Saturday, June 27, 2009

KU के BA Final में भी कुडि़यों की धाक

शुक्रवार को घोषित हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बीए फाइनल के नतीजों में फिर लड़कियों ने बाजी मारी है। शीर्ष 10 स्थानों पर उन्हीं का कब्जा है। जींद के हिंदू कन्या कालेज की छात्रा वंदना ने 1027 अंकों (85.58 फीसदी) के साथ टॉप किया है। केयू परीक्षा शाखा के नियंत्रक यशपाल गोस्वामी ने बताया कि परीक्षा में इस बार कुल 49623 विद्यार्थी बैठे थे, जिनमें 29768 सफल रहे। परीक्षा परिणाम 59.68 प्रतिशत रहा है। विभिन्न कारणों से 2358 परीक्षार्थियों का परिणाम रोक लिया गया। टाप टेन की सूची में दूसरा स्थान करनाल के गवर्नमेंट कालेज की पूनम मक्कड़ (85.08 प्रतिशत) को मिला है। तीसरे स्थान पर हांसी के एसडी कालेज की मंजू शर्मा (84.58 प्रतिशत) रही। इसी कालेज की रेखा यादव (83.50 प्रतिशत) चौथे, निधि ( 82.55 अंक) सातवें और पूनम (82.25 प्रतिशत) दसवें स्थान पर है। पांचवां स्थान प्राप्त किया है देव समाज कन्या कालेज की रितुका रानी (82.83 प्रतिशत) ने। सिरसा के सीएमके नेशनल ग‌र्ल्स कालेज की नेहा अरोड़ा (82.58 प्रतिशत) को छठा और गवर्नमेंट कालेज नारायणगढ़ ( अंबाला) की सोना चौधरी (82.50 प्रतिशत) को आठवां और शाहाबाद के आर्य कन्या महाविद्यालय की शिल्पी आनंद (82.33 प्रतिशत) को नौवां स्थान मिला है।

गर्मी ने छुडाये पसीने

शनिवार को हिसार में पारा 46 डिग्री तक जा पहुँचा और गर्मी ने कई लोगों की जान ले ली। साथ ही बिजली के कट ने लोगों के जमकर पसीने छुडाये। इस तपती दोपहरी की चुभन से सीएम, विधानसभा स्पीकर और अन्य वीआईपी भी नहीं बच सके और वह बेरी रैली में पसीना पोंछते नज़र आए।

Thursday, June 25, 2009

चांद-फिजा का बहिष्कार करेगी सर्व हुड्डा खाप

सर्व हुड्डा खाप ने पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद और अनुराधा बाली उर्फ फिजा के सामाजिक बहिष्कार का फैसला किया है। साथ ही, कांग्रेस से भी चंद्रमोहन को पार्टी से निकालने की अपील की है। बुधवार को गांव पोलंगी में 50 गांवों की 36 बिरादरी की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी खाप के प्रधान कृष्ण हुड्डा ने दी। उन्होंने बताया कि बिरादरी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि चांद को तुरंत प्रभाव से कांग्रेस पार्टी से निकाल देना चाहिए। उन्होंने 36 बिरादरी से अपील की है वह पंचायत के इस फैसले में उनका सहयोग करे। पंचायत ने आरोप लगाया कि चांद और फिजा ने समाज को शर्मसार किया है।
चुनाव के नजदीक आते ही अब रोहतक में पंचायतों के ऐसे फरमान आने शुरू हो गए हैं। इससे पूर्व महम चौबीसी ने ऐसा ही फारमान सुनाया था।

दबाव में झुका शिक्षा बोर्ड

छठे विषय के अंक भी जुडेंगे
शिक्षा बोर्ड ने संस्कृत भाषा पर उठे बवाल के बाद अब दसवीं कक्षा के कुल अंकों में ऐच्छिक विषय के अंकों को जोडऩे का फैसला किया है।बोर्ड सचिव विकास गुप्ता ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2009-10 से सेकेंडरी कक्षा में सर्वोत्तम पांच विषयों के अंकों को प्रमाण पत्र में जोडऩे का प्रावधान किया गया है। अत: यदि किसी छात्र द्वारा छठे विषय संस्कृत, उर्दू, पंजाबी, कृषि, ड्राइंग, म्यूजिक, डांस, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा तथा कम्प्यूटर साइंस व अन्य विषयों अर्थात हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, सामजिक विज्ञान, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी की तुलना में अधिक अंक अर्जित किए जाते हैं तो उस अवस्था में सबसे कम अंक अर्जित किए जाने वाले विषय के स्थान पर छठे विषय में प्राप्तांकों को कुल अंकों में जोड़ा जाएगा। इससे सेकेंडरी के छठे विषय के अंतर्गत आने वाले उपरोक्त विषयों को बढ़ावा मिलेगा।
संस्कृत के समर्थकों ने इस मसले पर प्रदेश भर में आन्दोलन चलाया हुआ था और बुधवार को रोहतक में जोरदार प्रदर्शन भी किया था। उसके बाद से सरकार पर दबाव बढ़ गया था।
संस्कृत विषय को अनिवार्य करने की मांग को लेकर आंदोलनरत संस्कृत प्रेमियों ने बुधवार को सीएम सिटी में जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर आधे घंटे, फिर दिल्ली चौक पर दिल्ली-रोहतक तथा रोहतक-झज्जर मुख्य मार्गो को करीब ढाई घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी भी दी। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे प्रदेशभर से संस्कृत प्रेमी डीसी कार्यालय पर एकत्र हुए और सीएम हाउस तक जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ये लोग सीएम आवास के निकट पहुंचकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास के और नजदीक जाने का प्रयास किया, मगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई।




बीएड दाखिले में नहीं चलेगी निजी कालेजों की मनमर्जी

प्रदेश भर में लगभग 55 हजार से अधिक बीएड की सीटों पर दाखिले के लिए इस बार निजी कालेज संचालकों की मनमर्जी नहीं चल सकेगी। दाखिले के लिए छात्रों से सीधे संपर्क करने का भी संचालकों को लाभ नहीं मिल सकेगा, क्योंकि मेरिट लिस्ट तैयार करने का जिम्मा रोहतक स्थित एमडीयू के पास है। इससे प्रोविजनल दाखिला लेने वाले कालेज संचालकों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले वर्ष बीएड दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के बावजूद हजारों की संख्या में सीटें खाली रह गई थीं। इसे देखते हुए निजी कालेज संचालकों ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी। कोर्ट ने निजी कालेज संचालकों को एक निश्चित समय सीमा के अंदर मेरिट के आधार दाखिला लेने की छूट प्रदान कर दी थी। इस वर्ष बीएड दाखिला लेने का जिम्मा एमडीयू को सौंपा है।

