Sunday, July 26, 2009

मुकदमे वापस लो तभी राहत

रविंद्र हाईकोर्ट से सभी मामले वापस ले, तभी दादा व अन्य को मिलेगी राहत
रविंद्र, शिल्पा का आजीवन गांव में प्रवेश निषेध
रविंद्र के पिता को भी जाना होगा, एक माह बाद दोबारा करें राहत की अपील
कादियान खाप अपनी चौधर को साबित करने के लिए ढराणा से बेदखल गहलोत परिवारों को खून के आंसू रुलवा रही है। खाप की नई-नई बेतुकी शर्तों के कारण विवाद लंबा खिंचता जा रहा है और पीडि़तों को गांव छोडऩे की सलाह देने वाला प्रशासन भी कुछ करने का साहस नहीं जुटा पा रहा है।यही वजह है कि खाप के हौसले बुलंद हैं और हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद गहलोत परिवारों की सुरक्षा की चिंता किसी को नहीं है। इतना ही नहीं पुलिस व पत्रकारों पर हमला करने वाले एक भी 'पंचायती की गिरफ्तारी का साहस पुलिस नहीं जुटा पाई है।रविवार को कादियान खाप की बैठक में पंचायत दादागिरी पर अड़ी है। अब उसने हाईकोर्ट में लंबित मामले भी वापस लेने की नई शर्त जोड़ दी है। रविवार को स्थानीय सर छोटूराम धर्मशाला में हुई पंचायत में अन्य खापों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, लेकिन कादियान खाप के प्रतिनिधियों की जिद के कारण कोई फैसला नहीं हो पाया। ऐसे में भय के साए में जी रहे पीडि़त परिवार ने आखिरकार प्रशासन से गांव में बसाने की गुहार करने का निर्णय किया है। यदि प्रशासन परिवार को दोबारा गांव में बसाने में सहयोग नहीं करता है तो पीडि़त हाईकोर्ट की शरण ले सकते हैं।पहले यह बैठक बेरी में होनी थी लेकिन कादियान खाप ने इसे झज्जर की सर छोटूराम धर्मशाला में स्थानांतरित कर दिया गया। कादियान बारहा खाप के प्रधान छतर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अहलावत सताईस खाप के प्रधान जय सिंह, पालम 360 खाप के प्रधान रत्न सिंह, आनंद सिंह अहलावत के अलावा अन्य कई खापों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सूत्रों के अनुसार बैठक में कादियान खाप ने रविंद्र द्वारा हाईकोर्ट में दायर किए गए सभी मामलों को वापस लेने के बाद ही रविंद्र के दादा रिसाल सिंह व उसके चाचा नसीब व वेदप्रकाश को गांव में प्रवेश करने की इजाजत देने की शर्त अड़ा दी। इतना ही नहीं कादियान खाप द्वारा सभी मामलों को वापस लेने के बाद भी रविंद्र के पिता रोहतास को गांव से बाहर रहने तथा दोबारा खाप के सामने अपील करने के बाद उसके गांव में रहने पर विचार-विमर्श की बात कही गई। कादियान खाप के लोगों ने सभी मुकदमे वापिस लेने के माहभर बाद पीडि़त रोहतास की ओर से गांव में बसने के लिए अपील करने की बात कही। कादियान खाप की ओर से रविंद्र व उसकी पत्नी शिल्पा को आजीवन गांव में प्रवेश न करने की शर्त भी रखी गई है।रविंद्र व शिल्पा के गांव में प्रवेश न करने को लेकर पीडि़त परिवार की ओर से सहमति जता दी गई थी लेकिन कादियान खाप की अन्य कड़ी शर्तों को देखते हुए लगभग पांच घंटे चली इस पंचायत में कोई भी निर्णय नहीं हो पाया। बैठक में रोहतास को गांव में गुजर-बसर करने के लिए स्पष्टï आश्वासन भी नहीं दिया गया। इसके कारण पांच घंटे से ज्यादा समय चली पंचायत बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई। इस संबंध में इतना ही कहा जा सकता है कि मामले को लेकर कम हुआ तनाव फिर से पैदा हो सकता है, क्योंकि पीडि़त परिवार ने एक बार फिर गांव में बसने के लिए प्रशासन से गुहार लगाने का निर्णय किया है। ऐसे में यदि प्रशासन पीडि़त परिवार को गांव ढराणा में वापस पहुंचाता है तो उसे कादियान खाप के कोपभाजन का शिकार होना पड़ेगा, जो शायद न तो सरकार चाहती है और न ही प्रशासन।

वेदपाल जान से गया, मुकर गई सोनिया


सोनिया ने कहा, नशे में रखता था वेदपाल
जिला प्रशासन ने भी पैंतरा बदला, पुलिस के साथ नहीं गया वेदपाल : डीसी

