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Saturday, June 27, 2009
SP Office के बाहर महिला ने जहर खाया
शुक्रवार दोपहर यहां एसपी आफिस के बाहर दुष्कर्म पीडि़त महिला के जहर खा लेने से सनसनी फैल गई। पीजीआई में दाखिल महिला की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। सालभर के भीतर पुलिस आफिस के बाहर जहर खाने की यह तीसरी घटना है। पीजीआई के वार्ड नंबर छह में भर्ती इस महिला की पहचान सूर्य नगर की केला देवी के रूप में हुई। शुक्रवार दोपहर लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल स्थित एसपी आफिस के बाहर उसने जहर खा लिया। गैलरी में ही उसने काफी उल्टियां की जिसके बाद पुलिस वाले उसे पीजीआई ले गए। केला देवी ने बीते 9 नवंबर को उत्तम नगर के रहने वाले दो व्यक्तियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए थाना अर्बन इस्टेट में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और इन दिनों वे जमानत पर हैं। केला देवी ने बताया कि दोनों आरोपी कोर्ट में गवाही न देने के लिए उस पर दबाव बनाए हुए हैं। आरोपियों में से एक की पत्नी व दो अन्य उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं जबकि पुलिस कुछ नहीं कर रही है। एसपी अनिल कुमार राव ने बताया कि केला देवी की शिकायत पर गत 8 मई को एक महिला समेत तीन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने का आरोप गलत है। दुष्कर्म का मामला 9 नवंबर 2008 को दर्ज है। एसपी ने बताया कि केला देवी के खिलाफ खुदकुशी के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल जुलाई माह में रोहतक की रहने वाली सरिता ने डीजीपी आफिस के बाहर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। बाद में आईजी, एसपी समेत दर्जनभर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों पर गाज गिरी थी। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
Wednesday, March 18, 2009
तेज़ हुई हरियाणा NDA में जंग
प्रत्याशी न बदले जाने पर आत्मदाह की चेतावनी
INLD-BJP ने आननफानन में समझौता कर लिया लेकिन गठबंधन में एक दूसरे को मातदेने का मौका वह चूकना नहीं चाहते। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने joint meeting से पहले ही अपने पांच उम्मीदवार घोषित कर दिए। जल्दबाजी में हुई घोषणा से INLD तो नाराज है ही पार्टी में विरोध की सुगबुगाहट होने लगी है।
करनाल संसदीय सीट पर आईडी स्वामी के भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी पार्टी के एक गुट को उनका टिकट बदलने की उम्मीद है। इसी उम्मीद के सहारे पार्टी के पंजाबी गुट ने अब तक स्वामी के प्रचार अभियान से अपनी दूरी बनाए रखी है। इस गुट के समर्थन में एक वयोवृद्ध कार्यकर्ता ने पंजाबी प्रत्याशी बनाए जाने की मांग को लेकर आत्मदाह करने तक की चेतावनी दी है। इस सीट पर प्रदेश अध्यक्ष आत्मप्रकाश मनचंदा ने भी अपनी उम्मीदवारी जताई थी। काफी विचार-विमर्श के बाद केंद्रीय पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश में इनेलो से गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आईडी स्वामी का नाम प्रत्याशी के रूप में चुना और उनपर करनाल सीट के लिए दांव लगाया। 13 मार्च को इसकी घोषणा के बाद भी पानीपत के पंजाबी गुट ने हार नहीं मानी। स्वामी के नाम की घोषणा के बाद सहयोगी इनेलो ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया, वहींइस गुट ने प्रत्याशी बदलने के मद्देनजर अपनी शतरंज आरंभ कर दी। इसी के मद्देनजर वयोवृद्ध किशन चंद चुघ ने करनाल संसदीय सीट से पंजाबी बिरादरी को प्रत्याशी बनाने की मांग को लेकर एक पत्र पार्टी प्रधान राजनाथ सिंह को लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि अगर करनाल सीट पर पार्टी ने अपना प्रत्याशी न बदला और पंजाबी बिरादरी के किसी व्यक्ति को प्रत्याशी नहीं बनाया तो वह दिल्ली में आत्महत्या करेंगे।