नए सत्र से डीएड की फीस 18400 तय

चार किस्तों में लेनी होगी फीस
प्रदेश के शिक्षा विभाग ने नए सत्र के लिए डीएड की फीस 18400 रुपये तय कर दी है। इससे निजी संस्थानों द्वारा मनमानी वसूली रोक लग जाएगी। शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त राजन गुप्ता की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा है कि निजी शिक्षण संस्थानों को डीएड कोर्स के लिए एक साल की फीस 18400 रुपये लेनी होगी। यह फीस भी चार किस्तों में दी जाएगी। संस्थान एक साथ यह फीस नहीं ले सकेंगे।पत्र में बताया गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन द्वारा डीएड निजी शिक्षण संस्थानों में डीएड की फीस निर्धारित करने के लिए भेजे गए निर्देशों के आधार पर एक कमेटी का गठन किया था। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी, कुरुक्षेत्र युनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्राध्यापकों सहित शिक्षा से जुड़े अन्य लोगों को शामिल किया गया। कमेटी द्वारा गत 18 जून 2009 को अपनी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में डीएड की फीस निर्धारित करने के लिए राय दी गई थी। कमेटी की सिफारिश पर प्रदेश में सेल्फ फाइनेंस कालेजों में डीएड के लिए फीस निर्धारित कर दी गई है। फीस निर्धारण 2009-10 व 2011-12 के लिए लागू हो जाएगा। इस कोर्स के लिए सभी निजी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों से 18400 रुपए फीस के तौर पर वसूले जाएंगे। इसमें 14400 रुपये ट्ïयूशन फीस और चार हजार रुपये वार्षिक चार्ज के रूप में लिए जाएंगे।संस्थान दाखिले के समय एक बार फीस लेने के बाद तीन किश्तों में यह फीस विद्यार्थियों से ले सकेंगे। इसमें बताया गया है कि डीएड के दाखिले यदि अगस्त में शुरू होते हैं तो ट्यूशन फीस के रूप में निजी शिक्षण संस्थान उनसे 3600 रुपये लेंगे। इसके बाद नवंबर, जनवरी व फिर मार्च में 3600-3600 रुपये की किश्तें ली जाएंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा फीस व प्रवेश फार्म के लिए अलग से निर्धारित राशि देनी होगी। इस बारे में जेबीटी स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दलीप बिश्नोई का कहना है कि यह विद्यार्थियों के संघर्ष की जीत है। उनसे ज्यादा फीस ली जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर 26 जून को जींद में सम्मेलन होगा। इसमें इस सफलता के बारे में छात्राओं को बताया जाएगा तथा आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

Tuesday, June 23, 2009

कुवि ने 248 करोड़ का बजट किया पास

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने सोमवार को 248 करोड़ 65 लाख रुपये का बजट पास किया। विभिन्न मदों से कुवि साल भर में 174 करोड़ 38 लाख रुपये कमाएगी, जबकि 74 करोड़ 26 लाख रुपये अनुदान के जरिये जुटाए जाएंगे। कोर्ट की बैठक मुख्य तौर पर बजट के लिए आयोजित की गई थी। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इसे पारित कर दिया। स्नातकोत्तर के नियमित व पत्राचार कोर्साें में एकरूपता पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया। कुलपति ने दोनों पाठयक्रमों में एकरूपता लाने का आश्वासन दिया। साथ ही कुवि की कार्यकारिणी परिषद, अकादमिक परिषद व कोर्ट में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने को लेकर गठित समिति की संस्तुतियों पर भी कोर्ट ने विचार किया है। महाविद्यालयों के अधिष्ठाता प्रो. टीआर कुंडू, कुटा अध्यक्ष प्रो. नरविंद्र सिंह कौशल, हरियाणा कालेज टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव डा. राजवीर पराशर, एसडी महाविद्यालय पानीपत के प्राचार्य केएस ढिल्लों व राजकीय महाविद्यालय करनाल के प्राचार्य राधेश्याम शर्मा सहित समिति के सभी सदस्यों ने इन निकायों में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की संस्तुति की है। कोर्ट व अकादमिक परिषद के लिए राजकीय महाविद्यालयों व व्यवसायिक संस्थानों और कालेजों का एक-एक अलग चुनाव क्षेत्र बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा कार्यकारिणी परिषद के लिए भी संबद्ध महाविद्यालयों व मेंटेन्ड कालेजों और सेल्फ फाइनेंस संस्थानों से एक-एक चुनाव क्षेत्र बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।

17 कालेजों में मिलेंगे बीएड प्रास्पेक्टस

प्रदेशभर के बीएड करने के इच्छुक स्टूडेंट्स को प्रास्पेक्टस के लिए इधर-उधर या एमडी यूनिवर्सिटी की ओर नहीं भागना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट्स को अपने आसपास ही प्रोस्पेक्टस मुहैया कराने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रदेशभर के करीब 17 कालेजों में बीएड प्रास्पेक्टस की बिक्री की जाएगी। प्रास्पेक्टस एमडी यूनिवर्सिटी के सेल काउंटर पर 23 तथा अन्य बनाए गए 17 केंद्रों पर 25 जून से मिलने शुरू होंगे।प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के राजकीय, राजकीय अनुदान प्राप्त तथा सेल्फ फाइनेंसिंग एजुकेशन कालेजों में बीएड नियमित पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया संचालन की जिम्मेवारी एमडी यूनिवर्सिटी को सौंपी गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसके लिए पुख्ता योजना बनाई है। बीएड में आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई सांय पांच बजे होगी। प्रोस्पेक्टस सामान्य वर्ग के लिए पांच सौ रुपये, अनुसूचित जाति/ जनजाति/दृष्टिïहीन अभ्यार्थियों के लिए 125 रुपये निर्धारित की गई है।इन 17 कालेजों में मिलेंगे बीएड प्रास्पेक्टसएमडी यूनिवर्सिटी प्रशासन की विद्यार्थियों को उनके आसपास ही बीएड प्रास्पेक्टस देने की योजना के तहत गवर्नमेंट कालेज पंचकुला, यूनिवर्सिटी कालेज आफ एजुकेशन कुरुक्षेत्र, सोहन लाल डीएवी कालेज आफ एजुकेशन अंबाला सिटी, आर्या कालेज पानीपत, चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा, सीआर कालेज आफ एजुकेशन हिसार, गवर्नमेंट कालेज जींद, गवर्नमेंट कालेज महम, गवर्नमेंट कालेज भिवानी, जेवीएमजीआरआर कालेज चरखी दादरी, गवर्नमेंट कालेज नारनौल, गवर्नमेंट कालेज महेंद्रगढ़, पीजीआरसी रेवाड़ी, गवर्नमेंट कालेज फरीदाबाद, डीएसडी गवर्नमेंट कालेज गुडग़ांव, हिंदू कालेज सोनीपत, गवर्नमेंट कालेज गोहाना में यूनिवर्सिटी की ओर से निर्धारित दामों पर बीएड के प्रास्पेक्टस मिलेंगे। प्रास्पेक्टस यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से भी डाउनलोड किए जा सकते है।

Sunday, June 14, 2009

फिजा के आँगन में फ़िर खिला चांद

कहा- फिजा मेरी बेगम, माफी मांगी
फिजा ने कहा, मेरे आरोप सही निकले, ऐसे कैसे माफी दे दूं

मोहाली : लंबे समय तक चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद की जुदाई का गम सह चुकी अनुराधा बाली उर्फ फिजा मोहम्मद की सूनी हुई जिंदगी में आज उस समय पुन: खुशी व सुकून की एक किरण नजर आई जब उनके शौहर चांद मोहम्मद अतीत में फिजा के साथ की गई ज्यादतियों के लिए क्षमा याचना करने और उन्हें अपनी बेगम स्वीकार करने उनके घर पहुंच गए। हालांकि यह बात स्पष्ट होने में कुछ समय लगेगा कि फिजा उन्हें माफ करती हैं या नहीं?

