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Saturday, November 14, 2009

गरीबों के लिए मुफ्त एंबुलेंस सेवा

बाल दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रदेश में दो नई योजनाएं 'नेहरू बाल दृष्टि योजना' और 'हरियाणा स्वास्थ्य वाहन सेवा नंबर 102 शुरू की गईं। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के रोगियों, गर्भवती महिलाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों और भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंचकूला में एंबुलेंस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया। नेहरू बाल दृष्टि योजना का श्रीगणेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत राज्य में चार नेत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। साथ ही नेत्रदान करने वालों की सुविधा के लिए भी जिलों में नेत्रदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 102 डायल कर नेत्रदान के संबंध में सूचना प्राप्त कर सकता है। यह नंबर सभी एंबुलेंस वाहनों में भौगोलिक स्थिति प्रणाली के साथ सुसज्जित होगा।
हुड्डा ने कहा कि यह एंबुलेंस सेवा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों के रोगियों, अधिसूचित जाति व मलिन बस्तियों के वासियों,सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों, गर्भवती महिलाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों तथा भूतपूर्व सैनिकों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध होंगी। अन्य श्रेणी के रोगियों को एंबुलेंस सेवा के लिए सात रुपये प्रति किलोमीटर की दर से अदायगी करनी होगी।

Tuesday, August 18, 2009

Haryana will dig lakes to fight drought

Decision to dig big lakes and renovate old ones has been taken in view of the adverse monsoon this year and fight drought in future.

New lakes will be dug and reservoirs built, while old ones will be renovated by the Haryana government to fight drought in the future, the State's Finance Minister Birendra Singh announced.The Haryana government has decided to dig big lakes and will renovate the old ones in the state to provide irrigation facilities to the farmers in adverse circumstances, a state government spokesman said on Monday quoting the Minister, reports IANS.The lakes and reservoirs would be constructed to deal with drought like conditions in the state. A target has been set to irrigate about 20,000 acres of land in the state by these lakes, the Minister said.Each lake would provide irrigation facilities to 2-3 acres of land. The government is making all-out efforts to provide irrigation facilities to every inch of land in the state, the Finance Minister added."To achieve this objective a network of canals and distributaries is being laid in the state," he added.Haryana is facing one of the worst droughts in recent years due to inadequate monsoon rains. The state has sought Rs 31.68 billion from the centre as drought relief.Haryana and Punjab contribute over 50 per cent of the total food grains to the national pool.Meanwhile, Haryana on Sunday urged the central government to provide it Rs. 3,168.75 crore to tackle drought-like conditions."Haryana has been adversely affected due to the weak and erratic monsoon. This special package is needed to provide money for additional power purchase, additional cost incurred on diesel, seeds for the unsown area and for construction of water channels for village ponds and for boring tube wells," Haryana Chief Secretary Dharam Vir said here."Due to the poor rainfall, kharif crops are withering away and large tracks of land in the state have remained barren and unsown," he added.This year, kharif crops have been sown in only 26.57 lakh hectares in Haryana as against 28.92 lakh hectares in the corresponding period last year.

Sunday, June 14, 2009

फिजा के आँगन में फ़िर खिला चांद

कहा- फिजा मेरी बेगम, माफी मांगी
फिजा ने कहा, मेरे आरोप सही निकले, ऐसे कैसे माफी दे दूं

मोहाली : लंबे समय तक चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद की जुदाई का गम सह चुकी अनुराधा बाली उर्फ फिजा मोहम्मद की सूनी हुई जिंदगी में आज उस समय पुन: खुशी व सुकून की एक किरण नजर आई जब उनके शौहर चांद मोहम्मद अतीत में फिजा के साथ की गई ज्यादतियों के लिए क्षमा याचना करने और उन्हें अपनी बेगम स्वीकार करने उनके घर पहुंच गए। हालांकि यह बात स्पष्ट होने में कुछ समय लगेगा कि फिजा उन्हें माफ करती हैं या नहीं?