इतनही नही गठबंधन के मुख्य परौकार रहे कॅप्टन अभिमन्यु का भी पत्ता कट दिया गया है। वह रोहतक से पार्टी टिकेट के दावेदार थे। पर रोहतक सीट इनेलो के खाते मतीन चली गई और कैप्टेन हाथ मलते ही रह गए।
INLD-BJP ने आननफानन में समझौता कर लिया लेकिन गठबंधन में एक दूसरे को मातदेने का मौका वह चूकना नहीं चाहते। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने joint meeting से पहले ही अपने पांच उम्मीदवार घोषित कर दिए। जल्दबाजी में हुई घोषणा से INLD तो नाराज है ही पार्टी में विरोध की सुगबुगाहट होने लगी है।
करनाल संसदीय सीट पर आईडी स्वामी के भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी पार्टी के एक गुट को उनका टिकट बदलने की उम्मीद है। इसी उम्मीद के सहारे पार्टी के पंजाबी गुट ने अब तक स्वामी के प्रचार अभियान से अपनी दूरी बनाए रखी है। इस गुट के समर्थन में एक वयोवृद्ध कार्यकर्ता ने पंजाबी प्रत्याशी बनाए जाने की मांग को लेकर आत्मदाह करने तक की चेतावनी दी है। इस सीट पर प्रदेश अध्यक्ष आत्मप्रकाश मनचंदा ने भी अपनी उम्मीदवारी जताई थी। काफी विचार-विमर्श के बाद केंद्रीय पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश में इनेलो से गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आईडी स्वामी का नाम प्रत्याशी के रूप में चुना और उनपर करनाल सीट के लिए दांव लगाया। 13 मार्च को इसकी घोषणा के बाद भी पानीपत के पंजाबी गुट ने हार नहीं मानी। स्वामी के नाम की घोषणा के बाद सहयोगी इनेलो ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया, वहींइस गुट ने प्रत्याशी बदलने के मद्देनजर अपनी शतरंज आरंभ कर दी। इसी के मद्देनजर वयोवृद्ध किशन चंद चुघ ने करनाल संसदीय सीट से पंजाबी बिरादरी को प्रत्याशी बनाने की मांग को लेकर एक पत्र पार्टी प्रधान राजनाथ सिंह को लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि अगर करनाल सीट पर पार्टी ने अपना प्रत्याशी न बदला और पंजाबी बिरादरी के किसी व्यक्ति को प्रत्याशी नहीं बनाया तो वह दिल्ली में आत्महत्या करेंगे।
इतनही नही गठबंधन के मुख्य परौकार रहे कॅप्टन अभिमन्यु का भी पत्ता कट दिया गया है। वह रोहतक से पार्टी टिकेट के दावेदार थे। पर रोहतक सीट इनेलो के खाते मतीन चली गई और कैप्टेन हाथ मलते ही रह गए।
Sunday, February 15, 2009
न्याय के लिए संघर्ष कर रहे पिता ने की खुदकुशी
दुष्कर्म के बाद पुत्री की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई लड़ रहे लाचार पिता ने दबंगों की प्रताड़ना से तंग आकर बृहस्पतिवार रात खुदकुशी कर ली। पुलिस को उससे सुसाइड नोट भी मिला है। इसके बाद 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वाकये के मुताबिक भिवानी के गांव चांगरोड़ में बृहस्पतिवार रात दबंगों ने रतिराम के मकान पर हमला बोल दिया और उसकी पत्नी रामकला देवी के साथ मारपीट की। झगड़ा बढ़ता देख रतिराम अपनी पत्नी को लेकर घर के अंदर चला गया तो हमलावरों ने घर पर पथराव शुरू कर दिया। दबंग तो बाद में चले गए लेकिन उनकी धमकियों से दहशत में आए रतिराम ने देर रात्रि फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पूर्व उसने एक पन्ने का सुसाइड नोट भी लिख दिया। शुक्रवार सुबह रतिराम की पत्नी रामकला देवी ने पुलिस को बताया कि पिछले वर्ष 4 सितंबर को उसकी 15 वर्षीय पुत्री की लाश गांव की मुख्य सड़क पर मिली थी। उस समय रतिराम ने एक पुलिस कर्मी, गांव की ही एक महिला व दो युवकों के खिलाफ बेटी के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने का आरोप लगाया था। मामले में एक पुलिसकर्मी के शामिल होने के कारण पुलिस ने इसे सड़क हादसा बताकर मामला दबा दिया था। लेकिन रतिराम ने हार नहीं मानी और कोर्ट के इस्तगासा दायर कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। न्यायालय ने चारों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म व हत्या का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस ने इस संबंध में 24 जनवरी को मामला दर्ज कर लिया था लेकिन अब तक किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। रामकला देवी ने बताया कि आरोपी उन पर लगातार समझौते का दबाव बना रहे थे। गांव का ही एक आपराधिक प्रवृति का युवक बार-बार उनसे झगड़ा कर रहा था। इस कारण वे लोग लगभग ढाई माह से किसी रिश्तेदार के यहां रह रहे थे। घटना के मात्र पांच दिन पूर्व ही वे गांव में वापस आए थे। तीन दिन पूर्व उन पर दबाव बनाने के लिए मारपीट भी की गई थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। रामकला ने बताया कि इस पर बौखलाए दबंगों ने रात्रि में उन पर हमला कर दिया। इस कारण उसके पति रतिराम को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। पुलिस व एफएसएल टीम ने मौके का मुआयना कर घटना का जायजा लिया तथा सुसाइड नोट अपने कब्जे में कर लिया। शव का पोस्टमार्टम दादरी के सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों ने बोर्ड ने किया। पुलिस ने इस संबंध में एक महिला सहित 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
लीपा पोती में जुटी पुलिस
दादरी के उपपुलिस अधीक्षक रामकिशन शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले को काफी गंभीरता से ले रही है। आत्महत्या का संबंध उसकी लड़की की मौत से नहीं है। रतिराम ने अपने सुसाइड नोट में भी गांव के ही कुछ लोगों पर डराने, धमकाने के आरोप लगाए हैं।
लीपा पोती में जुटी पुलिस
दादरी के उपपुलिस अधीक्षक रामकिशन शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले को काफी गंभीरता से ले रही है। आत्महत्या का संबंध उसकी लड़की की मौत से नहीं है। रतिराम ने अपने सुसाइड नोट में भी गांव के ही कुछ लोगों पर डराने, धमकाने के आरोप लगाए हैं।
Monday, February 9, 2009
प्रेमिका ने किया शादी से इनकार तो की खुदकुशी
Faridabad की डबुआ कालोनी में रहने वाले एक युवक ने प्रेमिका की बेवफाई से क्षुब्ध होकर खुदकुशी कर ली। युवक ने प्रेमिका के समक्ष खुदकुशी भी कुछ इस तरह की, कि सैकड़ों लोग इस घटना के चश्मदीद बन गए।
डबुआ कालोनी के ई ब्लाक में रहने वाले सुभाष का 23 वर्षीय बेटा ऋषि एक कंपनी में काम करता था। ऋषि के साथ ही कालोनी की 21 वर्षीय लड़की भी काम करती है। दोनों के बीच पांच वर्षो से प्रेम प्रसंग चला आ रहा था। ऋषि ने कुछ समय पहले अपनी प्रेमिका के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा था। प्रेमिका ने इस प्रस्ताव के बाद अपने पिता से बातचीत शुरू की। लड़की के पिता ने ऋषि को उसके अयोग्य करार देते हुए उसकी सगाई कहीं दूसरी जगह कर दी। ऋषि सगाई की बात को सुनकर आग बबूला हो गया। उसने लड़की से कहा कि वह शादी से इनकार कर दे, लेकिन लड़की अपने परिजनों के खिलाफ नहीं जाना चाहती थी।
पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह ऋषि की प्रेमिका डयूटी जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में ऋषि ने उसे रोक लिया और एक खाली मैदान में ले गया। वहां उसने लड़की पर सगाई तोड़ने के लिए दबाव बनाया। लड़की ने मना किया तो ऋषि ने चाकू निकालकर उस पर दो वार किए। लड़की दोनों वार बचाते हुए चीखने-चिल्लाने लगी। लोग यह तमाशा देखने इर्द-गिर्द इकट्ठें हो गए। कुछ छतों पर खड़े होकर यह नजारा देखने लगे।
लोगों को जुटते देख ऋषि कुछ समय के लिए एक गली की तरफ भागा और जब वहां से वापस आया तो उसके पेट में चाकू घुसा हुआ था। खून की धार बह रही थी। युवक लड़की के पैरों के पास लड़खड़ा कर गिर गया। यह दृश्य देख लड़की ने अपने भाई और पिता को मौके पर बुलवा लिया। लोग घायल युवक को अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई।
