Monday, August 27, 2012

प्रदेश को मिली पहली डबलडेकर रेलगाड़ी


गुडग़ांव में होगा ठहराव,  दिल्ली से जयपुर का किराया मात्र 347 रुपये
 यदि आपने कभी लग्जरी टे्रन में सफर न किया हो और ऐसे सफर की उम्मीद करते हैं तो तैयार हो जाइए एक ऐसे रायल सफर के लिए जो आपकी यात्रा को यादगार बना देगा। उत्तर पश्चिम रेलवे प्रदेश को पहली  सुपरफास्ट एसी डबल डेकर टे्रन की सौगात देने जा रहा है। यह ट्रेन जयपुर से चलकर गुडग़ांव स्टेशन पर ठहराव करती हुई दिल्ली सराय रोहिल्ला तक पहुंचेगी। इस नई ट्रेन से जहां यात्रियों का सफर बेहद आरामदायक होगा वहीं समय भी कम लगेगा।
इसके साथ ही जयपुर-दिल्ली के बीच किराया भी काफी कम है।  यह सुपरफास्ट ट्रेन दोनों तरफ दिल्ली छावनी, गुडग़ांव एवं गांधीनगर जयपुर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। नियमित रूप से यह रेल सेवा 25 अगस्त को प्रतिदिन गाड़ी संख्या 12985 जयपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला एसी सुपरफास्ट डबल डेकर रेल सेवा जयपुर से प्रतिदिन छह बजे रवाना होकर गुडग़ांव सुबह नौ बजकर अड़तीस मिनट पर, दिल्ली कैंट दस बजकर पांच मिनट तथा साढ़े दस बजे दिल्ली सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 12986  दिल्ली सराय रोहिल्ला से यह गाड़ी शाम साढ़े पांच बजे से चलकर जयपुर दस बजकर  पांच मिनट तक पहुंचेगी।
बताया जाता है कि इस ट्रेन की यात्री क्षमता शताब्दी टे्रन 70 प्रतिशत अधिक है। फिलहाल दिल्ली-जयपुर नॉन स्टाप ट्रेन को यह डबल डेकर टे्रन इसी रिप्लेस करेगी।

ट्रेन एक नजर
हर कोच में आटोमेटिक दरवाजे होंगे। प्रत्येक कोच में मिनी पेंट्री और माइक्रोवेव की सुविधा होगी और कोच के दरवाजे पर फायर एस्टिंग्युशर लगे होंगे। इसके साथ ही आठ इमरजेंसी विंडो होंगी। टे्रन में 10 डिब्बे हैं जिसमें 120 यात्रियों की बैठने की क्षमता है इसमें अपर फ्लोर पर 50 व लोअर फ्लोर पर 70 यात्री बैठ सकते हैं। इस गाड़ी में आठ वातानुकूलित कुर्सी यान एवं दो पावर कार डिब्बों के साथ कुल दस डिब्बे होंगे।
किराया
जयपुर-गुडग़ांव  326 रुपये
जयपुर- दिल्ली कैंट  337 रुपये 
जयपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला  347 रुपये

Sunday, August 12, 2012

नाखून पर तस्वीर उकेरती है प्रीतवेला


भिवानी : भिवानी में हनुमान गेट की प्रीतवेला आर्य जल्द ही इडियाज गॉट टैलेंट व शाबाश इंडिया कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा के दम पर छोटी काशी का सिक्का जमाएगी। प्रीतवेला ने नाखूनों पर देशभक्तों व महान पुरुषों के चित्र बनाए हैं। इसके साथ ही प्रीतवेला सामने बैठे व्यक्ति की भी तस्वीर नाखून पर तैयार कर देती है।  15 अगस्त के अवसर पर प्रीतवेला ने नाखूनों पर राष्ट्रीय झंडा महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू सहित अनेक हस्तियों के चित्र भी तैयार किए हैं। चित्रकार प्रीतवेला के अनुसार वह जल्द ही बाम्बे में इण्डियाज गॉट टैलेंट कार्यक्रम में नाखून पर पेंटिग दिखाएगी। उसका चयन हो चुका है और शाबाश इंडिया के लिए उन्होंने ट्रायल दे रखा है। इसके लिए वह अपने दादा ईश्वरलाल को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानती है।  उन्होंने कहा कि अनेक देशभक्तों के चित्र नाखून पर तैयार किए है।

Saturday, August 11, 2012

फिजा की रहस्यमय मौत

Fija found dead in her Mohali house on Aug 6 2012.

हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन के साथ शादी करके सुर्खियों में आईं अनुराधा बाली उर्फ फिजा (39) सोमवार सुबह अपने मोहाली स्थित आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं। फिजा अपने आवास में अकेले रहती थीं। सियासी चमक-दमक के बीच परवान चढ़े रिश्तों के दो दिन में इस दूसरे दुखांत ने हरियाणा के राजनीति में तूफान ला दिया है, राजनीतिक दल अब इसके नफा-नुकसान का आकलन कर आवाज उठा रहे हैं। रविवार को दिल्ली की एयर होस्टेस युवती गीतिका शर्मा की खुदकुशी और उससे जुड़े हरियाणा के मंत्री गोपाल गोयल कांडा के इस्तीफे की चर्चा अभी पुरजोर है कि चंडीगढ़ से सटे मोहाली में फिजा की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली है। उच्च राजनीतिक महात्वाकांक्षा वाली फिजा स्वर्गीय भजनलाल के बेटे चंद्रमोहन की जुदाई को बर्दाश्त न कर पाने की वजह से काफी समय से अवसाद में थीं। इसी स्थिति में उनकी अपने पड़ोसियों से भी नहीं बन रही थी। कॉलोनी के लोगों से उनका विवाद थाने तक पहुंचा था। मारपीट में चोटिल होने के कारण उन्हें एक बार अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा था। लेकिन पुलिस को शव के आसपास बेडरूम में संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। मोहाली के एसएसपी जीएस भुल्लर के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। शव के पास से शराब की खाली शीशी-गिलास और सिगरेट का पैकेट मिला है।