फिजा के निमंत्रण पर उनके घर पहुंचा इलेक्ट्रानिक्स तथा प्रिंट मीडिया उस समय हतप्रभ रहा गया जब उन्होंने फिजा तथा चांद मुहम्मद को इक्कठे अपने सामने पाया। फिजा ने कहा कि आज तक वह जितने भी आरोप लगाती रही हैं, वे सभी सत्य सिद्ध हुए हैं और इससे पहले वह कुछ और कहें चांद मोहम्मद कुछ कहेंगे। इस पर पंचकूला के विधायक तथा हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद मुहम्मद ने स्पष्टï रूप से कहा, 'फिजा को अपने साथ ले जाने आया हूं। अब भी इनके साथ रहना चाहता हूं और इनसे पहले से भी ज्यादा प्यार करता हूं। पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि वह अब भी चांद मोहम्मद हैं। उन्होंने कहा कि वह फिजा के घर से अपनी इच्छा से नहीं गए थे बल्कि उन्हें देवीलाल व राणा नामक व्यक्ति ले गए थे, लेकिन उन्होंने फिजा जी से विनती की है कि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए।एक प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने स्पष्टï कहा कि वह फिजा के पास नगदी के रूप में कुछ भी छोड़ कर नहीं गए थे। पंचकूला में दिए गए बयानों के बारे में पूछे जाने पर चांद मुहम्मद ने कहा कि वे बयान दबाव में दिए गए थे और यहां जो वह कह रहे हैं बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से कह रहे हैं।

अब वह इनका (फिजा का) दिल दुखाने के लिए उनसे माफी मांगने आए हैं और यदि ये इजाजत देंगी तो यहीं रहूंगा।

जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि इन्होंने माफ नहीं किया तो क्या वह पुन: पंचकूला सीमा बिश्नोई के पास चले जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि किसी धर्मशाला में चला जाऊंगा। मोबाइल पर तलाक देने संबंधी पूछे गए प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने कहा कि वह वैलिड ही नहीं था क्योंकि उन्होंने सिर्फ दो बार तलाक बोला था। आज भी इन्हें अपनी पत्नी मानता हूं और बिना बताए घर से चले जाने तथा इनका दिल दुखाने के लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे।

फिजा मुहम्मद भले ही अंतर मन से खुश हों कि उनका चांद वापिस उनके पास लौट आया है और जुदाई के दौरान जो-जो आरोप उन्होंने चांद तथा उसके परिवार वालों पर लगाए थे, उन पर चांद मोहम्मद ने सही मोहर लगा दी, इसके बावजूद प्रत्यक्ष रूप से वह काफी कठोर नजर आ रही थीं। फिजा ने चांद की मौजूदगी में कहा कि

'पिछले कई दिनों से चांद के आदमी उनसे मिल कर चांद से बात करने को कह रहे थे। यहीं नहीं चांद खुद भी उन्हें गत रात फोन करते रहे लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। चांद मुहम्मद रविवार को प्रात: सात बजे ही उनके घर आ कर बैठ गए और उनकी माता से दोपहर एक बजे तक उनसे (फिजा) बात कराने की विनती करते रहे तब जा कर उन्होंने 1.30 बजे चांद से मामूली बात की और इससे पहले कि चांद कुछ स्पष्टीकरण देते उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी स्पष्टीकरण देना है, वह मीडिया के सामने दें और उसके बाद ही वह उनसे बात करेंगी।'

एक प्रश्न के उत्तर में फिजा ने कहा कि उन्होंने अभी चांद को माफ करने का निर्णय नहीं किया। यदि उन्हें चांद पर विश्वास हुआ तभी वह उन्हें माफ करेंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने बहुत तकलीफ सहन की है। अत: इस तकलीफ के लिए जिम्मेवार शख्स यदि अचानक सामने आकर माफी मांगने लगे तो उसे एक दम से माफ नहीं किया जा सकता। यह पूछे जाने पर कि आज चांद मोहम्मद क्या उनके (फिजा के) आवास पर उनके शौहर के रूप में रुकेंगे तो फिजा ने कहा कि वह मात्र एक अतिथि के तौर पर यहां रुक सकते हैं, वह भी माता जी से इजाजत मिलने के बाद। फिजा ने कहा कि उन्होंने तो कभी भी चांद मुहम्मद को अपना शौहर मानने से इनकार नहीं किया।फिजा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि पहले वह चांद मुहम्मद की इच्छा से राजनीति में आने की बात कहती थीं लेकिन अब तो उन्होंने राजनीति में आने का निर्णय कर लिया है।

आसानी से नहीं मानीं फिजा
मोहाली : अनुराधा बाली उर्फ फिजा को मनाने के लिए चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद को क्या-क्या नहीं करना पड़ा। ज्यादतियों एवं गुस्ताखियों के लिए फिजा के घर जाकर क्षमा याचना के बावजूद वह टस से मस नहीं हुई। लेकिन चांद ने प्यार से आलिंगनबद्ध किया तो वह रोक नहीं पाई और सब कुछ भूल गई। इन सबके बावजूद फिजा बार बार कह रही थीं कि उन्होंने चांद को माफ नहीं किया है। इस प्रेम कहानी में रविवार को आए नाटकीय मोड़ से वे लोग ठगे रह गए जो सहानुभूतिवश फिजा के साथ खड़े थे। रविवार शाम को ही शिव सेना हिंदोस्तान के युकाई के कार्यकर्ता चेयरमैन निशांत शर्मा के नेतृत्व में वहां पहुंच गए। निशांत ने कहा कि फिजा तथा चांद अपने नाम के साथ क्रमश: अनुराधा बाली तथा चंद्र मोहन लगान बंद कर दें। क्योंकि वे ऐसा कर हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। निशांत ने कहा कि धर्म बदल कर निकाह, तलाक और फिर मिल जाना, सस्ती लोकप्रियता के लिए साजिश थी। बताते है, इसी दौरान चांद ने कथित रूप से अभद्र भाषा में शिव सैनिकों को भाग जाने के लिए कह दिया। फिर क्या था, शिव सैनिक भड़क उठे और चांद के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उधर, चांद ने भी फोन कर अपने समर्थकों को बुला लिया। टकराव की आशंका से पुलिस स्टेशन फेज 11 से एएसआई सोहन लाल दल-बल के साथ वहां पहुंच गए और शिव सैनिकों को समझा बुझा कर वहां से भेज दिया। बाद में पहुंचे चांद के समर्थकों को भी पुलिस ने खदेड़ दिया। देर रात तक फिजा के आवास पर पुलिस जमी थी और स्थिति सामान्य थी।