डबुआ कालोनी के ई ब्लाक में रहने वाले सुभाष का 23 वर्षीय बेटा ऋषि एक कंपनी में काम करता था। ऋषि के साथ ही कालोनी की 21 वर्षीय लड़की भी काम करती है। दोनों के बीच पांच वर्षो से प्रेम प्रसंग चला आ रहा था। ऋषि ने कुछ समय पहले अपनी प्रेमिका के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा था। प्रेमिका ने इस प्रस्ताव के बाद अपने पिता से बातचीत शुरू की। लड़की के पिता ने ऋषि को उसके अयोग्य करार देते हुए उसकी सगाई कहीं दूसरी जगह कर दी। ऋषि सगाई की बात को सुनकर आग बबूला हो गया। उसने लड़की से कहा कि वह शादी से इनकार कर दे, लेकिन लड़की अपने परिजनों के खिलाफ नहीं जाना चाहती थी।
पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह ऋषि की प्रेमिका डयूटी जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में ऋषि ने उसे रोक लिया और एक खाली मैदान में ले गया। वहां उसने लड़की पर सगाई तोड़ने के लिए दबाव बनाया। लड़की ने मना किया तो ऋषि ने चाकू निकालकर उस पर दो वार किए। लड़की दोनों वार बचाते हुए चीखने-चिल्लाने लगी। लोग यह तमाशा देखने इर्द-गिर्द इकट्ठें हो गए। कुछ छतों पर खड़े होकर यह नजारा देखने लगे।
लोगों को जुटते देख ऋषि कुछ समय के लिए एक गली की तरफ भागा और जब वहां से वापस आया तो उसके पेट में चाकू घुसा हुआ था। खून की धार बह रही थी। युवक लड़की के पैरों के पास लड़खड़ा कर गिर गया। यह दृश्य देख लड़की ने अपने भाई और पिता को मौके पर बुलवा लिया। लोग घायल युवक को अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई।
बेरोजगारी से तंग युवक ने फांसी लगाई
बेरोजगारी से तंग एक युवक ने फरीदाबाद में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त घर में कोई नहीं था। सेक्टर-तीन में रहने वाला 23 वर्षीय सिद्धार्थ कुछ समय से नौकरी की तलाश कर रहा था। उसके पिता नहीं हैं। मां गीता दिल्ली में नेहरू प्लेस में नौकरी करती है। तीन दिन पहले सेक्टर-30 में रहने वाली सिद्धार्थ की मौसी के यहां कोई समारोह था। सिद्धार्थ की मां तीन दिनों से इसी समारोह में थी। इधर सिद्धार्थ घर में अकेला रह रहा था।
रविवार रात सिद्धार्थ की मौसी का लड़का अपनी मौसी गीता को सेक्टर-तीन स्थित घर छोड़ने आया था। जब गीता ने घर का दरवाजा खोलना चाहा तो वह भीतर से बंद था। काफी प्रयास करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस बुलवाई गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो सभी के होश उड़ गए। सिद्धार्थ घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। शव को जमीन पर उतारा गया।
रविवार रात सिद्धार्थ की मौसी का लड़का अपनी मौसी गीता को सेक्टर-तीन स्थित घर छोड़ने आया था। जब गीता ने घर का दरवाजा खोलना चाहा तो वह भीतर से बंद था। काफी प्रयास करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस बुलवाई गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो सभी के होश उड़ गए। सिद्धार्थ घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। शव को जमीन पर उतारा गया।
Sunday, February 8, 2009
छात्रा ने लगाई फांसी
Sonipat की हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी नौवीं की एक student ने फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में दाखिल कराया, जहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। रोहतक जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
नौवीं कक्षा की एक 15 वर्षीय छात्रा अपने नाना के पास रहती थी। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया था। बताया जाता है कि उसकी मां की भी एक रेल हादसे में मौत हो चुकी थी और पिता के अलग होकर वह अपने नाना के पास रह रही थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
नौवीं कक्षा की एक 15 वर्षीय छात्रा अपने नाना के पास रहती थी। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया था। बताया जाता है कि उसकी मां की भी एक रेल हादसे में मौत हो चुकी थी और पिता के अलग होकर वह अपने नाना के पास रह रही थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
Saturday, February 7, 2009
Court में आत्मदाह