सिंघवाल में हुए वेदपाल हत्याकांड में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब वेदपाल की पत्नी सोनिया ने कोर्ट में वेदपाल के खिलाफ बयान दे दिया। उसने कहा कि वेदपाल उसे नशे की गोलियां खिलाता था और वह हमेशा ही नशे में रहती थी। उसे उसकी शादी के बारे में भी कुछ जानकारी नहीं है। सोनिया ने अपने मामा के घर रहने की इच्छा जताई। उधर जिला प्रशासन ने भी वेदपाल से पल्ला झाड़ लिया है। उपायुक्त ने कहा कि वेदपाल पुलिस के साथ नहीं गया था। वह अपनी जीप में वहां अलग से पहुंचा था, जबकि वेदपाल के साथ गए उसके चचेरे भाई रविंद्र का कहना है कि वे पुलिस दल के साथ ही वहां गए थे। दूसरी ओर वेदपाल के परिजनों ने पूरे मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। सच्चाखेड़ा में पत्रकार वार्ता में उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने कहा कि वेदपाल तो पुलिस के साथ गया ही नहीं, बल्कि वह अपनी जीप में सिंघवाल गांव गया था। पुलिस वाले वेदपाल को शक्ल से भी नहीं जानते हैं।

दूसरी ओर, शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने सदर थाना प्रभारी बलवंत सिंह को वेदपाल को सुरक्षा देने में नाकाम रहने पर निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। उनकी जगह पर सफीदों के थाना प्रभारी उमेद सिंह चहल को प्रभारी बनाया गया है। वहीं गांव में थाना प्रभारी के साथ गए अन्य पुलिसकर्मियों के मामले में भी जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर उन्हें भी निलंबित किया जा सकता है। वहीं शुक्रवार को सोनिया के बयान नरवाना कोर्ट में कलमबद्ध किए गए। सोनिया को नरवाना की हुकम सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां उसने अपने मामा के घर रहने की इच्छा प्रकट की है। कोर्ट में दिए बयान में सोनिया ने वेदपाल पर ही आरोप जड़ दिए। बताया जाता है कि उसने अपने बयान में कहा कि वेदपाल उसे नशे की गोली खिलाकर अपने साथ ले गया था। वेदपाल उसे नशे की हालात में ही रखता था। उसे नहीं मालूम कि उसकी शादी वेदपाल के साथ शादी हुई थी या नहीं? बाद में सोनिया को उसके मामा के साथ भेज दिया गया।

जांच में जुटी है पुलिस : बालन : पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी गांव में मौजूद हैं और फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

हाई कोर्ट जायेंगे परिजन

उधर कलायत (कैथल) के गांव मटौर में वेदपाल के परिवार के लोगों ने अब पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। वेदपाल के भाई सुरेंद्र के मुताबिक वारंट आफिसर और पुलिस उसके भाई को अपने साथ लेकर 22 जुलाई को सोनिया के घर पहुंची थी। जिस तरह उसके भाई को अकेला छोड़कर पुलिस टीम वहां से फुर्र हुई उससे जाहिर है कि सब कुछ तय साजिश के मुताबिक हुआ था। हालांकि वेदपाल ने टीम के साथ गांव में जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन नरवाना के एसएचओ ने आश्वस्त किया कि वहां जाने में कोई दिक्कत नहीं है। इस आश्वासन पर उसका भाई उनके साथ चल पड़ा था।