Saturday, June 13, 2009

नलकूपों को मिलेगी एक घंटा ज्यादा बिजली

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने नलकूपों को दी जाने वाली बिजली आपूर्ति में एक घंटे की वृद्धि की है। अन्य उपभोक्ताओं की दी जाने वाली बिजली आपूर्ति के समय में बदलाव किया है। समय तय करते समय गंावों में दोपहर के समय भी तीन घंटे लोगों की सुविधा के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है।निगम के प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि जिन ग्रामीण घरेलू क्षेत्रों में घरेलू और कृषि लोड अलग-अलग हो चुका है। वहां ग्रुप एक को आपरेशन सर्कल नारनौल और भिवानी में रात 10.00 बजे से सुबह 4.00 बजे तक व सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक और हिसार व सिरसा सर्कल में रात 10.30 बजे से सुबह 4.30 बजे तक तथा सायं 6.30 बजे से 7.30 बजे तक बिजली आपूर्ति दी जाएगी।नलकूपों को ग्रुप दो में फरीदाबाद, भिवानी और सिरसा सर्कल में सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे तक व दोपहर 11.30 बजे से सायं 5.30 बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। ग्रुप दो को गुडग़ंव, नारनौल और हिसार सर्कलों में सुबह 5.30 बजे से 11.30 बजे तक व सायं 6.30 बजे से 7.30 बजे तक बिजली दी जाएगी।हिसार व सिरसा सर्कल को बिजली आपूर्ति के लिए तीन ग्रुपों में बांटा गया है। हिसार में ग्रुप तीन को 5.30 बजे से 11.30 बजे तक व सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। सिरसा सर्कल में ग्रुप तीन को सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे तक तथा दोपहर 11.30 बजे से सायं 5.30 बजे तक बिजली दी जाएगी।जहां घरेलू और कृषि लोड अलग-अलग नहीं किया गया है वहां नारनौल व भिवनी सर्कलों में ग्रुप एक को रात 10.00 बजे से सुबह 4.00 बजे तक सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक तीन फेज तथा सायं 7.00 बजे से रात 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग की बिजली दी जाएगी। हिसार सर्कल में ग्रुप एक को रात 10.30 बजे से सुबह 4.30 तथा सायं 6.30 बजे से 7.30 बजे तक तीन फे ज की तथा सायं 7.30 बजे से रात 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग की बिजली दी जाएगी। सिरसा सर्कल में ग्रुप एक को रात 10.30 बजे से सुबह 4.30 बजे तथा सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक तीन फे ज की तथा रात 7.00 बजे से 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग के लिए बिजली दी जाएगी। फरीदाबाद, भिवानी व हिसार सर्कलों में ग्रुप दो तथा सिरसा सर्कल में ग्रुप तीन को सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे व दिन में 11.30 बजे से बाद दोपहर 5.30 बजे तक तीन फेज की और सायं 7.00 बजे से 11.00 बजे तक घरेलू उपयोग की बिजली दी जाएगी। गुडग़ंाव, नारनौल व सिरसा सर्कलों के ग्रुप दो हिसार सर्कल के ग्रुप तीन को सुबह 5.30 से दोपहर 11.30 बजे तक व सायं 5.30 बजे से 6.30 बजे तक तीन फे ज की तथा सायं 7.30 बजे से 11.00 बजे तक दो फे ज की बिजली की आपूर्ति दी जाएगी। गंावों में घरेलू फीडरों को ग्रुप एक में नारनौल, फ रीदाबाद और हिसार सर्कल में सुबह 4.00 बजे से 6.00 बजे दिन में 10.00 बजे से 1.00 बजे रात को 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली आपूर्ति दी जाएगी। आपरेशन सर्कल भिवानी, गुडग़ांव, सिरसा में ग्रुप एक को सुबह 5.00 बजे से 7.00 बजे दोपहर 10.00 बजे से 1.00 बजे और रात 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली दी जाएगी। नारनौल, फ रीदाबाद व हिसार सर्कल के ग्रुप दो को सुबह 6.00 बजे से 8.00 बजे दोपहर 1.00 बजे से 4.00 बजे और रात को 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली दी जाएगी, जबकि भिवानी गुडग़ंाव और सिरसा सर्कलों के ग्रुप दो को सुबह 7.00 बजे से 9.00 बजे तक दोपहर 1.00 बजे से 4.00 बजे तक रात 7.00 बजे से 12.00 बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। घरेलू फ डरों को इस पूरे समय के लिए तीन फे ज की बिजली दी जाएगी। उद्योगों को सायं 7.00 बजे से रात 12.00 तक बंद रखा जाएगा। भिवानी सर्कल, नारनौल, ए-2 पलवल और सिरसा क्षेत्रों में सुबह 7.00 बजे से 8.00 बजे, 10.00 बजे से 11.00 बजे दोपहर 1.00 बजे से 2.00 बजे सांय 8.00 बजे से 9.00 बजे तक एक-एक घंटे की कटौती के चार समय निर्धारित किए गए हैं। हिसार और गुडग़ांव जोन-2 क्षेत्रों में सुबह 8.00 बजे से 9.00 बजे दोपहर 11.00 बजे से 12.00 बजे व 2.00 बजे से 3.00 बजे तथा रात 9.00 बजे से 10.00 बजे तक एक-एक घंटे के चार समय निर्धारित किए गए हैं।

छह एसपी समेत 29 अफसर बदले

नवदीप विर्क--हिसार
अनिल राव --रोहतक
श्रीकांत जाधव--पानीपत


सरकार ने पुलिस प्रशासन में व्यापक उलटफेर करते छह एसपी समेत राज्य के 29 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तुरंत प्रभाव से स्थानांतरण प्रभाव से किया गया है। हिसार, रोहतक, पानीपत, करनाल, फरीदाबाद व सोनीपत के एसपी का तबादला किया गया है। वीबी सिंह को राज्य के डीजी एसवीबी के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद रिक्त था। पदोन्नति के लिए प्रतिक्षारत विजेंद्र राय को डीजी ओएसडी कानून के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद भी रिक्त था। स्वर्णजीत सिंह एडीजीपी को पदोन्नत करके डीजी प्रशासन के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद नया सृजित किया गया है। राकेश मलिक एडीजीपी को पदोन्नत करके डीजी मानव अधिकार और विधायी के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद भी नया सृजित किया गया है। वीएन राय एडीजीपी को डीजी कानून और व्यवस्था के साथ अतिरिक्त प्रभार एचपीए का दिया गया है। यह पद भी नव सृजित है। पीवी राठी को डीजी सीआईडी के पद पर पदस्थापित किया गया है। अनिल डावरा एडीजीपी को सीआईडी के एडीजीपी के पद पद नियुक्त किया गया है। परविंदर राय एडीजीपी को एडीजीपी एसवीबी के पद पर नियुक्त किया गया है। वाईपी सिंघल एडीजीपी को एडीजीपी सीआईडी के पद पर नियुक्त किया गया है। महिंदर लाल एडीजीपी क्राइम के पद पर पदस्थापित किया गया है। श्रीनिवास वशिष्ठ एडीजीपी को एडीजीपी शस्त्र पुलिस के पद पर नियुक्त किया गया है। डा. आरसी मिश्रा आईजीपी को आईजी जेल लगाया गया है। आरसी गोएल को आईजी सतर्कता, मंजीत सिंह अहलावत आईजीपी को आईजी सतर्कता गुडग़ांव, शिव शक्ति राव आईजी को आईजी सीएम फ्लाइंग स्क्वाड, डा. केपी सिंह आईजीपी को प्रशिक्षण और ओएसडी कानून, के. सेल्वराज आईजी पर्सनल को टेलीकाम का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। डा. राजवंत सिंह आईजी प्रशिक्षण को आईजी कानून व्यवस्था, पीके अग्रवाल आईजीपी सतर्कता को आईजी फरीदाबाद रेंज बनाया गया है। आलोक मित्तल को पदोन्नत कर संयुक्त पुलिस आयुक्त गुडग़ांव, एएस चावला को डीआईजी सीआईडी, राजपाल सिंह को डीआईजी कानून व्यवस्था, पीएस रंगा को पदोन्नत कर डीआईजी आईआरवी भोंडसी बनाया गया है। नवदीप सिंह विर्क एसपी सोनीपत को एसपी हिसार, श्रीकांत जाधव को एसपी पानीपत, अनिल कुमार राव एसपी हिसार को एसपी रोहतक, मोहिंदर सिंह श्योराण एसपी पानीपत को एसपी सोनीपत और केके राव एसपी फरीदाबाद को एसपी करनाल बनाया गया है।