Sonipat के गनौर में सब डिविजनल ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) की अदालत में शुक्रवार सुबह वहां कार्यरत एक प्यादे ने आत्मदाह कर लिया। इससे पूर्व उसने कोर्ट रूम की दीवार पर लिखकर एसडीजेएम आरके जैन को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उसने तीन पृष्ठ का एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें एसडीजेएम पर नाजायज ढंग से तंग करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में एसडीजेएम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया गया है। प्यादा वेदप्रकाश करनाल के मतारानी कालोनी, चार चमन का रहने वाला था और इस अदालत में कार्यरत था।
एसडीजेएम के रीडर ओमप्रकाश रंगा ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब वह अपनी ड्यूटी पर आए तो उन्हें कोर्ट रूम से धुआं निकलता दिखाई दिया। रंगा ने इसकी सूचना तत्काल अन्य लोगों को दी और कोर्ट रूम का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था। जब लोगों ने एसडीजेएम आरके जैन के कमरे की ओर से जाकर कोर्ट रूम का दरवाजा खोला तो सभी दंग रह गए। कोर्ट रूम में जज की कुर्सी के सामने फर्श पर अदालत का प्यादा वेद प्रकाश बुरी तरह झुलसी हालत में पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी। आग लगने के कारण कोर्ट रूम की कुर्सियां, कंप्यूटर, मेज आदि भी जल गए थे। अदालत कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना गन्नौर पुलिस व एसडीजेएम को दी। सूचना मिलते जज आरके जैन के अलावा गन्नौर डीएसपी बनवारी लाल, थाना प्रभारी सुल्तान सिंह पहुंच गए। पुलिस ने मौके से वेद प्रकाश के हाथों हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम लिखा तीन पेज का पत्र भी बरामद कर लिया। इस पत्र में एसडीजेएम पर नाजायज परेशान करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच हाईकोर्ट के किसी जस्टिस कराने की गुहार लगाई है। कोर्ट रूम में आत्मदाह की सूचना मिलते ही सेशन जज वीरेंद्र सिंह, एसएसपी नवदीप सिंह विर्क भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वेद प्रकाश की पत्नी नीलम की शिकायत पर एसडीजेएम आरके जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मौके पर एफएसएल की टीम ने भी जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया गया।
पुत्र को मिलेगी नौकरी : जिला सेशन जज वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वेद प्रकाश के पुत्र तरुण को कोर्ट में नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि तरुण चाहे तो कल से ही नौकरी पर आ सकता है, उसे सरकार की ओर से नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि वह बीए पास है तो उसे क्लर्क लगाया जाएगा और यदि वह कम पढ़ा-लिखा है प्यादा के पद पर ही तैनाती होगी। इसके अलावा सरकार की ओर उसके परिवार को हरसंभव सहायता भी प्रदान की जाएगी। चार-पांच महीने पहले ही हुआ था तबादला : पुलिस को दी शिकायत में वेदप्रकाश की पत्नी नीलम ने बताया कि चार-पांच महीने पहले ही वेदप्रकाश का तबादला गन्नौर एसडीजेएम की कोर्ट में हुआ था। इससे पहले वह 25 साल से सोनीपत में तैनात था। शिकायत में उसने कहा है कि वेदप्रकाश से एसडीजेएम चौकीदारी के अलावा घर का काम भी कराते थे और कभी-कभी तो उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। नीलम के अनुसार इससे वह काफी परेशान चल रहा था और चार-पांच दिन पहले ही उसने आत्महत्या की भी बात कही थी। यही नहीं एक दिन वह बीमार थी और वेद प्रकाश ने छुट्टी की दरखास्त दी थी, लेकिन जज साहब ने छुट्टी नहीं दी थी। इन सारी बातों के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था।