फिजा के निमंत्रण पर उनके घर पहुंचा इलेक्ट्रानिक्स तथा प्रिंट मीडिया उस समय हतप्रभ रहा गया जब उन्होंने फिजा तथा चांद मुहम्मद को इक्कठे अपने सामने पाया। फिजा ने कहा कि आज तक वह जितने भी आरोप लगाती रही हैं, वे सभी सत्य सिद्ध हुए हैं और इससे पहले वह कुछ और कहें चांद मोहम्मद कुछ कहेंगे। इस पर पंचकूला के विधायक तथा हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद मुहम्मद ने स्पष्टï रूप से कहा, 'फिजा को अपने साथ ले जाने आया हूं। अब भी इनके साथ रहना चाहता हूं और इनसे पहले से भी ज्यादा प्यार करता हूं। पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि वह अब भी चांद मोहम्मद हैं। उन्होंने कहा कि वह फिजा के घर से अपनी इच्छा से नहीं गए थे बल्कि उन्हें देवीलाल व राणा नामक व्यक्ति ले गए थे, लेकिन उन्होंने फिजा जी से विनती की है कि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए।एक प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने स्पष्टï कहा कि वह फिजा के पास नगदी के रूप में कुछ भी छोड़ कर नहीं गए थे। पंचकूला में दिए गए बयानों के बारे में पूछे जाने पर चांद मुहम्मद ने कहा कि वे बयान दबाव में दिए गए थे और यहां जो वह कह रहे हैं बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से कह रहे हैं।

अब वह इनका (फिजा का) दिल दुखाने के लिए उनसे माफी मांगने आए हैं और यदि ये इजाजत देंगी तो यहीं रहूंगा

जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि इन्होंने माफ नहीं किया तो क्या वह पुन: पंचकूला सीमा बिश्नोई के पास चले जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि किसी धर्मशाला में चला जाऊंगा। मोबाइल पर तलाक देने संबंधी पूछे गए प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने कहा कि वह वैलिड ही नहीं था क्योंकि उन्होंने सिर्फ दो बार तलाक बोला था। आज भी इन्हें अपनी पत्नी मानता हूं और बिना बताए घर से चले जाने तथा इनका दिल दुखाने के लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे।

फिजा मुहम्मद भले ही अंतर मन से खुश हों कि उनका चांद वापिस उनके पास लौट आया है और जुदाई के दौरान जो-जो आरोप उन्होंने चांद तथा उसके परिवार वालों पर लगाए थे, उन पर चांद मोहम्मद ने सही मोहर लगा दी, इसके बावजूद प्रत्यक्ष रूप से वह काफी कठोर नजर आ रही थीं। फिजा ने चांद की मौजूदगी में कहा कि

'पिछले कई दिनों से चांद के आदमी उनसे मिल कर चांद से बात करने को कह रहे थे। यहीं नहीं चांद खुद भी उन्हें गत रात फोन करते रहे लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। चांद मुहम्मद रविवार को प्रात: सात बजे ही उनके घर आ कर बैठ गए और उनकी माता से दोपहर एक बजे तक उनसे (फिजा) बात कराने की विनती करते रहे तब जा कर उन्होंने 1.30 बजे चांद से मामूली बात की और इससे पहले कि चांद कुछ स्पष्टीकरण देते उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी स्पष्टीकरण देना है, वह मीडिया के सामने दें और उसके बाद ही वह उनसे बात करेंगी।'

एक प्रश्न के उत्तर में फिजा ने कहा कि उन्होंने अभी चांद को माफ करने का निर्णय नहीं किया। यदि उन्हें चांद पर विश्वास हुआ तभी वह उन्हें माफ करेंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने बहुत तकलीफ सहन की है। अत: इस तकलीफ के लिए जिम्मेवार शख्स यदि अचानक सामने आकर माफी मांगने लगे तो उसे एक दम से माफ नहीं किया जा सकता। यह पूछे जाने पर कि आज चांद मोहम्मद क्या उनके (फिजा के) आवास पर उनके शौहर के रूप में रुकेंगे तो फिजा ने कहा कि वह मात्र एक अतिथि के तौर पर यहां रुक सकते हैं, वह भी माता जी से इजाजत मिलने के बाद। फिजा ने कहा कि उन्होंने तो कभी भी चांद मुहम्मद को अपना शौहर मानने से इनकार नहीं किया।फिजा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि पहले वह चांद मुहम्मद की इच्छा से राजनीति में आने की बात कहती थीं लेकिन अब तो उन्होंने राजनीति में आने का निर्णय कर लिया है।

