Showing posts with label honour killing. Show all posts
Showing posts with label honour killing. Show all posts

Monday, August 10, 2009

मान के लिए एक और प्रेमी जोड़ा बलिदान

ज्जर के सिवाना से फरार प्रेमी युगल के शव रविवार को खेतों में पेड़ से लटकते मिले। पहली नज़र में यह आत्महत्या का मामला नज़र आया लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो सामने आया वह सच जिसे सुन इंसानों की क्या शैतान की भी रूह कांप उठे सम्मान पंचायती परंपरा के नाम पर उनके परिजनों ने ही उनकी मौत का फरमान सुना दिया और फिर उन्हें पीट-पीट कर मार डाला।

दोनों पक्षों ने बैठक कर किसी भी तरह से युगल को ढूंढ कर उन्हें मौत की सजा देने का निर्णय कर लिया। इसके बाद दोनों के परिजनों ने युगल को भरोसा दिलाया कि वे गांव लौट आएं और उन्हें कुछ भी नहीं कहा जाएगा। इसके बाद युगल को यह कहकर गांव सिवाना से काहनौर जाने वाले मार्ग पर बुलाया गया कि इस मार्ग से दोनों अपने-अपने घरों को लौट जाएंगे। युगल को अपने परिजनों पर भरोसा करना भारी पड़ गया और तय योजना के मुताबिक दोनों पक्षों के लोगों ने मिलकर लगभग आधी रात को गांव के छोटे जोहड़ के समीप राड से गुप्तांगों पर वार कर गला घोंटकर दोनों को मौत की नींद सुला दिया।

गांव सिवाना से संदीप पुत्र नर सिंह गांव की ही एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली निशा (काल्पनिक) के साथ 1 अगस्त को फरार हो गया था। इसके कारण लड़की के पिता रामकुमार ने बेरी पुलिस थाने में लड़के के खिलाफ अपहरण का मामला भी दर्ज कराया था। पुलिस ने लड़के के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ युगल की तलाश भी की थी। रविवार सुबह अचानक युगल का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जिस खेत में शव पेड़ पर झूलते पाए गए, वह खेत भी मृतक के परिवार का ही है।

क्या था मामला

गांव सिवाना के प्रेमी युगल की मौत का मामला गोत्र विवाद का होकर ग्रामीण समाज की सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपराओं से जुड़ा हुआ था। इसके चलते एक ही गांव के रहने वाले सभी लड़के-लड़कियों का रिश्ता भाई-बहन का माना जाता है। मोनिका लठवाल गोत्र से संबंध रखती थी और संदीप कादियान गोत्र से संबंधित था। लेकिन एक ही गांव के निवासी होने के चलते सामाजिक परंपराओं के अनुसार उनका भाई-बहन का रिश्ता था और इस परंपरा को तोडऩे की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