Thursday, August 9, 2012

काली चालों के सहारे गोरों ने जीती खिताबी जंग


खिलाडिय़ों का प्रदर्शन बेहतर था पैरोकार कमजोर
अजय सैनी, भिवानी : खेलों को बढ़ावा देने का दावा करने वाली भारत सरकार लंदन में गोरों के सामने नतमस्तक हो गई। इसी कारण जीत कर भी भारतीय मुक्केबाज विकास यादव, सुमीत सांगवान व मनोज कुमार को हार का मुंह देखना पड़ा। हैरत की बात तो यह है कि कमजोर पैरवी के चलते नतीजा कुछ भी नहीं निकला। 69 किलो भार वर्ग के विकास यादव ने अमरीकी मुक्केबाज को 13-11 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया था लेकिन गोरों ने अपनी चाल  चली और भारतीय अधिकारी दम भी नहीं ले सके। पांच घंटे के अंतर के बाद जूरी ने विकास को अपनी कारस्तानी से हरा दिया। नियम के अनुसार प्रतिस्पर्धा के दौरान जूरी के पांच सदस्य, पांच निर्णायक, एक टाइमकीपर व एक रेफरी काम करते हैं। रेफरी की भूमिका सबसे अहम होती है। पांच निर्णायकों में से सबसे कम व अधिक अंक देने वालों को छोड़कर तीन जजों के अंकों के आधार फैसला लिया जाता है। विकास यादव को भले ही रिंग में रेफरी ने कहीं कोई चेतावनी न दी हो लेकिन अमरीकी अपील के सामने जूरी ने घुटने टेक दिए और रिप्ले देखकर विकास यादव को पराजित घोषित कर दिया। मजे की बात तो यह है कि भारतीय मुक्केबाज संघ के पदाधिकारी के रूप में ब्रिगेडियर मुरलीधरन राजा, भारतीय ओलंपिक संघ के विजय कुमार मल्होत्रा लंदन में ही जमे हुए हैं जिस समय विकास को लेकर फैसला हुआ उसके बाद भी उनकी पैरवी दमदार नहीं रही। ओलंपिक के इतिहास में शायद  पहली बार ऐसा हुआ है जब रिंग पर मुक्केबाज को विजेता घोषित करने के बाद फैसला बदला गया है। हो न हो लंदन ओलंपिक के इतिहास में एक काला अध्याय अवश्य जुड़ गया है। फिक्सिींग के मकडज़ाल में कुछ खिलाड़ी व अधिकारियों के नाम उजागर हुए हैं। इस बारे में बीबीसी के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक जगदीश सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जूरी मैच में खिलाडिय़ों के अंक का दोबारा योग कर सकती है। रिप्ले देखकर निर्णय देना तर्क संगत नहीं है। यह नियमों के खिलाफ है और रेफरी का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि लंदन में अमरीकी शिकायत पर जूरी ने रिचैकिंग कर निर्णय दिया है जो किसी के गले नहीं उतर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज परमजीत समौता के पिता प्रदीप समौता का कहना है कि एक साजिश के तहत गोरों ने भारतीय मुक्केबाज को प्रतिस्पर्धा से बाहर करने का काम किया है। सुमीत सांगवान व मनोज भी गोरों की साजिश का शिकार रिंग में बने लेकिन दर्शक दीर्घा में बैठे हजारों लोगों ने प्रतिद्वंद्वियों पर करारे पंच जमाने पर इन मुक्केबाजों का तालियोंं से उत्साहवर्धन किया। परंतु जो कुछ भी लंदन ओलंपिक में इन मुक्केबाजों के साथ हुआ वह खेल भावना का अपमान है। इसके लिए लंदन ओलंपिक हमेशा याद रखा जाएगा।


Monday, August 6, 2012

दुनिया का सबसे छोटा फैन बनाया

भिवानी के मुंढाल खुर्द निवासी जोगेंद्र ने किया कमाल
भिवानी - मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। यह बात पूरी तरह चरितार्थ होती है छोटी काशी के नाम से मशहूर भिवानी के गांव मुंढाल खुर्द निवासी जोगेंद्र सिंह जांगड़ा पर। उन्होंने एक ऐसा इलेक्ट्रानिक पंखा बनाया है जो हवा भी देता है। उसका दावा है कि यह दुनिया का सबसे छोटा पंखा है। मात्र एक इंच ऊंचाई वाला यह पंखा 15 मिलीमीटर चौड़ा है। घर में रखी बेकार सामान की बदौलत इस पंखे ने आकार लिया है। जोगेंद्र सिंह बताते हैं कि इस पंखे को बनाने का विचार उन्हें उस वक्त आया जब उन्हें मोबाइल में वाइब्रेशन के लिए प्रयुक्त होने वाली एक मोटर मिली। इसके बाद शुरू हुआ कल्पना को मूर्त रूप देने का दौर, इसमें स्टेपलर की पिनों की सहायता के पंखे का जाल बनाया गया। साधारण एल्युमिनियम की प्लेट काट कर पंखे की ताडिय़ां बनाई गई। इसके साथ ही कुछ कलपुर्जे दीवार घड़ी के लिए गए। पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद जब इसे ऑन किया तो इसने अपनी क्षमता के अनुरूप हवा देनी शुरू की। जो भी इस पंखे को देखता है वह दांतों तले उंगली दबा लेता है।  फाइन आर्टस से बीए व एमए करने वाले कलाकार जोगेंद्र द्वारा बनाए गए लकड़ी के जूतों को राजस्थान ललित कला अकादमी जयपुऱ द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी में राज्यभर मेें माई शूज को प्रथम पुरस्कार मिला है। ये शूज शीशम की लकड़ी से बनाए गए हैं। एक प्रदर्शनी में रखे इन जूतों को देखकर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी अजय जडेजा व उनकी सास जया जेटली भी हैरान रह गए थे।

Friday, June 22, 2012

नन्हीं माही को बचाने में जुटी सेना

गुड़गाव। जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर मानेसर के समीप स्थित गाव कासन की ढाणी में चार वर्षीय बच्ची माही की जिंदगी 70 फुट गहरे बोरवेल के गढ्डे में अटकी हुई है। घटना बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे की है। माही अपने जन्मदिन पर केक काटने के बाद घर के बाहर खेल रही थी। अंधेरे के कारण वह बोरवेल के खुले गड्ढे में जा गिरी। उसे बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन की टीम रात से ही जुटी हुई है। गुरुवार को सुबह करीब नौ बजे आर्मी की तीसरी इंजिनियर्स रेजिमेंट टीम ने बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभाली। माही को बचाने के लिए एनएसजी भी तैयार है।