Thursday, July 23, 2009

प्रेम की सजा मौत

पंचायत बेखौफ, सरकार लाचार
प्रेम विवाह रचाने वाले को पीट-पीट कर मार डाला
हाई कोर्ट के वारंट अधिकारी को भी धुना
हाईकोर्ट के वारंट अधिकारी के संरक्षण में अपनी पत्नी को लिवाने गए युवक की सिंघवाल गांव में लड़की के परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने पंचायती परंपरा के नाम पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। युवक की सुरक्षा में साथ आए पुलिसकर्मी दुम दबाकर उसे मरने के लिए छोड़कर भाग खड़े हुए। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने युवक के शव को गांव के चौक पर फेंक दिया और खुद ही पुलिस को सूचना दी। परंपरा के नाम पर उत्पात जारी है और वोटों के लालच में सभी राजनीतिक दल पूरे मसले पर मौन धारण किए बैठे हैं और कोई इस संवेदनशील मसले पर जुबान भी नहीं खोल रहे हैं। यहां तक सरकार के प्रतिनिधि व अधिकारी भी पंचायतों के आगे दुम हिलाते दिख रहे हैं।हालत यह है कि हमले में हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त वारंट आफिसर भी गंभीर रूप से घायल हैं । इस युगल ने हाल ही में घर से भागकर मंदिर में शादी कर ली थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को उनकी सुरक्षा के आदेश दिए थे। वारदात के बाद पुलिस युवती के पिता, मां व अन्य के खिलाफ मामले दर्ज कर कागजी कार्रवाई की खानापूर्ति में जुटी है।
घर से भागकर रचाई शादी
कैथल के मटौर गांव निवासी वेदपाल नरवाना के सिंघवाल में प्रेक्टिस करता था। उसका गांव की लड़की सोनिया के साथ प्रेम हो गया। बताते हैं कि सोनिया के परिजनों ने गत 17 मार्च को उसकी शादी लोन गांव में तय कर रखी थी। लेकिन इससे पूर्व 9 मार्च को ही दोनों अचानक गायब हो गए और एक मंदिर में शादी रचा ली। इसके बाद वे हाईकोर्ट में पेश हो गए थे। दूसरी तरफ, सोनिया के परिजनों ने वेदपाल के खिलाफ लड़की को भगाकर ले जाने का मामला भी दर्ज कराया था।
पंचायत के आश्वासन पर आए थे घर
27 मार्च को सर्व खाप की एक पंचायत छोटूराम पार्क में हुई थी। इसमें शादी पर कड़ा एतराज किया गया था। कुछ दिनों पूर्व संघवाल व मटौर के गणमान्य लोगों की एक पंचायत हुई थी, जिसमें सिंघवाल के लोगों ने सोनिया को वापस लौटाए जाने की मांग की थी। पंचायत में कहा गया था कि घर लौटने पर सोनिया को कुछ नहीं कहा जाएगा। इसके बाद सोनिया सिंघवाल में आ गई थी।
हाईकोर्ट ने नियुक्त किया था वारंट अफसर
वेदपाल ने दो दिन पहले हाईकोर्ट में अपनी पत्नी को उसे दिलाए जाने की गुहार लगा दी। इस पर हाईकोर्ट ने सूरजभान को वारंट आफिसर नियुक्त कर दिया। सूरजभान बुधवार सायं सदर थाना पुलिस व वेदपाल को साथ लेकर गांव में पहुंचा और सोनिया के परिजनों से उसे वेदपाल के सुपुर्द करने की बात कही। उन्हें बताया गया कि लड़की गांव में नहीं है। इस दौरान लड़की के परिजनों व दूसरे पक्ष में तू-तू मैं-मैं हो गई। लड़की के परिजनों व अन्य कुछ लोगों ने वारंट आफिसर व उसके साथ गए पुलिस कर्मियों व वेदपाल पर हमला बोल दिया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी भागने में कामयाब हो गए जबकि वारंट आफिसर सूरजभान, सदर थाना के एसएचओ बलवंत सिंह तथा कांस्टेबल शीशपाल, ओमप्रकाश व राजेंद्र कुमार को चोटें आईं है।ग्रामीणों का गुस्सा देखकर वारंट आफिसर व पुलिसकर्मी किसी तरह बचकर भाग गए, लेकिन वेदपाल उनके चंगुल में फंस गया और ग्रामीणों ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। गांव के कुछ लोगों ने देर रात पुलिस को फोन पर सूचना दी कि वेदपाल का शव गांव के चौक में पड़ा है। वेदपाल का बृहस्पतिवार को गांव मटौर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पूरे गांव में सन्नाटा पसरा था। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

Wednesday, July 22, 2009

आस्था की डुबकी


सदी के सबसे बड़े सूर्यग्रहण के अवसर पर बुधवार को धर्मनगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म्सरोवर व सन्निहित सरोवरों में देशभर से आए 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। प्रात: 5.35 बजे सूर्यग्रहण का स्पर्श होते ही दोनों सरोवर व आसपास के मंदिर शंख ध्वनि से गुंजायमान हो उठे और लाखों लोग स्नान के लिए सरोवरों में उतर गए। 7.25 बजे मोक्ष के बावजूद दिनभर स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। भीड़ का आलम यह था कि करीब पांच हजार पुलिस के जवान व अधिकारी भी लोगों को संभाल पाने में विफल रहे। ब्रह्म्सरोवर की 3।7 किलोमीटर लंबी परिक्रमा में पैर रखने की जगह तक नहीं थी। यमुनानगर के कपालमोचन तीर्थ में भी हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। सूर्यग्रहण का स्पर्श शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्म्सरोवर व सूर्यकुंड (सन्निहित सरोवर) में डुबकी लगाई और सूर्यदेव को जल अर्पित किया।

जीन्द के पांडू पिंडारा और रोहतक के गौकरण तीर्थ में भी हजारों लोगों ने पवित्र सरोवरों में स्नान किया।
राजनेता भी पहुंचे सरोवर में डुबकी लगाने


धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के अवसर पर प्रदेश के सभी दिग्गज नेता भी आ जुटे। इसे चुनावी महाभारत की कसरत कहें या धर्म में आस्था लेकिन यह तय है कि चुनाव नजदीक आते देख राजनेता जनता को अपने पक्ष में करने के लिए कोई हथियार बाकि नही रखना चाहते।
सीएम हुड्डा तो यहां तैराकी भी करते दिखे, लेकिन राज्यसभा सांसद अजय चौटाला और सांसद नवीन जिंदल के अंदाज बिलकुल चुनावी थे।