Wednesday, June 10, 2009

चार महीने में जन्मी दूसरी Clone कटड़ी

कल्पना के शहर ने साइंस के क्षेत्र में नई उड़ान भरी है। अब गरिमा ने करनाल के NDRI (राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान) की गरिमा बढ़ा दी है। चार माह के भीतर ही यहां के वैज्ञानिकों ने विश्व की दूसरी क्लोन कटड़ी पैदा कराने में सफलता हासिल कर ली। मुर्राह नस्ल की यह कटड़ी पूरी तरह स्वस्थ है। इससे पशुओं में दूध की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। एनडीआरआई के वैज्ञानिकों ने पहले भी एक क्लोन कटड़ी पैदा कराई थी। लेकिन, 6 फरवरी को जन्मे दुनिया की पहली क्लोन कटड़ी की हफ्ते भर के अंदर ही न्यूमोनिया के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद संस्थान ने दो और क्लोन कटड़ी क्रमश: मई और जून में पैदा करने की घोषणा की थी, लेकिन मई में पैदा होने वाली क्लोन कटड़ी गर्भ में ही मर गई थी। दो बार विफल रहे वैज्ञानिकों ने इस बार भू्रण में सोमेटिक कोशिकाओं का प्रयोग करके क्लोन को विकसित किया। शनिवार दोपहर 11 बजे सीजेरियन आपरेशन शुरू हुआ। लगभग पौने घंटे बाद कटड़ी को सकुशल गर्भ से निकाला गया। जन्म के समय उसका वजन 43 किलो था। हालांकि कटड़ी के पैदा होने की तारीख 10 जून थी, लेकिन गर्भ में वजन ज्यादा होने की वजह से उसे चार दिन पहले आपरेशन करके स्वस्थ पैदा किया गया।
कटड़ी के भ्रूण से बनाया क्लोन : एनडीआरआई के निदेशक डा। एके श्रीवास्तव ने जागरण से कहा, भैंस के क्लोन शिशु गरिमा का जन्म करा लेने के बाद अब हम एक साथ लाखों क्लोन शिशु यानी एक ही नस्ल के पशु तैयार कर सकते हैं। नस्ल एक होगी तो दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी तय है। डा. श्रीवास्तव ने बताया कि यह क्लोन कटड़ी 6 फरवरी को पैदा हुई कटड़ी से भिन्न है। पहले क्लोन की जन्मदाता कोशिका एक नवजात मुरार्ह नस्ल की कटड़ी के कान से ली गई थी। यह क्लोन भैंस के गर्भ में कटड़ी भ्रूण से तैयार हुआ है। यह परंपरागत क्लोनिंग तकनीकी का संशोधित रूप है। इस तकनीक में पशु के अंडाशयों से डिंबाणु को निकालकर उसे परखनली में परिपक्व किया गया। बाद में उसे एक एंजाइम के साथ उपचारित किया गया। इसके बाद एक हैंड हेल्ड फाइन ब्लेड से नाभिक को निकाला गया। इसके बाद प्रदाता पशु के सोमेटिक कोशिकाओं को प्रजनित किया गया और नाभित रहित डिंबाणु कोशिकाओं व प्रदाता नाभिक को एलेक्ट्रोफ्यूज्ड करके प्रयोगशाला में विकसित किया गया। उसके बाद इस भ्रूण को कटड़ी के जन्म के लिए प्रत्यारोपण किया गया। इस क्लोन कटड़ी को आईसीयू में रखा गया है। चिकित्सक दल 24 घंटे इसके स्वास्थ्य पर नजर रखेगा। उन्होंने कहा कि हैंड गाइडिड क्लोनिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए तो भारत में श्रेष्ठ दुधारू पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। क्लोन कटड़ी के जनक वैज्ञानिक एसके सिंगला, डा. आरएस माणिक, डा. एमएस चौहान, डा. पी पल्टा, डा. शिवप्रसाद, डा. आरएस शाह व डा. ए जार्ज व संस्थान के निदेशक डा. एके श्रीवास्तव व अन्य वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. मंगला राय व परिषद के पशु विज्ञान के उप महानिदेशक डा. केएम बजरबरूआ ने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी है। बजरबरूआ ने कहा कि इस समय सर्वश्रेष्ठ सांडों की काफी कमी है। इस तकनीक से इस कमी को कम किया जा सकता है। प्रयोग में हिसार कृषि विश्वविद्यालय के डा. आरएस बिसला, डा. एससी आर्य, संस्थान के चिकित्सक डा. केपीएस तोमर, डा. सुभाष चंद्र व डा. प्रवीण कुमार ने भी योगदान दिया।
दूध की बहेंगीं नदियां! : वैसे तो भारत में इस समय करीब साढ़े अठारह करोड़ पशु हैं लेकिन इनमें दुधारू केवल साढ़े पांच करोड़ हैं। इन दुधारू पशुओं में वे भी शामिल हैं जो दिन भर में महज आधा लीटर दूध देते हैं। गरिमा इस सूरत में बदलाव ला सकती है। असल में क्लोन होने के कारण अब एक ही नस्ल की भैंस पैदा करना संभव हो सकेगा। इससे नस्लों की भिन्नता के कारण पशुओं में कम दूध संबंधी शिकायतों से बचा सकेगा।

Tuesday, June 9, 2009

अनोखा संयोग

इस बार सात अगस्त को तारीख और समय का ऐसा संयोग होगा जो बरसों फ़िर नही दोहराया जाएगा।
इस दिन जब घड़ी की सुई चार बजकर पांच मिनट और छः सेकेण्ड का समय बताएगी तब यह ( 04 : 05 : 06--07 : 08 : 09 ) का संयोग बनेगा। या यूँ कहें सुबह चार बजकर पांच मिनट और छः सेकेण्ड पर एक पल के लिए सात तारीख होगी, आठवां माह और नौ का साल।
हालाँकि कुछ-कुछ इसका उल्टा भी कुछ समय बाद हो सकता है, या यूँ (09 : 08 : 07 --06 : 05 :04) कहें की
नौवें साल के आठवें माह की सात तारीख को शाम छः बजकर पांच मिनट और चार सेकेण्ड पर यही गिनती उलटी हो जायेगी।

