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Sunday, January 4, 2009

अब भिवानी में धमाका

शुक्रवार रात करीब दो बजे एक दुकान में हुए विस्फोट bhiwani को दहला दिया। विस्फोट से तीन दुकानें उड़ गई और पांच सौ मीटर के दायरे में स्थित दुकान व मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एक गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि दुकानों के शटर उखड़ कर बिजली के तारों पर लटक गए। इससे लगी आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी। विस्फोट से क्षेत्र में लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। एक दुकान का शटर तो ताले सहित बिजली के पोल के चारों तरफ चिपक गया। हालाँकि पुलिस का दावा है कि विस्फोट बैटरी फटने से हुआ लेकिन शहर में चर्चाएँ हैं कि धमाका किसी बड़े अभियान की तैयारी से जुदा है। एक बैटरी के विष्फोट से तीन दुकानें गिरने और पॉँच सौ मीटर के दायरे में घरों के शीशे टूटने की बात लोगों के गले नहीं उतर रही है।
शहर के महम गेट पर प्रिंस इलेक्ट्रानिक्स में रात करीब दो बजे जबरदस्त विस्फोट हुआ। विस्फोट ने साथ की दो दुकानों ओमप्रकाश टी स्टाल व बालाजी कनफेक्शनरी को भी उड़ा दिया। प्रिंस इलेक्ट्रानिक्स दुकान में सो रहा दीपक धमाके के साथ ही सामने गली में जा गिरा। इस हादसे में वह 80 फीसदी झुलस गया। भीषण विस्फोट के कारण पांच सौ मीटर के दायरे में स्थित गुप्ता क्लीनिक का छज्जा उड़ गया। क्लीनिक के अंदर की तरफ लगे ताले भी धमाके के साथ टूट गए और अनेक दुकानों की कुंडियां भी चटक गई। इसके अलावा पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित मेडिकल स्टोर के शीशे टूट गए। अचानक हुए धमाके से लोग सहमी हुई हालत में उठे और बाहर जाकर देखा तो दिल दहला देने वाला नजारा दिखाई पड़ा। क्षेत्र के लोगों ने तुरंत विस्फोट की सूचना पुलिस को दी। रोहतक से फोरेंसिक टीम भी जांच के लिए पहुँची है।

Wednesday, December 24, 2008

खरक कांड की न्यायिक जाँच नहीं

(23December)
खरक में पुलिस फायरिंग में दो ग्रामीणों की मौत की न्यायिक जाँच नहीं होगी। इस मामले में गठित ग्रामीणों की संघर्ष समिति इसकी मांग से पीछे हट गई। समिति ने मंगलवार को सीएम से मुलाकात कर न्यायिक जाँच न कराने की अपील की। समिति ने इस सन्दर्भ में सीएम को नया मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हुड्डा से मांग की कि मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख और घायलों को 10-10 लाख का मुआवजा दिया जाए। इसके इलावा मृतकों के परिवारों को सरकारी नौकरी दी जाए। सीएम ने उनकी मांगों पर विचार का आश्वाशन दिया।
(24December)
बुधवार को समिति के अध्यक्ष कर्नल भाग्दावत ने फ़िर सीएम से मुलाकात की। बाद में उन्होंने बताया कि सीएम हादसे में मारे गए दोनों लोगों के परिजनों और चारों घायलों को नौकरी देने पर राजी हो गए हैं। हालाँकि सरकार की और से कोई अधिकृत बयाँ जारी नहीं किया गया है। इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठना लाजिमी है। हालाँकि सरकार ने मामले की जांच का जिम्मा अब अम्बाला मंडल के कमिश्नर महेंदर कुमार को सौंप दिया है। पहले सीएम ने इसकी जांच हाईकोर्ट के पूर्व जज से कराने का वादा किया था।

भिवानी के एसपी व डीसी पर गिरी गाज

चंडीगढ़ : (23December) : खरक कांड में दबाव में झुकते हुए आख़िरकार सरकार ने भिवानी के पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त का तबादला कर दिया है। भिवानी के पुलिस अधीक्षक संजय कुमार का तबादला पुलिस अधीक्षक कमांडो नेवल के तौर पर कर दिया है जबकि भिवानी में सिबास कविराज को बतौर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। कविराज अब तक अंबाला में पुलिस अधीक्षक थे। भिवानी के उपायुक्त मुहम्मद शाइन को निदेशक कृषि नियुक्त किया गया है, जबकि कैथल के उपायुक्त विकास गुप्ता को भिवानी का डीसी बनाया गया है। अवनीत पी कुमार को कैथल का उपायुक्त नियुक्त किया गया है। भिवानी के खरक गांव में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग से दो युवकों की मौत हो गई थी। विरोध शांत करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वायदा किया था कि यहां के पुलिस अधीक्षक व उपायुक्त का तबादला कर दिया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने कई और आईएस और आई पी एस अधिकारियों का भी तबादला किया है।
यमुनानगर के पुलिस अधीक्षक डा। सीएस राव को कुरुक्षेत्र और पुलिस अधीक्षक सीआईडी सुभाष यादव को सिरसा का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। सिरसा के पुलिस अधीक्षक एएस ढिल्लो को पुलिस अधीक्षक टेलीकाम नियुक्त किया है। यह पद अब तक रिक्त था। झज्जर के पुलिस अधीक्षक विकास अरोड़ा को यमुनानगर, सौरभ सिंह को फतेहाबाद से झज्जर, के वेंकटरमणा को कुरुक्षेत्र से फतेहाबाद, वाई पूरन कुमार को महेंद्रगढ़ से अंबाला पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया है। नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे वी सतीश वालन को जींद का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है और जींद के पुलिस अधीक्षक जगवंत लांबा को महेंद्रगढ़ में एसपी नियुक्त करने की घोषणा की।
फ़िर बदले एसपी
चंडीगढ़ : (24December) : प्रदेश सरकार ने कुरुक्षेत्र से के वेंकटरमणा के तबादले को निरस्त करते हुए अब यमुनानगर से ट्रान्सफर हुए सीएस राव को फतेहाबाद का एसपी बनाने की घोषणा की है।