सीएम हुड्डा के साथ-साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी थे तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना और कार्यकारी अध्यक्ष कुलदीप शर्मा अपने परिवार सहित उपस्थित थे।
चुनाव पास हैं और जनता के बीच राजनेताओं को जाना ही है, तो सूर्यग्रहण के बहाने एक पंथ दो काज हो गया।





Monday, July 20, 2009

यह भी पंचायत है

शादी के बाद रिश्ता तोडऩा सही नहीं : श्योराण खाप

एक और परम्परा के नाम पर जहाँ रिश्तों को तोड़ने के आदेश दिए जा रहे हैं और कानून को ताक पर रख सरेआम आतंक का माहौल पैदा किया जा रहा है। साथ ही पूरे हरियाणा को बंद करने की धमकी दी जा रही है लेकिन ऐसे समय में श्योराण खाप ने ऐतिहासिक निर्णय में शादी के बाद रिश्ता न तोड़ने की नसीहत दी है।
हिसार जिले के गांव कंवारी के गोत्र विवाद पर श्योराण खाप चौरासी ने रिश्ता तोडऩे का फरमान देने से इंकार कर दिया है। लोहारू में शहीद महावीर किसान भवन में श्योराण चौरासी की बैठक प्रधान चौ रामस्वरूप की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया कि एक बार विवाह होने के बाद उसे तोडऩा अव्यवहारिक और अनुचित है तथा इसे बरकरार रखना चाहिए। समस्या के समाधान के लिए गांव की सामाजिक पंचायत को चाहिए कि वह विवाहित जोड़ा गांव से कही दूर बसाए। खाप ने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले को शांतिपूर्वक सुलझाया जाए।
उल्लेखनीय है कि झज्जर जिले की ही तरह कंवारी गांव के ख्यालिया गोत्र के युवक की शादी श्योराण गोत्र की युवती से हुई थी। श्योराण गोत्र ने इस रिश्ते पर सवाल उठाए थे और रविवार का यह मामला श्योराण चौरासी की पंचायत में भी उठा और कुछ लोगों ने रिश्ता तोड़ने का फरमान सुनाने की अपील की। लेकिन पंचायत ने रिश्ता तोड़ने से इनकार कर दिया। खाप ने ग्रामीणों को भी मामले को शान्ति से निपटाने को कहा।

Sunday, July 19, 2009

परम्परा के नाम पर सड़कों पर उत्पात

खाप का ढराणा पर हमला, 18घायल
लाठियों व पत्थरों से लेस भीड़ पहुंच गई थी पीडि़त परिवार के घर के पास

लाठियों, डंडों और पत्थरों से लेस हजारों कि भीड़ परम्परा के नाम पर सड़कों और गांव कि गलियों में उत्पात मचाती रही...हर और दहशत....गहलोत परिवार और पूरा गांव घर में दुबका रहा लेकिन पुलिस और प्रशासन हालातन बिगड़ने देने कि दुहाई के नाम पर हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। यह सब वहां हो रहा था, जहाँ से स्वयं सीएम का बेटा सांसद हैं और हुड्डा स्वयं चार बार सांसद के रूप में उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। मीडिया कर्मियों को पुलिस के सामने पकड़ कर पीटा गया। कैमरे तोड़ दिए गए, फ़ोन और पर्स छीन लिए गए। खुन्नस बस इतनी थी की मीडिया पंचायत के तुगलकी फरमान के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई थी। हमलावर मीडियाकर्मियों को पकड़कर पीटते रहे और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही।

लेकिन जब ग्रामीणों के हाथ पुलिस के गिरेबान पर जा पहुँचे और पुलिस दल पर भी हमला बोल दिया गया। तब पुलिस ने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। उसके बाद आंसू गैस छोड़ी गई और हवाई फायरिंग की गई। तब तक नायब तहसीलदार समेत डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो चुके थे।

ढराणा गोत्र विवाद के मामले में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही व अदूरदर्शिता के चलते रविवार को स्थिति विस्फोटक बन गई। गांव दूबलधन में कादियान खाप से जुड़े लोगों ने बैठक कर लाठियों व पत्थरों से लैस होकर गांव ढराणा की ओर कूच कर दिया और गांव में पीडि़त परिवार पर हमला बोल दिया। पीडि़त परिवार के मकान के पास खाप से जुड़े लोगों व पुलिसकर्मियों में जमकर पत्थरबाजी व लाठियां चलीं। इस टकराव में पीडि़त परिवार के मोहल्ले के लोग भी परिवार के पक्ष में उतर आए। स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े व हवाई फायर के साथ लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में बेरी के नायब तहसीलदार सहित 18 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। देर शाम तक गांव ढराणा व दूबलधन में तनाव बरकरार था और दोनों जगह पर पंचायत जारी थी। गोत्र विवाद में पंचायत अब भी अपने रुख पर कायम है और कादियान खाप के प्रधान कैप्टन राजसिंह कादियान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढराणा के सरकारी स्कूल में डेरा डाल दिया है। उनका कहना है कि गहलोत परिवारों के गांव छोडऩे के बाद ही वे वहां से हटेंगे। इसके लिए बाकायदा उन्होंने स्कूल के प्रांगण में ही खाना बनाना शुरू कर दिया है।