बोरवेल के गड्ढ़े के समीप ही रेपिड मेट्रो की ड्रिल मशीन से खुदाई का काम जारी है। गड्ढे में लगातार ऑक्सीजन छोड़ी जा रही है और डाक्टरों की टीम कैमरे से नजर रखे हुए है। मानेसर पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उपायुक्त पीसी मीणा ने मजिस्ट्रेट जाच के आदेश दिए हैं। खबर लिखे जाने तक मकान मालिक पुलिस की पकड़ से बाहर था।
मानेसर क्षेत्र के गाव कासन की ढाणी में द्वारका में रहने वाले रोहताश तायल ने किराये पर कमरे देने के लिए मकान बनाया हुआ है। उसमें यूपी, अलीगढ़ निवासी नीरज किराये पर रहता है। नीरज आईएमटी सेक्टर-चार स्थित एक कंपनी में सुरक्षा सुपरवाइजर है। नीरज चार वर्षीय लड़की माही, एक छोटी लड़की एवं पत्‍‌नी सोनिया के साथ रहता है।
बुधवार को माही का जन्मदिन था और घर के बाहर डीजे बज रहा था। मकान की छत पर नीरज दोस्तों व परिजनों को खाना खिला रहा था। करीब साढ़े 10 बजे डीजे बंद होने पर माही के रोने की आवाज सुनाई दी। उसकी तलाश शुरू हुई तो पता चला माही की आवाज बोरवेल के गड्ढे से आ रही है। इसकी सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गई। मानेसर पुलिस, गुड़गाव से फायर आफिसर आइए कश्यप, बीरबल शर्मा, उपायुक्त पीसी मीणा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बचाव कार्य फायर ब्रिगेड की मदद से शुरू किया। डाक्टरों की टीम गढ्डे में ऑक्सीजन छोड़ने के साथ ही कैमरे उतार उस पर नजर रखे हुए हैं। बहुमंजिला इमारतों के कारण खुदाई में दिक्कत आने पर बुधवार रात को उपायुक्त पीसी मीणा ने आर्मी की मदद के लिए फैक्स किया। रात करीब तीन बजे आर्मी की तीसरी इंजिनियर्स रेजिमेंट ने बचाव व राहत कार्य के लिए हामी भरी।
उनकी टीम दिल्ली कैंट से लेफ्टिनेंट कर्नल अश्रि्वनी त्यागी की अगुवाई में मानेसर के लिए रवाना हुई। त्यागी ने प्लानिंग बनाई और करीब नौ बजे बचाव व राहत कार्य शुरू किया। जेसीबी व पोपलेंड मशीन से धीमी गति से खुदाई होने पर बोरवेल के समीप करीब नौ-दस फीट दूरी पर ड्रिल मशीन से गढ्डा करना शुरू किया। दूसरी ओर डाक्टरों की टीम कैमरे से माही पर नजर रखे हुए थी। उपायुक्त पीसी मीणा के अनुसार माही को बचाने का प्रयास जारी हैं। आर्मी की टीम जुटी हुई है। साथ ही प्रशासन अपना काम कर रहा है। एनएसजी के अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। मीणा ने बताया रात में आपरेशन चलने के चलते बिजली निगम को बेहतर लाइट व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

Wednesday, November 23, 2011

सरकार की शिक्षा को उच्च प्राथमिकता : भुक्कल

गुड़गांव : हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने बुधवार को सेक्टर-44 स्थित एपी सेंटर में स्कूल शिक्षा बोर्ड परिषद (कोबसे) के 40वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा में सतत और समग्र मूल्याकन पद्धति लागू करने का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास करके उन्हे अच्छे इसान और अच्छे नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता देती है और इसमें खर्च होने वाली राशि को खर्च न मान कर निवेश मानती है।

सम्मेलन का आयोजन स्कूल शिक्षा बोर्ड परिषद और हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने संयुक्त रूप से किया है। तीन दिन के इस सम्मेलन में सतत और समग्र मूल्याकन पद्धति के व्यवहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन में जाने माने शिक्षाविद्, विभिन्न राज्यों के शिक्षा बोर्डो के अधिकारी और ब्रिटेन, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, सिंगापुर और मारीशस जैसे देशों के शिक्षा बोर्डो के 68 प्रतिनिधि भाग ले रहे है। भुक्कल ने कहा कि सम्मेलन में मुख्यमंत्री अन्य अनिवार्य व्यस्तताओं के कारण स्वयं नहीं आ सके है, लेकिन उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों के लिए शुभकामनाएं भेजी है और सम्मेलन की सफलता की कामना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के मामले में क्षेत्रीय असंतुलनों को दूर करने, लड़कों की तरह लड़कियों को बराबर की शिक्षा देने और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की पूरी कोशिश कर रही है। भिवानी में लेबोरेटरी स्कूल खोला गया है, जिसके पीछे यह धारणा है कि बच्चे वास्तविक जीवन जैसी परिस्थितियों में अच्छी तरह सीख सकते है। लिहाजा इस स्कूल में ऐसी शिक्षा परियोजनाएं शुरू की गई है, जिनमें बच्चे मिल कर सीखते है और सामाजिक जिम्मेदारी को महसूस करते हुए फैसले लेते है। उनकी शिक्षा का मूल्याकन परियोजनाओं में उनकी भागीदारी, समझ और दूसरों के प्रति व्यवहार के आधार पर किया जाता है।
सम्मेलन में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष तथा विद्यालय शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन भी वहां मौजूद रहीं।

Monday, December 7, 2009

सरकार की जेब खाली?

अफसर बिजनेस क्लास में नहीं कर सकेंगे हवाई सफर
नए फर्नीचर की खरीद पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई
प्रदेश सरकार की लोक लुभावनी घोषणाओं का असर अब सरकार की जेब पर भारी पडऩे लगा है और इसका ही नतीजा है कि सरकार तंगहाली में दिखाई दे रही है। इसी तंगहाली के चलते सरकार को अब खर्चों में कटौती की याद आ रही है।अभी तक मजबूत आर्थिक स्थिति का दावा करने वाली सरकार ने सभी विभागों को खर्चों में कटौती के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा में सरकारी अफसर अब बिजनेस क्लास में हवाई सफर नहीं कर पाएंगे। उन्हें साधारण श्रेणी में ही सफर करना होगा। तंगहाल सरकार की ओर से सरकारी खर्चों मे कटौती का फरमान जारी हो गया है। सोमवार को प्रदेश के वित्त विभाग के वित्तायुक्त व प्रधान सचिव ने सरकारी खर्चों में कटौती का परिपत्र (सरकूलर) जारी किया है।
सभी विभागाध्यक्षों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, सभी मंडल आयुक्तों व आयुक्तों, निगमों व बोर्डों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को यह परिपत्र भेजा गया है। परिपत्र के निर्देश के मुताबिक वर्ष 2009 व 10 में हर विभाग को घरेलू व अंतरराष्ट्रीय सफर के खर्च में, प्रकाशन में, पेशेवर सेवाओं में, विज्ञापन व प्रचार में, दफ्तर के खर्च में और अन्य प्रशासनिक खर्चों में पांच फीसदी की कटौती करने को कहा गया है, लेकिन यह शर्तें सुरक्षा मामलों में लागू नहीं होगी। इसी प्रकार वर्ष 2010-11 में इन्हीं मदों में पांच प्रतिशत की और कटौती करनी होगी। यानी यह कटौती बढ़कर 10 फीसदी हो जाएगी।
परिपत्र के निर्देश के मुताबिक दफ्तर के नए फर्नीचर की खरीद पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। पुरानी कंडम कार को बदले जाने की स्थिति के अलावा नई कार नहीं खरीदे जाने के निर्देश दिए गए हैं। नए पदों के अपग्रेडेशन पर पूरी तरह से पाबंदी होगी। नए पद केवल वित विभाग की मंजूरी से अपवाद के रूप में ही सृजित किए जाएंगे। कोई भी सरकारी अफसर बिजनेस क्लास में हवाई सफर नहीं कर पाएगा। परिपत्र के अनुसार दो साल से रिक्त पद केवल वित्त विभाग की मंजूरी से ही भरे जाएंगे।