Tuesday, June 2, 2009

हिसार की बूंदों से बुझ सकती है हरियाणा की प्यास

हिसार के कुल तीन हजार, 983 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में प्रतिवर्ष औसतन 352.4 मिलीमीटर बारिश का संरक्षण हो तो इससे 2 करोड़, 5 लाख, 64 हजार, 196 लोगों की एक वर्ष तक प्यास बुझाई जा सकती है
हरियाणा हो या अन्य प्रदेश, पेयजल संकट की बात करें तो यह समस्या देश में हर स्थान पर मौजूद है, लेकिन सिर्फ हिसार की एक वर्ष की बारिश के पानी को संरक्षित कर लिया जाए तो उससे एक वर्ष तक हरियाणा के लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है और वह भी मानक जल खपत के हिसाब से। यह तथ्य हिसार शहर की नगर योजना पर हो रहे एक शोध से सामने आया है। इस शोध के तथ्य को आधार बनाकर यदि हिसार के कुल तीन हजार 983 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में प्रतिवर्ष होने वाली प्रतिवर्ष औसतन 352।4 मिलीमीटर बारिश के संरक्षण की बात करें तो इससे दो करोड़, पांच लाख, 64 हजार, 196 लोगों की एक वर्ष तक प्यास बुझाई जा सकती है। डिस्टल वाटर से भी शुद्ध जमा होने वाले बरसात के इस पानी से इतने लोगों की सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाई जा सकती, बल्कि उनके दैनिक उपयोग के लिए निर्धारित किए गए 187 लीटर पानी प्रतिदिन की आपूर्ति एक वर्ष तक की जा सकती है। दूसरी तरफ प्रदेश की जनसंख्या दो करोड़, 11 लाख, 44 हजार, 564 ही है। यदि पूरे प्रदेश में बारिश के पानी के संरक्षण की बात करें तो मात्र 9 प्रतिशत क्षेत्र में ऐसा होने से ही प्रदेशवासियों की इस समय एक वर्ष तक प्यास बुझाई जा सकती है। यह है फार्मूला एक वर्ग मीटर में यदि एक हजार मिलीमीटर (एक मीटर) बारिश हो तो एक लाख लीटर (एक घन मीटर) पानी जमा हो जाता है। हकृवि मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हिसार में औसतन प्रतिवर्ष 352.4 मिलीमीटर बारिश होती है और हिसार का क्षेत्रफल तीन हजार, 983 वर्ग किलोमीटर (3 अरब, 98 करोड, 30 लाख वर्ग मीटर) है। इस हिसाब से हिसार में प्रतिवर्ष 1 अरब, 40 करोड़, 36 लाख, 9 हजार, 200 घन लीटर बारिश का पानी गिरता है। प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 187 लीटर मानक खपत के हिसाब से इस पानी से 7 अरब, 50 करोड़, 59 लाख, 13 हजार, 600 लोगों की जरूरत पूरी की जा सकती है। दूसरी तरफ एक वर्ष तक इसी मानक पानी की मात्रा की आपूर्ति करें तो यह दो करोड़, 5 लाख, 64 हजार, 196 लोगों के लिए पर्याप्त है। यह कर सकती है जनता इस तरह के अभियान को सिर्फ सरकार पर छोड़ देने से कुछ नहीं होगा, बल्कि जनता को इसमें सक्रिय भागीदारी करनी होगी। सबसे पहले जनता को जागरूक होना पड़ेगा। यदि दस प्रतिशत जनता ही जागरूक हो जाती है तो जनप्रतिनिधि को शत प्रतिशत जागरूक होना पड़ता है। जनप्रतिनिधि जागरूक हो जाए तो रैन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम की काफी योजनाएं आ सकती है। यही नहीं जो लोग इसे वहन कर सकते हैं, वे इसे स्वयं भी अपनाकर इसमें अपना योगदान दे सकता है। अभी तक यह है वाटर हारवेस्टिंग देश के कुछ राज्यों व महानगरों में वर्षा जल संवर्धन (रेन वाटर हारवेस्टिंग) अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत छतों व फर्श से पानी पाइपों द्वारा इकट्ठा करके या तो उपयोग में लाया जाता है या फिर भूमिगत जल में छोड़ दिया जाता है, जिससे भूजल स्तर सुधरता है, इसे ग्राउंड वाटर रिचार्ज भी कहते हैं। हिसार में प्रतिवर्ष होने वाली मानसून की बारिश वर्ष बारिश मिलीमीटर में 2000 122.2 2001 538.0 2002 91.7 2003 431.5 2004 186.3 2005 457.7 2006 243.7 2007 162.5 2008 376.2 औसतन 352.4 नोट : यह आंकड़ें जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में होने वाली मानसून की बारिश पर आधारित है। यह कहते हैं शोधार्थी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से हिसार शहर की नगर योजना पर शोध करने वाले हिसार के भूगोलवेता अनुराग का कहना है कि बारिश का पानी डिस्टिल वाटर जैसा शुद्ध होता है। रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम को लागू करने के लिए सरकार को एक विशेष चैनल बिछानी होगी। जनता को छतों पर बारिश के पानी की निकासी वाले विशेष पाइपों को विशेष चैनल से जोड़ना पड़ेगा। इसके बाद जहां भी पानी एकत्रित किया जाए, वहां पर पानी को मामूली ट्रीट करने का प्लांट लगाकर उसे सप्लाई किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए वाटर स्टोरेज का विशेष प्रबंध करना होगा। जोहड़ की सहायता से भूमिगत जल को रिचार्ज किया सकता है। हिसार में बारिश के रिकार्ड ठ्ठ21 जुलाई, 1993 को दोपहर डेढ़ से ढाई बजे तक एक घंटे में सबसे ज्यादा 41.5 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठ5 अगस्त, 1985 को एक दिन में सबसे ज्यादा 182.4 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठवर्ष 1988 के 39वें सप्ताह में एक सप्ताह की सबसे ज्यादा 234.1 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठअगस्त, 1976 में एक माह की सबसे ज्यादा 365.8 मिलीमीटर बारिश हुई। ठ्ठवर्ष 1976 में मानसून की अब तक की सबसे ज्यादा 607.4 मिलीमीटर बारिश हुई. वर्ष 1997 में एक वर्ष में सबसे ज्यादा 770.3 मिलीमीटर बारिश हुई।
कहां है वाटर हारवेस्टिंग
देश के कुछ राज्यों व महानगरों में वर्षा जल संवर्धन (रेन वाटर हारवेस्टिंग) अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत छतों व फर्श से पानी पाइपों द्वारा इकट्ठा करके या तो उपयोग में लाया जाता है या फिर भूमिगत जल में छोड़ दिया जाता है, जिससे भूजल स्तर सुधरता है, इसे ग्राउंड वाटर रिचार्ज भी कहते हैं।
क्या कर सकती है जनता

इस तरह के अभियान को सिर्फ सरकार पर छोड़ देने से कुछ नहीं होगा बल्कि जनता को इसमें सक्रिय भागीदारी करनी होगी। सबसे पहले जनता को जागरूक होना पड़ेगा। यदि दस प्रतिशत जनता ही जागरूक हो जाती है तो जनप्रतिनिधि को शत प्रतिशत जागरूक होना पड़ता है। जनप्रतिनिधि जागरूक हो जाए तो रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम की काफी योजनाएं आ सकती है। यही नहीं जो लोग इसे वहन कर सकते हैं, वे इसे स्वयं भी अपनाकर इसमें अपना योगदान दे सकता है।
क्या कहते हैं शोधार्थी