पिछले सप्ताह भर से एक तरह से नजरबंदी में जी रहे पीडि़त परिवार के लोगों ने सायं के समय भय के चलते गांव छोडऩे का निर्णय कर लिया था लेकिन गांव के अनेक लोगों व खाप से जुड़े कुछ बुद्धिजीवी लोगों के आग्रह पर उन्होंने पलायन के लिए बांधा गया सामान वापस रख दिया। इससे पूर्व शनिवार को बेरी की पंचायत में किए गए निर्णय के अनुसार कादियान खाप ने रविवार सुबह बेरी के राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में खाप की महापंचायत का आयोजन किया। इसके लिए बाकायदा खाप से जुड़े सभी गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से खाप की इज्जत के नाम पर महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया गया। लगभग एक घंटे चली महापंचायत में गांव ढराणा में पहुंचकर पीडि़त परिवारों पर हमला बोलकर जबरदस्ती उन्हें गांव से खदेडऩे का निर्णय किया गया। महापंचायत के बाद खाप से जुड़े लोग ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों में लाठियों व पत्थरों आदि से लैस होकर गांव ढराणा की ओर चल पड़े। रास्ते में मीडियाकर्मियों को निशाना बनाकर पुलिस के हर अवरोध को आसानी से पार करते हुए भीड़ गांव ढऱाणा में पहुंच गई। गांव में गहलोत परिवार के मकान के पास जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने पत्थरों व लाठियों से हमला बोल दिया। इसके बाद पीडि़त परिवार के मोहल्ले के अनेक परिवारों के सदस्य भी अपने मकानों की छत पर चढ़ गए और उन्होंने भी खाप के लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे हुई पत्थरबाजी, हवाई फायर कर, आंसू गैस के गोले छोड़ कर व लाठीचार्ज करने के बाद पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने में कामयाब हो गई। प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। इतना ही नहीं रिजर्व पुलिस बल को भी बुला लिया गया था। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भादसं की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। नायब तहसीलदार समेत सात पीजीआई में भर्ती : रोहतक से जागरण संवाददाता के अनुसार नायब तहसीलदार प्रमोद चहल, महिला पुलिसकर्मी सरला, पुलिसकर्मी उरमेज सिंह, राजेश कुमार, नरेंद्र, कर्मवीर व ओमप्रकाश को पीजीआई में दाखिल कराया गया है। घायलों के सिर, मुंह व शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर चोटें होने के कारण उन्हें विभिन्न विभागों में उपचार के लिए भेजा गया।