राजस्व में कमी के संकेत
हरियाणा सरकार को तीन प्रमुख विभागों से राजस्व प्राप्त होता है। पहला टाउन एवं कंट्री प्लानिंग से भूमि उपयोग परिवर्तन का शुल्क, दूसरा राजस्व विभाग से स्टांप ड्यूटी और तीसरा आबकारी व कराधान विभाग से वैट, सीएसटी और शराब की बिक्री से प्राप्त राजस्व होता है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को अक्टूबर 2008 में 943 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि उसका लक्ष्य 2900 करोड़ रुपये का था। इसके इलावा इस विभाग को 350 करोड़ रुपये का रिफंड भी देना पड़ा था।
राजस्व विभाग को 2100 रुपये करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले में 1040 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए।
आबकारी व कराधान विभाग को वैट व सीएसटी को लक्ष्य के 400 करोड़ रुपये कम प्राप्त हुए।
दूसरी तरफ, साल 2009-10 के हरियाणा सरकार के बजट में 3484 करोड़ का घाटा था, जबकि साल 2008-09 में 1414 करोड़ सरपल्स का बजट था।

Wednesday, December 2, 2009

Supreme Court ने आरक्षण पर शुरू की नई बहस

आरक्षण राज्यों का विवेकाधिकार : सुप्रीम कोर्ट
एमडी-एमएस प्रवेश में आरक्षण मामले में हरियाणा सरकार को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने एक अहम फैसले में कहा है कि शैक्षणिक संस्थाओं में मेडिकल के पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) या पिछड़े वर्ग को आरक्षण देना राज्य सरकारों का विवेकाधिकार है। कोर्ट आरक्षण देने के लिए कोई रिट आदेश जारी नहीं कर सकता। इसके साथ ही आरक्षण के मसले पर नई बहस शुरू हो गई है।मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति पी. सत्शिवम व न्यायमूर्ति जे.एम. पांचाल की पीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला हरियाणा के सरकारी मेडिकल कालेजों में पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश में एससी-एसटी छात्रों को आरक्षण दिए जाने की मांग खारिज करते हुए सुनाया है। पीठ ने राज्य सरकार को आरक्षण देने के आदेश जारी करने की मांग ठुकराते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 (4) में राज्य सरकारों को मेडिकल के पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में आरक्षण लागू करने का अधिकार दिया गया है। पर यह राज्यों पर निर्भर करेगा कि वे इस संबंध में कोई कानून बनाते हैं या कोई कार्यकारी आदेश पारित करते हैं अथवा नहीं।कोर्ट ने कहा है कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश में एसएसी, एसटी या पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिए जाने के बारे मे राज्य सरकारें ही सबसे अच्छी निर्णायक (बेस्ट जज) हो सकती हैं। कोर्ट ने कहा कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रम प्रवेश में आरक्षण न देने के हरियाणा सरकार के फैसले में कोई खामी नहीं है। प्रत्येक राज्य अपने यहां की स्थिति के मद्देनजर आरक्षण देने या नहीं देने का फैसला खुद ले सकता है। कोर्ट ने कहा है कि अगर हरियाणा सरकार ने स्नातक स्तर के मेडिकल पाठ्यक्रम एमबीबीएस व अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रम प्रवेश में एससी, एसटी व पिछड़े वर्ग को आरक्षण दे रखा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर भी आरक्षण देने को बाध्य है। राज्य सरकार कई बार कह चुकी है कि वह पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर आरक्षण देने के हक में नहीं है तो ऐसी परिस्थितियों में कोर्ट उसके फैसले के खिलाफ आदेश नहीं जारी कर सकता। पीठ ने कहा कि आरक्षण नहीं देने वाले विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रास्पेक्टस को गलत नहीं कहा जा सकता। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार चाहे तो भविष्य में अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर सकती है। एम्स द्वारा अखिल भारतीय स्तर कर कराई जाने वाली पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा में आरक्षण लागू होने की दलील पर कोर्ट ने कहा कि वह केन्द्र सरकार का फैसला है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसे देखते हुए राज्य सरकारें भी उसे लागू करने के लिए बाध्य हैं। जहां पर राज्य सरकार को प्रवेश परीक्षा में नियमन व नियंत्रण का अधिकार है वह आरक्षण लागू करने के बारे में स्वयं निर्णय ले सकती है।

विकलांगों को तोहफा

विश्व विकलांग दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 'जवाहर सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन' योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत विकलांगों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के विकास एवं उत्थान पर विशेष बल दिया जाएगा। जिलास्तर पर विशेष स्कूल या संस्थान खोले जाएंगे। इसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।विश्व विकलांग दिवस पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी तरह की इस पहली योजना के तहत नेत्रहीनों, मूक एवं बधिरों, शारीरिक रूप से विकलांग लोगों, मानसिक विक्षिप्तों, वरिष्ठ नागरिकों तथा बच्चों के लिए जिला स्तर पर विशेष स्कूल या संस्थान स्थापित किए जाएंगे। योजना के तहत नेत्रहीनों के लिए 10 विद्यालय, मूक एवं बधिरों के लिए आठ विद्यालय, मानसिक विक्षिप्तों के लिए छह विद्यालय, तीन राज्यस्तरीय संस्थान, मानसिक विक्षिप्तों के लिए दो गृह, वरिष्ठ नागरिकों के लिए चार गृह, छह बाल गृह तथा 21 व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा प्रस्तावित भवनों के नक्शे पहले ही तैयार किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसिक विक्षिप्तों के लाभार्थ 'घरौंदा' नामक अन्य योजना लागू की गई है, ताकि उन्हें आश्रय उपलब्ध कराया जा सके। यह योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे मानसिक विक्षिप्तों के लिए राष्ट्रीय न्यास तथा राज्य सरकार द्वारा बराबर हिस्सेदारी के आधार पर चलाई जा रही है। गरीबी रेखा से ऊपर वाले मानसिक विक्षिप्त आठ लाख रुपये की राशि अदा करके इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एक करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।

