Saturday, June 27, 2009
KU के BA Final में भी कुडि़यों की धाक
गर्मी ने छुडाये पसीने
शनिवार को हिसार में पारा 46 डिग्री तक जा पहुँचा और गर्मी ने कई लोगों की जान ले ली। साथ ही बिजली के कट ने लोगों के जमकर पसीने छुडाये। इस तपती दोपहरी की चुभन से सीएम, विधानसभा स्पीकर और अन्य वीआईपी भी नहीं बच सके और वह बेरी रैली में पसीना पोंछते नज़र आए।
Thursday, June 25, 2009
चांद-फिजा का बहिष्कार करेगी सर्व हुड्डा खाप
सर्व हुड्डा खाप ने पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद और अनुराधा बाली उर्फ फिजा के सामाजिक बहिष्कार का फैसला किया है। साथ ही, कांग्रेस से भी चंद्रमोहन को पार्टी से निकालने की अपील की है। बुधवार को गांव पोलंगी में 50 गांवों की 36 बिरादरी की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी खाप के प्रधान कृष्ण हुड्डा ने दी। उन्होंने बताया कि बिरादरी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि चांद को तुरंत प्रभाव से कांग्रेस पार्टी से निकाल देना चाहिए। उन्होंने 36 बिरादरी से अपील की है वह पंचायत के इस फैसले में उनका सहयोग करे। पंचायत ने आरोप लगाया कि चांद और फिजा ने समाज को शर्मसार किया है।दबाव में झुका शिक्षा बोर्ड
संस्कृत के समर्थकों ने इस मसले पर प्रदेश भर में आन्दोलन चलाया हुआ था और बुधवार को रोहतक में जोरदार प्रदर्शन भी किया था। उसके बाद से सरकार पर दबाव बढ़ गया था।
संस्कृत विषय को अनिवार्य करने की मांग को लेकर आंदोलनरत संस्कृत प्रेमियों ने बुधवार को सीएम सिटी में जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर आधे घंटे, फिर दिल्ली चौक पर दिल्ली-रोहतक तथा रोहतक-झज्जर मुख्य मार्गो को करीब ढाई घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी भी दी। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे प्रदेशभर से संस्कृत प्रेमी डीसी कार्यालय पर एकत्र हुए और सीएम हाउस तक जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ये लोग सीएम आवास के निकट पहुंचकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास के और नजदीक जाने का प्रयास किया, मगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई।बीएड दाखिले में नहीं चलेगी निजी कालेजों की मनमर्जी
नए सत्र से डीएड की फीस 18400 तय
Tuesday, June 23, 2009
कुवि ने 248 करोड़ का बजट किया पास
17 कालेजों में मिलेंगे बीएड प्रास्पेक्टस
Sunday, June 14, 2009
फिजा के आँगन में फ़िर खिला चांद
मोहाली : लंबे समय तक चंद्रमोहन उर्फ चांद मुहम्मद की जुदाई का गम सह चुकी अनुराधा बाली उर्फ फिजा मोहम्मद की सूनी हुई जिंदगी में आज उस समय पुन: खुशी व सुकून की एक किरण नजर आई जब उनके शौहर चांद मोहम्मद अतीत में फिजा के साथ की गई ज्यादतियों के लिए क्षमा याचना करने और उन्हें अपनी बेगम स्वीकार करने उनके घर पहुंच गए। हालांकि यह बात स्पष्ट होने में कुछ समय लगेगा कि फिजा उन्हें माफ करती हैं या नहीं?