Thursday, July 16, 2009

पंचायत का तुगलकी फरमान

शादी न तोड़ने पर गांव छोड़ने का फरमान
पंचायत ने जारी किया फतवा
सरकार और पुलिस मौन
झज्जर के गांव में दम्पति ने तलाक लेने से मना किया तो पंचायत ने लड़के के परिवार के सभी घरों को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। उनका कसूर सिर्फ़ इतना था कि उन्होंने अपने बेटे कि शादी उस जाति में करने कि गुस्ताखी की जिस जाति का उस गांव में दबदबा है और यह उस पंचायत को सहन नही हुआ। पंचायती परम्पराओं के नाम पर दम्पति की खुशियों में तो ग्रहण लग ही गया है, उनके रिश्तेदारों के समक्ष भी उजड़ने की नौबत आ गई है। ख़ास बात है कि जिला प्रशासन और पुलिस के साथ पूरी प्रदेश सरकार इस मसले पर सिर्फ़ दूर बैठ कर तमाशा देख रहे हैं।
ढराणा गांव के Rohtas Gahlot ने अपने बेटे रविन्द्र कि शादी पानीपत जिले के गांव शिवाह में कादियान परिवार में की थी। ढराणा गांव कादियान बहुल है। और इसी जाति कि गांव में बहु आना कादियान खाप को नागवार गुजरा और रोहतास को अपने बेटे और बहू का तलाक करवाने का आदेश सुना दिया। (12 July) को बेरी में खाप की पंचायत हुई और गहलोत परिवारों को तीन दिन का समय दिया गया। साथ ही तलाक न होने पर जमीन जायदाद बेचकर गांव छोड़ने का आदेश दिया गया।
बुधवार (15 July) तक गहलोत परिवार एक बार टूटता दिखाई पड़ा और अपनी सम्पति और जायदाद बचाने के लिए तलाक देने पर राजी को गए, लेकिन लड़की शिल्पा और उसके परिवार द्वारा यह फरमान ठुकरा देने के बाद गुरूवार को फ़िर पंचायत बैठी और गहलोत परिवारों को रविवार सुबह तक गांव छोड़ने का फतवा जारी कर दिया।
खाप ने इस संबंध में किसी भी प्रकार का पुनर्विचार न करने का निर्णय लेते हुए तीनों परिवारों को रविवार सुबह तक का अल्टीमेटम दिया है। ख़ास बात यह है कि जिला प्रशासन, पुलिस व कोई भी जनप्रतिनिधि पीडि़त परिवारों की मदद के लिए नहीं पहुंचा है। मानव अधिकार संगठन पूरे मामले पर चुप्पी साधे हैं।फैसले से गहलोत परिवार पूरी तरह सहमा हुआ है और प्रशासन व मुखयमंत्री से मदद की गुहार लगा रहा है।
उल्लेखनीय है कि गांव ढराणा में गोत्र विवाद को लेकर कादियान बारहा खाप ने रोहतास, उसके भाई नसीब व वेदप्रकाश तथा उनके पिता रिसाल सिंह को रोहतास के पुत्र रविंद्र का उसकी पत्नी शिल्पा से तलाक करवाने या फिर जमीन-जायदाद बेचकर गांव छोडऩे का फरमान सुनाया था। इसके बाद 15 जुलाई को गांव दूबलधन में खाप के प्रधान छत्र सिंह के घर पर हुई दोनों पक्षों की बैठक में गहलोत परिवार ने रविंद्र के तलाक पर सहमति जता दी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को रोहतास सहित गहलोत पक्ष व कादियान खाप से जुड़े लगभग पांच दर्जन व्यक्ति रविंद्र की ससुराल पानीपत जिले के गांव सिवाह पहुंचे और तलाक के फैसले से उसके ससुराल जनों को अवगत करवाया। रविंद्र के ससुराल जनों द्वारा तलाक से जब पूरी तरह इनकार कर दिया गया तो दोनों ही पक्ष सिवाह से सायं के समय सीधे बेरी की गोशाला में पहुंचे और वहां पर कादियान खाप से जुड़े लोगों ने अपना आखिरी फरमान सुनाते हुए इस संबंध में गहलोत परिवारों को जल्द से जल्द गांव छोडऩे का फरमान सुना दिया। जब पीडि़त परिवारों की ओर से यह दुहाई दी गई कि वे खुद अपनी ओर से तलाक के लिए तैयार हैं तो उसके बाद गोशाला में जमा चंद लोगों ने फैसला सुनाया कि तलाक का मामला खत्म हो चुका है और इस संबंध में सामाजिक बहिष्कार के साथ ही गांव छोडऩे के फैसले से कम पर कोई भी बात नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं बहिष्कृत परिवारों के किसी भी सदस्य के साथ यदि खाप के गांवों से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बातचीत करता हुआ पाया गया तो उसके सामाजिक बहिष्कार के अलावा 21 हजार रुपये का जुर्माना भी किया जाएगा।
फैसले से सहमे रोहतास व नसीब ने बताया कि पखवाड़े भर से चल रहे इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से भले ही उन्हें सुरक्षा मुहैया करवा दी गई हो लेकिन जिला प्रशासन का कोई अधिकारी व कोई भी जन प्रतिनिधि इस मामले में उनकी मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है। उन्होंने इस मामले में उन्हें उजाडऩे के आरोप भी लगाए। उन्होंने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ऐसी स्थिति में वे क्या करें। इससे पहले पानीपत के गांव सिवाह में गोत्र विवाद को लेकर हुई पंचायत बेनतीजा रही।
दंपति का तलाक लेने से इनकार
दूसरी ओर दंपति ने तलाक लेने से इनकार कर दिया। सिवाह में तीन घंटे चली पंचायत में दोनों ओर से अपने-अपने पक्ष रखे गए, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। दंपति का कहना है कि वे तलाक नहीं लेंगे। रोहतास के पुत्र रविंद्र ने बताया कि वह और उसकी पत्नी शिल्पा दिल्ली के सुल्तानपुरी में अपनी बुआ के पास ठहरे हुए हैं। उसका गांव से कोई लेना-देना नहीं है। वह पत्नी शिल्पा को तलाक नहीं देंगे। पंचायत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर रविंद्र ने कहा कि अगर तलाक के लिए दबाव पड़ा तो पुलिस की सहायता लूंगा। शिल्पा का कहना है कि वह पति रविंद्र के साथ रहेगी तथा पति से तलाक नहीं लेगी।