Friday, December 19, 2008

पुलिस की गोली बनी भिवानीवासियों का नसीब

लगता है पुलिस की गोली भिवानीवासियों का नसीब बन चुकी है। कभी किसान आन्दोलन में और कभी बदमाशों की तलाश के नाम पर जिले के वाशिंदे पुलिसकर्मियों की निर्मम गोली के शिकार बनते हैं। चार दशक से हरियाणा की राजनीती के केन्द्र में रहने के बावजूद राजस्थान की सीमा से सटेहरियाणा के इस जिले में आज भी विकास उस गति से नहीं हो पाया जिसके लिए हरियाणा जाना जाता है। अपनी समस्या के लिए इन भोले भाले लोगों ने अपनी मांग के लिए जब भी आवाज उठाई, बदले में इन्हें पुलिस की गोली ही मिली। हाँ, राजनेता भी इनके भोलेपन का फायदा उठाकर इन्हें बलि का बकरा बना रहे हैं।
मंडियाली कांड :
कादमा कांड :
एनकाउंटर में छात्रा की मौत:
फर्जी एनकाउंटर : 2008 में दो बेकसूर लोग बेवजह पुलिस के फर्जी एनकाउंटर का शिकार हुए।
June में तोशाम के पास युवक महेंदर को पुलिस ने बदमाश समझ गोली मार दी।
October में पुलिस ने रात को दोस्तों संग शादी से लौट रहे छात्र की हत्या कर दी।
खरक में फायरिंग : भिवानी जिले के गांव खरक में दो लोगों की मौत पर पुलिस की ढिलाई का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस ने फायरिंग कर दी। दो लोगों की मौत हो गई और 50के करीब लोग घायल हो गए।
हर बार पुलिस की निर्ममता का विरोध हुआ और आन्दोलन हुए। हर बार जांच भी शुरू हुई पर आज तक किसी को नहीं पता की इस जांच ने किसे दोषी ठहराया। किसी को सजा नहीं मिली। राजनेताओं की चुनावी रोटियां सेंकी गई, मरने वाले जान से गए। पर आज भी पुलिस उसी अंदाज़ में (या उससे भी खतरनाक) बेगुनाहों को निशाना बना रही है। अब बेचारी जनता किसका दरवाजा खटखटाए।

जिले का बड़ा हिस्सा रेतीला होने के कारण खेती के लिए बेहतर नहीं खा जा सकता। शायद यही वजह है कि यहाँ कोई खास उद्योग पनप नहीं पाया। एक समय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए जाने वाले इस जिले में अब अधिकतर उद्योग बंद राजनितिक निष्क्रियता के कारण बंद हो चुके हैं।

Thursday, December 18, 2008

भिवानी में उबाल, दो मरे






एक बार फ़िर भिवानी आन्दोलन की आग में जल उठा। भिवानी के गांव खरक के दो लापता युवकों की मौत ने ग्रामीणों में इस कदर गुस्सा भर दिया और वे सड़क पर उतर आये और पुलिस से ही भीड़ गए। इस टकराव में गांव के दो लोगों की पुलिस की गोली से मौत हो गई। 15 पुलिस वालों और कई अधिकारीयों समेत 50 से अधिक लोग घायल हो गए।
गांव के दो युवक 14 दिसम्बर को शादी में गए थे और उसके बाद फ़िर नहीं लौटे। घर वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी लेकिन पुलिस ने कोई करवाई नहीं की। 17 दिसम्बर की रात दोनों के शव नहर में मिलने पर ग्रामीणों को गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सड़क पर आकर जाम लगा दिया। रही सही कसर राजनेताओं के भड़काऊ बयान और अफसरों की लापरवाही ने पूरी कर दी।
अफसर ग्रामीणों को विश्वास नहीदिला पाए की वे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
उन्होंने डंडे के दम पर जाम को हटाने का प्रयास किया और उसके बाद वाही हुआ जो नहीं होना चाहिए था। ग्रामीण पत्थर बरसा रहे थे और पुलिस वाके भी उनसे पीछे नहीं रहे। उन्होंने डंडे बरसाए, पत्थर चलाये और आँसू गैस के गोले छोडे। इसके बाद भी हालात काबू नहीं हुए तो पुलिस ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी। उसके बाद गांव में जंग जैसे हालात दिखाई दे रहे थे। इसका ही नतीजा था की दो लोगों की पुलिस की गोली से मौत हो गई। छः से अधिक लोग PGI रोहतक में जिन्दगी और मौत से जूझ रहे हैं।