आसानी से नहीं मानीं फिजा
मोहाली : अनुराधा बाली उर्फ फिजा को मनाने के लिए चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद को क्या-क्या नहीं करना पड़ा। ज्यादतियों एवं गुस्ताखियों के लिए फिजा के घर जाकर क्षमा याचना के बावजूद वह टस से मस नहीं हुई। लेकिन चांद ने प्यार से आलिंगनबद्ध किया तो वह रोक नहीं पाई और सब कुछ भूल गई। इन सबके बावजूद फिजा बार बार कह रही थीं कि उन्होंने चांद को माफ नहीं किया है। इस प्रेम कहानी में रविवार को आए नाटकीय मोड़ से वे लोग ठगे रह गए जो सहानुभूतिवश फिजा के साथ खड़े थे। रविवार शाम को ही शिव सेना हिंदोस्तान के युकाई के कार्यकर्ता चेयरमैन निशांत शर्मा के नेतृत्व में वहां पहुंच गए। निशांत ने कहा कि फिजा तथा चांद अपने नाम के साथ क्रमश: अनुराधा बाली तथा चंद्र मोहन लगान बंद कर दें। क्योंकि वे ऐसा कर हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। निशांत ने कहा कि धर्म बदल कर निकाह, तलाक और फिर मिल जाना, सस्ती लोकप्रियता के लिए साजिश थी। बताते है, इसी दौरान चांद ने कथित रूप से अभद्र भाषा में शिव सैनिकों को भाग जाने के लिए कह दिया। फिर क्या था, शिव सैनिक भड़क उठे और चांद के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उधर, चांद ने भी फोन कर अपने समर्थकों को बुला लिया। टकराव की आशंका से पुलिस स्टेशन फेज 11 से एएसआई सोहन लाल दल-बल के साथ वहां पहुंच गए और शिव सैनिकों को समझा बुझा कर वहां से भेज दिया। बाद में पहुंचे चांद के समर्थकों को भी पुलिस ने खदेड़ दिया। देर रात तक फिजा के आवास पर पुलिस जमी थी और स्थिति सामान्य थी।

Wednesday, April 1, 2009

फिजा ने चांद पर फिर लगाया बलात्कार का आरोप

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद मोहम्मद की पत्नी अनुराधा बाली उर्फ फिजा ने अपने पति के खिलाफ एक नया मामला दर्ज कराया है।
37 वर्षीय अनुराधा बाली उर्फ फिजा ने पंजाब पुलिस महानिदेशक के समक्ष अपने पति चांद के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज कराया है। फिजा ने कहा कि पुलिस महानिदेशक से यदि उसे उचित न्याय नहीं मिला तो वह उच्च न्यायालय के समक्ष गुहार लगाएंगी।
अनुराधा बाली उर्फ फिजा ने भागे-भागे फिर रहे चांद पर बलात्कार, धोखेबाजी, धार्मिक भावना को ठेंस पहुंचाने, मानहानि तथा धमकी की शिकायत दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि इसके पहले चांद उर्फ चन्द्रमोहन ने मोबाइल मैसेज से फिजा को तलाक कह दिया है लेकिन फिजा उसे नहीं मान रहीं हैं उनका कहना है कि जब तक वे सामने आकर खुद नहीं कहेंगे तब तक मैं किसी तलाक को नहीं मानूंगी।