फिजा के निमंत्रण पर उनके घर पहुंचा इलेक्ट्रानिक्स तथा प्रिंट मीडिया उस समय हतप्रभ रहा गया जब उन्होंने फिजा तथा चांद मुहम्मद को इक्कठे अपने सामने पाया। फिजा ने कहा कि आज तक वह जितने भी आरोप लगाती रही हैं, वे सभी सत्य सिद्ध हुए हैं और इससे पहले वह कुछ और कहें चांद मोहम्मद कुछ कहेंगे। इस पर पंचकूला के विधायक तथा हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद मुहम्मद ने स्पष्टï रूप से कहा, 'फिजा को अपने साथ ले जाने आया हूं। अब भी इनके साथ रहना चाहता हूं और इनसे पहले से भी ज्यादा प्यार करता हूं। पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि वह अब भी चांद मोहम्मद हैं। उन्होंने कहा कि वह फिजा के घर से अपनी इच्छा से नहीं गए थे बल्कि उन्हें देवीलाल व राणा नामक व्यक्ति ले गए थे, लेकिन उन्होंने फिजा जी से विनती की है कि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए।एक प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने स्पष्टï कहा कि वह फिजा के पास नगदी के रूप में कुछ भी छोड़ कर नहीं गए थे। पंचकूला में दिए गए बयानों के बारे में पूछे जाने पर चांद मुहम्मद ने कहा कि वे बयान दबाव में दिए गए थे और यहां जो वह कह रहे हैं बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से कह रहे हैं।
अब वह इनका (फिजा का) दिल दुखाने के लिए उनसे माफी मांगने आए हैं और यदि ये इजाजत देंगी तो यहीं रहूंगा।
जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि इन्होंने माफ नहीं किया तो क्या वह पुन: पंचकूला सीमा बिश्नोई के पास चले जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि किसी धर्मशाला में चला जाऊंगा। मोबाइल पर तलाक देने संबंधी पूछे गए प्रश्न के उत्तर में चांद मुहम्मद ने कहा कि वह वैलिड ही नहीं था क्योंकि उन्होंने सिर्फ दो बार तलाक बोला था। आज भी इन्हें अपनी पत्नी मानता हूं और बिना बताए घर से चले जाने तथा इनका दिल दुखाने के लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे।
फिजा मुहम्मद भले ही अंतर मन से खुश हों कि उनका चांद वापिस उनके पास लौट आया है और जुदाई के दौरान जो-जो आरोप उन्होंने चांद तथा उसके परिवार वालों पर लगाए थे, उन पर चांद मोहम्मद ने सही मोहर लगा दी, इसके बावजूद प्रत्यक्ष रूप से वह काफी कठोर नजर आ रही थीं। फिजा ने चांद की मौजूदगी में कहा कि
'पिछले कई दिनों से चांद के आदमी उनसे मिल कर चांद से बात करने को कह रहे थे। यहीं नहीं चांद खुद भी उन्हें गत रात फोन करते रहे लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। चांद मुहम्मद रविवार को प्रात: सात बजे ही उनके घर आ कर बैठ गए और उनकी माता से दोपहर एक बजे तक उनसे (फिजा) बात कराने की विनती करते रहे तब जा कर उन्होंने 1.30 बजे चांद से मामूली बात की और इससे पहले कि चांद कुछ स्पष्टीकरण देते उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी स्पष्टीकरण देना है, वह मीडिया के सामने दें और उसके बाद ही वह उनसे बात करेंगी।'
एक प्रश्न के उत्तर में फिजा ने कहा कि उन्होंने अभी चांद को माफ करने का निर्णय नहीं किया। यदि उन्हें चांद पर विश्वास हुआ तभी वह उन्हें माफ करेंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने बहुत तकलीफ सहन की है। अत: इस तकलीफ के लिए जिम्मेवार शख्स यदि अचानक सामने आकर माफी मांगने लगे तो उसे एक दम से माफ नहीं किया जा सकता। यह पूछे जाने पर कि आज चांद मोहम्मद क्या उनके (फिजा के) आवास पर उनके शौहर के रूप में रुकेंगे तो फिजा ने कहा कि वह मात्र एक अतिथि के तौर पर यहां रुक सकते हैं, वह भी माता जी से इजाजत मिलने के बाद। फिजा ने कहा कि उन्होंने तो कभी भी चांद मुहम्मद को अपना शौहर मानने से इनकार नहीं किया।फिजा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि पहले वह चांद मुहम्मद की इच्छा से राजनीति में आने की बात कहती थीं लेकिन अब तो उन्होंने राजनीति में आने का निर्णय कर लिया है।
Saturday, June 13, 2009
नलकूपों को मिलेगी एक घंटा ज्यादा बिजली
छह एसपी समेत 29 अफसर बदले
नवदीप विर्क--हिसार
