवस्था करने की हिदायत दी है।

Saturday, January 17, 2009

गुब्बारे से उतरे अक्षय-दीपिका

फ़िल्म स्टार अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म 'चांदनी चौक टू चाइना' में 'ग्रेट वॉल आफ चाइना' पर फिल्माए दृश्यों को पनी फिल्मी जिंदगी के बेहतरीन दृश्य बताया है।
बृहस्पतिवार को अपनी फिल्म प्रमोशन के लिए गुडगाँव पहुंचे अभिनेता अक्षय कुमार तथा सहअभिनेत्री दीपिका पादुकोण का जोरदार स्वागत हुआ। सितारों ने साधारण एंट्री न करते हुए पहले से तैयार वैज्ञानिक गुब्बारे की सवारी करते हुए मुख्य द्वार से एम्बियंस परिसर में आए तो दर्शक मंत्र मुग्ध हुए बिना न रह सके। अक्षय से यह पूछने पर कि क्या यह फिल्म वास्तव में उनकी जिंदगी पर आधारित है? उन्होंने कहा कि फिल्म में दो चीजें हैं जो कि इसे मेरी जिंदगी की वास्तविकता के करीब लाती हैं, एक तो कि मेरा जन्म चांदनी चौक में हुआ था व दूसरा कि मैं बैंकाक के एक होटल में शेफ था। यही दोनों चीजें इस फिल्म में भी दर्शाई गई हैं।
'यह फिल्म वास्तविक अक्षय के लिए है, मैं इस तरह की फिल्म का इंतजार 18 सालों से कर रहा था। मैं सोचता था कि मुझे मार्शल आ‌र्ट्स बहुत अच्छे से आती है लेकिन वहां के ट्रेनर्स के सामने मैने अपने आप को बहुत स्लो पाया।' उन्होंने बताया कि इस फिल्म में सारे स्टंट उन्होंने अपने आप ही किए तथा इसी के चलते उन्होंने अपनी रीढ़ की हड्डी में भी चोट लगवा ली है। इस फिल्म की सबसे अच्छी चीज के बारे में बताते हुए वह कहते हैं कि इसकी शूटिंग चीन की दीवार पर हुई है तथा वह लकी हैं कि वहां शूटिंग की परमीशन मिली, जिसकी इजाजत हॉलीवुड की मशहूर फिल्म मिशन इंपोसिबल को भी नहीं मिली थी। उन्होंने पंद्रह दिन की शूटिंग मात्र सात दिनों में पूरी की क्योंकि सिर्फ सात दिनों की ही परमिशन मिल पाई थी।

यह पूछने पर कि सबसे अच्छी डिश वह कौन सी बना पाते हैं, वह कहते हैं, 'मैं आपको कभी सलाह नहीं दूंगा कि आप मेरा बनाया खाना खाएं. । खैर, मैं इतना बुरा कुक भी नहीं हूं। एक दिन मुझे किचन में बिठा दिया जाए तो मैं ढेरों पंजाबी व्यंजन बना सकता हूं।'
मैं साधारण इंसान हूं
'मैं अपने आप को सेलीब्रिटी नहीं साधारण इंसान समझती हूं। क्योंकि मेरी परवरिश मेरे माता पिता ने ऐसे माहौल में की है जिसने मुझे हमेशा जमीन से जोड़े रखा।' यह कहना है फिल्म चांदनी चौक टू चाइना की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का। दीपिका कहती हैं, 'मैंने अपने पिता से सीखा है कि किस तरह से सेलीब्रिटीनेस तथा एक आम इंसान में संतुलन बनाए रखना है। मैं भी उनकी तरह दौलत व शोहरत को सेकेंडरी चीजें मानती हूं।'

उनका कहना है, 'इस फिल्म में मैने भी स्टंट किए हैं। तथा डबल रोल में लोग मेरा किरदार याद करेंगे।' क्या वजह है कि पिछली फिल्म ओम शांति ओम के बाद फिर से डबल रोल किया, इस बारे में वह कहती हैं यह मेरे निर्माताओं व दर्शकों का मुझमें विश्वास है। वह कहती हैं डबल रोल एक एक्टर के लिए काफी चुनौती भरा होता है तथा साथ ही यह लाभ भी होता है कि अपनी कला के कई पहलुओं को एक साथ दिखाने का मौका मिल पाता है। इस फिल्म में दीपिका ने कूं-ग-फू फाइटर का रोल किया है। क्या इसके लिए कोई विशेष तैयारी करनी पड़ी, दीपिका कहती हैं, 'मैने फिल्म के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग आठ महीने तक ली तथा मेरे ट्रेनर हांग कांग से आए थे। दीपिका बताती हैं कि उनकी सबसे पसंदीदा चीज चॉकलेट है।