Friday, August 7, 2009

प्रेमी जोड़े की बलि

एक बार फ़िर सम्मान के नाम पर जाट लैंड में प्रेमियों का खून बहाया गया। मुख्यमंत्री के गृह जिले में फ़िर कानून को ताक पर रखकर निर्दोषों के खून की होली खेली गई। एक बार फ़िर तालिबानी सोच का झंडा बुलंद हुआ।
Rohtak के गांव बहलबा में प्रेम प्रसंग के चलते युवक-युवती की सनसनीखेज ढंग से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद युवक का शव सुबह सड़क के किनारे फेंक दिया गया, जबकि युवती का रात के अंधेरे में गुपचुप दाह-संस्कार कर दिया। युवक को ट्रैक्टर से कुचला गया और युवती कि गला घोंटकर हत्या कर दी।
युवक के पिता की शिकायत पर युवती के माता-पिता, दो चाचा और दो भाइयों समेत सात को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया।
गांव बहलबा में प्रेम प्रसंग के चलते बुधवार मध्य रात्रि अनिल कुमार पुत्र राजवीर सिंह नामक युवक की हत्या कर शव को गांव से गुजरने वाले महम-बेरी मार्ग पर रोड किनारे फेंक दिया गया। बाद में बात उठी कि वह लड़की भी गायब है, जिससे युवक का प्रेम प्रसंग चल रहा था। गांव में सुबह से ही चर्चा थी कि युवक के साथ ही युवती की भी हत्या कर दी गई और उसका तड़के ही दाह संस्कार कर दिया गया।
शुरुआत में सिर्फ युवक की हत्या के आरोप में लड़की के भाई व चाचा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस को दी शिकायत में अनिल के पिता राजवीर ने बताया कि गांव के तीन युवक जस्सा, सोमवीर व मोनू घर से अनिल कुमार को बुलाकर अपने साथ ले गए और रात को उसकी हत्या कर शव को महम-बेरी रोड किनारे फेंक दिया गया। देर शाम पुलिस ने तफ्तीश को आगे बढ़ाया तो यह लोमहर्षक मामला उघड़ता चला गया। आखिरकार पुलिस ने लड़की के माता-पिता व एक चाचा को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। खुद पुलिस कप्तान अनिल राव महम पहंुचे और मामले की पड़ताल की। एसपी अनिल राव ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि युवक के पिता की शिकायत पर पहले तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा कायम किया था। पुलिस की तफतीश आगे बढ़ी तो चार नाम और जुड़ गए। इनमें लड़की के माता-पिता व चाचा और एक अन्य शामिल है। उन्होंने बताया कि ये सात लोग दोहरे मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए हैं। राव के अनुसार, प्रेम प्रसंग के चलते युवक और युवती की हत्या की गई है। इससे पहले हत्याकांड की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची महम पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीजीआईएमएस रोहतक से पोस्टमार्टम करा बृहस्सपतिवार शाम को परिजनों के हवाले कर दिया।
रामकुमार की बेटी रानी बीते साल सातवीं में फेल हो गई थी। इस साल फिर से उसका दाखिला कराया था। अनिल के 12वीं पास करने के बाद परिजन पॉलिटेक्निक में उसके दाखिले की तैयारी कर रहे थे।रानी के परिजनों ने दोनों को बुधवार रात को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दोनों की हत्या रानी के घर में की गई। इससे पहले रानी की जमकर पिटाई की गई और बाद में कपड़े से उसका गला घोंट दिया गया। अनिल का शव अर्धनग्न हालत में मिला था। उसके शरीर पर भी चोट के निशान थे। अनिल को रानी के घर से मोटरसाइकिल पर सड़क तक ले जाया गया। वहां उसे ट्रैक्टर से भी कुचला गया था।

पुलिस एक बार फ़िर जांच कर रही है और लड़की के परिवार वालों पर मामला दर्ज हो चुका है। लेकिन उन लोगों का क्या होगा जिन के भड़काने पर लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं।
कुछ सवाल है जो वाकई ऐसे मामलों को सुलझाने में सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हैं।
---कभी जात और कभी गोत्र के नाम पर कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी पंचायती को आज तक सजा क्यों नही हुई ?
--गोत्र विवाद में अधिकारीयों की मौजूदगी में फतवे सुनाने वाले पंचायतियों के नाम से मामला दर्ज क्यों नही होता? सिर्फ़ अज्ञात लोगों के नाम ही मामला दर्ज होता है।

मेरी बेटी बदचलन नहीं थी
रानी की मां बिमला के मुताबिक, मेरी बेटी बदचलन नहीं थी। रात को लगभग 12 बजे मुझे तो दूसरे घर में भेज दिया गया था। साढ़े चार बजे बुलाया गया। तब रानी घर में नहीं थी। उसको किसने मारा मैं नहीं बता सकती। रानी के परिजनों ने रानी की चचेरी बहन नीलम की भी पिटाई की है। नीलम पर रानी का साथ देने का आरोप है। नीलम की मां संतरा व रानी की मां सगी बहनें हैं। संतरा राखी के दिन मायके गई थी इसलिए रानी, नीलम के पास सोने गई थी