Friday, February 13, 2009

हरियाणा को सैकड़ों करोड़ का फटका

महालेखाकार (लेखा परीक्षक) जगबंस सिंह ने कहा है कि वर्ष 2007-08 के दौरान किए गए आडिट में सामने आया है कि सरकार के कई विभागों ने नियम को ताक पर रखकर काम किया, जिससे हरियाणा सरकार को सैकड़ों करोड़ का नुकसान हुआ। बिजली खरीद में बरती गई अनियमितता से ही सरकार को एक सौ एक करोड़ रुपये का चूना लगा। सरकार ने बिजली खरीद के लिए हिमाचल प्रदेश के साथ गलत समझौता किया था जबकि मार्केट में उसकी अपेक्षा सस्ती दर की बिजली उपलब्ध थी। वह बुधवार को यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आडिट की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई है और सदस्यों को ही फैसला करना होगा कि क्या कदम उठाया जाना चाहिए? सरकार की कार्यप्रणाली का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि आडिट के दौरान देखने में आया कि विभागों के बजट बनाने में हेराफेरी करने के साथ गलत प्लानिंग, सरकारी दफ्तरों में तालमेल के अभाव, क्रियान्वयन की खामियों, अनाप शनाप खर्च से सरकार को सैकड़ों करोड़ की चपत लगी। उन्होंने हरियाणा सामुदायिक वन परियोजना, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। महालेखाकार ने कहा कि रोजगार गारंटी योजना में भारी अनियमितता बरती गई। योजना के तहत गांव में रहने वाले लोगों को सौ दिन (गारंटी) रोजगार दिया जाना था लेकिन आडिट रिपोर्ट कहती है कि जितना काम हुआ उसकी अपेक्षा ज्यादातर भुगतान किए गए। सिरसा और महेंद्रगढ़ जिलों में स्कीम पर 2006-07 में 36.29 करोड़ रुपये खर्चे के तौर पर दिखाए गए हैं जबकि 2007-08 में यह रकम 25.21 करोड़ रुपये है। आडिट कहता है कि स्कीम की आड़ में कई लोगों को फर्जी भुगतान किए गए तो एक व्यक्ति को दो बार भुगतान किए गए। कुछ मामलों में हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिए बगैर भुगतान कर दिए गए। उन्होंने कहा कि स्कीम में प्रावधान है कि सारा काम मैन पावर से कराया जाएगा लेकिन देखने में आया है कि काम को पूरा करने के लिए मशीन का इस्तेमाल करके कागज में फर्जी नाम से एंट्री कर दी गई। सिरसा और महेंद्रगढ़ में 450 तालाब खोदने में 8.37 करोड़ खर्च कर दिए गए पर उनमें पानी ही नहीं है। हाउसिंग बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया जताई। महा लेखाकार का कहना था कि बोर्ड बगैर किसी योजना के काम कर रहा है। पंचकूला में निर्माण डिवीजन बनाने के नाम पर ही 5.68 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। इनकम टैक्स नहीं भरा जिसके चलते बोर्ड को 42.04 लाख रुपये जुर्माना देना पड़ा। लक्ष्य 26 हजार 304 घरों के निर्माण का था पर बनाए गए केवल 6 हजार 269 मकान। समाज के कमजोर तबके के लोगों के लिए घर बनाए जाने की स्कीम बोर्ड ने निकाली थी लेकिन बगैर किसी आधिकारिक सूचना के उसे निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बदल दिया गया। जेल विभाग की खामियों पर भी उन्होंने सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं। उनका कहना है कि जरूरत के हिसाब से उन्हें दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जाना चाहिए लेकिन ऐसा कभी नहीं किया गया। जेलों में न तो वाच टावर हैं और न ही सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम। जेल में खर्च हुए पैसे पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना था कि कैश बुक ठीक तरीके से मैनटेन नहीं की गई। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट नंबर 1 और 3 की कार्यक्षमता पर भी उन्होंने सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि ये दोनों यूनिट हरियाणा विद्युत नियामक आयोग और केंद्र सरकार के मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं लेकिन इसके लिए थर्मल के अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। एचएफसी की कार्यक्षमता पर भी आडिट ने सवाल उठाया। आडिट के अनुसार कारपोरेशन ने अधिकांश ऋण एनसीआर के क्षेत्र में बांटे जिससे बाकी हरियाणा में उद्योग विकसित नहीं हो सके। एचएफसी ने जो लोन दिए वह भी आडिट में गलत पाए गए हैं। हरबंस सिंह के अनुसार एचएसआईआईडीसी ने 5.81 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए कुछ नहीं किया तो एचईडीसी ने यात्रा भत्ते की मद में एक करोड़ रूपये यूं ही खर्च डाले। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने ट्रांसफार्मर की खरीद में 14.81 करोड़ रुपये बेवजह खर्च डाले तो एचपीजीसी को 61.18 लाख का नुकसान केवल इस वजह से हुआ क्योंकि उसने कालोनी में रहने वाले स्टाफ से पानी का चार्ज नहीं लिया। राजस्व संग्रहण में भी जगबंस सिंह ने काफी खामियां निकाली। उन्होंने बताया कि हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लि. पंचकूला द्वारा हस्तांतरण विलेख का क्रियान्वयन न होने के कारण 4.20 करोड़ की एसडी की छूट का अनियिमत लाभ रहा। परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के रियायती पास पर यात्री कर न लिए जाने के कारण सरकार को 1.63 करोड़ की हानि हुई तो 4601 परमिटों के धारकों से 1.06 करोड़ की परमिट फीस नहीं मांगी गई। 2005-06 तथा 06-07 के दौरान परिवहन सहकारी समितियों की बसों के संबंध में 93.11 लाख रुपये का यात्री कर विभाग ने मांगा ही नहीं। 353 शैक्षिक संस्थानों की बसों के संबंध में 45.41 लाख रुपये का यात्री कर भी नहीं वसूल किया गया। रोचक बात है कि विभाग ने यह पैसा कभी मांगा ही नहीं। वाणिज्यिक गतिविधियों की बजाए संस्थागत गतिविधियों के लिए दर को लागू करने के कारण अस्पताल के निर्माण के लिए खरीदी गई भूमि पर 93.05 लाख रुपये नहीं वसूल किए गए। पुलिस विभाग ने भी अनियमितता बरती जिसके चलते सरकार को 93 लाख की चपत लगी।