अनिल राव --रोहतक
श्रीकांत जाधव--पानीपत
सरकार ने पुलिस प्रशासन में व्यापक उलटफेर करते छह एसपी समेत राज्य के 29 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तुरंत प्रभाव से स्थानांतरण प्रभाव से किया गया है। हिसार, रोहतक, पानीपत, करनाल, फरीदाबाद व सोनीपत के एसपी का तबादला किया गया है। वीबी सिंह को राज्य के डीजी एसवीबी के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद रिक्त था। पदोन्नति के लिए प्रतिक्षारत विजेंद्र राय को डीजी ओएसडी कानून के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद भी रिक्त था। स्वर्णजीत सिंह एडीजीपी को पदोन्नत करके डीजी प्रशासन के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद नया सृजित किया गया है। राकेश मलिक एडीजीपी को पदोन्नत करके डीजी मानव अधिकार और विधायी के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद भी नया सृजित किया गया है। वीएन राय एडीजीपी को डीजी कानून और व्यवस्था के साथ अतिरिक्त प्रभार एचपीए का दिया गया है। यह पद भी नव सृजित है। पीवी राठी को डीजी सीआईडी के पद पर पदस्थापित किया गया है। अनिल डावरा एडीजीपी को सीआईडी के एडीजीपी के पद पद नियुक्त किया गया है। परविंदर राय एडीजीपी को एडीजीपी एसवीबी के पद पर नियुक्त किया गया है। वाईपी सिंघल एडीजीपी को एडीजीपी सीआईडी के पद पर नियुक्त किया गया है। महिंदर लाल एडीजीपी क्राइम के पद पर पदस्थापित किया गया है। श्रीनिवास वशिष्ठ एडीजीपी को एडीजीपी शस्त्र पुलिस के पद पर नियुक्त किया गया है। डा. आरसी मिश्रा आईजीपी को आईजी जेल लगाया गया है। आरसी गोएल को आईजी सतर्कता, मंजीत सिंह अहलावत आईजीपी को आईजी सतर्कता गुडग़ांव, शिव शक्ति राव आईजी को आईजी सीएम फ्लाइंग स्क्वाड, डा. केपी सिंह आईजीपी को प्रशिक्षण और ओएसडी कानून, के. सेल्वराज आईजी पर्सनल को टेलीकाम का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। डा. राजवंत सिंह आईजी प्रशिक्षण को आईजी कानून व्यवस्था, पीके अग्रवाल आईजीपी सतर्कता को आईजी फरीदाबाद रेंज बनाया गया है। आलोक मित्तल को पदोन्नत कर संयुक्त पुलिस आयुक्त गुडग़ांव, एएस चावला को डीआईजी सीआईडी, राजपाल सिंह को डीआईजी कानून व्यवस्था, पीएस रंगा को पदोन्नत कर डीआईजी आईआरवी भोंडसी बनाया गया है। नवदीप सिंह विर्क एसपी सोनीपत को एसपी हिसार, श्रीकांत जाधव को एसपी पानीपत, अनिल कुमार राव एसपी हिसार को एसपी रोहतक, मोहिंदर सिंह श्योराण एसपी पानीपत को एसपी सोनीपत और केके राव एसपी फरीदाबाद को एसपी करनाल बनाया गया है।
Wednesday, June 10, 2009
चार महीने में जन्मी दूसरी Clone कटड़ी
कल्पना के शहर ने साइंस के क्षेत्र में नई उड़ान भरी है। अब गरिमा ने करनाल के NDRI (राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान) की गरिमा बढ़ा दी है। चार माह के भीतर ही यहां के वैज्ञानिकों ने विश्व की दूसरी क्लोन कटड़ी पैदा कराने में सफलता हासिल कर ली। मुर्राह नस्ल की यह कटड़ी पूरी तरह स्वस्थ है। इससे पशुओं में दूध की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। एनडीआरआई के वैज्ञानिकों ने पहले भी एक क्लोन कटड़ी पैदा कराई थी। लेकिन, 6 फरवरी को जन्मे दुनिया की पहली क्लोन कटड़ी की हफ्ते भर के अंदर ही न्यूमोनिया के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद संस्थान ने दो और क्लोन कटड़ी क्रमश: मई और जून में पैदा करने की घोषणा की थी, लेकिन मई में पैदा होने वाली क्लोन कटड़ी गर्भ में ही मर गई थी। दो बार विफल रहे वैज्ञानिकों ने इस बार भू्रण में सोमेटिक कोशिकाओं का प्रयोग करके क्लोन को विकसित किया। शनिवार दोपहर 11 बजे सीजेरियन आपरेशन शुरू हुआ। लगभग पौने घंटे बाद कटड़ी को सकुशल गर्भ से निकाला गया। जन्म के समय उसका वजन 43 किलो था। हालांकि कटड़ी के पैदा होने की तारीख 10 जून थी, लेकिन गर्भ में वजन ज्यादा होने की वजह से उसे चार दिन पहले आपरेशन करके स्वस्थ पैदा किया गया।Tuesday, June 9, 2009
अनोखा संयोग
