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Monday, May 11, 2009

कालेजों में भी सेमेस्टर प्रणाली

--अब कालेज ही देंगे मार्कशीट --कालेज खुद कराएंगे एड-आन कोर्सेज की परीक्षा
कालेजों में एड-आन कोर्सेज की परीक्षाएं संबद्ध कालेजों द्वारा स्वयं कराई जाएंगी तथा स्वयं ही प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। यह निर्णय महर्षि दयानंद विवि की कार्यकारि समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में विवि के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति देने, स्नातक कक्षाओं (बी.काम, बी.एससी) में सेमेस्टर लागू करने आदि अनेक अहम निर्णय लिए गए। एमडी यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव कमेटी (ईसी) की शनिवार को हुई 204वीं बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में यूनिवर्सिटी से संबद्ध कालेजों तथा विश्र्वविद्यालयों तथा शैक्षणिक विभागों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्यापन एवं परीक्षा प्रणाली में सेमेस्टर स्कीम लागू करने का निर्णय लिया गया। मदवि से संबंधित महाविद्यालयों में स्नातकीय स्तर पर विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में आगामी सत्र से सेमेस्टर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया। यूनिवर्सिटी से संबंध कालेजों की स्नातकीय स्तर पर कंप्यूटर शिक्षा लागू करने का अहम निर्णय लिया गया। बैठक में संबद्ध कालेजों से एड-आन कोर्स के लिए परीक्षा संचालित करने का काम संबंधित कालेज को सौंपने का निर्णय लिया। संबंधित महाविद्यालय विश्र्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के तहत एड-ऑन कोर्स का प्रमाण पत्र भी जारी कर सकेंगे। इस संयुक्त प्रमाण पत्र पर संबंधित महाविद्यालय तथा एमडीयू विश्र्वविद्यालय दोनों का नाम उल्लेखित होगा। कार्यकारी परिषद ने एम.ए, एम.काम तथा एम.एससी (सेमेस्टर स्कीम) परीक्षाओं के नए अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी। कार्यकारी परिषद (ईसी) में दो जून 2008 से प्रदेश के सभी मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, फार्मेसी, नर्सिग तथा फिजियोथैरेपी कालेजों की संबद्धता पं.बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी आफ हैल्थ साइसेंज, रोहतक से करने के निर्णय का संज्ञान किया। विश्र्वविद्यालय से संबंध एपीजे कालेज आफ इंजीनियरिंग, सोहना तथा बीआरसीएम कालेज आफ इंजीनियरिंग, बहल को बीटेक पाठ्यक्रम के लिए स्थायी संबद्धता देने का निर्णय शैक्षणिक परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत सेवानिवृत्त होने वाले गैर शैक्षणिक कर्मियों की संविदा आधार पर पुनर्नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रस्ताव के तहत सेवानिवृत्त कर्मियों की पुनर्नियुक्ति के नियम तय किए गए हैं। बैठक में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी के निदेशक पद का दर्जा प्रोफेसर पद के समतुल्य करने का भी निर्णय लिया। बैठक में इमसार के रीडर डा. एच.जे घोष को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोफसर पद पर पदोन्नत करने की चयन समिति की अनुशंसा को स्वीकृत कर लिया। इसके अतिरिक्त बैठक में कई प्राध्यापकों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों/संगोष्ठियों में भाग लेने के आवेदन संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर उच्चतर शिक्षा आयुक्त ज्योति अरोड़ा ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता वाइस चांसलर डा. आरपी हुड्डा ने की। रजिस्ट्रार डा. एसपी वत्स ने बतौर सचिव बैठक में भाग लिया। बैठक में ई.सी शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेंद्र कुमार, सदस्य डा.एसपी दहिया, डा. एसपी खटकड़, डा. नत्थी सिंह, डा. एसएन मिश्रा, डा. एलके बंसल, डा. एसके हुड्डा, डा. जेपी यादव, डा. राजकुमार, अनीता सिंह, प्रो. फिरोज अहमद, प्रो. जावेद हुसैन मौजूद रहे।

Saturday, March 21, 2009

चारों विश्वविद्यालयों का एकेडमिक कैलेंडर एक

प्रदेश के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय व खानपुर महिला विश्वविद्यालय का एकेडमिक कैलेंडर अगले सत्र से एक होगा। इस कैलेंडर का विमोचन जल्द किया जाएगा। कुरुक्षेत्र विवि में पिछले दिनों हुई चारों यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश की प्रमुख विश्वविद्यालयों में एक जैसी शिक्षा, परीक्षा का समय, शैक्षणिक दिवस और दाखिले का समय एक करने की तैयारियां की जा रही हैं। एकेडमिक कैलेंडर एक होने से विद्यार्थियों को दाखिला लेने व माइग्रेशन कराने संबंधी मामलों में काफी फायदा होगा। पहले एडमिशन के समय अलग-अलग होने के कारण विद्यार्थी एक समय में एक ही विश्वविद्यालय में आवेदन कर पाते थे। अब किसी का ट्रांसफर हो जाने, अच्छी फैकल्टी या अन्य कारणों से विश्वविद्यालय बदलना भी काफी आसान हो जाएगा। आगामी सत्र से लागू हो रहे सेमेस्टर सिस्टम में पाठ्यक्रम को पहले ही एक किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही मदवि में कंप्यूटर एजुकेशन लागू किया जा रहा है। इस संदर्भ में कुरुक्षेत्र में हुई बैठक में मदवि की ओर से डीन एकेडमिक अफेयर डा. सुरेंद्र कुमार, एकेडमिक ब्रांच के इंचार्ज सुखबीर सिंह ने भाग लिया।

Friday, March 20, 2009

कालेजों में अनिवार्य हुई कंप्यूटर शिक्षा

मदवि के सभी कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होगी। यह फैसला महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश के सभी राजकीय व निजी कालेजों में नए सत्र से लागू होगा। सभी कालेजों के बी.काम/ बी.एससी में आगामी शैक्षणिक सत्र से सेमेस्टर सिस्टम शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी गवर्नमेंट व प्राइवेट कालेजों (एमडी यूनिवर्सिटी से संबद्ध) में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य विषय करने की भी योजना है। इसे आगामी अकेडमिक काउंसिल (एसी) की बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। कंप्यूटर एजूकेशन को भी सेमेस्टर सिस्टम की तरह सत्र वाइज लागू किया जाएगा। वर्तमान सत्र से ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किया गया है तथा एमडी यूनिवर्सिटी से संबंधित कालेजों में भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट कोर्स, द्वितीय वर्ष में डिप्लोमा कोर्स तथा तृतीय वर्ष में एडवांस डिप्लोमा कोर्स करने को मिलेगा। कंप्यूटर कोर्स में विद्यार्थियों को कंप्यूटर की पूरी बेसिक नालेज दी जाएगी। आगामी एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस बारे अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कंप्यूटर शिक्षा का निर्णय वर्तमान में लगातार बढ़ती कंप्यूटर नालेज की मांग को देखते हुए लिया गया है। कंप्यूटर एजूकेशन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही शुरू करने की योजना है ताकि विद्यार्थियों को एक से दूसरी यूनिवर्सिटी में माइग्रेशन कराने में किसी प्रकार की दिक्कतें न हो। डीन अकेडमिक अफेयर डा. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि एमडी यूनिवर्सिटी से संबद्ध सभी कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की योजना है जिसके बारे में एकेडमिक काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।