एसडीजेएम के रीडर ओमप्रकाश रंगा ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब वह अपनी ड्यूटी पर आए तो उन्हें कोर्ट रूम से धुआं निकलता दिखाई दिया। रंगा ने इसकी सूचना तत्काल अन्य लोगों को दी और कोर्ट रूम का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था। जब लोगों ने एसडीजेएम आरके जैन के कमरे की ओर से जाकर कोर्ट रूम का दरवाजा खोला तो सभी दंग रह गए। कोर्ट रूम में जज की कुर्सी के सामने फर्श पर अदालत का प्यादा वेद प्रकाश बुरी तरह झुलसी हालत में पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी। आग लगने के कारण कोर्ट रूम की कुर्सियां, कंप्यूटर, मेज आदि भी जल गए थे। अदालत कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना गन्नौर पुलिस व एसडीजेएम को दी। सूचना मिलते जज आरके जैन के अलावा गन्नौर डीएसपी बनवारी लाल, थाना प्रभारी सुल्तान सिंह पहुंच गए। पुलिस ने मौके से वेद प्रकाश के हाथों हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम लिखा तीन पेज का पत्र भी बरामद कर लिया। इस पत्र में एसडीजेएम पर नाजायज परेशान करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच हाईकोर्ट के किसी जस्टिस कराने की गुहार लगाई है। कोर्ट रूम में आत्मदाह की सूचना मिलते ही सेशन जज वीरेंद्र सिंह, एसएसपी नवदीप सिंह विर्क भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वेद प्रकाश की पत्नी नीलम की शिकायत पर एसडीजेएम आरके जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मौके पर एफएसएल की टीम ने भी जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया गया।
पुत्र को मिलेगी नौकरी : जिला सेशन जज वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वेद प्रकाश के पुत्र तरुण को कोर्ट में नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि तरुण चाहे तो कल से ही नौकरी पर आ सकता है, उसे सरकार की ओर से नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि वह बीए पास है तो उसे क्लर्क लगाया जाएगा और यदि वह कम पढ़ा-लिखा है प्यादा के पद पर ही तैनाती होगी। इसके अलावा सरकार की ओर उसके परिवार को हरसंभव सहायता भी प्रदान की जाएगी। चार-पांच महीने पहले ही हुआ था तबादला : पुलिस को दी शिकायत में वेदप्रकाश की पत्नी नीलम ने बताया कि चार-पांच महीने पहले ही वेदप्रकाश का तबादला गन्नौर एसडीजेएम की कोर्ट में हुआ था। इससे पहले वह 25 साल से सोनीपत में तैनात था। शिकायत में उसने कहा है कि वेदप्रकाश से एसडीजेएम चौकीदारी के अलावा घर का काम भी कराते थे और कभी-कभी तो उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। नीलम के अनुसार इससे वह काफी परेशान चल रहा था और चार-पांच दिन पहले ही उसने आत्महत्या की भी बात कही थी। यही नहीं एक दिन वह बीमार थी और वेद प्रकाश ने छुट्टी की दरखास्त दी थी, लेकिन जज साहब ने छुट्टी नहीं दी थी। इन सारी बातों के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था।
Friday, January 30, 2009
छेड़छाड़ से दुखी महिला ने की suicide
छेड़छाड़ से दु:खी महिला ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले रजनी के बयान को आधार बना पुलिस ने युवक यशपाल उर्फ जस्सू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सूबे सिंह अपने परिवार के साथ सूर्य नगर में रहता है। बीते दिन उसकी पत्नी रजनी घर में अकेली थी। यह देख पड़ोस में रहने वाले आरोपी यशपाल उर्फ जस्सू की नीयत बिगड़ गई। वह घर में घुसा और रजनी से छेड़छाड़ करने लगा। रजनी ने विरोध किया तो जस्सू ने कहा कि बात नहीं मानी तो पूरी कालोनी में बदनाम कर देगा। बावजूद इसके रजनी शोर मचाने लगी। यह देख जस्सू जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। इस घटना से मानसिक तौर पर रजनी इतनी परेशान हो गई कि उसने खुद को खत्म करने के लिए जहर निगल लिया। देर रात को रजनी दम तोड़ गई। इस बीच पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