कुम्हारिया में 2012 में शुरू होगा उत्पादन

न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इंडिया का विशेष दल हरियाणा पहुंचा
700-700 मेगावाट की चार इकाइयां स्थापित होंगी
Nuclear Power Corporation of India (NPCIL) ने फतेहाबाद के कुम्हारिया में न्यूक्लियर पावर परियोजना स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 2012 में इसकी प्रथम व द्वितीय इकाइयां काम करना शुरू कर देंगी। इस संबंध में न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक डा. एसके जैन के नेतृत्व में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का दल हरियाणा पहुंच चुका है। दल ने बुधवार को चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। यह दल नई दिल्ली में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से भी भेंट करेंगे। इससे पूर्व वह कुम्हारिया का दौरा करेंगे। बैठक की अध्यक्षता वित्त विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव अजीत एम शरण ने की। इस परमाणु ऊर्जा केंद्र में 700-700 मेगावाट की चार इकाइयां स्थापित की जाएंगी और केंद्र की कुल क्षमता 2800 मेगावाट होगी। न्यक्लियर पावर कारपोरेशन की टीम बृहस्पतिवार को क्षेत्र का दौरा करेगी और उसके बाद हरियाणा सरकार जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई को आगे बढ़ा पाएगी।सूत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार इस प्लांट के लिए जमीन का दायरा कम करने की तैयारी कर रही है। इससे पूर्व 2471 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की बात की जा रही थी, लेकिन अब मात्र 1100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने पर विचार चल रहा है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इससे प्लांट का विरोध कम होगा और अधिग्रहण की कार्रवाई को जल्द सिरे चढ़ाया जा सकेगा।एनपीसीआईएल के एमडी जैन ने दावा किया है कि कुम्हारिया में प्रदूषण रहित एक ग्रीन प्रोजेक्ट होगा और जिसके रेडिएशन से भी स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।डा. एस के जैन ने कहा कि यह परियोजना भारी पानी के दवाब की स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगी। एनपीसीआईएल ने 17 न्यूक्लियर पावर परियोजनाएं स्थापित की हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010-11 तक या 2012 से पूर्व इस पूर्व-परियोजना का कार्य पूरा हो जाएगा। प्रथम और द्वितीय इकाई का निर्माण मार्च 2012 तक आरंभ हो जाएगा। तीसरी और चौथी इकाई का कार्य लगभग तीन या चार वर्षों उपरांत शुरू होगा। प्रोजेक्ट से उत्पादित बिजली का शुल्क लगभग 2.7 रुपये प्रति यूनिट होगा, जो देश में कोयला आधारित संयत्रों से उत्पादित बिजली की वर्तमान दर से बहुत सस्ती होगी। डा. जैन ने बताया कि निगम द्वारा चिकित्सा सुविधा और एक टाउनशिप के अतिरिक्त एक सीबीएसई स्कूल की भी स्थापना की जाएगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार और गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार में न्यूक्लियर टैक्रोलोजी में परियोजना शुरू करने के लिए एनपीसीआईएल की सहायता की भी उन्होंने पेशकश की है। बैठक में बिजली विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव मधुसूदन प्रसाद, बिजली निगमों के प्रबंध निदेशक ले. जनरल (सेवानिवृत) ओ एस लोहचब तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Saturday, November 28, 2009

हजारों साल पुरानी संस्कृति का साक्षी Banawali

फतेहाबाद-गांव नागपुर संपर्क मार्ग पर बसा गांव बनावली का किला अपने अंदर करीब पांच हजार वर्ष पुरानी हड़प्पा संस्कृति का इतिहास समेटे हुए है। खुदाई के दौरान ऐतिहासिक किले में दबी हड़प्पा संस्कृति (2600-2400 ईपू) के तीनों कालों के लोगों के रहन-सहन, खान पान, धार्मिक मान्यताओं व अन्य सभी प्रकार की जानकारियां मिलती हैं। करीब 32 एकड़ क्षेत्र में फैली इस प्राचीन धरोहर की पहचान 1960 के आसपास हुई तथा 1974 से 1988 तक यहां खुदाई का कार्य किया गया। अब इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोने के लिए बनावली को विश्व धरोहर में शामिल करने का प्रस्ताव यूनेस्को के पास भेजने का निर्णय किया गया है। अगर यह योजना सिरे चढ़ती है तो निश्चित तौर पर इतिहास की इस महत्वपूर्ण कड़ी को सहेजकर रखा जा सकेगा। खुदाई के दौरान मिली ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं से हड़प्पाकालीन सभ्यता की बहुत महत्वपूर्ण जानकारी मिल पाई।
1988 के बाद यहां अभी तक किसी प्रकार की खुदाई नहीं हुई है। यहां सबसे पहले हरियाणा पुरातत्व विभाग ने 1974 में खुदाई की तथा 1977 तक समय-समय पर यह कार्य किया जाता रहा। इसमें उसे कुछ विशेष हाथ नहीं लगा। इसके बाद भारतीय पुरातत्व विभाग ने 1977 में इसकी खुदाई का कार्य अपने हाथों में लिया। इससे इस स्थान के हड़प्पाकालीन सभ्यता से जुड़े होने का निष्कर्ष निकाला गया। भारतीय पुरातत्व विभाग ने इसे 4 सितंबर 1982 को अपने कब्जे में लिया और 1988 तक खुदाई का काम जारी रखा। खुदाई के दौरान मिले शहर के किले का मुख्य गेट पक्की र्इंटों से तथा अन्य पूरा हिस्सा कच्ची ईटों से बना है। करीब 32 एकड़ में फैले इस पुरातत्व महत्व के किले पर फिलहाल करीब 12 एकड़ भूमि पर ही विभाग का कब्जा है। जबकि करीब 24 एकड़ जमीन पर किसानों द्वारा खेती की जा रही है।

इतिहासकार डा. मुनीष नागपाल ने कहा कि यदि इसे विश्व धरोहर का दर्जा मिलता है तो इससे आने वाली पीढि़यों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसी प्रकार से डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि यदि ऐसा हो पाया तो इसे संग्रहित करने के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था हो पाएगी। इतिहासकार डॉ. सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि ऐसा होने से विश्व में बनावाली के साथ-साथ जिला व प्रदेश का नाम भी रोशन होगा। महानगरीय संस्कृति थी बनावली.. वस्तुओं की चूडि़यां भी पहनती थीं। इस क्षेत्र से टेरोकोटा, स्पायरल कापर हेयर-पिन, देवियों की मूर्तियां आदि भी मिले हैं।