Wednesday, February 11, 2009

Excise and Taxation Inspector Job in Chandigarh

Department of Excise & Taxation, UT ChandigarhRecruitment of Excise & Taxation InspectorsApplications are invited for the following posts :
Excise & Taxation Inspectors : 05 posts (UR-4, OBC-1), Pay Scale : Rs.5480-8925, Age : 18-25 years
How to Apply : The completed application form should be sent by Registered post/courier/by hand to the Excise & Taxation Commissioner, U.T., Chandigarh. on or before 4th March, 2009 before 5.00 PM in the office of the Excise & Taxation Commissioner, U.T., Chandigarh. On the top of the envelope, containing the application form, "Application for the post of Excise and Taxation Inspector" should be written in bold letters.
Please view http://chandigarh.gov.in/pdf/advt-app-insp-extax040209.pdf for details and application form is available at http://chandigarh.gov.in/pdf/app-insp-extax040209.pdf

Sunday, February 1, 2009

Chand सामने आएं तो छोडूंगी नहीं: नीरू

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Chandermohan उर्फ Chand Mohammed का अपनी दूसरी पत्नी अनुराधा उर्फ फ़िज़ा से जिस तरह एकाएक मोहभंग हुआ है उससे साफ है कि अभी इस कहानी में क्लाइमेक्स बाकी है। अनुराधा चंद्रमोहन का अपने से एकाएक यूं दूर चले जाना पचा नहीं पा रही है।
शनिवार को अनुराधा ने दु:खी मन से कहा कि आप देख ही रहे हैं कि मेरे साथ कितनी ज्यादती हुई है। यह बात अलग है कि उन्होंने चंद्रमोहन के खिलाफ सीधे कुछ कहने से परहेज किया। लेकिन इतना जरूर कहा ‘मैं ऐसे चुप बैठने वाली नहीं हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ?’
अनुराधा शाम को मोहाली में अपने आवास पर मीडिया से रूबरू हुईं तो भी संयत रहीं लेकिन उनके साथ खड़ी नीरू बाला ने चंद्रमोहन पर शब्दों की बौछार कर दी। खुद को पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्रा बताने वाली नीरू बाला ने कहा ‘अगर चंद्रमोहन उनके सामने आएं तो वह उन्हें नहीं छोड़ेगी।
डिप्टी सीएम से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती। यह तो अनुराधा हैं अब तक चंद्रमोहन को इज्जत दे रही हैं। नीरू बाला ने कहा कि उनका अनुराधा के साथ कोई रिश्ता नहीं है। वह अब तक मीडिया के जरिए अनुराधा और चंद्रमोहन के बारे में अखबारों में पढ़ती रही हैं। बोलीं,जो व्यक्ति पहली पत्नी के प्रति वफादार नहीं सिद्ध हुआ और न ही दूसरी के साथ तो वह किसके साथ वफादार होगा और कितने धर्म बदलेगा। नीरू बाला ने गुस्से में कहा कि चांद मुहम्मद ने ऐसा करके मुस्लिम धर्म व समस्त स्त्री जात का अपमान किया है। यदि चांद इस समय उसके सामने आ जाए तो वह उस पर मिट्टी का तेल डालकर फूंक देगी।