सूबे सिंह अपने परिवार के साथ सूर्य नगर में रहता है। बीते दिन उसकी पत्नी रजनी घर में अकेली थी। यह देख पड़ोस में रहने वाले आरोपी यशपाल उर्फ जस्सू की नीयत बिगड़ गई। वह घर में घुसा और रजनी से छेड़छाड़ करने लगा। रजनी ने विरोध किया तो जस्सू ने कहा कि बात नहीं मानी तो पूरी कालोनी में बदनाम कर देगा। बावजूद इसके रजनी शोर मचाने लगी। यह देख जस्सू जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। इस घटना से मानसिक तौर पर रजनी इतनी परेशान हो गई कि उसने खुद को खत्म करने के लिए जहर निगल लिया। देर रात को रजनी दम तोड़ गई। इस बीच पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
Tuesday, January 27, 2009
जमानत खारिज होने पर खाया जहर
लड़की बेचने के आरोप में बंद मां व रिश्तेदार की जमानत खारिज होने पर परिवार के पांच लोगों ने जहर खा लिया। इनमें भांजे की पत्नी भी शामिल है। पुलिस को मौके से जहर की शीशी और सुसाइड नोट मिला है। पांचों को अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने सभी को चंडीगढ़ पीजीआई रिफर कर दिया।
पुलिस ने 22 जनवरी को कुरुक्षेत्र जिले की सरस्वती कालोनी निवासी लक्ष्मी व उसके भाजे राजेश के खिलाफ लड़की बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। परिजनों ने मामले को झूठा बताया। साथ ही न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी दी थी। मंगलवार को कोर्ट में दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई। इस पर लक्ष्मी के बेटे प्रकाश , टिंकू , बेटी नेहा (16), वर्षा (18) और भांजे राजेश की पत्नी मालती (24) ने घर जाकर जहर खा लिया। इसकी जानकारी आस-पड़ोस के लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने पांचों को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए सभी को पीजीआई चंडीगढ़ रेफ़र कर दिया। पुलिस अधीक्षक केवी रमणा ने बताया कि अभी किसी पर आरोप तय नहीं हुए थे। लक्ष्मी के बेटे टिंकू व प्रकाश उनसे मिले थे। दोनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
पुलिस ने 22 जनवरी को कुरुक्षेत्र जिले की सरस्वती कालोनी निवासी लक्ष्मी व उसके भाजे राजेश के खिलाफ लड़की बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। परिजनों ने मामले को झूठा बताया। साथ ही न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी दी थी। मंगलवार को कोर्ट में दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई। इस पर लक्ष्मी के बेटे प्रकाश , टिंकू , बेटी नेहा (16), वर्षा (18) और भांजे राजेश की पत्नी मालती (24) ने घर जाकर जहर खा लिया। इसकी जानकारी आस-पड़ोस के लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने पांचों को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए सभी को पीजीआई चंडीगढ़ रेफ़र कर दिया। पुलिस अधीक्षक केवी रमणा ने बताया कि अभी किसी पर आरोप तय नहीं हुए थे। लक्ष्मी के बेटे टिंकू व प्रकाश उनसे मिले थे। दोनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।

Thursday, January 15, 2009
Ambala में विधवा ने खुद को आग लगाई
अंबाला नगर परिषद कार्यालय में बुधवार को एक महिला सफाई कर्मी ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। पैंसठ फीसदी तक झुलसी महिला को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। बुधवार दोपहर बाद नगर परिषद में महिला सफाई कर्मी सुरजीत कौर ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर स्वयं को आग के हवाले कर दिया। उसकी चीख पुकार सुनकर जब कुछ कर्मी पहुंचे तो नजारा देख कर सकते में आ गए। लगभग 65 प्रतिशत जली अवस्था में उसे शहर के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। उसकी उम्र लगभग 45 वर्ष बताई गई है। विधवा सुरजीत कौर के चार बच्चे भी हैं। पुलिस को दिए बयान में सुरजीत कौर का कहना है कि वह नप में कार्यरत अशोक नामक इंसपेक्टर से प्यार करती थी, किंतु उसने उसके साथ बेवफाई करके किसी अन्य महिला से विवाह रचा लिया। बेवफाई को वह सहन नहीं कर सकी और गुस्से में आकर उसने स्वयं के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर खुद को आग लगा ली।
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