कहां-कहां मिले हैं ऐसे स्थान
करीब पांच साल पुरानी इस सभ्यता के इससे मिलते जुलते अवशेष हिसार जिले के गांव राखी, गुजरात के लोथल व राजस्थान के कालीभंगा में भी पाए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि हड़प्पा संस्कृति उत्तर भारत से होती हुई अफगानिस्तान व पाकिस्तान तक फैली हुई थी। हड़प्पा सभ्यता के लोग नगरों में रहते थे। जिनकी गलियां आर-पार गुजरती थीं। इसी प्रकार इस सभ्यता में बनाए गए मकान भी आरपार होते थे।
क्या-क्या मिला खुदाई में
विभाग को खुदाई के दौरान अंडाकार तथा गोलाकार चूल्हों से लैस सुनियोजित ढंग से बनाए गए मकान, कांच से बने मर्तबान तथा कलश, परात, प्यालियां, कुठार, जार, सोने के मुकने, मूल्यवान पत्थर, मृदभांड, छेलखड़ी, मिट्टी की चूडि़यां, शंख व तांबा सहित अनेक वस्तुएं मिलीं। इसके अलावा जानवरों एवं फूलों के चित्रों बने हुए खाना खाने व पकाने के हांडी बीकर, परात, पानपात्र, एस आकार के जार, ईट, चर्ट ब्लेड, हाथी दांत व हड्डियों के खिलौने, सोने तथा मूल्यवान पत्थरों के मनके, सोने की पत्ती चढे़ तांबे के आभूषण, मिट्टी से बनी जानवरों की आकृतियां, अभिलेख युक्त मुद्रा तथा मुद्रिकाएं आदि के अवशेष मिले। इसके अलावा जौ के जले अवशेष व मनकों की फैक्टरी भी मिली है।

Tuesday, November 24, 2009

स्वाइन फ्लू बेकाबू

प्रदेश में स्वाइन फ्लू बेकाबू होता जा रहा है। हर रोज मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और स्वास्थ्य विभाग अपनी पीठ ठोंकने में ही पूरी ताकत लगाए हुए है। वहीं लोगों की लापरवाही ने बीमारी को नियंत्रण से बाहर कर दिया है। हरियाणा में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण ने पूरी व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। भिवानी के केएम स्कूल में सबसे अधिक आफत बरसी है वहां से करीब 60 से अधिक स्वाइन फ्लू के पोजिटिव आ चुके हैं। सोनीपत में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां मंगलवार को 45 नए मामलों की पुष्टि हुई।

ऐसे फैल रहा है संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग फ्लू पर रोकने के दावे तो बहुत कर रहा है लेकिन हालात यह चित्र कह रहा है। स्वाइन फ्लू शारीरिक संपर्क के साथ-साथ सांस व हवा से भी फैलता है। परंतु भिवानी में जांच कराने के लिए पहुंचे लोग साथ-साथ खड़े हैं और उन्होंने कोई एहतियात नहीं बरती है। अगर ये किसी मरीज के संपर्क में आते हैं तो निश्चित तौर पर उनके संक्रमण का पूरा अंदेशा है।
इस तरह एक बच्चे से शुरू हुआ संक्रमण अब भिवानी में पूरे स्कूल को अपनी चपेट में ले चुका है।

Saturday, November 21, 2009

हरयाणवी बाला की नई उड़ान

हरियाणा की छोरी अंबिका हुड्डा ने नया इतिहास रचा है। रोहतक की अंबिका के साथ उप्र के अलीगढ़ की सीमा के साथ मिलकर सेना में पुरुषों के वर्चस्व को चुनौती दी है। सशस्त्र सेनाओं के इतिहास में पहली दफा दो महिला अफसरों को बतौर विमान पर्यवेक्षक नौसेना में शामिल किया गया। आईएनएस गरुण में भव्य परेड समारोह में रीयर एडमिरल सुधीर पिल्लई ने सब लेफ्टिनेंट सीमा रानी शर्मा और अंबिका हुड्डा को विंग्स प्रदान किए। नौसेना विमानन के 56 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब महिला अधिकारियों को मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट (एमपीए) के बेड़े में पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल किया गया है। नौसेना की पहली महिला पर्यवेक्षक बनीं सीमा और अंबिका का चयन शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के जरिए हुआ था। हरियाणा के रोहतक की रहने वाली अंबिका को पहले एसएससी पर्यवेक्षक कोर्स के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु (ट्रेनी) का तमगा भी मिला।
परेड के बाद अंबिका ने कहा, यह हमारे और हमारे माता-पिता व प्रशिक्षकों के लिए बहुत बड़ा और गौरवशाली मौका है। हम दोनों के लिए यह प्रशिक्षण मानसिक और शारीरिक लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन, पीछे हटने की बात कभी हमारे जेहन में नहीं आई।

मूलत: रोहतक जिले के आसन गांव का रहने वाला हुड्डा परिवार पिछले कुछ समय से Rohtak शहर की इंद्रप्रस्थ कालोनी के एक मकान में किराये पर रह रहा है। आर्मी से रिटायर्ड सूबेदार आनरेरी लेफ्टिनेंट जयकिशन हुड्डा अपनी बेटी की उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं।खुशी से गदगद हुड्डा बताते हैं कि उनकी बेटी डोनियर जहाज कंट्रोल करेगी और आब्जर्वेशन करेगी। वह यह भी बताना नहीं भूले कि पायलट का काम तो जहाज को चलाने का है।

घर लौटीं Ambika

नौसेना की सब लेफ्टिनेंट बनने के बाद अंबिका पहली बार शनिवार शाम अपने घर आईं। दैनिक जागरण से खास बातचीत में अंबिका ने बताया कि मेरे लिए यह ग्रेट एचीवमेंट है। आर्मी-एयर फोर्स में जाने का बचपन का ख्वाब है। लेकिन, एविएशन में मौका मिलना बहुत बड़ी बात है। उसने ख्वाब से आगे पाया।अंबिका ने बताया कि एयर-फोर्स व आर्मी से इतर कभी उसने सोचा ही नहीं। हां, एविएशन में जाने के बारे में इतना नहीं सोचा था। भविष्य की योजना के बारे में पूछने पर उसने बताया कि अभी तो सारा ध्यान नई जाब पर ही रहेगा। बेस्ट के लिए हमेशा उसका प्रयास रहेगा।