इस दिन जब घड़ी की सुई चार बजकर पांच मिनट और छः सेकेण्ड का समय बताएगी तब यह ( 04 : 05 : 06--07 : 08 : 09 ) का संयोग बनेगा। या यूँ कहें सुबह चार बजकर पांच मिनट और छः सेकेण्ड पर एक पल के लिए सात तारीख होगी, आठवां माह और नौ का साल।
हालाँकि कुछ-कुछ इसका उल्टा भी कुछ समय बाद हो सकता है, या यूँ (09 : 08 : 07 --06 : 05 :04) कहें की
नौवें साल के आठवें माह की सात तारीख को शाम छः बजकर पांच मिनट और चार सेकेण्ड पर यही गिनती उलटी हो जायेगी।
Tuesday, June 2, 2009
हिसार की बूंदों से बुझ सकती है हरियाणा की प्यास
कहां है वाटर हारवेस्टिंग
देश के कुछ राज्यों व महानगरों में वर्षा जल संवर्धन (रेन वाटर हारवेस्टिंग) अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत छतों व फर्श से पानी पाइपों द्वारा इकट्ठा करके या तो उपयोग में लाया जाता है या फिर भूमिगत जल में छोड़ दिया जाता है, जिससे भूजल स्तर सुधरता है, इसे ग्राउंड वाटर रिचार्ज भी कहते हैं।
क्या कर सकती है जनता
इस तरह के अभियान को सिर्फ सरकार पर छोड़ देने से कुछ नहीं होगा बल्कि जनता को इसमें सक्रिय भागीदारी करनी होगी। सबसे पहले जनता को जागरूक होना पड़ेगा। यदि दस प्रतिशत जनता ही जागरूक हो जाती है तो जनप्रतिनिधि को शत प्रतिशत जागरूक होना पड़ता है। जनप्रतिनिधि जागरूक हो जाए तो रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम की काफी योजनाएं आ सकती है। यही नहीं जो लोग इसे वहन कर सकते हैं, वे इसे स्वयं भी अपनाकर इसमें अपना योगदान दे सकता है।
क्या कहते हैं शोधार्थी
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से हिसार शहर की नगर योजना पर शोध करने वाले हिसार के भूगोलवेता अनुराग का कहना है कि बारिश का पानी डिस्टिल वाटर जैसा शुद्ध होता है। रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम को लागू करने के लिए सरकार को एक विशेष चैनल बिछानी होगी। जनता को छतों पर बारिश के पानी की निकासी वाले विशेष पाइपों को विशेष चैनल से जोडऩा पड़ेगा। इसके बाद जहां भी पानी एकत्रित किया जाए, वहां पर पानी को मामूली ट्रीट करने का प्लांट लगाकर उसे सप्लाई किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए वाटर स्टोरेज का विशेष प्रबंध करना होगा। या फिर जोहड़ की सहायता से भूमिगत जल को रिचार्ज किया सकता है।
हिसार में प्रतिवर्ष होने वाली मानसून की बारिश
वर्ष बारिश मिलीमीटर में
2000 122.2
2001 538.0
2002 91.7
2003 431.5
2004 186.3
2005 457.7
2006 243.7
2007 162.5
2008 376.2
औसतन 352.4
नोट : यह आंकड़ें जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में होने वाली मानसून की बारिश पर आधारित हैं।
हिसार में बारिश के रिकार्ड
-21 जुलाई, 1993 को दोपहर डेढ़ से ढाई बजे तक एक घंटे में सबसे ज्यादा 41.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
-5 अगस्त, 1985 को एक दिन में सबसे ज्यादा 182.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1988 के 39वें सप्ताह में एक सप्ताह की सबसे ज्यादा 234.1 मिलीमीटर बारिश हुई।
-अगस्त, 1976 में एक माह की सबसे ज्यादा 365.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1976 में मानसून की अब तक की सबसे ज्यादा 607.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
-वर्ष 1997 में एक वर्ष में सबसे ज्यादा 770.3 मिलीमीटर बारिश हुई।
पांच साल से पहले नहीं बदले जाएंगे शिक्षक
Monday, June 1, 2009
INLD जाट कार्ड खेलेगा
इंडियन नेशनल लोकदल अब विधानसभा चुनाव में जाट आरक्षण का कार्ड खेलेगा। साथ ही, भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने का भी निर्णय किया है। हिसार में सोमवार को इनेलो की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लोकसभा चुनावों के नतीजों की समीक्षा की गई। इस दौरान जाट आरक्षण का मुद्दा उठा। चर्चा के बाद इनेलो प्रधान ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संपत सिंह को जाट आरक्षण की सिफारिश करने वाली गुरनाम सिंह आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा दिया। संपत को 8-10 दिन में ही यह रिपोर्ट सौंपनी है, जो कार्यकारिणी की अगली बैठक में रखी जाएगी। बैठक