Wednesday, July 15, 2009

Sampat का मास्टर स्ट्रोक

इनेलो को बड़ा झटका देने की तैयारी
देवी लाल परिवार से तोडा नाता
कई और नेता छोड़ सकते हैं पार्टी
इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला से अगले पिछले तमाम शिकवे शिकायत करते हुए आखिरकार इनेलो के दिग्गज नेता प्रो. संपत सिंह ने पार्टी को अलविदा कह दिया। आगे की रणनीति के बारे उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से बातचीत करूंगा और उनका जो आदेश होगा वही करूंगा। वैसे यह लगभग तय है कि वह कुछ दिनों में कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। सूत्रों से पता चला है कि कांग्रेस उन्हें वित्त आयोग का चेयरमैन बनाएगी। इसके अलावा राज्यसभा में भेजने का प्रयास या फिर फतेहाबाद विस सीट से टिकट दिया जाएगा। संपत सिंह ने कहा कि पार्टी अब देवीलाल की नीतियों से दूर हो गई है। पार्टी को ऐसी जुंडली ने घेर लिया है जिसने पार्टी का व्यापारीकरण कर दिया है। पार्टी में ऐसी सोच बन गई है कि अगर किसी का कद ऊंचा हो जाए तो उसका कद कम कर दो। ऐसे में पार्टी मेरी जरूरत महसूस नहीं कर रही इसलिए मैं पार्टी से अलग हो रहा हूं। संपत सिंह ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए जहां एक तरफ चौटाला पर आरोपों की झड़ी लगाई वहीं पर यह भी कहा, मैं पार्टी भारी मन और घायल दिल से छोड़ रहा हूं क्योंकि मैंने चौधरी देवीलाल के आशीर्वाद से 32 साल इस पार्टी की सेवा की है। एक मौके पर संपत सिंह काफी भावुक हो गए और रो पड़े.
संपत ने इतने दिनों तक पार्टी में रहते हुए कुछ फैसलों के लिए जनता से माफी भी मांगी। उन्होंने विशेष तौर पर महम कांड व कंडेला कांड के लिए माफी mangi और कहा कि सामूहिक तौर पर उन फैसलों के लिए वह भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, मैं पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की आत्मा से भी माफी मांगता हूं क्योंकि 1999 में उनकी सरकार गिराने के लिए मैंने उनके विधायकों को तैयार किया।
चौटाला को पहली बार मुख्यमंत्री बनवाने में मेरी भूमिका थी। संपत सिंह ने कहा, 2004 के बाद लगातार पार्टी की चुनावों में दुर्दशा होती रही। जनता ने बार-बार हमें नामंजूर किया। इस बार लोकसभा चुनाव में पार्टी के अस्तित्व का सवाल था। मैं चाहता था कि सिरसा से सुशील कुमार इंदौरा और कुरुक्षेत्र से कैलाशो सैनी को पार्टी का टिकट दिया जाए। पर चौटाला परिवार के लोगों ने वीटो पावर का इस्तेमाल करके इनका टिकट कटवा दिया। हिसार सीट में खुद की हार के बारे में संपत सिंह ने विस्तार से खुलासा करते हुए कहा कि मेरे कार्यकर्ताओं का कहना था कि हम हारे नहीं हमें हराया गया है। संपत सिंह ने साफ लहजे में कहा कि चौटाला ने पुत्र मोह में फंसकर हिसार और भिवानी के बीच समझौता कर लिया। संपत का इशारा है कि चौटाला ने भिवानी में अपने पुत्र अजय सिंह चौटाला को जितवाने के लिए हिसार में हजकां प्रत्याशी भजनलाल से समझौता कर लिया। इनेलो ने हिसार में भजनलाल को वोट डलवाए और हजकां ने भिवानी में इनेलो को वोट डलवाए।

Friday, July 10, 2009

सेहत से खिलवाड़

दूध दही के देश में खाने में जहर परोसा जा रहा है। नकली और सिंथेटिक दूध का बाद अब नकली घी बाज़ार में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। पानीपत में नकली की बरामदगी के बाद अब रोहतक सिरसा, कैथल और जींद -झज्जर में भी नकली घी के रैकेट का नेटवर्क सामने आ चुका है।

30 जून को पानीपत की देशराज कालोनी और गुड़ मंडी के गोदामों से 210 पेटियां में रखा कोहिनूर व कार्तिक मार्का का 3000 किलो नकली घी बरामद किया था। इसके बाद पानीपत के किशनपुरा के विजय की दुकान से 144 किलो नकली घी कार्तिक और कोहिनूर मार्का का बरामद किया। जाटल रोड स्थित मनोज के कब्जे से 36 किलो घी बरामद किया। 6 जुलाई को पानीपत के वीर भवन चौक स्थित रायल ट्रेडिंग कंपनी और मेन बाजार की भारती मार्केट के गोदाम से 700 किलो नकली मधुररतन घी बरामद किया। यह घी ग्वालियर की पैरोडैक्टिक कल्याणा ब्रांड द्वारा तैयार किया गया था।


पुलिस दल ने जींद की अनाज मंडी स्थित गणेशीलाल-श्रीचन्द के गोदाम से मधुररतन मार्का का लगभग 1000 किलो घी बरामद किया। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने जो नकली घी बरामद किया है वह ग्वालियर की कंपनी का है। कंपनी घी का कारोबार मधुरतन ब्रांड के नाम से कर रही है।