Friday, November 20, 2009

GJU ने पीएचडी की 107 सीटों पर मांगे आवेदन

गुरु जंभेश्वर विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) हिसार के 14 विभागों में डॉक्टरेट ऑफ फिलोस्फी (पीएचडी) की 107 सीटों के लिए आवेदन मांगे हैं। 15 पीएचडी स्कॉलर्स को 18 हजार रुपए प्रतिमाह की स्कॉलरशिप व पांच हजार रुपए कंटीजेंसी खर्चा भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 14 विभागों में पांच हजार रुपए प्रतिमाह की एक-एक विश्वविद्यालय रिसर्च स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। विद्यार्थियों का चयन एक प्रवेश परीक्षा के द्वारा किया जाएगा जो कि विश्वविद्यालय के संबंधित विभागों में 21 दिसंबर 2009 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो घंटे की होगी। इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय में अपना आवेदन संबंधित विभाग में 10 दिसंबर 2009 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि आवेदन पत्र व अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वैबसाईट www.gju.ernit.in देख सकते हैं।
इन-इन विषयों पर हैं सीटें खाली विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर आरएस जागलान ने बताया कि इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में 1, पर्यावरण विज्ञान तथा अभियांत्रिकी में 10, रसायन में 11, गणित में 6, भौतिकी में 8, खाद्य तकनीक में 6, बायो एंड नैनो टेक्नालाजी में 8, फार्मास्युटिकल साइंस में 2, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 5, अप्लाईड साईकॉलोजी में 10, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 6, कम्यूनिकेशन मेनैजमेंट एंड टेक्नालाजी में 2, एडवर्टाईजिंग मेनैजमेंट एंड पब्लिक रिलेशनस में 2 व हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस में 30 सीटों पर पीएचडी में दाखिले के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

Wednesday, November 18, 2009

वर्ष 2010 के सरकारी अवकाश

हरियाणा सरकार ने कार्यालयों में वर्ष 2010 के दौरान होने वाले सार्वजनिक अवकाश अधिसूचित किए हैं।
गुरु गोबिंद सिंह जयंती --- (5 जनवरी)
सर छोटूराम जयंती एवं बसंत पंचमी --- (20 जनवरी)
गणतंत्र दिवस --- (26 जनवरी)
महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती --- (8 फरवरी)
महाशिवरात्रि --- (12 फरवरी)
होली --- (1 मार्च)
रामनवमी --- (24 मार्च)
बैसाखी --- (14 अप्रैल)
डा. बीआर अंबेडकर जयंती --- (14 अप्रैल)
महाराणा प्रताप जयंती --- (15 जून)
तीज --- (12 अगस्त)
जन्माष्टमी --- (2 सितंबर)
हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस --- (23 सितंबर)
महाराजा अग्रसेन जयंती --- (8 अक्टूबर)
महर्षि वाल्मीकि जयंती --- (22 अक्टूबर)
हरियाणा दिवस --- (1 नवंबर)
दिवाली --- (5 नवंबर)
ईद-उल-जूहा (बकरीद) --- (17 नवंबर)

अवकाश के दिन आने वाले त्यौहारों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है इनमें हैं :
गुरु रविदास जयंती --- (30 जनवरी)
महावीर जयंती --- (28 मार्च)
भगवान परशुराम जयंती --- (16 मई)
संत कबीर जयंती --- (26 जून)
स्वतंत्रता दिवस --- (15 अगस्त)
ईद-उल-फितर --- (11 सितंबर)
महात्मा गांधी जयंती --- (2 अक्टूबर)
विश्वकर्मा दिवस --- (6 नवंबर)
गुरुनानक जयंती --- (21 नवंबर)
क्रिसमिस दिवस --- (25 दिसंबर)
शहीद उधम सिंह जयंती --- (26 दिसंबर)

इसके अलावा प्रतिबंधित अवकाशों में से कर्मचारी कोई दो अवकाश ले सकते हैं। ये हैं :
ईद-ए-मिलाद/मिलाद-उल-नबी (27 फरवरी)
गुड फ्राइडे (2 अप्रैल)
बुध पूर्णिमा (27 मई)
गुरु अर्जुन देव शहीदी दिवस (16 जून)
शहीद उधम सिंह शहीदी दिवस (31 जुलाई)
रक्षाबंधन (24 अगस्त)
करवा चौथ (26 अक्टूबर)
गोवर्धन पूजा (6 नवंबर)
गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस (24 नवंबर)
मुहर्रम (17 दिसंबर)

इनमें सार्वजनिक अधिसूचित अवकाश सभी रविवार, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गुरु रविदास जयंती (30 जनवरी), महाशिवरात्रि (12 फरवरी), होली (1 मार्च), महावीर जयंती (28 मार्च), बैंक अवकाश (1 अप्रैल) , डा. बीआर अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), जन्माष्टमी (2 सितंबर), ईद-उल-फितर (11 सितंबर), अद्र्घवार्षिक बैंक अवकाश (30 सितंबर), महात्मा गांधी जयंती (2 अक्टूबर), दशहरा (17 अक्टूबर), महर्षि वाल्मीकि जयंती (22 अक्टूबर), दिवाली (5 नवंबर), गुरुनानक देव जयंती (21 नवंबर) तथा क्रिसमस दिवस (25 दिसंबर) शामिल है।

Monday, November 16, 2009

केबल आपरेटरों के बहाने निजी चैनलों पर शिकंजा?