में फैसला हुआ है कि केवल जाट आरक्षण ही नहीं वरन उन सभी जातियों के लिए आरक्षण की बात करनी है जिनकी सिफारिश गुरनाम सिंह आयोग ने की है। बैठक में जाट वोट बैंक पर चिंता प्रकट की गई लेकिन इस पर संतोष रहा पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। यानी अगर जाटों का कुछ हिस्सा पार्टी से टूटा है तो दूसरी जातियां जुड़ी भी हैं। नई रणनीति के तहत बड़ी रैलियां नहीं होंगी। साल में केवल एक बार ताऊ देवीलाल के जन्म दिवस पर 25 सितंबर को बड़ी रैली की जाएगी। पार्टी को गांव व बूथ के स्तर पर मजबूत करने का काम करेंगे। इस 25 सितंबर को पार्टी भाजपा के साथ मिलकर सभी 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर देगी। चर्चा के दौरान हार का बड़ा कारण प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की स्वच्छ छवि और पीएम के रूप में लालकृष्ण आडवाणी की अस्वीकार्यता उभर कर आया। चौटाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इनेलो व भाजपा का गठबंधन जारी रहेगा। क्योंकि यह दो दलों का नहीं दिलों का गठबंधन है। चौटाला ने बताया कि लोस चुनाव में खिलाफ काम करने अथवा निष्कि्रय रहने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा को अधिकृत किया गया है। संगठन को प्रभावी बनाने व उसमें फेरबदल के लिए भी अरोड़ा अधिकृत हैं। चौटाला 4 जून से जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेंगे। बैठक में पूर्व राज्यपाल सुलतान सिंह, राज्यसभा सांसद अजय सिंह चौटाला, प्रो. संपत सिंह, अभय सिंह चौटाला, तारासिंह, शेरसिंह बड़शामी, राव अजीत सिंह, सुभाष गोयल, डा. सुशील इंदौरा, डा. सीताराम, विधायक ज्ञानचंद, विधायक ईश्वर पलाका, डा. केसी बांगड़, विधायक साहिदा खान, पूर्व मंत्री डा. एमएल रंगा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू सहित संगठन के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।Thursday, May 28, 2009
Haryana से Sailja
अम्बाला से सांसद कुमारी शैलजा को मनमोहन के कैबिनेट में जगह मिली है। उन्हें प्रमोशन मिली है। मनमोहन की पहली पारी में वह राज्यमंत्री थी, इस बार उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।पिछली सरकार में रक्षा राज्यमंत्री रहे राव इन्द्रजीत को इस बार लाल बत्ती नहीं मिली।
इसके आलावा सीएम हुड्डा के बेटे दीपेन्द्र हुड्डा और नवीन जिंदल भी मंत्री पड़ की दौड़ में थे। उन्हें भी निराशा ही मिली।
Wednesday, May 27, 2009
11 वर्षो बाद मिला हिस्से का नहरी पानी

बिजली निगम के एआरआर में 400 करोड़ की कटौती
Thursday, May 21, 2009
व्यवस्था से हारे आईएफएस ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
अरावली पहाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए वर्षो संघर्ष करने वाले वन संरक्षक आरपी बालवान आखिरकार लचर व्यवस्था के सामने हार गए और नौ वर्ष पूर्व ही सेवानिवृत्ति ले ली। वह कहते हैं आखिर इंसान व्यवस्था के बीच रहकर कब तक लड़ेगा, इसकी भी एक सीमा है। हालांकि उनका विश्वास है कि लोगों में जागृति आएगी तब अहसास होगा कि अरावली के साथ छेड़छाड़ कर कितनी बड़ी भूल की गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अरावली को बचाना होगा। 1984 बैच के आईएफएस अधिकारी आरपी बालवान वन विभाग ज्वाइन करने से पहले परमाणु उर्जा विभाग में बतौर वैज्ञानिक काम कर चुके हैं। उनकी योग्यता को देखते हुए उन्हें मौसम विभाग में डायरेक्टर की भी जिम्मेदारी दी गई थी। ग्रामीण विकास मंत्रालय में असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल के पद पर भी वे कार्य कर चुके हैं। वन विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने अरावली पहाड़ी क्षेत्र को बचाने समेत कई मुहिम चलाई। बालवान का मानना है कि अरावली पहाड़ी क्षेत्र का संरक्षण अति आवश्यक है इसलिए वे इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में आरपी बालवान ने स्वीकार किया कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार जड़ तक प्रवेश कर चुका है। इस कारण वे अधिक सफल नहीं हो सके।