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से हिसार शहर की नगर योजना पर शोध करने वाले हिसार के भूगोलवेता अनुराग का कहना है कि बारिश का पानी डिस्टिल वाटर जैसा शुद्ध होता है। रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम को लागू करने के लिए सरकार को एक विशेष चैनल बिछानी होगी। जनता को छतों पर बारिश के पानी की निकासी वाले विशेष पाइपों को विशेष चैनल से जोडऩा पड़ेगा। इसके बाद जहां भी पानी एकत्रित किया जाए, वहां पर पानी को मामूली ट्रीट करने का प्लांट लगाकर उसे सप्लाई किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए वाटर स्टोरेज का विशेष प्रबंध करना होगा। या फिर जोहड़ की सहायता से भूमिगत जल को रिचार्ज किया सकता है।
हिसार में प्रतिवर्ष होने वाली मानसून की बारिश

वर्ष बारिश मिलीमीटर में
2000 122.2
2001 538.0
2002 91.7
2003 431.5
2004 186.3
2005 457.7
2006 243.7
2007 162.5
2008 376.2
औसतन 352.4
नोट : यह आंकड़ें जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में होने वाली मानसून की बारिश पर आधारित हैं।
हिसार में बारिश के रिकार्ड

-21 जुलाई, 1993 को दोपहर डेढ़ से ढाई बजे तक एक घंटे में सबसे ज्यादा 41.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
-5 अगस्त, 1985 को एक दिन में सबसे ज्यादा 182.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1988 के 39वें सप्ताह में एक सप्ताह की सबसे ज्यादा 234.1 मिलीमीटर बारिश हुई।
-अगस्त, 1976 में एक माह की सबसे ज्यादा 365.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1976 में मानसून की अब तक की सबसे ज्यादा 607.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1997 में एक वर्ष में सबसे ज्यादा 770.3 मिलीमीटर बारिश हुई।

पांच साल से पहले नहीं बदले जाएंगे शिक्षक

हरियाणा सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए वर्ष 2009-10 के लिए तबादले संबंधी एक नीति जारी की है। इस नीति के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2009-10 के दौरान अध्यापकों का कोई भी सामान्य तबादला नहीं किया जाएगा। सभी तबादले जारी की गई नीति के दिशानिर्देशों के अनुसार किए जाएंगे। इस नीति की एक-एक प्रति पहले ही प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि कर्मचारी को तबादले के लिए अपने पसंदीदा स्थान के बास्ते संस्थान के मुखिया, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को इस वर्ष 15 जून तक लिखित निवेदन करना होगा जो 30 जून तक निदेशालय को ऐसे निवेदनों की सिफारिशें भेजेंगे और स्थानांतरण प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी कर्मचारी का कार्यकाल किसी भी नियुक्ति स्थान पर पांच वर्ष होना चाहिए। जिस भी कर्मचारी के परिणाम पिछले तीन वर्ष से शतप्रतिशत है यदि वह कर्मचारी तबादले का निवेदन नहीं करता है तोउसे पांच वर्ष के बाद भी बदला नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण प्रशासकीय आधार पर प्रदेश सरकार किसी भी समय कर सकती है। प्रवक्ता ने बताया कि निवेदन निर्धारित फार्मेट में तीन विकल्पों सहित करना होगा और पारस्परिक स्थानांतरण के लिए भी निवेदन उसी निर्धारित फोर्मेट में करना होगा और यदि दोनों कर्मचारी 10 कि लोमीटर के दायरे में नियुक्त हैं तो उनके निवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष की आयु के महिला और पुरुष अध्यापकों को कन्या विद्यालयों में प्राथमिक तौर पर नियुक्त किया जाएगा। शतप्रतिशत नेत्रहीन और 70 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांग अध्यापकों को उनके ब्लॉक या 10 किलोमीटर की परिधि में नियुक्त करने के प्रयास किए जाएंगे।

Monday, June 1, 2009

INLD जाट कार्ड खेलेगा

इंडियन नेशनल लोकदल अब विधानसभा चुनाव में जाट आरक्षण का कार्ड खेलेगा। साथ ही, भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने का भी निर्णय किया है। हिसार में सोमवार को इनेलो की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लोकसभा चुनावों के नतीजों की समीक्षा की गई। इस दौरान जाट आरक्षण का मुद्दा उठा। चर्चा के बाद इनेलो प्रधान ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संपत सिंह को जाट आरक्षण की सिफारिश करने वाली गुरनाम सिंह आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा दिया। संपत को 8-10 दिन में ही यह रिपोर्ट सौंपनी है, जो कार्यकारिणी की अगली बैठक में रखी जाएगी। बैठक में फैसला हुआ है कि केवल जाट आरक्षण ही नहीं वरन उन सभी जातियों के लिए आरक्षण की बात करनी है जिनकी सिफारिश गुरनाम सिंह आयोग ने की है। बैठक में जाट वोट बैंक पर चिंता प्रकट की गई लेकिन इस पर संतोष रहा पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। यानी अगर जाटों का कुछ हिस्सा पार्टी से टूटा है तो दूसरी जातियां जुड़ी भी हैं। नई रणनीति के तहत बड़ी रैलियां नहीं होंगी। साल में केवल एक बार ताऊ देवीलाल के जन्म दिवस पर 25 सितंबर को बड़ी रैली की जाएगी। पार्टी को गांव व बूथ के स्तर पर मजबूत करने का काम करेंगे। इस 25 सितंबर को पार्टी भाजपा के साथ मिलकर सभी 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर देगी। चर्चा के दौरान हार का बड़ा कारण प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की स्वच्छ छवि और पीएम के रूप में लालकृष्ण आडवाणी की अस्वीकार्यता उभर कर आया। चौटाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इनेलो व भाजपा का गठबंधन जारी रहेगा। क्योंकि यह दो दलों का नहीं दिलों का गठबंधन है। चौटाला ने बताया कि लोस चुनाव में खिलाफ काम करने अथवा निष्कि्रय रहने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा को अधिकृत किया गया है। संगठन को प्रभावी बनाने व उसमें फेरबदल के लिए भी अरोड़ा अधिकृत हैं। चौटाला 4 जून से जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेंगे। बैठक में पूर्व राज्यपाल सुलतान सिंह, राज्यसभा सांसद अजय सिंह चौटाला, प्रो. संपत सिंह, अभय सिंह चौटाला, तारासिंह, शेरसिंह बड़शामी, राव अजीत सिंह, सुभाष गोयल, डा. सुशील इंदौरा, डा. सीताराम, विधायक ज्ञानचंद, विधायक ईश्वर पलाका, डा. केसी बांगड़, विधायक साहिदा खान, पूर्व मंत्री डा. एमएल रंगा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू सहित संगठन के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।

Thursday, May 28, 2009

Haryana से Sailja

अम्बाला से सांसद कुमारी शैलजा को मनमोहन के कैबिनेट में जगह मिली है। उन्हें प्रमोशन मिली है। मनमोहन की पहली पारी में वह राज्यमंत्री थी, इस बार उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
पिछली सरकार में रक्षा राज्यमंत्री रहे राव इन्द्रजीत को इस बार लाल बत्ती नहीं मिली।
इसके आलावा सीएम हुड्डा के बेटे दीपेन्द्र हुड्डा और नवीन जिंदल भी मंत्री पड़ की दौड़ में थे। उन्हें भी निराशा ही मिली।