Sunday, July 26, 2009

वेदपाल जान से गया, मुकर गई सोनिया


सोनिया ने कहा, नशे में रखता था वेदपाल
जिला प्रशासन ने भी पैंतरा बदला, पुलिस के साथ नहीं गया वेदपाल : डीसी

सिंघवाल में हुए वेदपाल हत्याकांड में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब वेदपाल की पत्नी सोनिया ने कोर्ट में वेदपाल के खिलाफ बयान दे दिया। उसने कहा कि वेदपाल उसे नशे की गोलियां खिलाता था और वह हमेशा ही नशे में रहती थी। उसे उसकी शादी के बारे में भी कुछ जानकारी नहीं है। सोनिया ने अपने मामा के घर रहने की इच्छा जताई। उधर जिला प्रशासन ने भी वेदपाल से पल्ला झाड़ लिया है। उपायुक्त ने कहा कि वेदपाल पुलिस के साथ नहीं गया था। वह अपनी जीप में वहां अलग से पहुंचा था, जबकि वेदपाल के साथ गए उसके चचेरे भाई रविंद्र का कहना है कि वे पुलिस दल के साथ ही वहां गए थे। दूसरी ओर वेदपाल के परिजनों ने पूरे मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। सच्चाखेड़ा में पत्रकार वार्ता में उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने कहा कि वेदपाल तो पुलिस के साथ गया ही नहीं, बल्कि वह अपनी जीप में सिंघवाल गांव गया था। पुलिस वाले वेदपाल को शक्ल से भी नहीं जानते हैं।

दूसरी ओर, शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने सदर थाना प्रभारी बलवंत सिंह को वेदपाल को सुरक्षा देने में नाकाम रहने पर निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। उनकी जगह पर सफीदों के थाना प्रभारी उमेद सिंह चहल को प्रभारी बनाया गया है। वहीं गांव में थाना प्रभारी के साथ गए अन्य पुलिसकर्मियों के मामले में भी जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर उन्हें भी निलंबित किया जा सकता है। वहीं शुक्रवार को सोनिया के बयान नरवाना कोर्ट में कलमबद्ध किए गए। सोनिया को नरवाना की हुकम सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां उसने अपने मामा के घर रहने की इच्छा प्रकट की है। कोर्ट में दिए बयान में सोनिया ने वेदपाल पर ही आरोप जड़ दिए। बताया जाता है कि उसने अपने बयान में कहा कि वेदपाल उसे नशे की गोली खिलाकर अपने साथ ले गया था। वेदपाल उसे नशे की हालात में ही रखता था। उसे नहीं मालूम कि उसकी शादी वेदपाल के साथ शादी हुई थी या नहीं? बाद में सोनिया को उसके मामा के साथ भेज दिया गया।

जांच में जुटी है पुलिस : बालन : पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी गांव में मौजूद हैं और फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

हाई कोर्ट जायेंगे परिजन

उधर कलायत (कैथल) के गांव मटौर में वेदपाल के परिवार के लोगों ने अब पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। वेदपाल के भाई सुरेंद्र के मुताबिक वारंट आफिसर और पुलिस उसके भाई को अपने साथ लेकर 22 जुलाई को सोनिया के घर पहुंची थी। जिस तरह उसके भाई को अकेला छोड़कर पुलिस टीम वहां से फुर्र हुई उससे जाहिर है कि सब कुछ तय साजिश के मुताबिक हुआ था। हालांकि वेदपाल ने टीम के साथ गांव में जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन नरवाना के एसएचओ ने आश्वस्त किया कि वहां जाने में कोई दिक्कत नहीं है। इस आश्वासन पर उसका भाई उनके साथ चल पड़ा था।

Friday, November 14, 2008

Murder mystery of two young girls solved!

Bhiwani : The murder mystery of two young girls of Beijing Olympic star's village Kaluwas is almost solved.
Sources claim that the Police is following the theory of Honour Killing.
Once again Kaluwas village came into limelight, but because of bad reasons। Two girls were brutally murdered and burnt alive by their relatives. The reason was that they came late in night on festiwal of Deepawali. The accused include father of one girl and unle of thr second one. Other five accused are also near and dears of both the girls.