मंगलवार ( 7 July) को रोहतक में नकली घी का जखीरा पकड़ा गया है, वहीं सिरसा के रानियां में नकली घी बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई है। पानीपत में लगातार छापामारी के बाद गिरोह के तार जींद, रोहतक व झज्जर से जुड़ रहे थे। मंगलवार दोपहर रोहतक की अनाज मंडी स्थित दो दुकानों पर पानीपत पुलिस ने छापा मारकर करीब 5600 किलो नकली देसी घी की बड़ी खेप बरामद की है। मंगलवार दोपहर रोहतक की पुरानी अनाजमंडी स्थित घी के कारोबार करने वाले दुकानों पर पुलिस का छापा पड़ते देख मंडी के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। पानीपत पुलिस को सूचना मिली थी कि नकली घी का कारोबार करने वाले गिरोह के सूत्र रोहतक से भी जुड़े हैं और रोहतक स्थित पुरानी अनाज मंडी के दो दुकानदार नकली घी का कारोबार जमकर कर रहे हैं। इसी आधार पर पानीपत पुलिस ने मंगलवार को पुरानी अनाज मंडी स्थित एक दुकान व एक गोदाम पर छापा मारा। दोनों जगहों से पुलिस ने 256 कार्टून नकली घी बरामद की। सोमवार को भी छापे के दौरान सात सौ किलोग्राम नकली घी पकड़ा था। इसी एफआईआर में यहां के दोनों दुकानदारों के नाम भी शामिल हैं।
गुप्तचर विभाग की टीम ने सिरसा के गांव नगराना में मंगलवार को छापा मार नकली देसी घी बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। इस संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक व्यक्ति भागने में सफल हो गया। पुलिस ने 682 किलोग्राम नकली देसी घी, नामचीन कंपनियों के रेपर, डिब्बे, यूरिया खाद, केमिकल, रिफाइंड, डालडा घी, भट्ठियां, गैस सिलेंडर, पेंकिग मशीन व घी सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली जीप भी बरामद की है। गुप्तचर विभाग को पिछले कुछ समय से रानियां क्षेत्र में नकली देसी घी तैयार होने की सूचनाएं मिल रही थीं। विभाग के जिला निरीक्षक अजायब ¨सह ने अपनी टीम के साथ मंगलवार को अचानक गांव नगराना में खेतों के अंदर बनी एक ईमारत में छापा मारा और तीन लोगों को नकली देसी घी बनाते समय रंगेहाथों पकड़ लिया।




कैथल डोगरा गेट स्थित चौधरी डेयरी में बुधवार ( 8 July) को नकली देसी घी बनाने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां पर नकली देसी घी, क्रीम व पनीर बनाने का धंधा किया जाता है। इसके बाद छापे मारे गए तो वहां नकली देसी घी, क्रीम व पनीर बनाने का कार्य चल रहा था। डेयरी से ब्रांडेड कंपनियों के खाली रेपर भी मिले। इनमें से देसी घी निकाल लिया जाता था और उसी रेपर में डालडा व देशी घी मिक्स कर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। टीम को वहां से रंग-रोगन में प्रयोग की जाने वाली डेकोलाइट पपड़ी भी मिली। छापा मारने वाली टीम ने डेयरी से घी, क्रीम, पनीर, केमिकल तथा आरारोट के 12 अलग-अलग सैंपल लिए जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। चौधरी डेयरी संचालक हरेंद्र ने कहा कि गर्मी में दूध व अन्य पदार्थो में सभी मिलावट करते हैं। गर्मी में दूध की कमी होने के चलते आर्डर अधिक होने के कारण उसने मिलावट कर दी। उधर, पानीपत में वीरभवन चुंगी के पास स्थित गोदाम से पुलिस ने 6 जुलाई को लगभग 700 किग्रा मधुरतन ब्रांड के घी बरामद किए थे। गोदाम के मालिक जितेंद्र जैन के खिलाफ थाना शहर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। सेक्टर 11-12 में रहने वाले जितेंद्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया।


जींद व ग्वालियर से लाता था घी : पूछताछ में जितेंद्र ने खुलासा किया है कि वह मधुरतन देशी घी जींद और ग्वालियर से मंगवाता था। जींद में ही मधुरतन घी की जींद में फैक्टरी है। जितेंद्र जैन की भारती मार्केट में रायल ट्रेडिंग कंपनी के नाम से दुकान है। वह मधुररतन घी का थोक विक्रेता है।


पुलिस अधीक्षक की स्पेशल टीम ने रविवार (12 July) को Narwana की दबलैण रोड पर स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 1200 लीटर नकली देसी घी बरामद किया। पुलिस अधीक्षक की स्पेशल टीम को पिछले दिनों गुप्त सूचना मिली थी कि नरवाना में नकली देसी घी का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है।