प्रदेश में केबल आपरेटरों के बहाने निजी चैनलों पर सरकार ने शिकंजा कस लिया है। अब प्रदेश में केबल का व्यवसाय चलाने के लिए आपरेटरों को सरकार से लाइसेंस लेना होगा और एक शहर में मात्र एक ही आपरेटर को लाइसेंस मिलेगा। इसके लिए हालांकि बहाना मोटी लाइसेंस फीस का किया जा रहा है लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इससे निजी चैनलों की चाबी सरकार के हाथ आ जाएगी और उन पर इन आपरेटरों के माध्यम से नियंत्रण लग जाएगा।
इसके अलावा केबल आपरेटर इसे अव्यावहारिक भी बता रहे हैं और साथ ही ट्राई के नियमों के उल्लंघन का आरोप भी ला रहे हैं। दूरदर्शन व दूरसंचार पर नियंत्रण सिर्फ ट्राई का ही होता है और सभी प्रसारणकर्ताओं को ट्राई की हिदायतों का पालन करना होता है, लेकिन केबल आपरेटर सरकार के इस बिल को ट्राई के अधिकार क्षेत्र में उल्लंघन बता रहे हैं। सरकार ने फैसला लिया है केबल आपरेटर के लिए लाइसेंस खुली बोली से दिए जाएंगे और जो भी ज्यादा बोली देगा वह इसका लाइसेंस हासिल कर पाएगा लेकिन जो ज्यादा बोली देगा, वह अपने लाभ के लिए दरें भी बढ़ाएगा, पर दरें तो TRAI ने पहले ही तय कर रखी हैं और केबल आपरेटर उसी के हिसाब से चैनलों के पैकेज के अनुरूप उपभोक्ता से दाम वसूल सकता है। अगर सरकार उन्हें ज्यादा दाम वसूलने की इजाजत देती है तो इससे ट्राई के नियमों का उल्लंघन होगा।जाहिर तोर प्रदेश सरकार के इस बिल ने केबल संचालकों में बैचेनी पैदा कर दी है। ऐसे में यदि बिना केबल का व्यवसाय किए कोई व्यक्ति बोली में सफल हो जाता है तो न सिर्फ व्यवसाय कर रहे लोगों का धंधा चौपट होने से उन्हें करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी नया नेटवर्क स्थापित होने तक केबल देखने से वंचित होना पड़ेगा। हालांकि इस संबंध में जींद व कुरूक्षेत्र के दो केबल संचालकों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर दी गई है और 26 नवम्बर को न्यायालय द्वारा इस संबंध में राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। अब न सिर्फ शहरों में बल्कि राज्य के लगभग हर गांव यहां तक की ढाणियों में भी केबल पहुंच चुका है और इस व्यवसाय से लगभग 30 हजार लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। किसी भी केबल संचालक को केबल लगाने से पूर्व केन्द्रीय केबल नेटवर्क अधिनियम 1995 के तहत लाइसेंस लेना होता है जो संबंधित क्षेत्र के मुख्य डाकघर से निर्धारित शुल्क देकर ले लिया जाता है। जिसका हर वर्ष नवीनीकरण कराना होता है। हालांकि व्यवसाय को नियंत्रित करने के लिए इसे ट्राई के अधीन किया गया है। केबल व्यवसाय के फैलने व पे-चैनलों के बढ़ते बाजार से ट्राई ने भी समय-समय पर केबल के लिए नियम निर्धारित किए हैं ताकि केबल संचालक उपभोक्ताओं पर मनमर्जी न चला सकें। किसी भी छोटे से शहर में ही केबल का व्यवसाय करने के लिए न सिर्फ लगभग एक करोड़ रुपये की राशि निवेश करनी पड़ती है, बल्कि पूरे शहर में कनेक्शन करने के लिए छह माह का समय भी लगाना पड़ता है। वर्तमान समय में एक ही शहर में एक ही केबल नेटवर्क से अनेक सब-आपरेटर नेटवर्क संचालक को निश्चित कमीशन में लाइन लेकर अलग-अलग हिस्सों में यह व्यवसाय कर रहे हैं। इतना ही नहीं किसी भी शहर में स्थापित केबल नेटवर्क से आसपास के लगभग 40 किलोमीटर दूरी तक के गांवों में तार के जरिये हर गांव के दो-चार बेरोजगार युवक यह व्यवसाय कर रहे हैं।वहीं सभी राजनीतिक दल इस संवेदनशील मुद्दे पर अभी चुप्पी साधे हैं लेकिन उन्हें भी यह आशंका है कि केबल आपरेटरों के जरिए सरकार निजी चैनलों के प्रसारण पर लगाम लगा सकती है और कोई भी सरकार से लाइसेंस प्राप्त आपरेटर सरकार के सामने सिर झुकाते नजर आएंगे। ऐसे में मीडिया पर भी लगाम लग सकती है।

Saturday, November 14, 2009

गरीबों के लिए मुफ्त एंबुलेंस सेवा

बाल दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रदेश में दो नई योजनाएं 'नेहरू बाल दृष्टि योजना' और 'हरियाणा स्वास्थ्य वाहन सेवा नंबर 102 शुरू की गईं। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के रोगियों, गर्भवती महिलाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों और भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंचकूला में एंबुलेंस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया। नेहरू बाल दृष्टि योजना का श्रीगणेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत राज्य में चार नेत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। साथ ही नेत्रदान करने वालों की सुविधा के लिए भी जिलों में नेत्रदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 102 डायल कर नेत्रदान के संबंध में सूचना प्राप्त कर सकता है। यह नंबर सभी एंबुलेंस वाहनों में भौगोलिक स्थिति प्रणाली के साथ सुसज्जित होगा।
हुड्डा ने कहा कि यह एंबुलेंस सेवा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों के रोगियों, अधिसूचित जाति व मलिन बस्तियों के वासियों,सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों, गर्भवती महिलाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों तथा भूतपूर्व सैनिकों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध होंगी। अन्य श्रेणी के रोगियों को एंबुलेंस सेवा के लिए सात रुपये प्रति किलोमीटर की दर से अदायगी करनी होगी।

Wednesday, November 11, 2009

छोक्कर भी छोड़ गए हजकां

हरियाणा जनहित कांग्रेस का एक और विधायक धर्म सिंह छोक्कर भी मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल का हिस्सा बन गए। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह चट्ठा ने छोक्कर के कांग्रेस में शामिल होने को मंजूरी दे दी है। सोमवार को हजकां के चार विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे। अब हरियाणा विधानसभा में वर्तमान संख्या 89 में कांग्रेस के 45 सदस्य हो गए हैं। इसके साथ ही सदन में कांग्रे्रस को 53 सदस्यों का समर्थन हासिल हो गया है। ओमप्रकाश चौटाला के इस्तीफे के कारण ऐलनाबाद सीट रिक्त है। विधानसभा अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह चट्टा ने छोक्कर को हजकां को कोई अलग न मानकर सोमवार को कांग्रेस में शामिल हुए गुट में ही माना। बेशक उनका विलय स्पीकर ने आज की तारीख में ही किया है। गौरतलब है कि सोमवार को हजकां के छह में से चार विधायकों ने अलग गुट बनाकर कांग्रेस में इसका विलय कर दिया था। इनमें नारनौल के विधायक राव नरेंद्र सिंह, दादरी के विधायक सतपाल सांगवान, हांसी के विधायक विनोद भ्याणा और असंध के विधायक जिलेराम शर्मा शामिल हैं। इस विलय के बाद चर्चाएं शुरू हो गई कि हजकां का पांचवां विधायक धर्मसिंह छोक्कर भी कांग्रेस में शामिल होना चाहता है। मंगलवार सुबह धर्म सिंह छोक्कर हरियाणा विधानसभा में अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह चट्ठा के पास पहुंचे। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूल चंद मुलाना और मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला भी हरियाणा विधानसभा पहुंच गए। करीब दो घंटे धर्म सिंह छोक्कर विधानसभा में रहे। इस बीच मीडिया का विधानसभा में प्रवेश वर्जित रहा। दो घंटे बाद धर्म सिंह छोक्कर प्रदेश कांग्रेस प्रधान फूल चंद मुलाना व रणदीप सिंह सुरेजवाला के साथ बाहर आए। छोक्कर ने कहा कि वह कांग्रेस विधायक दल में शामिल हो गए हैं।