Wednesday, May 27, 2009

11 वर्षो बाद मिला हिस्से का नहरी पानी



गांव सिंहपुरा के ग्रामीणों व युवाओं के संघर्ष से यहां की बंजर पड़ी भूमि को 11 वर्षो बाद नहरी पानी नसीब हुआ है। यह पानी पंजाब के किसानों ने माइनर में बाधाएं डालकर रोका हुआ था। अदालत के आदेश बाद गांव वालों को उनका हक मिला है। पंजाब राज्य की सीमा से सटे हरियाणा के गांव सिंहपुरा की लगभग दो हजार एकड़ भूमि को पंजाब की कोटला ब्रांच नहर के माइनर से पानी पिछले 100 वर्षो से मिल रहा था। फरवरी 1998 में पंजाब के तत्कालीन सिंचाई मंत्री की सिफारिश पर सिंचाई विभाग मानसा के कार्यकारी अभियंता ने पूरे माइनर में आठ स्थानों पर 60-60 फुट लंबे व डेढ़ फुट ऊंचे ब्रेकर बनाने के आदेश दे दिए। इस संबंध में पंजाब के सिंचाई विभाग ने हरियाणा से कोई बात नहीं की। इसके बाद पंजाब के किसानों ने माइनर में यह ब्रेकर बना दिए जिससे गांव सिंहपुरा को उसके हक का पानी मिलना बंद हो गया। गांव की टेल पर नाममात्र पानी ही पहुंच रहा था। पानी की कमी के कारण गांव की दो हजार एकड़ भूमि बंजर बन गई। वर्ष 2002 में गांव में गठित बाबा ज्ञानदास युवा क्लब से किसानों ने इस समस्या के समाधान कराने की गुहार लगाई। क्लब के सदस्यों मास्टर जगदीश सिंहपुरा, गुरदीप सिंह, गुरजंट सिंह ढिल्लो व बलजीत सिंह आदि ने ग्राम पंचायत के सहयोग से यह मामला अनेक बार सिंचाई विभाग मानसा के अधिकारियों के समक्ष उठाया लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। क्लब ने जनवरी 2006 में अदालत में एक याचिका दायर कर दी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने 15 सितंबर 2008 को एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया जिसमें सिंचाई विभाग, पटियाला के अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता मानसा व कार्यकारी अभियंता रोड़ी शामिल थे। इस कमेटी ने 15 दिसंबर 2008 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि माइनर के अंदर बनाए गए ब्रेकरों को हटाया जाना चाहिए। इसके बाद गांव के युवा क्लब के सदस्यों व किसानों ने सरपंच जसपाल की देखरेख में कोटला माइनर में बनाए गए ब्रेकरों को हटा दिया।

बिजली निगम के एआरआर में 400 करोड़ की कटौती

हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएनएल) के वार्षिक राजस्व रिपोर्ट (एआरआर) को 409 करोड़ का कट लगाकर मंजूरी मिली है। एचवीपीएनएल ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग 1064.51 करोड़ रुपये का एआरआर भेजा था पर इसमें से आयोग ने केवल 659.70 करोड़ रुपए को ही मंजूरी दी है। इसी प्रकार स्टेल लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के 11.88 करोड़ के एआरआरी में से 7.80 करोड़ के बजट को मंजूरी मिली है। इसी प्रकार आयोग ने एचवीपीएनएल के बजट में 40 प्रतिशत की कटौती हो गई है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के इस फैसले के खिलाफ एचवीपीएनएल पुनर्विचार याचिका डालने पर विचार कर रहा है और वहां पर भी राहत ना मिली तो ट्रिब्यूनल में भी जा सकता है। आयोग ने इस वित्त वर्ष की रिटर्न आन इक्विटी पूरी तरह से नामंजूर कर दी है। एआरआर के 14 प्रतिशत के हिसाब से यह 108 करोड़ थी। आयोग का कहना है कि जब विद्युत वितरण कंपनियां नुकसान में जा रही हैं, ऐसे में इन्हें रिटर्न आन इक्विटी देने का कोई औचित्य नहीं है। आयोग ने आय व लाभ पर 56.59 करोड़ रुपये के टैक्स को भी नामंजूर कर दिया है। आयोग ने 106 करोड़ के अन्य खर्च भी नामंजूर कर दिए हैं। कर्मचारियों के वेतन की 326.97 करोड़ की प्रस्तावित राशि के स्थान पर 286.97, छठे वेतन आयोग की सिफारिश के कारण वेतन वृद्धि की प्रस्तावित राशि 130.10 करोड़ को घटाकर 53.80 करोड़, रखरखाव खर्च की प्रस्तावित राशि को 14.62 करोड़ से घटाकर 13.70 करोड़ कर दिया है। इसी प्रकार आयोग ने एसएलडीसी के पूंजी खर्च पर ब्याज व वित्त शुल्क को 5 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ कर दिया है। आयोग ने एचवीपीएनएल के साल 2008-09 के 740 करोड़ के प्रस्तावित एआरआर के मुकाबले केवल 540 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी थी, जिस पर एचवीपीएनएल ने पुनर्विचार याचिका डाली हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में एचवीपीएन के सामने कई संकट आएंगे। आयोग ने हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम के वर्ष 2009-10 के एआरआर में प्रति यूनिट 3 रुपये 89 पैसे प्रति यूनिट के दाम को घटाकर 3 रुपये 21 पैसे कर दिया है। पर उत्पादन निगम का घाटा उपभोक्ता पर सरका दिया जाता है, उस पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

Thursday, May 21, 2009

व्यवस्था से हारे आईएफएस ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

अरावली पहाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए वर्षो संघर्ष करने वाले वन संरक्षक आरपी बालवान आखिरकार लचर व्यवस्था के सामने हार गए और नौ वर्ष पूर्व ही सेवानिवृत्ति ले ली। वह कहते हैं आखिर इंसान व्यवस्था के बीच रहकर कब तक लड़ेगा, इसकी भी एक सीमा है। हालांकि उनका विश्वास है कि लोगों में जागृति आएगी तब अहसास होगा कि अरावली के साथ छेड़छाड़ कर कितनी बड़ी भूल की गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अरावली को बचाना होगा। 1984 बैच के आईएफएस अधिकारी आरपी बालवान वन विभाग ज्वाइन करने से पहले परमाणु उर्जा विभाग में बतौर वैज्ञानिक काम कर चुके हैं। उनकी योग्यता को देखते हुए उन्हें मौसम विभाग में डायरेक्टर की भी जिम्मेदारी दी गई थी। ग्रामीण विकास मंत्रालय में असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल के पद पर भी वे कार्य कर चुके हैं। वन विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने अरावली पहाड़ी क्षेत्र को बचाने समेत कई मुहिम चलाई। बालवान का मानना है कि अरावली पहाड़ी क्षेत्र का संरक्षण अति आवश्यक है इसलिए वे इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में आरपी बालवान ने स्वीकार किया कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार जड़ तक प्रवेश कर चुका है। इस कारण वे अधिक सफल नहीं हो सके।