जब नीरू चंद्रमोहन पर आरोपों की बौछार कर रही थीं तो अनुराधा खुद चुप रहीं। नीरू की बात पर जब अनुराधा की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
गुड़गांव में दिखा चांद : मोहाली से 28 जनवरी को रहस्यमय ढंग से गायब हुए हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चांद मुहम्मद उर्फ चंद्र मोहन चार दिन बाद गुड़गांव के सेक्टर 14 में नजर आए। चार दिनों के अंदर ही वह दूसरी बीवी फिजा उर्फ अनुराधा बाली को भूल पहली पत्नी सीमा बिश्नोई के गुण गाते नजर आए। उन्होंने कहा, सीमा को वह बहुत प्यार करता हैं और उसके बगैर नहीं रह सकते। ज्ञात हो कि चांद मुहम्मद गुड़गांव के सेक्टर 14 स्थित मकान नं 215 बिश्नोई निवास में गत दिनों से रह रहे हैं।
चांद मुहम्मद उर्फ चंद्रमोहन ने कहा कि उनका किसी ने अपहरण नहीं कराया है और वह अपनी मर्जी से घूमने निकले हैं। इसकी जानकारी उन्होंने फिजा को एसएमएस के जरिए दे दी थी। पहली पत्नी सीमा व पिता भजनलाल के बारे में जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा वह सीमा को बहुत प्यार करते हैं वे उसे कभी नहीं भुला सकते। इसके साथ ही उन्होंने कहा, वह अपने पिता भजनलाल से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। उनके पास संदेश भी भेजा है लेकिन अभी जवाब नहीं आया है। यह बताते-बताते वह भावुक हो उठे और कहा, अपने परिवार से दूर नहीं रह सकता। सीमा व फिजा के बीच हुए विवाद से जुड़े सवाल पर चांद मुहम्मद का कहना था कि दोनों महिलाएं एक-दूसरे को समझती हैं और इज्जत करती हैं। उन दोनों को लेकर जो भी बयान आए हैं, उन्हें मीडिया ने दूसरा रंग देकर पेश किया है। मकान के बाहर कड़ी सुरक्षा : सेक्टर 14 के मकान नं. 215 पर जहां कांग्रेस का झंडा लहरा रहा था वहीं मकान के बाहर सादी वर्दी में तैनात सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा नजर आया। सुरक्षाकर्मी आम आदमी को घर के आसपास भी फटकने नहीं दे रहे थे। आसपास के लोगों ने बताया कि चांद मुहम्मद विगत दो दिनों से यहां रह रहे हैं। वह जब सरकार में उपमुख्यमंत्री थे तब भी इसी मकान में आते रहते थे।
घर लौटने की तैयारी में चांद : उधर, चंद्रमोहन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिस तरह अनुराधा से शादी करने से पहले चंद्रमोहन ने स्वेच्छा से अपनी सारी जायदाद पहली पत्नी सीमा बिश्नोई और बेटे सिद्वार्थ के नाम कर दी थी, उसे देखकर शुरू से ही लग रहा था कि यह मामला ऐसा नहीं है जैसा दिखाई दे रहा है। ऐसा ही हो भी रहा है। चंद्रमोहन ने फिर से अपनी पहली पत्नी के पास जाने के लिए भूमिका तैयार कर ली है। चंद्रमोहन को अपनी पहली पत्नी सीमा बिश्नोई और बच्चों की याद सताने लगी है। अब किसी भी पल यह खबर आ सकती है कि वह अपनी पहली पत्नी सीमा के पास लौट गए हैं।

Friday, January 30, 2009

...बस Chand से मोहब्बत की : Fija

Chand-Fija की प्रेम कहानी आगे चलेगी या नहीं, इसका जवाब फिज़ा के पास भी नहीं हैं। फिज़ा कहती हैं, जब तक चांद से बातचीत नहीं हो जाती, यह कहना मुश्किल है कि उनके रिश्ते बरकरार रहेंगे या नहीं। फिज़ा ने कहा, उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि कल तक साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाला उनका चांद चौबीस घंटे अस्पताल में रहने पर भी उन्हें देखने नहीं आया। तीन दिन पहले एसएसपी मोहाली के मोबाइल पर उन्होंने चांद से बात की थी। उस वक्त चांद के साथ किसी और की आवाज भी आ रही थी जो शिकायत वापस लेने को कह रहा था।
आत्महत्या की कोशिश के सवाल पर वह कहती है, यह तो सिर्फ मीडिया की ही देन है। मैंने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया। गुरुवार सुबह करीब ग्यारह बजे मुझे नाश्ते के लिए नीचे जाना था। चूंकि मुझे भूख ज्यादा लगी थी, रात में सोई भी नहीं थी। शायद इस वजह से मैंने दवा खा ली।
चांद मुझे देखने क्यों नहीं आए? यही सवाल मुझे अभी भी कचोट रहा है। अब तो उनके आने के बाद ही इससे पर्दा उठेगा, लेकिन भजनलाल परिवार हमें दूर करने में लगे हैं।
मुझे पहले से ही पता था कि चांद के पास धन दौलत नहीं है। उन्होंने सब कुछ अपने परिजनों के नाम कर दिया है। मैंने प्यार किया है चांद से न कि किसी पद या धन दौलत से।

इतना सब हो जाने के बावजूद फिजा अभी दावा कर रही है उनके बीच सब ठीक चल रहा था। न कोई संपत्ति का विवाद था और न पैसे का, पर चाँद फ़िर भी उसे देखने भी नहीं आया और न ही उससे बात की। मोहाली के एसएसपी ने हालाँकि शुक्रवार को चाँद-फिजा की बात कराइ, लेकिन चाँद यही कहता रहा, पहले अपहरण की शिकायत वापस लो।


..ऐसे मिले थे चांद और फिजा
चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद और अनुराधा बाली उर्फ फिज़ा की पहली मुलाकात का किस्सा भी कम रोचक नहीं है। बात करीब पांच साल पहले की है। तब चंद्रमोहन विधायक थे। 24 जुलाई को उनका मन जूस पीने का हुआ और वे जा पहुंचे जूस की एक दुकान पर।
वहां उनकी निगाह एक खूबसूरत चेहरे पर पड़ी। फिर क्या था, पहली ही नज़र में वे उसे दिल दे बैठे। अब समस्या थी कि उस लड़की का घर कैसे ढूंढ़ा जाए। कुछ दोस्तों ने दोस्ती का फर्ज अदा करते हुए लड़की का पता ढूंढ़ निकाला। अगले दिन चंद्रमोहन ने उसे फोन किया और अपना परिचय दिया। इत्तफाक से उस दिन अनुराधा का जन्मदिन था।
चंद्रमोहन ने उसे मिलने के लिए बुलाया तो न सिर्फ वह तैयार हो गई, बल्कि खुद उनके ऑफिस पहुंच गई। उसे देखकर एक बार तो चंद्रमोहन की बोलती बंद हो गई, मगर कुछ दिन बाद ही चंद्रमोहन ने अनुराधा के सामने अपने प्यार का इजहार कर दिया।
फिर क्या था, दोनों की मेल-मुलाकातों का दौर शुरू हो गया। एक दिन चंडीगढ़ के एक रेस्तरां में जब दोनों मिले तो चंद्रमोहन ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। लेकिन एक समस्या थी, चंद्रमोहन की पहली पत्नी। हालांकि चंद्रमोहन ने उससे अलगाव की काफी कोशिश की, लेकिन वह तैयार नहीं हुई तो अंतत: दोनों ने एक रास्ता निकाला। दोनों ने इस्लाम धर्म अपनाया। अब चंद्रमोहन बन गए चांद मोहम्मद और अनुराधा बाली हो गईं फिज़ा। इसके बाद दोनों ने मेरठ में निकाह कर लिया।

Thursday, January 29, 2009

Chand छिपा, Fija बेचैन

पूर्व उपमुख्यमंत्री चांद मुहम्मद उर्फ चंद्रमोहन अपनी दूसरी बीवी फिजा ऊर्फ अनुराधा बाली को छोड़कर घर से गायब हैं। इसने फिजा की परेशानी बढ़ा दी है और गुरुवार को उसने नींद की गोलियां खाकर जान देने का प्रयास किया। लेकिन चाँद का सुराग नहीं लग पाया है। पूरे मामले ने चाँद और फिजा के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हुआ यूँ कि चाँद घर से गायब थे और चंडीगढ़ से सटे पंजाब के मोहाली पुलिस थाने में चांद की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बुधवार को शिकायत में फिजा ने आरोप लगाया कि उसके शौहर चांद का उनके भाई कुलदीप, चचेरे भाई देवीलाल, कुलदीप के दोस्त तपेश और पहली बीवी सीमा बिश्नोई ने अपहरण कराया है। दूसरी तरफ, चांद मुहम्मद कहते हैं कि वह बच्चा नहीं कि उनका अपहरण हो जाए। चांद मुहम्मद ने फोन पर यहां तक बताया कि वह अपनी मर्जी से घूमने आए हैं। चंद्रमोहन का कहना है कि मैंने फिजा और उनकी मां को एसएमएस करके बताया भी है कि मैं घूमने जा रहा हूं।
मोहाली के एसएसपी जतिंदर सिंह औलख ने फिजा के घर जाकर चांद मुहम्मद की बात फिजा से करवा दी। चांद ने कहा कि वह हरिद्वार के पास है। इसके बावजूद फिजा का कहना है कि जब तक वह चांद मुहम्मद से मिल नहीं लेतीं तब तक थाने से अपनी शिकायत वापस नहीं लेंगी। फिजा सवाल उठाती हैं कि चांद दीपावली के दिन भी गायब हुए थे उनकी पहली बीवी सीमा बिश्नोई ने उनके गायब होने की शिकायत दर्ज क्यों नहीं करवाई। चांद मुहम्मद बुधवार सुबह करीब 9 बजे से अपने नए ससुराल से गायब थे। फिजा ने करीब 2 बजे पुलिस को सूचित किया कि चांद गायब हैं। फिजा ने यह सवाल भी उठाया कि पुलिस को सूचना देने और मीडिया में चंद्रमोहन के गायब होने के समाचार के बाद ही चंद्रमोहन का मोबाइल क्यों खुला।
लगता है चाँद के जवाब को फिजा ने दिल से लगा लिया और इसी के चलते गुरुवार को नशीली गोलियां खाकर जान देने का प्रयास किया लेकिन चाँद का कोई पता नहीं लग पाया।
पहले भी गायब हुए थे चाँद
बीते साल अक्टूबर माह में दीपावली के दिन चंद्रमोहन अपनी पहली बीवी सीमा बिश्नोई के पास से गायब हो गए थे और करीब एक महीने बाद प्रकट हुए थे। इस बीच, उन्होंने इस्लाम कबूल किया और अनुराधा बाली से शादी रचाई। इसके बाद चंद्रमोहन के पिता पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल ने उन्हें बेदखल कर दिया था।